LUCKNOW:541 केन्द्रों पर आयोजित होगी मुख्य परीक्षा, 2,43,981 अभ्यर्थी लेंगे भाग,क्लिक करें और भी खबरें

-कार्यवाहक मुख्य सचिव की अध्यक्षता में परीक्षा के शुचितापूर्ण और पारदर्शी आयोजन हेतु बैठक संपन्न

-परीक्षा की शुचिता से न किया जाये कोई समझौता,कंट्रोल रूम के माध्यम से परीक्षा प्रक्रिया की हो सतत निगरानी-दीपक कुमार

  • REPORT BY:K.K.VARMA || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK 

लखनऊः कार्यवाहक मुख्य सचिव दीपक कुमार की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, लखनऊ द्वारा दिनांक 29 जून, 2025 को आयोजित होने वाली सम्मिलित कनिष्ठ सहायक, कनिष्ठ लिपिक एवं सहायक स्तर-।।। मुख्य परीक्षा के सफल और पारदर्शी आयोजन हेतु एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई।

बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा, 21 जनपदों (आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, आजमगढ़, बरेली, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर नगर, लखनऊ, मेरठ, मुरादाबाद, प्रयागराज, अम्बेडकर नगर, मथुरा, सहारनपुर, बिजनौर, गौतमबुद्ध नगर, बुलन्दशहर, वाराणसी व जौनपुर) के जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।कार्यवाहक मुख्य सचिव ने अपने संबोधन में बताया कि 541 परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित इस परीक्षा में 2,43,981 अभ्यर्थी भाग लेंगे।

उन्होंने कहा कि परीक्षा के निष्पक्ष और पारदर्शी आयोजन के लिए शासन कटिबद्ध है। परीक्षा की शुचिता से कोई समझौता न किया जाये।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परीक्षा को शीर्ष प्राथमिकता देकर शुचितापूर्ण, पारदर्शी और नकलविहीन ढंग से संपन्न कराया जाए। उन्होंने स्टैटिक व सेक्टर मजिस्ट्रेट, केंद्र अधीक्षकों और सहयोगी कर्मियों की समय से ब्रीफिंग सुनिश्चित कराने तथा परीक्षा केंद्रों पर सभी तैयारियां एक दिन पूर्व पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे क्रियाशील रहें और जनपद मुख्यालयों तथा आयोग मुख्यालय पर स्थापित कंट्रोल रूम के माध्यम से परीक्षा प्रक्रिया की सतत निगरानी की जाए। परीक्षा की गोपनीय सामग्री की निकासी के दौरान विशेष सतर्कता बरतने और इसे सीसीटीवी निगरानी में रखने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर परीक्षा से संबंधित भ्रामक या अपुष्ट खबरों पर कड़ी नजर रखने को कहा।

उन्होंने परीक्षा के सुचारु संचालन के लिए निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराने और नकलविहीन व शांतिपूर्ण ढंग से परीक्षा संपन्न कराने के लिए एलआईयू व एसटीएफ को सक्रिय रखने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा में शामिल होने के लिये बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अन्य जनपदों से आयेंगे, उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो इसलिये परिवहन, रेलवे व ट्रैफिक आदि विभागों के समन्वय आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित करायी जायें।

बैठक में बताया गया कि परीक्षा में अनाधिकृत व्यक्ति न बैठें, इसलिए सभी अभ्यर्थियों की बॉयोमेट्रिक कैप्चरिंग अनिवार्य की गई है।बैठक में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष  डॉ0एस0एन0 साबत सहित शासन व आयोग के अन्य अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।

इमरजेंसी पर सपा का मौन दुर्भगायपूर्ण- रालोद

भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का 25 जून वो काला दिन है जब तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने आपातकाल थोपकर संविधान, नागरिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचलने का दुस्साहस किया था। यह वह समय था जब देश के सच्चे लोकतंत्रवादियों ने अपनी जान की बाज़ी लगाकर तानाशाही के खिलाफ आवाज़ उठाई थी। उन्हीं नेताओं में एक थे मुलायम सिंह यादव, जिन्होंने उस समय कांग्रेस की तानाशाही के विरुद्ध आवाज बुलंद की थी और लोकतंत्र की रक्षा के लिए जेल जाने से पीछे नहीं हटे। आज जब पूरा देश 1975 की काली रात ‘आपातकाल’ की बरसी पर लोकतंत्र की हत्या को याद कर रहा है, उस वक्त समाजवादी पार्टी की चुप्पी बेहद हैरान करने वाली है।

