LUCKNOW:फर्जी राजस्व गैप को लेकर उपभोक्ता परिषद पहुंचा नियामक आयोग,क्लिक करें और भी खबरें

-बिजली कंपनियों को कानून का ज्ञान: अवधेश वर्मा

  • REPORT BY:PREM SHARMA  || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK 

लखनऊ।बिजली कंपनियों की तरफ से विद्युत नियामक आयोग में संशोधित वार्षिक राजस्व आवश्यकता देर शाम दाखिल कर दिया गया। सभी बिजली कंपनियों में हजारों करोड़ राजस्व गए फर्जी तरीके से बढ़ाया गया है। उदाहरण के तरफ से पहले दक्षिणांचल में 2437 करोड़ का गैप था अब उसे 3750 करोड़ कर दिया गया है।

उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा प्रदेश की सभी बिजली कंपनियां के लिए वार्षिक राजस्व आवश्यकता वर्ष 2025-26 को स्वीकार किए जाने के बाद पावर कॉरपोरेशन द्वारा उसमें बदलाव करने के लिए एक सप्ताह का और समय मांगा है। सभी बिजली कंपनियों के प्रस्तावित राजस्व गैप लगभग 9200 करोड़ को कलेक्शन एफिशिएंसी के आधार पर वास्तविक वसूली के आधार पर सभी बिजली कंपनियों का फर्जी राजस्व गैप हज़ारों करोड़ अधिक प्रस्तावित करते हुए प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं की बिजली दरों में 15 से 25 प्रतिशत प्रस्तावित बढ़ोतरी करने की भनक लगते ही उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार वास सदस्य संजय कुमार सिंह से मुलाकात कर एक लोक महत्व आपत्ति दाखिल करते हुए यह मुद्दा उठा दिया। उन्होने कहा की प्रदेश की बिजली कंपनियों को कोई भी कानून का ज्ञान नहीं है। कलेक्शन एफिशिएंसी के आधार पर गैप का निर्धारण किया जाना पूरी तरह असंवैधानिक है। मल्टी ईयर टैरिफ रेगुलेशन 2025 के खिलाफ है कोई भी राजस्व जो असेसमेंट के सापेक्ष निर्धारित किया जाता है उसकी वसूली और बकाया दोनों को मिलाकर पूरा राजस्व निर्धारण माना जाता है और आज तक टैरिफ का निर्धारण शत प्रतिशत राजस्व निर्धारण के आधार पर किया जाता है।
दूसरी तरफ फर्जी गैप दिखाकर नए तरीके से वार्षिक राजस्व आवश्यकता का प्रस्तावित विद्युत नियामक आयोग में आज देर शाम प्रदेश की बिजली कंपनियों द्वारा दाखिल कर दिया गया है। उपभोक्ता परिषद पहले ही उसके विरोध में प्रस्ताव दाखिल कर चुका है अब आगे उसके खिलाफ व्यापक संघर्ष जारी किया जाएगा। सभी बिजली कंपनियों के राजस्व गैप में फर्जी तरीके से बढ़ोतरी कराई गई है। उदाहरण के तौर पर दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम का जो पहले राजस्व गए रुपया 2437 करोड़ था उसे बढ़ाकर रुपया 3750 करोड़ कर दिया गया है लगभग रुपया 1313 करोड़ एक बिजली कंपनी में बढ़ाया गया इसी प्रकार से पूरा आकलन किया जाएगा तो कुल राजस्व गैप 9200 करोड़ से कहीं ज्यादा सामने आएगा।उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष ने विद्युत नियामक आयोग के सामने या मुद्दा भी उठाया कि निजीकरण की प्रक्रिया में उद्योगपतियों को यह दिखाने के लिए की उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर बिजली दलों में बढ़ोतरी कराई जा रही ह। उसी के मध्य नजर फर्जी गैप निर्धारण की प्रक्रिया चालू की गई जो अपने आप में उद्योगपतियों के फायदे में और देश की जनता को लालटेन में ले जाने वाला फैसला है।ंजिस पर तत्काल विद्युत नियामक आयोग को बिजली कंपनियों के लिए जरूरी दिशा निर्देश जारी करना चाहिए। उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा प्रदेश की बिजली कंपनियों को कानून का ज्ञान नहीं हमेशा विद्युत नियामक आयोग 98 प्रतिसत कलेक्शन एफिशिएंसी मानकर 2 प्रतिशत बेड एंड डाउटफुल डेफट का लाभ देता चला रहा है। इसके बावजूद पावर कॉरपोरेशन इस प्रकार की उपभोक्ता विरोधी कार्यवाही में लगा है। इस पर सख्त कार्रवाई किया जाना चाहिए प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं का बिजली कंपनियों के ऊपर लगभग 33122 करोड़ सर प्लस निकल रहा है जिसमें कैरिंग कास्ट जोड़ा जाएगा तो इस साल वह धनराशि और अधिक हो जाएगी। उसके सापेक्ष एक कूट चरित षड्यंत्र करने के लिए इस प्रकार का फर्जी गैप बनाया जा रहा है और प्रदेश के उपभोक्ताओं की बिजली दरों में व्यापक बढ़ोतरी के लिए षडयंत्र किया जा रहा है। विद्युत नियामक आयोग को पावर कारपोरेशन के इस प्रकार की कार्यवाही पर सख्त कदम उठाते हुए बिजली कंपनियों पर कठोर कार्रवाई का निर्देश जारी करना चाहिए और पावर कॉरपोरेशन से यह भी पूछा जाना चाहिए कि बिना नियामक आयोग के अनुमति के वार्षिक राजस्व आवश्यकता का विज्ञापन समाचार पत्रों में क्यों नहीं प्रकाशित कराया गया।

