-ग्राम चौपालो के माध्यम से किया जा रहा ग्रामीणों की समस्याओ का समाधान
- REPORT BY: K.K.VARMA || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
लखनऊ ।उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व व निर्देशन में ग्रामीणो की समस्यायों के निराकरण हेतु प्रदेश के प्रत्येक
विकास खण्ड की दो ग्राम पंचायतों में प्रत्येक शुक्रवार को ग्राम चौपाल,गांव की समस्या -गांव में समाधान का आयोजन किया जा रहा है। बड़ी संख्या में लोगों की समस्यायों का निराकरण उनके गांव में ही हो रहा है।डबल इन्जन सरकार खुद चलकर गांव व गरीबों के पास जा रही है, ग्राम चौपालों से जहां गांवों में चल रही विभिन्न परियोजनाओं की जमीनी हकीकत का पता चलता है, वहीं सोशल सेक्टर की योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आ रही है।
विकास खण्ड की दो ग्राम पंचायतों में प्रत्येक शुक्रवार को ग्राम चौपाल,गांव की समस्या -गांव में समाधान का आयोजन किया जा रहा है। बड़ी संख्या में लोगों की समस्यायों का निराकरण उनके गांव में ही हो रहा है।डबल इन्जन सरकार खुद चलकर गांव व गरीबों के पास जा रही है, ग्राम चौपालों से जहां गांवों में चल रही विभिन्न परियोजनाओं की जमीनी हकीकत का पता चलता है, वहीं सोशल सेक्टर की योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आ रही है।उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के अनुपालन में ठोस व प्रभावी रूपरेखा बनाकर चौपालों का आयोजन किया जा रहा है। चौपालों से पूर्व गांवों में सफाई पर विशेष रूप से फोकस किया जा रहा है और चौपालों के बारे में अधिक से अधिक प्रचार प्रसार किया जा रहा है।व्यक्तिगत समस्याओं के अलावा सार्वजनिक समस्याओं का समाधान चौपालों में हो रहा है।उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ग्राम चौपालों का आयोजन विधिवत किया जाता रहे। उन्होंने निर्देश दिये है कि ग्राम चौपालो मे स्वयं सहायता समूहो की सदस्य महिलाये और सोशल आडिट कर्मचारी भी मौजूद रहें।ग्राम्य विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार को प्रदेश की 1264ग्राम पंचायतों में ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया, जिनमें 2851प्रकरणो का निस्तारण गांव पंचायतों में ही कर दिया गया।
इन ग्राम चौपालों मे 2949ब्लाक स्तरीय अधिकारी व कर्मचारी तथा 5334ग्राम स्तरीय कर्मचारी मौजूद रहे और इन चौपालों में 62 हजार से अधिक ग्रामीणों ने सहभागिता की।आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग, जी एस प्रियदर्शी ने बताया कि लगभग 2.5 साल से
ग्राम चौपालों का आयोजन किया जा रहा है।01 लाख 50 हजार से अधिक ग्राम चौपालों का आयोजन किया जा चुका है,जिनमें 97 लाख से अधिक ग्रामवासी मौजूद रहे और 05लाख से अधिक समस्याओं/प्रकरणों का निस्तारण किया गया।
जन समस्याओं के समाधान हेतु तय हो जवाबदेही,हर व्यक्ति की हर समस्या का होगा निदान- केशव
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सर्किट हाउस प्रयागराज मे जनता दर्शन में फरियादियों से कहा, हर व्यक्ति की हर समस्या का
हर सम्भव निदान किया जायेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक फरियादी की समस्या कात्वरित संतुष्टिपरक समाधान किया जाय। समस्याओं का सम्पूर्ण समाधान किया जाय। समस्याओं के समाधान हेतु सम्बन्धित की जवाबदेही तय होनी चाहिये। जन समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण किया जाए। लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उत्पीड़न, भूमि पर अवैध कब्जों के मामलों को बेहद गंभीरता व संवेदनशीलता के साथ हल किया जाय और जहां जरूरत हो, कठोर कार्यवाही की जाय।