-बिजली दर बढ़ोतरी और निजीकरण क्या संवैधानिक प्रस्ताव पर रखेंगे विधिक तथ्य
- REPORT BY:PREM SHARMA || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बिजली कंपनियों के घाटे का मुख्य कारण महंगी बिजली खरीद और पुराने पावर परचेज एग्रीमेंट को
लगातार बनाए रखना कल पूर्वांचल में लगभग 45 प्रतिश बिजली दरों में बढ़ोतरी के मामले पर आम जनता की सुनवाई होने जा रही है। जिसमें उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष स्वयं बनारस पहुंचकर बिजली दर में बढ़ोतरी को रोकने की मांग करते हुए बिजली दरों में उपभोक्ताओं के निकल रहे सर प्लस लगभग रुपया 33122 करोड़ के एवज में दरों में कमी करने व निजीकरण के असंवैधानिक प्रस्ताव को खारिज कराने के लिए पूरी ताकत के साथ जुटेंगे। प्रधानमंत्री के क्षेत्र में बिजली दर की सुनवाई बहुत अहम है और उसे पर उपभोक्ता परिषद पूरी तैयारी के साथ अपनी बात रखेगा।
परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने कहा कि यह कितने दुर्भाग्य की बात है कि जिस पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम में कल वर्ष 2025- 26 की बिजली दर की सुनवाई होने जा रही है वह बिजली कंपनी भविष्य में तीन भागों में बंट जाएगी। इसका प्रस्ताव भी आयोग के सामने सलाह के लिए रखा गया है यह अपने आप में विरोधाभासी है। कोई भी बिजली कंपनी जिसके द्वारा वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए बिजली दर का प्रस्ताव आयोग में दाखिल कर दिया गया है और उसे पर सुनवाई चल रही है। ऐसे में अप्रैल 2026 तक निजीकरण पर बात करना भी असंवैधानिक है। इन सभी मुद्दों पर कल उपभोक्ता परिषद सरकार और पावर कारपोरेशन को घेरेगा। उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा वर्ष 2025-26 के लिए जो कुल बिजली खरीद प्रस्तावित है वह लगभग 162130 मिलियन यूनिट है और उसकी कुल लागत जो प्रस्तावित है वह 86952 करोड़ है। सबसे चौंकाने वाला मामला यह है कि इसमें प्राइवेट सेक्टर से जो कुल लगभग 64805 मिलियन यूनिट बिजली खरीदी जा रही है उसकी ही कुल लागत 35121 करोड़ प्रस्तावित है। उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम से जो कल बिजली खरीदी जाती है वह 38 878 मिलियन यूनिट है उसकी कुल लागत लगभग 20670 करोड़ प्रस्तावित है। जबकि केंद्रीय सेक्टर एनटीपीसी से जो कुल बिजली खरीद प्रस्तावित है वह 22360 मिलियन यूनिट है। उसकी कुल लागत 106 96 करोड़ है। सब मिलाकर निजी घरानो की महंगी बिजली पर प्रतिबंध लग जाए तो निश्चित तौर पर प्रदेश की बिजली कंपनियों की माली हालत अच्छी हो जाए।उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा प्रधानमंत्री के क्षेत्र बनारस में निजीकरण का संवैधानिक विरोध किया जाएगा। संवैधानिक तथ्यों के आधार पर निजीकरण के प्रस्ताव को विद्युत नियामक आयोग से खारिज करने की मांग उठाई जाएगी।
वाराणसी में नियामक आयोग के सामने उठेगा निजीकरण का मुद्दा
-पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम को घाटे के नाम पर बेचने की साजिश
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उप्र ने कहा है कि झूठे आकड़ों, धमकी और दमन के बूते निजीकरण की साजिश