बिजली के निजीकरण के विरोध में 29 मई को देश भर में विरोध प्रदर्शन

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने आरोप लगाया है कि पॉवर कारपोरेशन के चेयरमैन और प्रबंधन बैलेंस शीट में फर्जीवाडा कर रहे हैं और बढ़ा चढ़ा कर घाटा दिखा रहे हैं जिससे निजीकरण के बाद कार्पाेरेट घरानों को फायदा हो सके। उत्तर प्रदेश में बिजली के निजीकरण के विरोध में 29 मई को राष्ट्र व्यापी विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 20 मई को प्रदेश के समस्त जनपदों और परियोजनाओं पर व्यापक विरोध प्रदर्शन होंगे। वर्क टू रूल आंदोलन आज भी जारी रहा।
नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ़ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स की कोर कमेटी की कल रात ऑनलाइन हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षण करने हेतु 29 मई को पूरे देश में सभी जनपदों और परियोजनाओं पर व्यापक विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। इसके माध्यम से देश के 27 लाख बिजली कर्मी उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मचारियों के साथ अपनी एकजुटता का प्रदर्शन करेंगे। नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ़ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स ने चेतावनी दी है कि यदि शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक ढंग से आंदोलन कर रहे उप्र के बिजली कर्मियों पर कोई भी दमनात्मक कार्यवाही की गई तो इसकी तीखी प्रतिक्रिया होगी जिसकी सारी जिम्मेदारी उप्र सरकार की होगी।
संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने पॉवर कॉरपोरेशन के चेयरमैन और प्रबंधन पर आरोप लगाया है कि वे पावर कॉरपोरेशन की बैलेंस शीट में फर्जीवाडा कर रहे हैं और बढ़ा चढ़ा कर घाटा दिखाने में लगे हुए हैं। संघर्ष समिति ने सवाल किया कि जब पॉवर कॉरपोरेशन द्वारा विद्युत नियामक आयोग को सौंपे गए ए आर आर में अगले वित्तीय वर्ष में 9206 करोड रुपए का घाटा दिखाया गया है तो फिर पॉवर कॉरपोरेशन ए आर आर पुनरीक्षित कर 25000 करोड रुपए का घाटा दिखाने की कोशिश में क्यों है ? घाटा इतना अधिक बढ़ा कर दिखाने का आधार क्या है ? संघर्ष समिति ने कहा कि यह आम चर्चा है कि निजीकरण की प्रक्रिया में प्रारंभ से ही पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष की निजीघरानों के साथ मिली भगत है और वह झूठे आंकड़े देकर और धमकी देकर निजीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं। संघर्ष समिति ने कहा कि पॉवर कारपोरेशन द्वारा बढ़ा चढ़ा कर घाटा दिखाने की किसी भी कोशिश और बैलेंस शीट में फर्जीवाडा करने की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। 20 मई को 42 जनपदों के निजीकरण के विरोध में प्रदेश के समस्त जनपदों और परियोजनाओं पर व्यापक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा । राजधानी लखनऊ में 20 मई को लखनऊ के सभी कार्यालयों के बिजली कर्मचारी, संविदा कर्मी और अभियन्ता शक्ति भवन मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन करेंगे।