उन्होने जनसुनवाई के दौरान एक-एक व्यक्ति की समस्या को पूरी गम्भीरता से सुना तथा समस्याओं के निराकरण हेतु अधिकारियों को निर्देश दिए। फरियादियों को विश्वास दिलाते हुये कहा कि परेशान न हो, समस्याओं का समाधान भी होगा, सरकार द्वारा प्रदत्त सुविधाएं भी मिलेंगी। अधिकारियों को निर्देश दिये कि समस्याओं का निराकरण इस प्रकार किया जाय कि समस्याग्रस्त व्यक्ति पूरी तरह से संतुष्ट रहें और उन्हें दुबारा कहीं भटकना न पड़े और बार -बार चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने महिलाओं, दिव्यांग जनो, बुजुर्गों आदि की समस्याओं व शिकायतों को सुना और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर संबंधित अधिकारियों को त्वरित गति से निदान करने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए।जनता दर्शन मे प्रयागराज व उसके आस पास के जनपदो से बडी संख्या मे आये लोगों ने अपनी समस्यायें बतायी, जिनके त्वरित निस्तारण के निर्देश सम्बन्धित को दिये गये। उन्होने प्रयागराज के जनप्रतिनिधियो से भी अपेक्षा की कि लोगों की समस्याओ के निराकरण मे सहयोग प्रदान करें।
हर सम्भव निदान किया जायेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक फरियादी की समस्या कात्वरित संतुष्टिपरक समाधान किया जाय। समस्याओं का सम्पूर्ण समाधान किया जाय। समस्याओं के समाधान हेतु सम्बन्धित की जवाबदेही तय होनी चाहिये। जन समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण किया जाए। लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उत्पीड़न, भूमि पर अवैध कब्जों के मामलों को बेहद गंभीरता व संवेदनशीलता के साथ हल किया जाय और जहां जरूरत हो, कठोर कार्यवाही की जाय।उन्होने जनसुनवाई के दौरान एक-एक व्यक्ति की समस्या को पूरी गम्भीरता से सुना तथा समस्याओं के निराकरण हेतु अधिकारियों को निर्देश दिए। फरियादियों को विश्वास दिलाते हुये कहा कि परेशान न हो, समस्याओं का समाधान भी होगा, सरकार द्वारा प्रदत्त सुविधाएं भी मिलेंगी। अधिकारियों को निर्देश दिये कि समस्याओं का निराकरण इस प्रकार किया जाय कि समस्याग्रस्त व्यक्ति पूरी तरह से संतुष्ट रहें और उन्हें दुबारा कहीं भटकना न पड़े और बार -बार चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने महिलाओं, दिव्यांग जनो, बुजुर्गों आदि की समस्याओं व शिकायतों को सुना और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर संबंधित अधिकारियों को त्वरित गति से निदान करने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए।जनता दर्शन मे प्रयागराज व उसके आस पास के जनपदो से बडी संख्या मे आये लोगों ने अपनी समस्यायें बतायी, जिनके त्वरित निस्तारण के निर्देश सम्बन्धित को दिये गये। उन्होने प्रयागराज के जनप्रतिनिधियो से भी अपेक्षा की कि लोगों की समस्याओ के निराकरण मे सहयोग प्रदान करें।सजाए, संवारे जायेंगे बरेली के प्राचीन मंदिरो और पर्यटन स्थल,ख़र्च होंगे 09 करोड़ – जयवीर
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले को ‘मंदिरों का शहर’ कहा जाता है। सदियों पुराने प्राचीन मंदिर और पर्यटन स्थलआगंतुकों को आकर्षित
करते हैं। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग जिले के अल्पज्ञात पर्यटन स्थलों और प्राचीन मंदिरों को विकसित करने की योजना बनाई है। इसका उद्देश्य न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित करना हैबल्कि स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा भी देना है। शहर के बड़ा बाग हनुमान मंदिर, श्री सीता राम मंदिर, आनन्द आश्रम मंदिर सहित अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास, सौंदर्यीकरण और पर्यटक सुविधाओं के विस्तार के लिए 9 करोड़ रुपए की परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं।