कामयाब नहीं होने दी जायेगी। संघर्ष समिति द्वारा वाराणसी में टैरिफ की सुनवाई के दौरान निजीकरण का मुद्दा नियामक आयोग के सामने उठाकर निजीकरण की प्रक्रिया निरस्त करने की मांग की जायेगी। आज लगातार 225वें दिन बिजली कर्मियों ने प्रान्तव्यापी विरोध प्रदर्शन जारी रखा।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उप्र के पदाधिकारियों ने आज यहां बताया कि निजी घरानों को मदद देने के लिए विद्युत वितरण निगमों ने निजीकरण के पहले ही टैरिफ में 45 प्रतिशत तक वृद्धि का प्रस्ताव नियामक आयोग को भेज कर निजीकरण के बाद बिजली दरों में होने वाली बेतहाशा वृद्धि का संकेत दे दिया है। उन्होंने बताया कि विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उप्र के पदाधिकारी और बिजली कर्मी 11 जुलाई को वाराणसी में नियामक आयोग के सामने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का मुद्दा जोर.शोर से उठायेंगे।संघर्ष समिति ने बताया कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम में कुल 6327 करोड़ रूपये की सब्सिडी विभिन्न श्रेणी के उपभोक्ताओं को दी जा रही है। अत्यन्त दुर्भाग्य का विषय है कि सरकार की कैश फंडिंग के नाम पर पॉवर कारपोरेशन प्रबन्धन इस सब्सिडी को कैश गैप में जोड़ कर घाटे में दिखा रहा है। इससे ऐसा लगता है कि निजीकरण के बाद किसानों, बुनकरों और गरीब घरेलू उपभोक्ताओं की सब्सिडी समाप्त करने की तैयारी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024-25 में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम में 5321 करोड़ रूपये टैरिफ की सब्सिडी हैए निजी नलकूपों के लिए 376 करोड़ रूपये की सब्सिडी है और बुनकरों के लिए 630 करोड़ रूपये की सब्सिडी है। इस प्रकार कुल 6327 करोड़ रूपये की सब्सिडी विभिन्न श्रेणी के उपभोक्ताओं को पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम में दी जा रही है।
संघर्ष समिति ने कहा कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम में वर्ष 2024-25 में उपभोक्तओं से 13297 करोड़ रूपये राजस्व वसूल किया गया। सरकारी विभागों पर 4182 करोड़ रूपये का राजस्व बकाया है जो सरकारी विभागों ने नहीं दिया है। सरकारी विभागों का राजस्व बकाया देना सरकार की जिम्मेदारी है। सरकारी विभागों का राजस्व जोड़ लिया जाये तो वर्ष 2024-25 में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम का कुल राजस्व 17479 करोड़ रूपये हो जाता है। 17479 करोड रुपए में 6327 करोड रुपए सब्सिडी जोड़ देने के बाद कुल आय 23806 करोड़ रुपए हो जाती है। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम ने विद्युत नियामक आयोग को बताया है कि वर्ष 2024-25 का कुल खर्चा लगभग 20564 करोड़ रूपये है। इस प्रकार वर्ष 2024-25 में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम को 3242 करोड़ रूपये का मुनाफा हो रहा है जब कि झूठे आंकड़े दिखाकर घाटे के नाम पर निजीकरण किया जा रहा है। संघर्ष समिति ने कहा कि बिजली कर्मी इन हथकण्डों से डरने वाले नहीं हैं और निजीकरण के विरोध में संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक निजीकरण का निर्णय पूरी तरह वापस नहीं लिया जाता।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के जन्मदिवस पर महा स्वच्छता अभियान
ऑपरेशन सिंदूर के महानायक, देश के यशस्वी रक्षा मंत्री एवं लखनऊ के लोकप्रिय सांसद राजनाथ सिंहे के जन्मदिवस के
अवसर पर नगर निगम लखनऊ द्वारा पूरे शहर में महा स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। इस विशेष अभियान के अंतर्गत महापौर सुषमा खर्कवाल ने स्वयं आठों जोनों के विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया और सफाई व्यवस्था की समीक्षा की गई।
