LUCKNOW: सरकार ने पूरा किया वादा,क्रिकेटर रिंकू सिंह सहित छह और नामचीन खिलाड़ी बने गजेटेड ऑफिसर,क्लिक करें और भी खबरें

  • REPORT BY:K.K.VARMA || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK 
लखनऊ।योगी सरकार ने वादे के अनुरूप खेल के क्षेत्र में देश और प्रदेश को गौरवांवित करने वाले खिलाड़ियों कोराजपत्रित अधिकारी के पदों पर नियुक्तियां दी हैं।मुख्य सचिव की अध्यक्षता में चयन समिति की संस्तुति के बाद संबंधित विभागों ने आवश्यक पत्राचार पूरा कर लिया है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर रिंकू सिंह के साथ अब छह और खिलाड़ी गृह, वन, पंचायती राज, ग्रामीण विकास, बेसिक शिक्षा विभाग में राजपत्रित अधिकारी बनाए गए हैं।
गौतमबुद्धनगर के पैरा एथलीट प्रवीण कुमार को पुलिस उपाधीक्षक यानि डीएसपी गाजीपुर के हाकी खिलाड़ी राजकुमार पाल को भी डीएसपी बनाया गया है।प्रवीण कुमार ने पेरिस पैरालंपिक में ऊंची कूद टी64 में गोल्‍ड मेडल जीता। प्रवीण ने डेढ़ महीने पहले संकल्‍प लिया था कि पेरिस में गोल्‍ड जीतकर लौटेंगे। वह इसे संकल्‍प को पूरा करने में कामयाब रहे। प्रवीण को अपने छोटे पैर के कारण काफी कुछ झेलना पड़ा।  उन्‍होंने हिम्‍मत नहीं हारी और लगातार मेहनत करके  लक्ष्‍य हासिल किया। ग्रेटर नोएडा में गांव गोविंदगढ़ के निवासी प्रवीण कुमार टोक्यो पैरालंपिक से पहले करीब डेढ़ महीने तक कोरोना से संक्रमित रहने के कारण बिस्तर पर थे। कोरोना से ठीक होने के बाद उन्होंने जी-तोड़ मेहनत की और पैरालंपिक में रजत पदक जीता।राजकुमार पेरिस ने ओलंपिक 2024 में भारतीय टीम के साथ कांस्य पदक जीता हैं। गाजीपुर के हॉकी खिलाड़ी राजकुमार पाल भारतीय हॉकी टीम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। पेरिस ओलंपिक 2024 में पहली बार कांस्य पदक जीता है। गाजीपुर के करमपुर के रहने वाले हैं और आठ वर्ष की उम्र से ही हॉकी खेल रहे हैं। राजकुमार पाल ने भारतीय हॉकी टीम में 2020 में बेल्जियम के खिलाफ अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था।
इटावा के पैरा एथलीट अजीत सिंह और गाजियाबाद की पैरा एथलीट सिमरन को पंचायत राज अधिकारी के पद पर नियुक्ति मिली है। इटावा के पैरा एथलीट अजीत सिंह एफ-46 श्रेणी में पुरुषों की भाला फेंक में प्रतिस्पर्धा करते हैं। 3 सितंबर को पेरिस में 2024 ग्रीष्मकालीन पैरालिंपिक में भाला फेंक एफ 46 श्रेणी में रजत पदक जीता। इटावा की भरथना तहसील के ग्राम नगला विधी साम्हों के पैरा एथलीट अजीत सिंह यादव उन लोगों के लिए बड़ी मिसाल हैं, जो जिंदगी में अनचाहे हादसे का शिकार होने पर उस घड़ी को कोसते रहते हैं या नियति मानकर लाचार हो जाते हैं और जीवन में आगे बढ़ने का रास्ता नहीं खोजते हैं।किसान सुभाष चंद्र यादव के बेटे अजीत सिंह यादव इन दिनों अजीत यादव मध्यप्रदेश के ग्वालियर में लक्ष्मीबाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफफिजिकल एजुकेशन से पीएचडी कर रहे हैं।गाजियाबाद की पैरा एथलीट सिमरन शर्मा दृष्टिबाधित हैं। उन्होंने पेरिस पैरालिंपिक 2024 में 200 मीटर रेस में कांस्य पदक जीता था। सिमरन 2022 एशियाई पैरा खेलों में भी भाग ले चुकी हैं, जहां उन्होंने 100 मीटर और 200 मीटर स्पर्धाओं में दो रजत पदक जीते थे। सिमरन दृष्टिबाधित हैं, ने अपनी विकलांगता और जीवन की चुनौतियों को पार करते हुए खेल में सफलता हासिल की है। सिमरन की कहानी प्रेरणादायक है, जो दिखाती है कि दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत से किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है।
मुजफ्फरनगर की प्रीति पाल को खंड विकास अधिकारी बीडीओ के पद पर नियुक्त किया गया है। प्रीति ने 2024 के पैरा ओलंपिक में दो इवेंट्स में कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया था। मुजफ्फरनगर के रामराज गांव की पैरा एथलीट प्रीति पाल को राष्ट्रपति भवन में अर्जुन अवार्ड से सम्मानित गया था। प्रीति का 2024 में विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में चयन किया गया था। उन्होंने पेरिस में  पहला पैरालंपिक पदक हासिल करने से पहले 100 मीटर और 200 मीटर दोनों स्पर्धाओं में कांस्य पदक जीते। मुजफ्फरनगर में जन्मीं प्रीति किसान परिवार से ताल्लुक रखती हैं। जन्म के छह दिन बाद ही उनके शरीर के निचले हिस्से पर प्लास्टर बांधना पड़ा था। कमजोर और असामान्य पैर की स्थिति के कारण उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।हापुड़ की एथलीट किरण बालियान को क्षेत्रीय वन अधिकारी बनाया गया है।