करते हैं। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग जिले के अल्पज्ञात पर्यटन स्थलों और प्राचीन मंदिरों को विकसित करने की योजना बनाई है। इसका उद्देश्य न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित करना हैबल्कि स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा भी देना है। शहर के बड़ा बाग हनुमान मंदिर, श्री सीता राम मंदिर, आनन्द आश्रम मंदिर सहित अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास, सौंदर्यीकरण और पर्यटक सुविधाओं के विस्तार के लिए 9 करोड़ रुपए की परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं।पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया, ‘पर्यटन विभाग परियोजनाओं के माध्यम से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराएगी। बरेली में कई प्राचीन मंदिर हैं, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आना होता है। परियोजनाओं के तहत मंदिर परिसरों का सौंदर्यीकरण, बेहतर सड़क संपर्क, प्रकाश एवं पेयजल व्यवस्था सहित अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।’ बरेली में धार्मिक पर्यटन को विस्तार दिया जा रहा है। जनपद के कैंट क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध आनंद आश्रम मंदिर का पर्यटन विकास कार्य प्रारंभ होने जा रहा है। इस परियोजना के लिए एक करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत हुई है। इस धनराशि से मंदिर परिसर में अवस्थापना सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालुओं के लिए बैठने की व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, शौचालय, मार्ग निर्माण तथा अन्य सौंदर्यीकरण कार्य शामिल हैं। बरेली शहर स्थित बड़ा बाग हनुमान मंदिर का भी पर्यटन विकास किया जाएगा। इस प्राचीन मंदिर पर फसाड लाइटिंग कार्य पर दो करोड़ रुपए की राशि खर्च होगी, जो मंदिर की भव्यता बढ़ाने में सहायक होगा।
जयवीर सिंह ने बताया कि, ‘बरेली के धार्मिक स्थलों से जुड़ी इन परियोजनाओं के माध्यम से धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण, संपर्क मार्ग, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था होगी। हमारा उद्देश्य है कि श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति के साथ बेहतर सुविधाएं और स्वच्छ वातावरण मिले। पर्यटन विभाग इन कार्यों को शीघ्रता से जमीन पर उतारने के लिए पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है।
लखनऊ बना देश का तीसरा सबसे साफ शहर,राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 17 जुलाई को करेंगी सम्मानित
कभी स्वच्छता की दौड़ में पीछे रहने वाला लखनऊ अब देश के सबसे स्वच्छ शहरों में शुमार है। स्वच्छ सर्वेक्षण2024 की सूची में
लखनऊ ने 44वें स्थान से सीधे तीसरा स्थान हासिल करके सबको चौंका दिया है।केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा जारी सर्वेक्षण में अहमदाबाद को पहला और भोपाल को दूसरा स्थान मिला है।लखनऊ ने पिछली बार की तुलना में 41 पायदानों की छलांग लगाई है,जो ऐतिहासिक उपलब्धि है।
