सरोजनीनगर:जहां विकास की गति तेज वहीं फैल रहा भू-माफियाओं का जाल,क्लिक करें और भी खबरें

-मध्यमवर्गीय परिवारों की मेहनत की कमाई पर डांका, प्रशासन की मिलीभगत से फल-फूल रहे भू माफिया

  • REPORT BY:A.S.CHAUHAN || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS

लखनऊ।उत्तर प्रदेश की राजधानी में जहां विकास की गति तेज है, वहीं भू-माफियाओं का जाल भी उतनी ही तेजी से मध्यमवर्गीय परिवारों को अपनी चपेट में ले रहा है। सरोजनीनगर तहसील से लेकर लखनऊ राजधानी की अन्य तहसीलों तक भू-माफिया बिल्डरों और डीलरों के साथ मिलकर लोगों को ठग रहे हैं। एक अनुमान के अनुसार, 2012 में पूर्वांचल के मध्यमवर्गीय परिवारों के साथ लगभग 450 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई थी, जो अब बढ़कर 10,000 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। बड़े बिल्डर से लेकर छोटे-मोटे डीलर तक, कोई भी मध्यमवर्ग को लूटने में पीछे नहीं है। इस पूरे खेल में लखनऊ नगर निगम और राजस्व विभाग की भूमिका भी सवालों के घेरे में है।

भू-माफियाओं का गढ़: सरोजनीनगर तहसील और अन्य क्षेत्र

राजधानी की सरोजनी नगर तहसील भू-माफियाओं का प्रमुख केंद्र बन चुकी है। यहां बिल्डरों के निदेशक पर सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे और डबल बिक्री के गंभीर आरोप हैं। धारा-80 का दुरुपयोग कर ये माफिया एक ही जमीन को कई बार बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। उदाहरण के लिए मिरनपुर पिनवट और धावापुर जैसे गांवों में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे और निर्माण की शिकायतें सामने आई हैं, जहां तहसील प्रशासन और राजस्व विभाग की कथित मिलीभगत ने इन गतिविधियों को बढ़ावा दिया है।

धोखाधड़ी का आंकड़ा: 450 करोड़ से 10,000 करोड़ तक

2012 में शुरू हुई इस धोखाधड़ी का दायरा अब अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच चुका है। पूर्वांचल के मध्यमवर्गीय परिवार, जो अपनी मेहनत की कमाई से जमीन खरीदकर भविष्य सुरक्षित करना चाहते थे, भू-माफियाओं के जाल में फंस गए। बड़े बिल्डरों के प्रोजेक्ट्स में भी अनियमितताओं की शिकायतें मिली हैं, जहां खरीददारों को प्लॉट्स के बदले सिर्फ कागजी वादे मिले। छोटे-मोटे डीलरों की संख्या 100 से अधिक बताई जा रही है, जो फर्जी दस्तावेजों और आकर्षक ऑफर्स के जरिए लोगों को ठग रहे हैं।

प्रशासन की भूमिका: सहयोगी या मूकदर्शक ?

नगर निगम और राजस्व विभाग पर भू-माफियाओं को संरक्षण देने के गंभीर आरोप हैं। सरोजनीनगर तहसील में राजस्व निरीक्षक अनिल ओझा जैसे अधिकारियों के नाम बार-बार सामने आ रहे हैं। डिफेंस कॉरिडोर भूमि घोटाले में तत्कालीन डीएम अभिषेक प्रकाश सहित कई अधिकारियों पर कार्रवाई शुरू हुई, लेकिन यह कार्रवाई कितनी प्रभावी होगी, यह सवाल बना हुआ है। राजस्व विभाग ने कुछ दोषी अधिकारियों को चार्ज तो सौंपा, लेकिन आम जनता को न्याय मिलना अभी दूर की कौड़ी है।

धारा-80 का दुरुपयोग: भू-माफियाओं का हथियार

उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 की धारा-80 का इस्तेमाल भू-माफियाओं द्वारा सरकारी और निजी जमीनों पर कब्जा करने के लिए किया जा रहा है। इस धारा के तहत जमीन की बिक्री और हस्तांतरण में आसानी होती है, लेकिन माफिया इसका फायदा उठाकर एक ही जमीन को कई लोगों को बेच देते हैं। सरोजनीनगर के कई गांवों, जैसे भटगांव, में इस तरह की अनियमितताएं सामने आई हैं ।