अभियान में जोन 1 के हजरतगंज चौराहे पर स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा की सफाई कर अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर नगर आयुक्त गौरव कुमार, अपर नगर आयुक्त ललित कुमार, जोनल अधिकारी ओ.पी. सिंह, व्यापारी संगठन के प्रतिनिधि व अन्य अधिकारी व कर्मचारीगण उपस्थित रहे। जोन 4 विराम खंड और विनीत खंड सहित कई वार्डों का निरीक्षण किया गया।
इस दौरान अपर नगर आयुक्त नम्रता सिंह, जोनल अधिकारी संजय यादव सहित पार्षदगण, अधिकारी व सफाई कर्मचारी उपस्थित रहे। जोन 7 भूतनाथ मार्केट का निरीक्षण किया गया जहां स्थानीय व्यापारियों ने भी श्रमदान किया। नगर आयुक्त गौरव कुमार, अपर नगर आयुक्त ललित कुमार, जीएम जलकल कुलदीप सिंह, चीफ इंजीनियर महेश वर्मा, जोनल अधिकारी आकाश कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। जोन 3 गोल मार्केट चौराहे और निशातगंज पुल के नीचे करामत मार्केट में गंदगी मिलने पर महापौर ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए तत्काल सफाई के निर्देश दिए।
जोनल अधिकारी अमरजीत सिंह, जोनल सैनेटरी अधिकारी सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। मनकामेश्वर वार्ड में पार्क की सफाई की गई जिसमें स्थानीय पार्षद और नागरिकों ने भी भाग लिया। जोन 6 ठाकुरगंज क्षेत्र में महापौर ने सफाई अभियान का निरीक्षण किया। यहां नोडल अधिकारी चीफ टैक्स असेसमेंट ऑफिसर अशोक सिंह, जोनल अधिकारी मनोज यादव व नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। महापौर ने निर्देश दिए कि सभी कमर्शियल भवनों के बाहर डस्टबिन अनिवार्य रूप से लगवाए जाएं। जोन 2 ऐशबाग पीली कॉलोनी स्थित पार्क के पास निरीक्षण किया गया।
इस मौके पर नगर आयुक्त गौरव कुमार, अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त, जोनल अधिकारी शिल्पा कुमारी एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। जोन 5 कृष्णा नगर क्षेत्र में सफाई व्यवस्था का जायज़ा लिया गया। जोनल अधिकारी नंदकिशोर के साथ स्थानीय नागरिकों ने भी भाग लिया। महापौर ने साफ-सफाई में सुधार हेतु कड़े निर्देश दिए। जोन 8 हिंद नगर वार्ड, रिक्शा कॉलोनी में निरीक्षण किया गया, जहां नालों की सफाई सहित अन्य स्थानों पर स्वच्छता कार्य की समीक्षा की गई।
पार्षदगण, अपर नगर आयुक्त डॉ. अरविंद कुमार राव, जोनल अधिकारी अजीत राय सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौके पर उपस्थित रहे। महापौर सुषमा खर्कवाल ने इस अवसर पर कहा कि स्वच्छ लखनऊ का सपना तभी साकार होगा जब अधिकारी और कर्मचारी जवाबदेही के साथ कार्य करें और जनता भी सक्रिय भागीदारी निभाए। इस अभियान का उद्देश्य सिर्फ एक दिन की सफाई नहीं, बल्कि स्वच्छता को नागरिक जीवन का हिस्सा बनाना है।
सेवानिवृत्त डिप्लोमा इंजनियर्स की बैठक सम्पन्न
सेवानिवृत्त डिप्लोमा इंजीनियर्स कल्याण संघ लखनऊ मंडल की त्रैमासिक बैठक एकता भवन में संपन्न हुई। बैठक की
अध्यक्षता विजय कुमार सिंह, मंडल अध्यक्ष,सेवानिवृत्त डिप्लोमा इंजीनियर्स कल्याण संघ, लखनऊ मंडल ने किया। बैठक में प्रांतीय कार्यकारी अध्यक्ष दिवारकर प्रांतीय महासचिव बलवंत प्रसाद, प्रांतीय सचिव डीबी सिंह, प्रांतीय प्रचार सचिव उदय सिंह , मंडल वित्त सचिव शैलेश मिश्रा, वरिष्ठ सदस्य आरपी सिंह तथा मंडल जनपद के पदाधिकारी एवं सदस्य गण उपस्थित रहे। सभा का संचालन राम रतन, जनपद अध्यक्ष लखनऊ द्वारा किया गया। सभा में उपस्थित सदस्यों द्वारा परिचय के साथ अपनी समस्याओं को बताया गया। पदाधिकारियों द्वारा सदस्यों की समस्याओं के समाधान के लिए विस्तार में बताया गया तथा प्रधानमंत्री को 23 जून को भेजे गए ज्ञापन कार्यक्रम में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए, कार्यकारी अध्यक्ष इं दिवाकर राय द्वारा,सभी सदस्यों को बधाई तथा आभार व्यक्त किया गया। सदस्यों के जन्मदिन को आज बड़े ही उत्साह पूर्वक मनाते हुए, उन्हें सम्मानित किया गया।
संगठन से पंगा न ले जिम्मेदार अधिकारी: इप्सेफ
इप्सेफ ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि शासन के जिम्मेदार अधिकारियों को निर्देशित करे कि कर्मचारी
संगठनों से पंगा लेने के बजाय सार्थक निर्णय करे। संवाहीनता से भावी चुनावों में एन.डी.ए. सरकार को भारी नुकसान होगा। आज तक शासन, विभागाध्यक्ष ने किसी संगठन के साथ बैठक नहीं की है।
इण्डियन पब्लिक सर्विस इम्प्लाईज फेडरेशन के अध्यक्ष वीपी मिश्र ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर आग्रह किया है कि संवादहीनता पर जोर लगाकर आपसी बातचीत करके समस्याओं का हल निकाले। शासन एवं कर्मचारी संगठन के बीच संवाद बन्द हो गया है, क्यांेकि संघों के अध्यक्ष,महामंत्री के सचिवालय प्रवेश पत्र जारी नहीं किये जा रहे है। मुख्य सचिव के आदेश के बावजूद कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा के संबद्ध संगठनों के पदाधिकारियों के सचिवालय पास कार्मिक विभाग के द्वारा सचिवालय प्रशासन विभाग को नहीं भेजा जा रहे है। जिससे इस वर्ष के पास नहीं बन पा रहे है। श्री मिश्र ने कहा है कि मुख्यमंत्री स्वयं एक बाद बैठक करके कर्मचारियों, शिक्षकों की समस्याओं का समाधान निकाले वरना बड़े आन्दोलन आगे भी बढ़ते जायेंगे। उसे एन.डी.ए. सरकार के लिए नुकसानदायक साबित होगा।कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों एवं अधिकारियों के साथ स्वयं बैठक आयोजित करके सद्भाव का वातावरण बनाये, जिससे आन्दोलन की स्थिति उत्पन्न न हो। वरना भविष्य मंे बड़ा आन्दोलन होगा।
राजनाथ सिंह के जन्मोत्सव फल वितरण , विविध आयोजन
भारत सरकार के रक्षा मंत्री एवं लखनऊ के गौरव सांसद राजनाथ सिंह के 75वें जन्मदिवस के शुभ अवसर पर लखनऊ पूर्वी
विधानसभा क्षेत्र में विधायक ओ.पी. श्रीवास्तव के नेतृत्व में दिन भर चलने वाले जनसेवा, पर्यावरण और सामाजिक सहभागिता पर केंद्रित कार्यक्रमों की श्रृंखला का आयोजन भव्यता और श्रद्धा के साथ किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत अयोध्या रोड स्थित नवसृजित सौमित्र वन में हुई, जहां विधायक ओ.पी. श्रीवास्तव द्वारा एक पेड़ माँ के नाम संकल्प के तहत पौधरोपण किया गया। इस अवसर पर सौमित्र वन पार्क में उपस्थित पूर्वी विधानसभा के सभी मंडल अध्यक्षों एवं पार्षदगण ने भी रक्षा मंत्री को समर्पित करते हुए एक-एक पौधों को रोपित किया। रक्षा मंत्री के जन्मदिवस के प्रतीकस्वरूप 75 किलो बूंदी का भव्य केक काटा गया, जिसमें क्षेत्रीय जनता की उत्साही भागीदारी रही। उत्सव की अगली कड़ी में नगरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सी-ब्लॉक इंदिरा नगर में मरीजों को फलों के साथ साड़ी का भी वितरण किया गया। डॉ. भाऊराव देवरस संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती मरीजों को फल वितरण किया गया और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की गई। चिनहट स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी मरीजों को फल वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त दून पब्लिक स्कूल, सेक्टर-4, विकासनगर में स्कूली बच्चों संग केक काटा गया और उन्हें उपहार भेंट किए गए। रात्रि के समय विधायक ओ.पी. श्रीवास्तव ने पूर्वी विधानसभा के विभिन्न प्रमुख चौराहों पर कराई गई विद्युत सजावट व्यवस्था का स्वयं स्थल पर जाकर निरीक्षण किया।