आरएलडी मीडिया प्रभारी मयंक त्रिवेदी ने आज एक बयान में कहा कि “यह विडंबना है कि अखिलेश यादव, जो मुलायम सिंह यादव के पुत्र हैं, आज सत्ता की राजनीति में इतने लिप्त हैं कि उन्हें इमरजेंसी जैसे गंभीर विषय पर भी बोलना जरूरी नहीं लगता।दुख की बात है कि उनके पुत्र और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव उसी कांग्रेस की गोद में बैठकर सत्ता पाने का सपना देख रहे हैं, जिसने उनके पिता जैसे महान नेता को जेल में डाला था और जिस पार्टी ने देश को अंधेरे में धकेला था।मुलायम सिंह यादव, चौधरी चरण सिंह, जयप्रकाश नारायण और कई समाजवादी नेताओं ने उस समय आपातकाल का डटकर विरोध किया था और जेलों में यातनाएं सही थीं। लेकिन आज समाजवादी पार्टी के वर्तमान नेतृत्व द्वारा उस काले अध्याय को लेकर न तो कोई विरोध जताया गया, न ही लोकतंत्र की रक्षा के लिए कोई स्पष्ट वक्तव्य सामने आया।

उन्होंने आगे कहा कि “देश को नहीं भूलना चाहिए कि कांग्रेस ने 1975 में कैसे संविधान और जनता के अधिकारों को रौंदा था। लेकिन सत्ता के लालच में आज समाजवादी पार्टी कांग्रेस की गोद में बैठ गई है और उन जनसंघर्षों को भी भूल गई है, जिनकी बुनियाद पर यह पार्टी खड़ी हुई थी।”

मां बाप के रिश्तों में खटास बच्चों को बना रही मनोरोगी-डॉ. नूपुर

वर्तमान परिवेश मे भागदौड़ की चकाचौंध भरी जिंदगी में बच्चों को अपने मां-बाप का प्यार दुलार नहीं मिल पा रहा है, जो उनका हक व अधिकार है। वर्तमान परिस्थितियों में आज मां बाप दोनों मिलकर अधिक से अधिक पैसा कमाने के चक्कर में मां-बाप बच्चों को दाई, कैटेकर एवं प्ले स्कूलों में छोड़कर उनका पालन पोषण कर रहे हैं,जिसके कारण बच्चे मनोरोगी होते जा रहे हैं।  दिलीप कुमार श्रीवास्तव ने मनोचिकित्सक डॉ नृपूर प्रिया पाण्डेय से बच्चों में बढ़ रहे मनोरोग के कारण और निवारण पर चर्चा की।
मनोरोग का शिकार बच्चों के लिए दवा के साथखुशनुमा परिवार का वातावरण ठीक करने की प्रक्रिया है। डॉ नूपुर कहती हैं कि पारिवारिक माहौल और रिश्तों को ठीक किए बिना मनोरोग का इलाज संभव नहीं है।माँ-बाप के बीच रिश्तों में खटास है, दोनों में मरपीट होती है या कलह और शक की गुंजाइश है तो इसका बेहद बुरा असर बच्चों पर पड़ता है। बच्चे छोटी उम्र में ही मनोरोग के शिकार हो जाते हैं।  अस्पतालों  मे बढ़ रही ऐसे बच्चों की संख्या के पीछे यही कारण सामने आ रहे है। मनोचिकित्सक ऐसी परिस्थितियों में बच्चों का इलाज तो कर रहे हैं, लेकिन बच्चों में सुधार की प्रगति धीमी होने से चिंता जाहिर कर रहे हैं। बिगड़े पारिवारिक माहौल का बच्चों के नाजुक दिमाग पर गहरा असर पड़ता है। ऐसा एकल परिवार में देखने को ज्यादा मिल रहा है। कई मामले अनुवांशिक कारणों से भी होते हैं। हालिया परिदृश्य में मां-बाप के बीच खटपट और मारपीट की घटनाओं के कारण बच्चों के मनोरोगी होने के कारण ज्यादा हैं।

30 को गोरखपुर आयेंगी राष्ट्रपति, सड़क मार्ग से तय करेगी 31 किमी की दूरी,सुरक्षा में तैनात रहेंगे चार हजार पुलिसकर्मी 

राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु दो दिवसीय दौरे पर 30 जून को गोरखपुर आएंगी। राष्ट्रपति को 31 किलोमीटर सड़क मार्ग से जाना है। इसके लिए चार हजार पुलिसकर्मियों को तैनात रहेंगे।लखनऊ से एटीएस और खुफिया विभाग के लोग भी सुरक्षा की कमान संभालेंगे। पांच बड़े ड्रोन से राष्ट्रपति के आवागमन मार्ग की निगरानी होगी। राष्ट्रपति 30 को जून को एयरपोर्ट पर उतरेंगी। इसके बाद एम्स में कार्यक्रम में शामिल होगी।
यहां से वह सड़क मार्ग कूड़ाघाट, मोहद्दीपुर, पैडलेगंज होते हुए सर्किट हाउस पहुंचेंगी। एक जुलाई को गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय का लोकार्पण करने के लिए सड़क मार्ग से जाना है।अभी तक तय संभावित मार्ग अनुसार राष्ट्रपति पैडलेगंज, मोहद्दीपुर, असुरन, मेडिकल कालेज, भटहट, बांसस्थान, बालापार होते हुए विश्वविद्यालय पहुंचेंगी।कार्यक्रम के बाद वह सोनबरसा, महुआतर ओवरब्रिज, महेसरा ताल, बरगदवा होते हुए गोरखनाथ मंदिर आएंगी। इसको देखते हुए ही सुरक्षा का प्लान तैयार किया गया है। कार्यक्रम स्थल और मार्ग पर अलग-अलग सुरक्षा प्लान तैयार कर ड्यूटी चार्ट तैयार करने के साथ ही आसपास के जिलों से करीब डेढ़ हजार फोर्स की मांग की गई है। खुफिया विभाग आए अधिकारी व कर्मी व कुछ पुलिस वाले सादी वर्दी में तैनात रहेंगे। एसपी आठ, एएसपी 13, सीओ 35, थानेदार 35, इंस्पेक्टर 70, दारोगा 442, हेड कांस्टेबल 2455, महिला दारोगा 40, महिला सिपाही 220, यातायात इंस्पेक्टर 13, यातायात दरोगा 50, यातायात हेड कांस्टेबल 145, यातायात कांस्टेबल 263, पीएसी की दो कंपनी, एटीएस की दो टीम, एलआईयू इंस्पेक्टर सात, एलआईयू दरोगा 36, एलआईयू महिला दरोगा 19, एलआईयू हेड कांस्टेबल 44, एलआईयू महिला कांस्टेबल 43 को सुरक्षा ड्यूटी पर लगाया गया है।

यादव,कुर्मी, जाट और सोनार को ओबीसी से निकलवाना चाहते हैं-ओमप्रकाश राजभर

-आरक्षण बंटवारे के लिए दिया फार्मूला,पीएम और सीएम को लिखेंगे खत

प्रदेश के पंचायतीराज मंत्री ओमप्रकाश राजभर अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण में बंटवारा चाहते हैं।उन्होंने बताया कि इसके लिए वो पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी को पत्र लिखेंगे।उन्होंने जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख का चुनाव सीधे जनता से कराने की मांग फिर दोहराई है।उन्होंने ओबीसी की लिस्ट से यादव ,कुर्मी, जाट,सोनार जातियों को बाहर करने की मांग की है।उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव अगले साल होने प्रस्तावित हैं. यूपी के मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि वो चिट्ठी लिखकर पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण को तीन हिस्सों में बांटने की मांग करेंगे। सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट के आधार पर ओबीसी के 27 फीसदी आरक्षण को 7-9-11 में बांट दिया जाना चाहिए।कहते है कि पिछड़ों को हक ठीक से नहीं मिल सका है। बीजेपी सरकार में साझादीर ओमप्रकाश राजभर बीजेपी के पक्ष में खड़े हैं।वे कहते हैं, जातीय जनगणना की मांग पिछड़ी जातियां कर रही थीं, बीजेपी सरकार ने मान लिया। महिला आरक्षण, गरीबों को मकान देने से लेकर अन्य लाभ देने के काम बीजेपी ने किये। रोहिणी आयोग का गठन बीजेपी किया था। ओबीसी आरक्षण में बंटवारे का काम बीजेपी की सरकार ही करेगी।उन्होंने कहा कि यादव अब ओबीसी नहीं, वो क्षत्रिय को पीछे छोड़कर काफी आगे निकल चुका है। यादवों को अन्य पिछड़ा वर्ग ओबीसी की सूची से बाहर कर देना चाहिए।वे ओबीसी की सूची से जाट, कुर्मी और सुनार जाति को भी बाहर करने के पक्ष में हैं।

हापुड़ में गन्ना विभाग में करोड़ों का घोटाला,2017 से चल रहा खेल, जांच में खुल रही घपले की परतें