उपभोक्ता परिषद नें सरकार के विशेषज्ञों की सोच पर उठाये सवाल
-दोषी पर कार्रवाई की जगह नियम विरू़द्ध पैरवी कर रहा प्रबंधन

उत्तर प्रदेश के 42 जनपदों के निजीकरण के लिए 16 मई को एनर्जी टास्क फोर्स की बैठक में प्रस्तावित विडिग डॉक्यूमेंट को नियामक आयोग को संदर्भित करते हुए उस पर सरकार द्वारा अभिमत लिए जाने के पहले आज उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार व सदस्य संजय कुमार सिंह से मुलाकात कर एक लोकमहत्व प्रस्ताव दाखिल करते हुए यह मुद्दा उठाया कि उपभोक्ता परिषद द्वारा दाखिल सभी आपत्तियों को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संदर्भित प्रस्ताव के साथ सम्मिलित करते हुए निर्णय लिया जाए अथवा विद्युत नियामक आयोग विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 86(2) के तहत उपभोक्ता परिषद के सभी विधिक प्रस्ताव को उत्तर प्रदेश सरकार को संदर्भित करें नीतिगत विषय होने के नाते राज्य सलाहकार समिति की बैठक भी बुलाई जाए। उपभोक्ता परिषद ने अपने लोकमहत्व प्रस्ताव के माध्यम से यह गंभीर मुद्दा उठाया कहा जो ग्रांट थॉर्नटन दोषी है उसके प्रस्ताव पर कोई भी कार्यवाही किया जाना उचित नहीं है। उपभोक्ता परिषद की तरफ से कहा गयाकि दोषी साबित होने के बावजूद ग्रांट थ्रोनटन पर कार्रवाई की जगह प्रबंधन उसकी पैरवी में लगा है।

उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने यह बड़ा सवाल उठाते हुए कहा एनर्जी ट्रांसपोर्ट की बैठक में जिसमें असंवैधानिक रूप से नियुक्त कंसलटेंट ग्रांट थ्रोनटन द्वारा प्रस्तुतीकरण किया गया और पावर कॉरपोरेशन सहित भारत सरकार तक के प्रतिनिधि उपस्थित थे वहां विद्युत अधिनियम 2003 के प्रावधानों के विपरीत यह प्रस्ताव पास किया गया कि पावर कॉरपोरेशन पूरे मामले को विद्युत नियामक आयोग को संदर्भित करें। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस उच्च स्तरीय बैठक में किस लेवल के ज्ञान रखने वाले एक्सपर्ट शामिल है जिन्हें यह भी नहीं पता है कि पावर कॉरपोरेशन नहीं बल्कि केवल उत्तर प्रदेश सरकार ही विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 86 (2) उपधारा 4 में पूरे मामले को नियामक आयोग को संदर्भित कर सकती है। उपभोक्ता परिषद पहले ही उठा चुका था सवाल की ग्रांट थ्रोनटन को केवल हाईवे का अनुभव है चह निजीकरण का एबीसीडी नहीं जानता है। उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा एनर्जी टास्कफोर्स में जिस प्रकार से जल्दबाजी में निजीकरण पर अनेकों फैसले किए गए वह सभी आने वाले समय में जांच के दायरे में होंग।े विद्युत अधिनियम 2003 के प्रावधानों को हर स्तर पर दरकिनार किया गया जब सरकार ने विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 17 के तहत निजीकरण के मामले में पूर्व अनुमति नहीं ली तो अब उनके संदर्भित प्रकरण को आयोग बहुत ही गंभीरता से जांच करें क्योंकि यह मामला कहीं ना कहीं आने वाले समय में बड़े भ्रष्टाचार को जन्म देगा।