चीन के हांगझू में एशियन गेम्स 2023 में देश को पहला एथलेटिक पदक दिलाने के साथ  मेरठ की अंतरराष्ट्रीय एथलीट किरण बालियान शाटपुट में महिला वर्ग में देश को पहला पदक दिलाया है। पहली बार एशियन गेम्स में हिस्सा लेते हुए किरण ने  प्रदर्शन को कायम रखते हुए इस प्रतिस्पर्धा में 17.36 मीटर की दूरी नाप कर कांस्य पदक जीता। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सरकारी नौकरी की मांग की थी तो उनको राजपत्रित अधिकारी बनाया गया है।क्रिकेटर रिंकू सिंह शिक्षा क्षेत्र में भी नई पारी की शुरुआत करने जा रहे हैं। उन्हें अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता सीधी भर्ती नियमावली- 2022 के तहत बेसिक शिक्षा अधिकारी बीएसए पद पर नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। रिंकू सिंह का जीवन संघर्ष और सफलता की मिसाल है। उनका जन्म 12 अक्टूबर 1997 को अलीगढ़ के एक साधारण परिवार में हुआ। उनके पिता खानचंद्र रसोई गैस एजेंसी में सिलिंडर वितरक के रूप में काम करते थे। रिंकू ने भी शुरू में पिता के इस काम में सहयोग किया, लेकिन क्रिकेट के प्रति जुनून ने उन्हें मैदान तक खींचा। उनके बल्ले की ताकत ने उन्हे देशभर में लोकप्रिय बना दिया। रिंकू ने भारत की ओर से टी-20, एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में भी भाग लिया। आइपीएल 2025 के मेगा आक्शन में केकेआर ने उन्हें 13 करोड़ रुपये में टीम में शामिल किया।

सामाजिक न्याय के पुरोधा व समानता के अग्रदूत थे छत्रपति साहूजी महाराज-केशव

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य  ने सामाजिक न्याय एवं समानता के अग्रदूत छत्रपति साहूजी महाराज की जयंती पर उन्हे नमन किया है। छत्रपति साहूजी को अपनी आत्मिक श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि उन्होंने समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को सम्मान, शिक्षा व अवसर दिलाने मे अहम भूमिका निभाई।छत्रपति साहूजी महाराज सामाजिक न्याय  के पुरोधा तथा समानता के अग्रदूत थे। शिक्षा तथा सामाजिक उत्थान जैसे विचारों को व्यवहार मे लाकर वह देश में सामाजिक क्रांति के अग्रदूत बने।सामाजिक न्याय,समानता और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान अप्रतिम है।उन्होंने अपना जीवन वंचितों और शोषितों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। उनके विचार और कार्य आज भी हमें समतामूलक समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं।

डिप्टी सीएम ने प्रयागराज में लगाया जनता दर्शन,जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु अधिकारियों को दिए निर्देश

