-डॉक्टर अम्बेडकर के प्रपौत्र का मिला अखिलेश को साथ
- REPORT BY:K.K.VARMA || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
लखनऊ ।उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव में अब कम वक्त बचा है। समाजवादी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी,
बहुजन समाज पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अपनी रणनीति तैयार और लागू करने में जुट गए हैं। सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के दो फैसलों ने बसपा को हैरान कर दिया है।
बहुजन समाज पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अपनी रणनीति तैयार और लागू करने में जुट गए हैं। सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के दो फैसलों ने बसपा को हैरान कर दिया है।बीते दिनों गौतबमुद्धनगर स्थित दादरी में सपा की रैली हुई, तो उसके बाद कन्नौज सांसद अखिलेश, बादलपुर अपने कार्यकर्ता के यहां गए, चाय नाश्ता किया।बादलपुर पूर्व मुख्यमंत्री मायावती का गांव है। सपा ने 31 मार्च को होली-ईद मिलन समारोह किया। कार्यक्रम में न सिर्फ यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव पहुंचे बल्कि बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के प्रपौत्र डॉ. राजरतन अम्बेडकर भी मौजूद रहे। डॉ. अम्बेडकर ने कहा कि अखिलेश पीडीए के तहत सबको एकजुट कर रहे हैं।अगर मैं अपने जीवन में इसमें छोटा सा भी हिस्सेदार बन सकूं तो मुझे गर्व होगा कि संविधान बचाने की लड़ाई में साथ था। मायावती के गांव जाना और बाबा साहेब के प्रपौत्र के सपा कार्यक्रम में आमंत्रित करना, इन दोनों ही फैसलों ने बसपा को हैरान कर दिया है।
अखिलेश यादव और सपा की कोशिश है कि 2027 के चुनाव से पहले उन दलितों और पिछड़ों को एकजुट कर पीडीए के परचम तले साथ लाया जाए जिनको बसपा का वोट बैंक माना जाता है। सपा हर वह कदम उठा रही है कि जिसके तहत दलितों और पिछड़ों का एक वर्ग चुनाव के दौरान सपा के साथ आए। देखना है कि अखिलेश के हालिया और भविष्य के फैसलेचुनाव पर क्या असर डालते हैं?
केशव प्रसाद मौर्य ने की शिवराज सिंह चौहान से भेंट
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने आज केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से शिष्टाचार भेंट की।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ ग्राम्य विकास से जुड़े अधिकारियों की बैठक की।बैठक में ग्रामीण विकास योजनाओं, क्रियान्वयन की प्रगति, भविष्य की रणनीतियों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, रोजगार सृजन, तथा विकास योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया। दोनों नेताओं ने केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर ग्रामीण विकास को नई गति देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।इस अवसर पर विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे और उन्होंने योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ ग्राम्य विकास से जुड़े अधिकारियों की बैठक की।बैठक में ग्रामीण विकास योजनाओं, क्रियान्वयन की प्रगति, भविष्य की रणनीतियों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, रोजगार सृजन, तथा विकास योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया। दोनों नेताओं ने केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर ग्रामीण विकास को नई गति देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।इस अवसर पर विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे और उन्होंने योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