हापुड़ में गन्ना समिति के बैंक खाते से निकाली गई धनराशि का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। प्रारंभ में तीन करोड़ के घपले की बात सामने आई थी। जिला प्रशासन की टीम को घपले की धनराशि सात करोड़ मिली। जांच में घपले की परतें खुल रही हैं। शासन की टीम जांच कर रही है। जांच में सामने आया है कि समिति के खाते से आरोपितों ने साढ़े आठ करोड़ रुपया अपने खातों में ट्रांसफर किये। घपला 2017 से शुरू था। आरोपित सचिव और लिपिक मेरठ में साथ तैनात थे। मेरठ में  लिपिक ने घपला किया था, मेरठ में रिपोर्ट दर्ज है। मेरठ से सचिव का ट्रांसफर 2014 में हापुड़ हुआ था। 2017 में आरोपित लिपिक का भी मेरठ से ट्रांसफर हो गया। 2017 से घपले का आरंभ कर दिया । डीएम द्वारा गठित मजिस्ट्रेट जांच बंद हो गई। मजिस्ट्रेट जांच में शामिल अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट शासन की जांच टीम को सौंप दी है। केन कमिश्नर ने मामले की जांच के लिए पिछले दिनों पांच सदस्यीय जांच दल गठित किया था। इसमें मुजफ्फरनगर, बिजनौर के अधिकारी भी शामिल किए गए हैं।गन्ना समिति के लिपिक ने समिति के बचत खातों से सात नहीं साढ़े आठ करोड़ का घोटाला किया था। यह रकम दस करोड़ तक पहुंच सकती है। अधिकारियों की नाक के नीचे यह घोटाला हुआ था। जिस पर लिपिक भारत कश्यप और गन्ना समिति के सचिव मनोज कुमार को निलंबित किया गया था। कई अन्य अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध है।डीएम अभिषेक पांडेय द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए इस मामले में एसडीएम गढ़मुक्तेश्वर अंकित वर्मा के नेतृत्व में मजिस्ट्रेट जांच शुरू कराई गई थी। टीम में सीटीओ कोषाधिकारी और डीसीओ को शामिल किया था। उससे पहले जिला गन्ना अधिकारी शनाआफरीन भी इस मामले की जांच कर चुकी हैं। शासन ने इस प्रकरण का संज्ञान लिया। गन्ना एवं चीनी आयुक्त उत्तर प्रदेश प्रमोद कुमार उपाध्याय ने जांच दल गठित किया है। इसमें एडीएम अध्यक्ष, मुख्य,वरिष्ठ कोषाधिकारी सदस्य, संजय सिसौदिया डीसीओ मुजफ्फरनगर को सदस्य सचिव, फतेह सिंह चौधरी संपरीक्षक, कार्यालय जिला गन्ना अधिकारी बिजनौर को सदस्य, सुभाष यादव, सचिव गन्ना समिति रामराज मुजफ्फरनगर को सदस्य नामित किया। टीम ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रशासनिक अधिकारी और गन्ना विभाग के अधिकारियों से मामले की जानकारी लेकर आवश्यक साक्ष्य एकत्र करने शुरू कर दिए हैं। सूत्रों के अनुसार शासन द्वारा गठित टीम ने बैंक में जाकर भी मामले की जांच कर ली है। जांच पूरी होने के बाद टीम गन्ना आयुक्त को रिपोर्ट इसी महीने सौंपी जाएगी।गन्ना एवं चीनी आयुक्त द्वारा पांच सदस्य टीम गठित की गई थी। टीम द्वारा मामले की जांच की जा रही है।

मनरेगा कार्यों में प्रयुक्त सामग्री उच्च क्वालिटी की होनी चाहिए-केशव

-हर हाल में होनी चाहिए प्रयोग की जाने वाली सामग्री की गुणवत्ता की जांच 

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मनरेगा कार्यों में प्रयुक्त सामग्री उच्च क्वालिटी की होनी चाहिए। निर्माण कार्यों में प्रयोग की जाने वाली सामग्री की गुणवत्ता की जांच हर हाल में की जाए। मुख्य विकास अधिकारी व स्टेट क्वालिटी मैनेजर इस सम्बन्ध में पूरी सजगता व नियम संगत कार्य करें।  अनियमितता या गड़बड़ी पायी जाय, तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाय। मुख्य विकास अधिकारी अतिरिक्त जिला कार्यक्रम समन्वयकों को  पूर्व में  ही जारी दिशा निर्देशों में कहा गया है कि मनरेगा योजनान्तर्गत निर्मित एवं निर्माणाधीन परिसम्पत्तियों की गुणवत्ता पूर्वक जांच हेतु प्रदेश में स्टेट क्वॉलिटी मॉनीटर हैं। कार्यों में प्रयुक्त की जाने वाली सामग्री की गुणवत्ता का परीक्षण हेतु शासन स्तर से शासनादेश पूर्व में निर्गत किया गया है।मुख्य विकास अधिकारियों को  पूर्व में ही निर्देशित किया गया है कि इस सम्बन्ध में जारी  दिशा निर्देशों के अनुरूप नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाय। इस सम्बन्ध में परियोजना निदेशक उपायुक्त श्रम रोजगार व  उपायुक्त, मनरेगा ग्राम्य विकास को भी नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं।

