LUCKNOW:डीजीपी से मिले लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेन गुप्ता,क्लिक करें और भी खबरें

  • REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS  || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK 

लखनऊ। यूपी के डीजीपी राजीव कृष्णा नें आज मुख्यालय में लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता, जीओसी-इन-सी, सेंट्रल कमांड से मुलाकात की।इस मुलाकात के दौरान आर्मी और पुलिस के बीच विशेष रूप से रीयल-टाइम इंटेलिजेंस शेयरिंग, संयुक्त रिस्पॉन्स प्रोटोकॉल्स, और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में समन्वय को और मजबूत करने पर चर्चा हुई तथा राष्ट्र की सुरक्षा के लिए बिना अवरोध इंटर-एजेंसी सहयोग के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दोहराया गया।

जीएसटी चोरी कर सरकार को पहुंचाते थे करोड़ों का नुकसान

-एसटीएफ नें पांच सदस्यों को बैंगलोर कनार्टक से किया गिरफ्तार

यूपी एसटीएफ नें फर्जी आईडी पर एक सैकडा से अधिक फर्मों की नकली इन वॉईस / ई-वे बिल तैयार कर जीएसटी चोरी कर सरकार को करोड़ों रूपये का नुकसान पहुँचाने वाले अन्तर्राज्यीय गिरोह के पांच सदस्यों को बैंगलोर (कनार्टक) से गिरफ्तार किया है।

मकान नम्बर 173, तृतीय फ्लोर, कैपेगोडा नगर, तूंगनगर, थाना वायदराहल्ली जनपद बैगलौर सिटी, कर्नाटक से पकड़े गये रतना राम पुत्र कालूराम निवासी गोलिया गरवा, थाना आजीटी नगर, जिला बाडमेर, (राजस्थान) व ओमप्रकाश पुत्र मूलाराम, नि० गोलिया गरवा, थाना आजीटी, नगर जिला बाडमेर (राजस्थान) व हनुमान राम पुत्र मूला राम, निवासी गोलिया गरवा, थाना आरजीटी, जिला बाडमेर (राजस्थान) व बुद्धराम पुत्र भागीरथ, नि० डाबड, थाना गुडामलानी, जिला बाडमेर (राजस्थान) व सन्तोष कुमार पुत्र भागीरथ राम, नि० डाबड, थाना गुडा मलानी, जिला बाडमेर (राजस्थान) के पास से तेरह मोबाईल फोन व एक प्रिंटर और आठ बिल बुक विभिन्न कम्पनियों की तथा चार रबड मोहर विभिन्न कम्पनियों का व एक नम्बरिंग मशीन व चार चेक बुक विभिन्न कम्पनियों के नाम व एक कार टाटा एल्टरोज व एक कार स्विफ्ट व एक कार वैन्यू बरामद किया।

एसटीएफ चीफ अमिताभ यश नें बताया कि नें बताया कि पकड़े गये सभी लोग राजस्थान के रहने वाले हैं। यह आपस में परिचित है और रिश्तेदार भी हैं। किराये के मकान में रह रहे हैं। यह लोग अपने परिचित लाभूराम व सुरेश जो कि जनता के सीधे सादे लोगों से नौकरी लगवाने आदि का लालच देकर उनसे उनके आधार कार्ड पैनकार्ड आदि लेकर व किसी फर्जी आई०डी० पर सिम निकलवाकर उनके नाम पर जीएसटी पोर्टल पर ऑनलाईन फर्जी फर्म रजिस्टर्ड करते हैं और इसका इस्तेमाल फर्जी ई-वे बिल बनाकर लाखो करोडो रूपये की जीएसटी चोरी करते हैं, इनके बुलाने पर यह लोग राजस्थान से रह रहे हैं और उनके लिए पिछले लगभग दो साल से उनके बताये अनुसार फर्जी जीएसटी बिल/ई-वे बिल काटने का काम करते हैं, जिसके लिए लाभूराम व सुरेश उपरोक्त ने इन्हें इनसे बरामद मोबाईल फोन व इनमे लगे फर्जी आई०डी० के सिम तथा प्रिन्टर, चैक बुक, बिल बुक, रबर मोहरे, स्टाप आदि विभिन्न कम्पनियों को उपलब्ध कराते हैं।

एसटीएफ चीफ अमिताभ यश नें बताया कि जीएसटी बिल काटने की एवज में यह लोग इन्हे प्रति बिल तीन हजार रूपये देते हैं। किस कम्पनी के नाम पर कितने का बिल काटना है, की डिटेल ये लोग इन्हे बताते है तथा जिस कम्पनी के नाम पर बिल काटना है, उस कम्पनी से सुरेश व लाभूराम द्वारा अपनी बनाई गई फर्जी फर्म के बैंक खातों में पैसे लिये जाते है तथा अपना 10 से 20 प्रतिशत कमीशन काटकर पैसा कम्पनी द्वारा बताये गये किसी अन्य खाते में या कैश द्वारा कम्पनी को वापस कर देते है और बनाई गई फर्जी फर्म को कुछ समय बाद बिना जीएसटी जमा किये बन्द कर देते है। इस तरह यह लोग जीएसटी की चोरी कर भारत सरकार को करोडों रूपये का नुकसान पहुँचा चुके है।इस आरोपियों को बंगलौर कनार्टक से ट्रॉजिट रिमाण्ड प्राप्त कर जनपद मुजफ्फरनगर लाया गया है, जिन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जायेगा

यूपी सरकार नें तीन आईपीएस अफसरों के किये तबादले

सरकार ने गुरुवार को तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के तबादले कियें  हैं। इस फेरबदल के तहत राज्य के प्रमुख पुलिस पदों पर नई नियुक्तियां की गई हैं।आईपीएस मुथा अशोक जैन को गोरखपुर जोन का नया अपर पुलिस महानिदेशक नियुक्त किया गया है। वह इससे पहले भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड में एडीजी के पद पर कार्यरत थे। अब वे गोरखपुर क्षेत्र की कानून व्यवस्था और पुलिस प्रशासन की ज़िम्मेदारी संभालेंगे।वहीं, पीसी मीणा को पुलिस महानिदेशक, कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं नियुक्त किया गया है। इससे पहले वह आंशिक रूप से इस पद की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, लेकिन अब उन्हें पूर्णकालिक डीजी कारागार बना दिया गया है। इसके तहत वह प्रदेश की जेल प्रणाली की निगरानी और सुधार कार्यों को गति देंगे।इसके अलावा, डॉ. के एस प्रताप कुमार को पुलिस महानिदेशक (सीएमडी), पुलिस आवास निगम की ज़िम्मेदारी दी गई है। इससे पहले वह गोरखपुर जोन में कार्यरत थे। अब वह प्रदेश में पुलिस आवास निर्माण, सुधार और संबंधित परियोजनाओं को संभालेंगे।इन तबादलों को प्रशासनिक दृष्टिकोण से बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि ये अधिकारी राज्य की कानून-व्यवस्था, सुधार सेवाएं और पुलिस इन्फ्रास्ट्रक्चर के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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