पूर्वी विधानसभा में शौर्य तिरंगा में, उमड़ा जनसैलाब

हर हाथ में राष्ट्रीय एकता, अखंडता और राष्ट्र गौरव का प्रतीक तिरंगा झंडा, हर हृदय में देशभक्ति और चेहरों पर तेज। जोश और उत्साह का संचार देखते ही बन रहा था। ऑपरेशन सिंदूर की महाविजय के उपलक्ष्य में आयोजित भारत शौर्य तिरंगा यात्रा में भारत माता की जय का उद्घोष गूँज रहा था। बड़ी संख्या में युवाओं के साथ स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि, आवासीय समितियों के पदाधिकारी, महिलाएं, व्यापारी, डॉक्टर, कर्मचारी, सामाजिक संगठनों, शिक्षण संस्थाए और भाजपा के कार्यकर्ता इसमें शामिल हुए। मौका था लखनऊ पूर्वी विधानसभा द्वारा ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर आयोजित भारत शौर्य तिरंगा यात्रा का। भारतीय सेना के पराक्रम और शौर्य के नारे इसमें गूँज रहे थे, सबके मुख पर था – मेरी आन तिरंगा है, मेरी शान तिरंगा है, मेरी जान तिरंगा है…।

कार्यक्रम का आयोजन सरस्वती शिशु मंदिर, ए-ब्लॉक इंदिरा नगर में किया गया। यहां भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता नीरज सिंह और भाजपा लखनऊ महानगर के अध्यक्ष आनंद द्विवेदी और विधायक ओ.पी. श्रीवास्तव के नेतृत्व में भारत शौर्य तिरंगा यात्रा शुभारंभ हुई। इससे पहले कार्यक्रम के अतिथियों ने मौजूद जन समुदाय को ऑपरेशन सिंदूर और भारतीय सेना के अदम्य साहस और पराक्रम से आतंकवाद को जड़ से समाप्त करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी के संदेशों को साझा किया। विधायक ओ.पी. श्रीवास्तव ने जनता को संबोधित करते हुए बताया कि ऑपरेशन सिंदूर मुश्किल घड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत नेतृत्व और फौलादी फैसलों का सबूत है। देश की सेना का नेतृत्व कर रहे रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से आतंकियों को बड़ा संदेश देते हुए बता दिया है कि अब भारत वह भारत नहीं है, नया भारत किसी को छेड़ेगा नहीं लेकिन अगर भारत को किसी ने छेड़ा तो भारत उसको छोड़ेगा भी नहीं। उन्होंने देशभक्ति और सैनिकों के सम्मान में नारे लगाकर लोगों में जोश भरने का भी काम किया।

तिरंगा यात्रा सरस्वती शिशु मंदिर ए ब्लॉक से शुरू होकर मीना मार्केट होते हुए शालीमार चौराहा भूतनाथ बाजार होते हुए भूतनाथ मेट्रो स्टेशन पर संपन्न हुई। इस दौरान जगह-जगह भारत शौर्य तिरंगा यात्रा में शामिल लोगों का स्वागत स्थानीय व्यापारियों और जनता द्वारा उन पर फूलों की वर्षा कर किया गया। यात्रा जैसे ही भूतनाथ बाजार पहुंची व्यापारियों ने भी इस यात्रा में शामिल होकर पूरे उत्साह के साथ ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का जश्न मनाया। व्यापारियों द्वारा जगह-जगह स्टॉल लगाकर यात्रा में शामिल लोगों पर पुष्प वर्षा की गई और उन्हें जल और मीठा खिलाकर उनका अभिनंदन किया गया।

प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना का औचक निरीक्षण, अधिकारियों पर कार्रवाई

उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री तथा जनपद लखनऊ के प्रभारी मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने आज सुबह नगर में सफाई व्यवस्था के संबंध में औचक निरीक्षण किया। उन्होंने नगर निगम के चार वार्डाे का औचक निरीक्षण किया और साफ-सफाई की व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान मोहल्लो में मिली गंदगी एवं चोक नालियों पर नाराजगी जाहिर की एवं संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने जोन एक के जोनल अधिकारी एवं जोन पांच के सफाई निरीक्षक (एस एफ आई ) का दो-दो दिन का वेतन काटने हेतु नगर आयुक्त को निर्देशित किया।
प्रभारी मंत्री ने आज जोन एक के नरही क्षेत्र, जोन 5 के सरोजिनी नगर द्वितीय वार्ड में अहमदनगर एवं गुरु नानक वार्ड के नटखेड़ा स्थित राम गली तथा जोन आठ में शारदा नगर वार्ड के सरस्वतीपुरम कॉलोनी का निरीक्षण किया। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिया कि नालियों को हर हाल में अतिक्रमण मुक्त कराएं। उन्होंने कहा कि ड्रेनेज बाधित नहीं होना चाहिए। खुले पड़े प्लाटों के स्वामियों को नोटिस देकर उनसे उनकी बाउंड्री वॉल कराई जाए। सफाई कार्य से संबंधित अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में निरंतर निरीक्षण करें और सफाई सुनिश्चित कराएं।