नशा मुक्त जीवन के लिए परिवार और दोस्तों का सहयोग महत्वपूर्ण- मूर्तज़ा

-शराब बंदी संघर्ष समिति युवाओं को कर रही  जागरूक 

अंतर्राष्ट्रीय मध निषेध दिवस के उपलक्ष्य में शराबबंदी संघर्ष समिति के तत्वावधान में राष्ट्रीय शराबबंदी महासम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने किया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी, पूर्व केंद्र मंत्री भारत सरकार कौशल किशोर, पूर्व मंत्री हरपाल सिंह  नगर पंचायत देवां बाराबंकी के अध्यक् हारुन वारसी मुस्लिम स्कॉलर मौलाना सिबते नूरी, बौद्ध भिक्षु, वीररस के राष्ट्रीय कवि वेदव्रत वाजपेई के साथ सभी अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ और अंग वस्त्र भेंट कर शराबबंदी संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुर्तज़ा अली और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रोहित अग्रवाल ने किया उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों और देश के 12 राज्यों से नशाबंदी संघर्ष समिति के साथ जुड़कर अपने-अपने राज्य और जिलों में नशाबंदी के लिए कार्य करने वाले कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी बड़ी संख्या में एकजुट हुए राष्ट्रीय शराबबंदी महासम्मेलन में अतिथियों और 12 राज्यों और उत्तर प्रदेश के 75 जिलों से आए हुए कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुर्तज़ा अली ने कहा कि पूरी दुनिया नशीली दवाओं की लत के खतरे का सामना कर रही है जिसका असर व्यक्ति परिवार और समाज के एक बड़े हिस्से पर विनाशकारी प्रभाव के रूप में पड़ता है नशा मुक्त जीवन जीने के लिए परिवार और दोस्तों का सहयोग सबसे अधिक महत्वपूर्ण है यदि समाज भी इस समस्या के ख़िलाफ एकजुट हो जाए तो नशे पर काबू पाया जा सकता है नशा मुक्त समाज केवल स्वस्थ ही नहीं बल्कि सशक्त भी होता है हमें इस दिशा में जागरूकता फैलाने और एकजुट होकर काम करने की ज़रूरत है ताकि नशे को जड़ से ख़त्म किया जा सके वही समिति के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रोहित अग्रवाल ने सभी के समक्ष अपनी बात रखते हुए कहा कि युवाओं और ख़ास करके विद्यार्थियों में नशे की लत बढ़ती जा रही है शराब बंदी संघर्ष समिति इस दिशा में अपना काम कर रही है स्कूल कॉलेज और संस्थानों में जाकर युवाओं को जागरूक करने का पूरा प्रयास कर रही है शराब के प्रयोग को सामान्य व्यवहार के रूप में देखने की बजाये इसे हानिकारक आदत के रूप में देखना चाहिए तथा शराब को बढ़ावा देने वाले विज्ञापनों पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगना चाहिए इसलिए शराब बंदी संघर्ष ही एक ऐसा माध्यम है  जो व्यक्ति को नशे से मुक्त कर सकता है राष्ट्रीय नशाबंदी महासम्मेलन में होम्योपैथी के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ आदर्श त्रिपाठी एवं वरिष्ठ दंत चिकित्सक डॉ राधेश्याम यादव के सहयोग से हैनीमैन चैरिटेबल ट्रस्ट के द्वारा नि:शुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया जिसमें नशे की आदत छुड़ाने के लिए निशुल्क दवा वितरित की गई राष्ट्रीय शराब बंदी महासम्मेलन में राजस्थान की पूजा भारती छाबड़ा जो शराबबंदी व नशाबंदी आंदोलन की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और नशाबंदी को लेकर राजस्थान में युद्ध स्तर पर काम कर रही हैं,उत्तराखंड से जे सी उत्प्रेती, मध्य प्रदेश से हरिओम गौतम, केरल से शाहनवाज, उड़ीसा से सुबेन्दर, दिल्ली से बिलाल अहमद, बिहार से वरुण सिंह, पंजाब से कयामुद्दीन सिद्दीकी, झारखंड से मायादेवी, कश्मीर से मुशताक वाला, बिहार से साकेत भारत शामिल हुए।

Aaj National

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *