- REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
लखनऊ:हाईकोर्ट के आदेश के बाद ईडी ने शाइन सिटी के निवेशकों को उनकी डूबी रकम लौटाने की कवायद शुरू कर दी है। ईडी ने लखनऊ, नोएडा और दिल्ली में दो दर्जन से अधिक सम्पत्तियां शाइन सिटी और भी चिह्नित की है।इन सम्पत्तियों को कागजी जरुरी औपचारिकता पूरी करने के बाद नीलाम कर दिया जाएगा।क्योकि इसी प्रकरण में सीएमडी राशिद नसीम को पूर्व में ही ईडी आर्थिक भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया है।वह अब भी फरार बताया जा रहा है ।
ईडी ने उस पर इनाम भी घोषित किया है।यही नहीं इसी मामले में शाइन सिटी की बीते समय में ईडी 300 करोड़ रुपये से अधिक की सम्पत्ति भी जब्त की है। डूबी रकम लौटाने को लेकर निवेशकों ने कोर्ट में पहले ही याचिका दायर की थी।निवेशकों ने कहा था कि तमाम कार्रवाई के बाद भी उनकी रकम वापस नहीं की गई।जिस पर हाईकोर्ट ने ईडी को आदेश दिया था कि शाइन सिटी की जब्त सम्पत्ति को नीलाम कर रकम लौटाना शुरू कर दिया जाए।यह रकम उन निवेशकों को ही लौटाई जाएगी जो कोर्ट में आवेदन करेंगे।अपनी रकम प्राप्त करने के लिए अब तक करीब 5200 निवेशकों ने कोर्ट में आवेदन किया है।इसी सिलसिले में ईडी ने लखनऊ, नोएडा और दिल्ली में कई सम्पत्तियों को चिन्हित भी किया है।जिनकी कागजी कार्रवाई ईडी पूरी करने में लगी हुई है।ईडी सूत्रों की माने तो वह निवेशकों की रकम लौटने के लिए जल्द ही शाइन सिटी की संपत्ति की नीलामी प्रक्रिया भी जल्द शुरू कर देगी।
नीलामी प्रक्रिया पूरी होते ही उससे मिली रकम को ईडी निवेशकों को लौटाना शुरू कर देगी। ईडी के अफसरों के मुताबिक शाइन सिटी की ओर से दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नीलामी प्रक्रिया पर कुछ शर्तों के साथ रोक लगा दी थी।इसको लेकर ईडी ने भी अपना पक्ष कोर्ट में रख दिया है। कोर्ट की कानूनी अनुमति मिलने के बाद नीलामी की कार्रवाई आनन् फानन में शुरू कर दी जाएगी।
सूत्रों की मने तो उत्तर प्रदेश,दिल्ली, उत्तराखंड और बिहार के सैकड़ों निवेशकों ने शाइन सिटी में अपनी रकम जमा की थी।इस मामले में कंपनी के अफसरों व एजेन्टों नें निवेशकों को इस योजना में आकर्षक फ्लैट देने और जमा की रकम पर ऊंचा व्याज देने का लालच दिया था। इसमें फंसे निवेशकों ने अरबों रुपये निवेश कर दिए थे। रकम और फ्लैट न मिलने पर निवेशकों ने दबाव बनाना प्रारंभ किया तो कंपनी के अधिकारी सभी स्थानों पर दफ्तर बंद कर फरार हो गए थे। कम्पनी के खिलाफ 500 से अधिक एफआईआर दर्ज हो गई। इसी को आधार नमकार ईडी ने अपनी जांच शुरू कर दी है ।