प्रभारी मंत्री ने निरीक्षण के दौरान नरही क्षेत्र में मेन रोड से लगी गली को सीढ़ीया बना कर अवरुद्ध किए जाने, खुले प्लाट पर कूड़ा एवं सड़कों पर बिल्डिंग मटेरियल पड़े होने से आवागमन में बाधा एवं नालियों के ठीक से सफाई न होने का संज्ञान लेते हुए नाराजगी जाहिर की एवं संबंधित लोगों को निर्देश दिया कि एक हफ्ते के अंदर सभी समस्याओं का समाधान कराएं। उन्होंने जोनल अधिकारी राजेश वर्मा का दो दिन का वेतन काटने का निर्देश भी दिया। शारदा नगर द्वितीय वार्ड में नगर निगम की जमीन पर लोगों द्वारा किए जा रहे अवैध कब्जे को कब्जा मुक्त कराए जाने हेतु नगर आयुक्त को निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि संबंधित लोगों को नोटिस देकर इस जमीन को कब्जा मुक्त कराकर बैरिकेडिंग कराई जाए। लोगों द्वारा बताया गया कि यहां स्थित तालाब पर कुछ लोगों द्वारा कब्जा कर लिया गया है जिसका संज्ञान लेते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि जांच कराकर इन सभी समस्याओं का समाधान एक महीने के अंदर किया जाए।

प्रभारी मंत्री निरीक्षण के दौरान सरोजिनी नगर द्वितीय वार्ड में पहुंचे वहां पर नालियों का पानी सड़क पर बह रहा था जिसके संबंध में अधिकारियों द्वारा बताया गया कि यहां पर नाले के निर्माण की मंजूरी मिल गई है जिस पर उन्होंने निर्देश दिया कि जब तक इस नाले का निर्माण नहीं हो जाता तब तक इस समस्या का वैकल्पिक समाधान कराया जाए। गुरु नानक वार्ड में लोगों ने बताया कि यहां पर सीवर बना हुआ है परंतु केवल 30 प्रतिशत नालियों का कनेक्शन ही सीवर लाइन से हो पाया है। इस क्षेत्र में पीने के पानी की सप्लाई दूषित है इस पर उन्होंने जी एम जलकर को निर्देश दिया कि नई पाइपलाइन डलवा कर इस समस्या का तत्काल समाधान कराएं जिससे लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सके।

सुरेश कुमार खन्ना ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सफाई कार्य से जुड़े सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र का नियमित निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि नालियों की सफाई निरंतर हो एवं कहीं भी नालियों में पानी का जमाव न हो। जहां भी नालिया बाधित हो उन्हें क्लियर कराया जाए।

निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त गौरव कुमार, अपर नगर आयुक्त डॉ अरविंद कुमार राव एवं ललित कुमार, स्वच्छता प्रोत्साहन समिति के अध्यक्ष सुनील कुमार मिश्र सहित नगर निगम लखनऊ के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

जलकल विभाग ने शहर में लगाए 150 से अधिक प्याऊ

भीषण गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए महापौर सुषमा खर्कवाल के निर्देश पर और नगर आयुक्त गौरव कुमार तथा महाप्रबंधक कुलदीप सिंह के नेतृत्व में जलकल विभाग लखनऊ ने नागरिकों को राहत देने के लिए शहर के 150 से अधिक स्थानों पर प्याऊ पेयजल केंद्र स्थापित किए हैं। अधिशासी अभियंता मुख्यालय सचिन सिंह यादव की निगरानी में चल रही इस मुहिम के तहत शहरवासियों को ठंडे और स्वच्छ जल की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

