– नाबालिगों का 1-1.5 लाख में होता था सौदा
- REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
लखनऊ।गरीब-अनाथ किशोरियों को शादी का झांसा देकर राजस्थान में बेचने वाले अंतरराज्यीय मानव तस्करी गैंग का पर्दाफाश। मोहनलालगंज पुलिस ने गैंग की महिला सरगना सोनम कुमारी और उसके पति भूपेन्द्र चौहान, निवासी बम्बोरी, थाना जलौधा जागीर, राजस्थान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी अमित कुमार आनंद और एडीसीपी रल्लापल्ली वसंथ कुमार खुद कोतवाली पहुंचे और आरोपियों से पूछताछ की।
मई में हुई थी दो सगी बहनों की बरामदगी
मोहनलालगंज कोतवाली क्षेत्र के गनियार गांव निवासी कमलेशा ने 12 मई को तहरीर दी थी कि बेटी-दामाद की मौत के बाद उसकी दो नाबालिग नातिनें उसके साथ रहती थीं। रिश्तेदार बाल अपचारी ने प्रिया पटेल, निवासी पूरे भोला, मेजरगंज, रायबरेली के साथ मिलकर दोनों को बहला-फुसलाकर भगा ले गया।
इंस्पेक्टर बृजेश कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में बनी टीमों ने 18 मई को दोनों नाबालिग बहनों को सकुशल बरामद कर लिया। पूछताछ में किशोरियों ने बताया कि अनुराग यादव, रायबरेली, उसकी प्रेमिका प्रिया पटेल और एक बाल अपचारी उन्हें कोटा, राजस्थान ले जा रहे थे, जहां शादी के नाम पर बेचना था।
राजस्थान के सरगना तक पहुंची पुलिस
उपनिरीक्षक सौरभ सिंह की टीम ने प्रिया पटेल, अनुराग यादव, मो. अख्तर और एक बाल अपचारी को गिरफ्तार किया। प्रिया ने पूछताछ में खुलासा किया कि वह अनाथ-कमजोर किशोरियों को राजस्थान की सरगना सोनम कुमारी और उसके पति भूपेन्द्र चौहान को सौंपती थी। बदले में उसे तस्करी की रकम मिलती थी। इसी सुराग पर पुलिस ने शनिवार को सरगना दंपती को दबोच लिया।
1 से 1.5 लाख में बिकती थीं किशोरियां
एसीपी आर. के सिंह ने बताया कि सोनम ने 2020 में रायबरेली में प्रिया से मुलाकात के बाद उसे किशोरियों को राजस्थान में बेचने का लालच दिया। हर नाबालिग के बदले 1 से 1.5 लाख रुपये मिलते थे। प्रिया, अनुराग और अन्य साथी रायबरेली व आसपास के जिलों से लड़कियों को भगाकर राजस्थान भेजते थे।
इंस्पेक्टर बृजेश त्रिपाठी ने बताया कि सरगना सोनम ने बताया – राजस्थान में सुंदर नाबालिगों की ज्यादा डिमांड थी। प्रिया लड़की लाने से पहले उसके अच्छे कपड़े-मेकअप की फोटो भेजती थी। खरीदार पसंद करता, फिर सौदा तय कर यूपी से राजस्थान डिलीवरी होती थी।
संगठित नेटवर्क का खुलासा
इस कार्रवाई से 2 नाबालिग बहनों की जान बची और अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह का नेटवर्क टूटा। DCP अमित कुमार ने प्रभारी निरीक्षक बृजेश त्रिपाठी व उपनिरीक्षक सौरभ सिंह समेत पूरी टीम को शाबाशी दी।पुलिस अब गैंग के अन्य सदस्यों और राजस्थान में खरीददारों की तलाश कर रही है।