सरोजनीनगर तहसील और नगर निगम से सवाल

तहसील प्रशासन से सवाल: बिल्डरों को सरकारी जमीनों पर कब्जा करने की अनुमति कैसे मिली ?
राजस्व निरीक्षक अनिल ओझा और अन्य अधिकारियों ने अवैध निर्माणों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए ? धारा-80 के तहत होने वाली जमीन बिक्री की निगरानी क्यों नहीं की जा रही  ?
लखनऊ नगर निगम से सवाल:अवैध निर्माणों को मंजूरी देने में नगर निगम की भूमिका क्या है ? मध्यमवर्गीय परिवारों को ठगने वाले बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हो रही ? नगर निगम ने कितने अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया, और कितने मामलों में कानूनी कार्रवाई हुई ? समाधान के लिए क्या हो सकता है ?
सख्त कानूनी कार्रवाई: भू-माफियाओं और उनके सहयोगी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जरूरत है। डिफेंस कॉरिडोर घोटाले की तरह अन्य मामलों में भी जांच तेज होनी चाहिए।

पारदर्शी सिस्टम: जमीन की खरीद-बिक्री के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल बनाया जाए, जहां हर दस्तावेज की जांच हो सके। उत्तर प्रदेश का खसरा वेब पोर्टल इस दिशा में एक कदम है, लेकिन इसे और प्रभावी करना होगा।एन्टी भू-माफिया पोर्टल का उपयोग: उत्तर प्रदेश सरकार का ‘एन्टी भू-माफिया पोर्टल’ शिकायत दर्ज करने और कार्रवाई की निगरानी के लिए बनाया गया है। इसका व्यापक प्रचार और प्रभावी उपयोग जरूरी है।

जागरूकता अभियान: मध्यमवर्गीय परिवारों को फर्जी बिल्डरों और डीलरों से बचने के लिए जागरूक करना होगा। साइबर ठगी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई एक उदाहरण है, जिसे भू-माफियाओं पर भी लागू करना होगा।
प्रशासनिक सुधार: राजस्व विभाग और नगर निगम में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए नियमित ऑडिट और जवाबदेही तय होनी चाहिए।

ऐतिहासिक नटवाडीह टीले के जीर्णोद्धार की मांग,सुभाष पासी ने विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह के माध्यम से संस्कृति मंत्री को लिखा पत्र

अवध प्रान्त अनुसूचित जाति-जनजाति मोर्चा के क्षेत्रीय कार्यसमिति सदस्य सुभाष पासी ने लखनऊ के सरोजनी नगर विधानसभा क्षेत्र में स्थित नटवाडीह टीले के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण की मांग उठाई है। यह ऐतिहासिक स्थल, जो महाराजा बिजली पासी के पिता नाथावन महाराज से संबंधित है, औरंगाबाद जागीर और बिजनौर के मध्य 14.03 एकड़ में फैला हुआ है।सुभाष पासी ने सरोजनी नगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह को पत्र लिखकर इस किले की उपेक्षित स्थिति पर ध्यान दिलाया। पत्र में बताया गया कि यह पुरातत्व विभाग में पंजीकृत स्थल जंगल, कटीले बबूल के पेड़ों और भूमाफियाओं व खनन माफियाओं के अतिक्रमण से ग्रसित है। उन्होंने किले के चारों ओर ऊँची बाउंड्री वॉल और नाथावन महाराज की प्रतिमा स्थापित करने की मांग की।डॉ. राजेश्वर सिंह ने इस मांग को गंभीरता से लेते हुए रविवार को भारत सरकार के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री को पत्र लिखकर नटवाडीह टीले के संरक्षण और सौंदर्यीकरण के लिए तत्काल कार्रवाई का अनुरोध किया। उन्होंने इस ऐतिहासिक धरोहर को बचाने के लिए बाउंड्री वॉल निर्माण और प्रतिमा स्थापना की जरूरत पर जोर दिया।

सरोजनीनगर में दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज,पत्नी ने पति ससुराल वालों पर लगाए मारपीट, दूसरी शादी जान से मारने की धमकी के आरोप