उपमुख्यमंत्री  केशव प्रसाद मौर्य ने गुरूवार को अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद सर्किट हाउस, प्रयागराज में जनता दर्शन कार्यक्रम लगाया, जिसमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याओं और शिकायतों को सुना, अधिकारियों को समाधान हेतु निर्देशित किया।उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विभिन्न क्षेत्रों से आये लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं के त्वरित निस्तारण का आश्वासन दिया। उन्होने जनसुनवाई के दौरान एक-एक व्यक्ति की समस्या को पूरी गम्भीरता से सुना तथा समस्याओं के निराकरण हेतु  अधिकारियों को निर्देश दिए। समस्याओं का निराकरण इस प्रकार हो कि समस्याग्रस्त व्यक्ति पूरी तरह से संतुष्ट रहें और उन्हें दुबारा कहीं भटकना न पड़े और बार -बार चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने लोगों की समस्याओं व शिकायतों को सुना और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर संबंधित अधिकारियों को त्वरित गति से निदान करने हेतु दिशा निर्देश दिये।

भाजयुमो का मॉक पार्लियामेंट आज, सीएम योगी करेंगे शुभारंभ,जिलों में कार्यक्रमों में शामिल होंगे डिप्टी सीएम और पदाधिकारी

भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रांशु दत्त द्विवेदी ने बताया कि 27 जून उत्तर प्रदेश के 9 स्थानों पर युवा मोर्चा आपातकाल के 50 वे वर्ष में मॉक पार्लियामेंट कार्यक्रम आयोजित करेगा।सीएम योगी आदित्यनाथ लखनऊ से मॉक पार्लियामेंट का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम एसआर इंजीनियरिंग कॉलेज से प्रदेश भर में लाइव प्रसारण होगा। मॉक पार्लियामेंट का 27 जून को युवा मोर्चा प्रदेश के 9 प्रमुख जिलों में आयोजित करेगा । कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ में उद्घाटन सत्र को संबोधित  करेंगे।इसका सीधा प्रसारण 8 जिलों में किया जाएगा।मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री कार्यक्रम में विभिन्न जिलों में सहभागिता करेंगे। कानपुर में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य  प्रयागराज में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ,गाजियाबाद में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्रीअरुण सिंह ,मेरठ में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी , झांसी में भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा , अलीगढ़ में प्रदेश सरकार के मंत्री कपिल देव अग्रवाल , बरेली में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना , गोरखपुर में प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम कांग्रेस द्वारा 1975 में आपातकाल लगाकर लोकतंत्र पर किए गए हमले की 50वीं बरसी पर आयोजित किया जा रहा है। इस आयोजन का उद्देश्य युवा पीढ़ी को उस काले अध्याय की सच्चाई से अवगत कराना है, जब अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, मीडिया की आजादी एवं संविधानिक मूल्यों को कुचला गया था।कार्यक्रम के प्रदेश संयोजक युवा मोर्चा प्रदेश महामंत्री  वरुण गोयल ने बताया कि माध्यम से पूरे प्रदेश में इस कार्यक्रम को लेकर व्यापक जनजागरण किया जा रहा है। भाजयुमो प्रदेश मीडिया प्रभारी धनंजय शुक्ला ने बताया की कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए  युवा मोर्चा ने प्रदेश के पदाधिकारियों को लगाया गया है।लखनऊ अमल खटीक प्रयागराज राजेश राजभर , कानपुर अनुभव द्विवेदी, गाजियाबाद सोनू बाल्मीकि, अलीगढ़ रोहित मिश्रा को जिम्मेदारी मिली है।कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अवध क्षेत्र के युवा मोर्चा  क्षेत्रीय अध्यक्ष नीतिन मित्तल और क्षेत्र के युवा मोर्चा के पदाधिकारी को लगाया गया है।

डिप्टी सीएम ने अर्पित किये बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय को श्रद्धा सुमन,वंदे मातरम्’ माँ भारती के प्रति अटूट प्रेम को दर्शाता है -केशव

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य गुरूवार को  प्रयागराज गौरव अनुभूति आयोजन समिति द्वारा प्रयागराज स्थित शहीद चंद्रशेखर आज़ाद सर्किट हाउस में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के अमर रचयिता  युग मनीषी बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय  की जयंती पर कार्यक्रम में सम्मिलित होकर उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किये। श्री मौर्य ने  कहा कि ‘वंदे मातरम्’ माँ भारती के प्रति अटूट प्रेम, बलिदान और आत्मसम्मान का ऐसा मंत्र है, जिसने स्वतंत्रता संग्राम में महान क्रांतिकारियों को राष्ट्र प्रेम के प्रति प्रेरित किया और आज भी हर भारतीय के हृदय में देशभक्ति की भावना को बलवती बनाता है। बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों को ‘वन्दे मातरम्’ के रूप में राष्ट्रभक्ति का स्वर देकर एकजुट किया तथा उनकी प्रसिद्ध कृति ‘आनंदमठ’ ने जन-जन में राष्ट्रप्रेम की अलख जगाने का कार्य किया।