इस पहल के तहत लखनऊ के सभी 110 वार्डों में प्याऊ लगाए गए हैं। विकास नगर चौराहा, भूतनाथ पार्क, बालागंज चौराहा, लोहिया अस्पताल, गोमती नगर रेलवे स्टेशन, केजीएमयू गेट, अलीगंज सेक्टर फ, राजाजीपुरम ई-ब्लॉक, गणेशगंज टंकी, केकेसी कॉलेज, नोवेल्टी सिनेमा, मीराबाई मार्ग, कैंट रोड, छतवापुर पुलिस चौकी और हिंद नगर वार्ड जैसे प्रमुख स्थलों पर यह व्यवस्था की गई है।इन स्थलों पर छांव वाले कैनोपी और घड़ों में नियमित रूप से ठंडा व स्वच्छ पानी भरा जा रहा है। यह पहल खास तौर पर राहगीरों, मजदूरों, रिक्शा व ठेला चालकों और यात्रियों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो रही है। तेज धूप में चल रहे लोगों को प्याऊ केंद्रों पर थोड़ी राहत और एक घूंट ठंडा पानी जीवनदायिनी महसूस होता है।
अधिशासी अभियंता सचिन सिंह यादव ने बताया कि भविष्य में पेयजल व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाएगा तथा जरूरत के अनुसार व्त्ै व अतिरिक्त प्याऊ भी लगाए जाएंगे। यह कार्यवाही दर्शाती है कि जलकल विभाग केवल जल आपूर्ति ही नहीं, जनस्वास्थ्य और सामाजिक जिम्मेदारी को भी पूर्ण निष्ठा से निभा रहा है।लखनऊ के नागरिकों ने इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे मानवता और सेवा का सच्चा उदाहरण बताया है। भीषण गर्मी में यह प्याऊ सिर्फ पानी नहीं, बल्कि सहारा बनकर खड़े हैं।

आदेश के बाद भी नहीं जारी हुई वार्ड विकास निधि

लखनऊ शहर के 110 वार्डों में विकास कार्यों हेतु घोषित वार्ड विकास संस्तुति राशि अब तक नगर निगम द्वारा जारी नहीं किए जाने पर कई पार्षदों ने नाराज़गी जताई है। पार्षदों का कहना है कि महापौर द्वारा 9 मई को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि अगले दस दिन में यह राशि जारी कर दी जाए, लेकिन 19 मई तक भी निधि जारी नहीं हुई।

पार्षदों ने नगर आयुक्त को पत्र लिखकर अविलंब राशि जारी करने की मांग की है। उनका कहना है कि गर्मी के मौसम में नालियों की सफाई, जल निकासी, सड़कों की मरम्मत व अन्य जनहित कार्य बाधित हो रहे हैं, जिससे जनता में रोष व्याप्त है। पार्षदों ने चेताया है कि यदि शीघ्र राशि जारी नहीं की गई तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।पार्षदों ने पत्र पर हस्ताक्षर कर अपनी एकजुटता दिखाई है। पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में पार्षद मुन्ना मिश्रा, राजेश सिंह गब्बर, शैलेंद्र वर्मा,मुकेश सिंह मोंटी, प्रमोद सिंह राजन, मानसिंह यादव संध्या मिश्रा, रीता राय,राघव राम तिवारी, राजकुमारी मौर्य, आदि शामिल हैं।इन जनप्रतिनिधियों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि वह जनहित को प्राथमिकता देते हुए तत्काल प्रभाव से विकास निधि जारी करे, जिससे ज़मीनी स्तर पर रुके हुए कार्य शुरू हो सकें और नागरिकों को राहत मिल सके।

नगर निगम ने हटाईं अवैध डेयरियां

नगर आयुक्त  के निर्देश एवं अपर नगर आयुक्त के आदेश पर सोमवार को लखनऊ नगर निगम द्वारा जोन-7 के थाना गुडंबा अंतर्गत कल्याणपुर क्षेत्र में अवैध डेयरियों के विरुद्ध एक सघन अभियान चलाया गया। यह अभियान पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अभिनव वर्मा के नेतृत्व में पुलिस बल एवं प्रवर्तन दल के सहयोग से संपन्न हुआ।