सरोजनीनगर थाना क्षेत्र में एक महिला ने अपने पति और ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, मारपीट, दूसरी शादी की साजिश और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। मधु वर्मा, जो पुलिस विभाग में कार्यरत हैं, ने थाना प्रभारी सरोजनीनगर को दिए अपने शिकायती पत्र में बताया कि उनके पति हिमांशु सिंह और ससुराल वालों ने उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
मधु वर्मा, निवासी ग्राम उसरगाँव, थाना-कालपी, जनपद-जालौन, और हाल पता ग्राम अनौरा, स्टेशन रोड, अमौसी, लखनऊ, ने बताया कि उनकी शादी 24 फरवरी 2023 को हिमांशु सिंह, निवासी झाँसी, से हुई थी। शादी में उनके पिता ने 5 लाख रुपये नकद, सोने के आभूषण और घरेलू सामान दिया था। लेकिन शादी के 6 महीने बाद से ससुराल वाले (पति हिमांशु सिंह, ससुर सतीश चन्द्र, सास उमा देवी, जेठ सुमित सिंह, जेठानी नंदिनी सिंह, देवर प्रियांशु सिंह और ननद साहसी सिंह उर्फ गोल्डी) उन्हें रंग-रूप और कद-काठी का ताना देकर दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे।
मधु ने आरोप लगाया कि उनके पति हिमांशु सिंह की प्रेमिका शिखा वंशकार, निवासी झाँसी, के उकसावे पर उनके साथ मारपीट की गई। 23 जून 2024 को हिमांशु ने उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की, उनका मंगलसूत्र तोड़ दिया और 5 लाख रुपये नकद लाने की मांग करते हुए घर से निकाल दिया। इसके अलावा, ससुराल वालों ने उनकी आलमारी तोड़कर मंगलसूत्र, हार, चेन, अंगूठी, कंगन, पायल और 50 हजार रुपये नकद निकाल लिए।
पीड़िता ने यह भी बताया कि उनके पति और ससुराल वालों को हिमांशु के प्रेम प्रसंग की जानकारी शादी से पहले थी, फिर भी धोखे से यह विवाह कराया गया। दीपावली 2024 के दौरान जब मधु ससुराल गईं, तो उनके पति ने लखनऊ में किराए के मकान पर उनके साथ मारपीट की और रात में ही झाँसी वापस चले गए। शिखा वंशकार ने मधु को फोन पर गाली-गलौज और धमकी दी, साथ ही उनके ऑफिस के पते पर आपत्तिजनक फोटो भेजकर जान से मारने की धमकी दी।मधु ने अपने शिकायती पत्र में ससुराल वालों और शिखा वंशकार के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, मारपीट, दूसरी शादी की साजिश और जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा थाने पर दर्ज कराया है।

 14 वर्षीय नाबालिग लड़की के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज

सरोजनीनगर थाना क्षेत्र में एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़की आँचल यादव के लापता होने का मामला सामने आया है। इस संबंध में लड़की के पिता, शैलेश यादव, ने सरोजनीनगर थाने में 12 जुलाई 2025 को एक लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लड़की की तलाश शुरू कर दी है।शैलेश यादव जो मूल रूप से गोरखपुर जिले के भिठौरा गांव, थाना पी.पी. गंज के निवासी हैं ने अपनी तहरीर में बताया कि उनकी बेटी आँचल यादव जो लगभग 14 वर्ष की है, स्कूल की छुट्टियां बिताने के लिए अपने मौसा रमाकांत यादव के पास, SIL गेट, गौरी, सरोजनीनगर, लखनऊ आई थी। तहरीर के अनुसार, 7 जुलाई 2025 को सुबह करीब 10 बजे आँचल अपने गांव के ही एक लड़के, रिजवान अली, पुत्र इस्लाम, के साथ घर से निकल गई। इसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल सका है।

बंथरा में रोडवेज बस दुर्घटनाग्रस्त सभी सवारियां सुरक्षित

बंथरा थाना क्षेत्र में शनिवार शाम करीब सात बजे उन्नाव से लखनऊ जा रही रोडवेज बस (यूपी 35 टी 9181) सूत मील के पास अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। चारबाग डिपो की इस बस में लगभग बीस सवारियां थीं। चालक संतोष कुमार ने सामने आई कार को बचाने का प्रयास किया, जिससे बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर के पिलर से जा टकराई। सूत्रों के मुताबिक कुछ सवारियों को मामूली चोटें आईं। सभी सवारियों को दूसरी बस से उनके गंतव्य तक भेजा गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Aaj National

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