इस अवसर पर अवधेश गुप्ता , विधायक गुरु प्रसाद मौर्य , निर्मला पासवान, संजय गुप्ता,  राजेश शुक्ला , जनप्रतिनिधियो, समाजसेवियों  की गरिमामयी उपस्थिति रही।

जद यू दफ्तर में मनाई गई छत्रपति साहू जी महाराज की जयंती

जनता दल यूनाइटेड कार्यालय में छत्रपति साहूजी महाराज की जयंती मनाई गई।लोकतांत्रिक एवं सामाजिक सुधारक ,अश्पृश्यता की अवधारणा को खत्म करने का प्रयास करने वाले, आदर्श नेता और सक्षम शासक, देश में आरक्षण व्यवस्था को पहली बार लागू करने वाले, सामाजिक, राजनीतिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक एवं कृषि क्षेत्र में मौलिक योगदान देने वाले,कोल्हापुर की रियासत राज्य के प्रथम महाराजा छत्रपति शाहूजी महाराज की 151वीं  जयंती जनता दल यूनाइटेड उत्तर प्रदेश के प्रदेश कार्यालय में धूमधाम से मनाई गई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष ममता सिंह, प्रदेश महासचिव हरिशंकर पटेल, प्रदेश महासचिव सुभाष पाठक, प्रदेश प्रवक्ता दिवाकर सिंह, प्रदेश कार्यालय प्रभारी ओम प्रकाश वर्मा, डॉ राजेश सिंह,केपीबी सिंह,एचएन सिंह सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

चुनाव आयोग ने शुरू की 345 आरयूपीपी को सूची से हटाने की कार्यवाही

भारत के चुनाव आयोग ईसीआई ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में चुनाव आयुक्तों डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ मिलकर 345 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों आरयूपीपी को सूची से हटाने की कार्यवाही शुरू की है, जो 2019 से पिछले छह वर्षों में एक भी चुनाव लड़ने की आवश्यक शर्त को पूरा करने में विफल रहे हैं। इन दलों के कार्यालय कहीं भी भौतिक रूप से स्थित नहीं हो सके हैं। ये 345 आरयूपीपी देश भर के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से हैं।
आयोग के संज्ञान में आया है कि वर्तमान में चुनाव आयोग के साथ पंजीकृत 2,800 से अधिक आरयूपीपीएस में कई आरयूपीपी, आरयूपीपी के रूप में जारी रहने के लिए आवश्यक शर्तों को पूरा करने में विफल रहे हैं। ऐसे आरयूपीपी की पहचान करने के लिए ईसीआई द्वारा एक राष्ट्रव्यापी अभ्यास किया गया और अब तक 345 ऐसे आरयूपीपी की पहचान की जा चुकी है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई भी पार्टी अनुचित रूप से डी-लिस्ट न हो, संबंधित राज्यों,केंद्र शासित प्रदेशों के सीईओ को ऐसे आरयूपीपी को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया है, जिसके बाद संबंधित सीईओ द्वारा सुनवाई के माध्यम से इन पार्टियों को एक अवसर दिया जाएगा। किसी भी आरयूपीपी को डी-लिस्ट करने के संबंध में अंतिम निर्णय भारत के चुनाव आयोग द्वारा लिया जाएगा।देश में राजनीतिक दल राष्ट्रीय राज्य आरयूपीपी जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 29ए के प्रावधानों के तहत ईसीआई के साथ पंजीकृत हैं। इस प्रावधान के तहत, एक बार राजनीतिक दल के रूप में पंजीकृत होने के बाद, किसी भी संघ को कर छूट जैसे कुछ विशेषाधिकार और लाभ मिलते हैं। यह अभ्यास राजनीतिक व्यवस्था को साफ करने और ऐसी पार्टियों को सूची से हटाने के उद्देश्य से किया गया है, जिन्होंने 2019 के बाद से कोई भी लोकसभा या राज्य,केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभा या उपचुनाव नहीं लड़ा है और जिनका भौतिक रूप से पता नहीं लगाया जा सका है। इस अभ्यास के पहले चरण में इन 345 आरयूपीपी की पहचान की गई है, जिसे राजनीतिक व्यवस्था को साफ करने के उद्देश्य से जारी रखा जाएगा।