नगर निगम को इस क्षेत्र से लगातार यह शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ लोगों द्वारा गोबर को सीधे नालियों में बहाया जा रहा है, जिससे न केवल क्षेत्र में गंदगी फैल रही थी, बल्कि नालियां चोक हो रही थीं। इससे जलभराव और मच्छर जनित रोगों के फैलने का गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया था। स्थानीय नागरिकों की स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को ध्यान में रखते हुए निगम प्रशासन ने यह कठोर कार्रवाई करने का निर्णय लिया।

अभियान के दौरान मौके पर 10 भैंसें, 6 गायें एवं 2 पड़िया बरामद की गईं। इन सभी पशुओं को नगर निगम द्वारा पीजीआई स्थित कांजी हाउस में निरुद्ध किया गया है। संबंधित पशुपालकों को सूचित किया गया है कि वे निर्धारित जुर्माना भरने के उपरांत ही अपने पशुओं को वापस प्राप्त कर सकेंगे।नगर निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि शहरी क्षेत्र में डेयरी संचालन की अनुमति नहीं है। नगर निगम अधिनियम 1959 के अनुसार, भैंस को अपदूषण कारक पशु माना गया है, इसलिए नगर निगम द्वारा शहरी क्षेत्रों में भैंस पालने की अनुमति नहीं दी जाती। वहीं, निगम केवल दो गायों को ही शहरी क्षेत्र में रखने की अनुमति प्रदान करता है, वह भी विधिवत लाइसेंस प्राप्त करने के बाद।

अभियान: तीन जोनों में सैकड़ों अवैध ढांचे हटाए गए

महापौर सुषमा खर्कवाल के निर्देशन और नगर आयुक्त गौरव कुमार के आदेश पर लखनऊ नगर निगम द्वारा सोमवार को तीन जोनों में एक साथ सघन अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। यह कार्रवाई जोनल अधिकारियों के नेतृत्व में नगर निगम की 296 टीम व स्थानीय पुलिस बल की उपस्थिति में संपन्न हुई।
जोन-3 के जोनल अधिकारी अमरजीत सिंह यादव के नेतृत्व में जीएसआई से ध्येय कोचिंग तक मुख्य मार्ग पर अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई की गई। इस दौरान 47 फल-सब्जी के ठेले, 2 गुमटी, 1 गन्ने की मशीन और 9 चाऊमीन-बर्गर के ठेले हटाए गए। साथ ही 1 लोहे का काउंटर, 1 कैरेट, 1 स्टूल, 1 गुमटी, 2 छतदार ठेले और 10 बांस भी जब्त किए गए।, जोन-3 के सेक्टर-सी जानकीपुरम स्थित ग्रीन बेल्ट पर से भी अतिक्रमण हटाया गया। यहां से 7 अवैध झोपड़ियों को नगर निगम की टीम ने हटवाया, जिससे क्षेत्र की हरियाली और सौंदर्य पुनः स्थापित हो सका। जोन-6 के जोनल अधिकारी  मनोज यादव के निर्देशन में पारा पुराने थाने से लेकर आगरा एक्सप्रेसवे तक अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई की गई। दोनों पटरियों के किनारे से 15 ठेले, 10 अस्थायी दुकानें, 3 ठेले, 2 काउंटर, 1 पंचर मशीन, 4 प्लास्टिक की कुर्सियां, 10 टायर और 10 बांस बल्ली आदि जब्त किए गए। इस दौरान 2200 का जुर्माना वसूला गया और स्थानीय थानाध्यक्ष को पत्र भेजकर भविष्य में निगरानी बनाए रखने की मांग की गई।जोन-8 के जोनल अधिकारी  अजीत राय के नेतृत्व में पीजीआई से उत्तरैठिया और तेलीबाग शनिमंदिर चौराहे तक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। इस दौरान 200 होर्डिंग, 57 कैनवास और 112 बैनर हटाए गए।इसके अलावा, तेलीबाग शनिमंदिर के पीछे सेक्टर-5 फल मंडी के सामने कुछ लोगों ने बांस-बल्ली व टाट पट्टी लगाकर बिना लाइसेंस अवैध रूप से मीट व मुर्गे की दुकानें खोल रखी थीं, जिससे क्षेत्र में भारी गंदगी फैली थी।

Aaj National

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