एक जुलाई से शुरू होगा अभ्युदय कोचिंग का नया सत्र,समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित है मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना

-एससी एसटी व ओबीसी अभ्यर्थियों को मिलती है प्रतियोगी परीक्षाओं की फ्री कोचिंग 

 प्रदेश भर के युवाओं के लिए एक बार फिर से सुनहरा अवसर दस्तक देने जा रहा है। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत इस वर्ष 01 जुलाई से प्रदेश के सभी 75 जिलों में निःशुल्क प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग का नया सत्र शुरू होने जा रहा है। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित इस योजना के माध्यम से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं को समान अवसर सुनिश्चित करते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क कोचिंग की सुविधा दी जाती है। इस निःशुल्क कोचिंग योजना के तहत इस बार प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रदेशभर में 30,000 से अधिक युवाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इनमें सबसे अधिक आवेदन लखनऊ जिले से आए हैं, जहां योजना के अंतर्गत 11 कोचिंग सेंटर संचालित किए जा रहे हैं। अब तक 25 जिलों में प्रवेश परीक्षा हो चुकी है। प्रत्येक जिले में एक परीक्षा केंद्र बनाया गया था। परीक्षा का आयोजन जिला समाज कल्याण अधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी की संयुक्त निगरानी में किया गया।इस वर्ष प्रदेश में संचालित162 कोचिंग केंद्रों पर आईएएस, पीसीएस,नीट,जेईई, एनडीए, बैंकिंग, एसएससी और टेट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। इसमें विभिन्न संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों, सिविल सेवा में कार्यरत अधिकारियों और विषय विशेषज्ञों को भी बतौर फैकल्टी जोड़ा गया है। 2024 में योजना से लाभान्वित हुए छात्रों ने कई अहम परीक्षाओं में सफलता हासिल की थी। इसके अंतर्गत 25,000 अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जिसमें यूपीएससी में 13, यूपीपीएससी के प्रिलिम्स में 300 से ज्यादा, नीट में 100 से ज्यादा, सीआरपीएफ में 5, जेईई में 100 से ज्यादा, यूपी पुलिस में 82 से ज्यादा, बीपीएससी के प्रिलिम्स में 80 से ज्यादा और टीचिंग में 50 से ज्यादा अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की है।
अभ्युदय योजना के तहत संघ लोक सेवा आयोग, यूपी लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, अन्य भर्ती बोर्ड संस्थाओं द्वारा आयोजित परीक्षाएं, जेईई, नीट, एनडीए, सीडीएस, अर्धसैनिक केंद्रीय पुलिस बल, बैंकिंग, एसएससी, बीएड, टीईटी की तैयारी करायी जाती है। योजना अंतर्गत मंडल स्तर पर छात्रों को सिलेबस एवं क्वेश्चन बैंक उपलब्ध करवाया जाता है। छात्रों को ऑनलाइन स्टडी मटेरियल के साथ ऑफलाइन कक्षाएं भी प्रदान की जाती हैं। इस योजना का लाभ उठाने के लिए उत्तर प्रदेश का निवासी होना जरूरी है। योजना का लाभ अर्थिक रूप से कमजोर, गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले छात्र ही उठा सकते हैं। लाभ उठाने के लिए मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना की आधिकारिक वेबसाइट https://abhyuday.up.gov.in/  पर जाना होगा।

मुख्यमंत्री के ‘वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी’   के लिए सामर्थ्य एवं क्षमता का अधिकतम उपयोग करे पर्यटन विभाग-जयवीर 

-पर्यटकों,श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते उनके ठहरने की उपयुक्त व्यवस्था की जाए

 पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  जयवीर सिंह ने मुख्यमंत्री  द्वारा उत्तर प्रदेश को ‘वन ट्रिलियन डॉलर’ की इकोनॉमी बनाने के लिए गए संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सेक्टरों के संसाधनों को अधिकतम गति दे कर इस संकल्प को पूरा करने के लिए हर सम्भव प्रयास करें।  पर्यटन विभाग में निवेश एवं रोजगार की अपार संभावनाएं हैं।
पर्यटन विभाग ग्रोथ इंजन के रूप में आगे बढ़कर वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी में अपना श्रेष्ठतम योगदान दे सकता है। पर्यटन एक उभरता हुआ आर्थिक स्रोत है। कई देशों की अर्थव्यवस्था पर्यटन पर टिकी हुई है। इसकों देखते हुए पर्यटन विभाग अपनी सामर्थ्य एवं क्षमता के बूते पर प्रदेश की अर्थ व्यवस्था को गति देने में पूरी तरह सक्षम है। विभागीय अधिकारी पर्यटन सेक्टर को रोजगार, निवेश तथा कारोबार का एक मजबूत जरिया बनाने का हरसंभव प्रयास करें।पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह गोमतीनगर स्थित पर्यटन भवन में विभागीय अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। ‘वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी’ बनाने के लिए पर्यटन क्षेत्र की संभावनाओं, सांस्कृतिक विरासतों को वैश्विक मंत्र पर प्रमोट करने की विभिन्न रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की।
पर्यटन सेक्टर में निवेश आकर्षित करने एवं रोजगार सृजन करने तथा पर्यटन सेक्टर से जुड़े कारोबारियों को पर्यटन नीति 2022 में की गई सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं का व्यापक स्तर पर प्रचार एवं प्रसार किया जाए। घरेलू पर्यटन के मामले में उत्तर प्रदेश प्रथम स्थान पर है। इसी प्रकार विदेशी पर्यटकों के मामले में भी प्रयास करना चाहिए। जयवीर सिंह ने कहा कि पर्यटकों को अधिकतम समय तक उत्तर प्रदेश में ठहराव के लिए अवस्थापना सुविधाएं तथा कमरों की व्यवस्था की जानी चाहिए। काशी, अयोध्या, मथुरा तथा कुशीनगर पर्यटन स्थलों पर अवस्थापना सुविधाएं बेहतर किए जाने से देशी-विदेशी पर्यटकों की संख्या कई गुना बढ़ी है। धार्मिक पर्यटन एवं बुद्धिस्ट सर्किट में श्रद्धालुओं का आवागमन बढ़ा है, इससे पर्यटन से जुड़े व्यवसायियों को कारोबार मिला है।  स्थानीय स्तर पर लोगों को रोजगार के अवसर भी पैदा हुए हैं। इस तरह प्रदेश की अर्थ व्यवस्था में पर्यटन सेक्टर का योगदान बढ़ा है। प्रदेश में आने वाला प्रति पर्यटक जो विश्राम कर रहा है वह औसतन 5400 रुपये व्यय कर रहा है। लम्बे समय तक निवास करने वाले पर्यटक 7500 रुपये खर्च कर रहे हैं।
पर्यटन मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में रूकने वाले पर्यटकों की संख्या 40.81 प्रतिशत है। एक जिले से अन्य जनपदों के पर्यटन स्थलों का भ्रमण करने वालों की संख्या 80.31 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। आने वाले पर्यटकों में सर्वाधिक संख्या आन्ध्र प्रदेश राज्य की रही। इसी प्रकार विदेशी पर्यटकों में सबसे अधिक संख्या थाईलैण्ड से आने वालों की है। दूसरे और तीसरे स्थान पर कोरिया और म्याम्मार की है। वर्ष 2024-25 में प्रदेश में 65 करोड़ पर्यटक धार्मिक सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण किए जो एक रिकॉर्ड है। चालू वित्तीय वर्ष के लिए 130 करोड़ पर्यटकों के आने की संभावना है। पर्यटकों की बढ़ती संख्या देखते हुए होटलों में 1 लाख अतिरिक्त कमरे उपलब्ध कराये गये हैं। इसके अलावा बेहतर कनेक्टिविटी ने सभी महत्वपूर्ण स्थलों तक पर्यटकों की पहुंच आसान की है।बैठक में प्रदेश की अर्थ व्यवस्था को ‘वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी’ तक पहुंचाने के लिए कंसल्टेंसी फर्म डेलॉयट ने एक विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया, जिसमें एआई की मदद से पर्यटकों की गिनती करने और भविष्य की रणनीति जानकारी दी गई।

बैठक में मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने अपने बहुमूल्य सुझाव दिए तथा कंसल्टेंसी कम्पनी को निर्देश दिए कि पर्यटन सेक्टर का अधिकतम योगदान प्राप्त करने के लिए इससे और बेहतर क्या किया जा सकता है, इस पर भी गम्भीरता से विचार किया जाए।इस बैठक में प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति मुकेश कुमार मेश्राम, विशेष सचिव ईशा प्रिया, निदेशक पर्यटन प्रखर मिश्रा, पर्यटन सलाकार जेपी सिंह के अलावा विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

Aaj National

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