लखनऊ ने 44वें स्थान से सीधे तीसरा स्थान हासिल करके सबको चौंका दिया है।केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा जारी सर्वेक्षण में अहमदाबाद को पहला और भोपाल को दूसरा स्थान मिला है।लखनऊ ने पिछली बार की तुलना में 41 पायदानों की छलांग लगाई है,जो ऐतिहासिक उपलब्धि है।इस उपलब्धि पर लखनऊ नगर निगम को 17 जुलाई को राष्ट्रपति भवन में भव्य कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के टॉप स्वच्छ शहरों को पुरस्कार प्रदान करेंगी। लखनऊ नगर आयुक्त और उनकी टीम को आमंत्रण मिल चुका है।लखनऊ की इस उपलब्धि के पीछे नगर निगम के सतत प्रयास और प्रशासन की जिम्मेदारीपूर्ण रणनीति प्रमुख रही है।कूड़ा प्रबंधन को सुधारने के लिए घरों से कूड़ा छंटाई की व्यवस्था की गई।वार्ड स्तर पर नियमित सफाई, गीले-सूखे कूड़े की अलग-अलग व्यवस्था और डिजिटल निगरानी जैसे कदमों ने पूरे शहर की तस्वीर बदल दी।मेयर ने खुद निरीक्षण कर खामियों को सुधारा।अभी जोन-4 में गंदगी मिलने पर सुपरवाइजर और जोनल इंचार्ज को फटकारा था। बदलाव में लखनऊ की जनता की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण रही।खुले में कूड़ा फेंकने पर रोक और कूड़े की छंटाई को लेकर लोगों में बढ़ी जागरूकता ने स्वच्छता अभियान को जन आंदोलन का रूप दिया।लोग खुद सफाई के प्रति संवेदनशील बने जिसका सीधा लाभ शहर को मिला।अब लखनऊ को देश का नंबर-1 स्वच्छ शहर बनाना अगला लक्ष्य है लखनऊ न केवल “नवाबों का शहर” या “तहजीब की नगरी” है बल्कि यह “स्वच्छता का प्रतीक”बन चुका है।
11 विरासत भवन और किले होंगे भव्य पर्यटन स्थल,सूरत बदलेगी योगी सरकार
योगी सरकार ने यूपी में खंडहर में तब्दील हो रहे ऐतिहासिक धरोहरों को नया जीवन देने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। पर्यटन
विभाग प्रदेश के 11 पुराने किलों भवनों को चमकाने की तैयारी में है।पर्यटन विभाग ने एजेंसियों के माध्यम से इसके लिए अनुरोध प्रस्ताव आरएफपी आमंत्रित किया है। ये काम पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप पीपीपी के तहत होगा, जहां एजेंसी इन जगहों को डिजाइन करेगी, बनाएगी, पैसे लगाएगी, चलाएगी बाद में सरकार को सौंप देगी।सीएम के निर्देश पर शुरू हो रही इस पहल से न सिर्फ ऐतिहासिक किलों भवनों का इतिहास बचेगा बल्कि पर्यटन बढ़ेगा हजारों लोगों को प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। पर्यटन विभाग के मुताबिक 11 विरासत स्थलों में ललितपुर का तालबेहट किला, बांदा का रनगढ़ भुरागढ़ किला, गोंडा की वजीरगंज बारादरी, लखनऊ का आलमबाग भवन, गुलिस्तान-ए-एरम दर्शन विलास, कानपुर की टिकैत राय बारादरी, महोबा का मस्तानी महल सेनापति महल, झांसी का तहरौली किला मथुरा का सीताराम महल कोटवान किला शामिल हैं।ये जगहें वास्तुकला इतिहास की कहानियों के लिए मशहूर हैं। पुनरोद्धार कर इन्हें होटल, सांस्कृतिक केंद्र या संग्रहालय में बदला जाएगा ताकि पर्यटक यहां ठहरें, इतिहास को करीब से महसूस करें। पर्यटन विभाग के मुताबिक ये परियोजना न सिर्फ इन पुरानी इमारतों को नया रूप देगी बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए रास्ते खोलेगी। इको-टूरिज्म धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े कदम उठाए गए हैं। सीएम की कोशिश यूपी को देश दुनिया में पर्यटन का चहेता डेस्टिनेशन बना रही हैं। अयोध्या, काशी, मथुरा जैसे प्रमुख धार्मिक केंद्रों के साथ राज्य के अन्य प्राचीन मंदिरों तीर्थ स्थलों को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए सरकार ने अनेक योजनाएं लागू की हैं। 2024 में 65 करोड़ पर्यटकों ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न स्थलों का भ्रमण किया।
विभाग प्रदेश के 11 पुराने किलों भवनों को चमकाने की तैयारी में है।पर्यटन विभाग ने एजेंसियों के माध्यम से इसके लिए अनुरोध प्रस्ताव आरएफपी आमंत्रित किया है। ये काम पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप पीपीपी के तहत होगा, जहां एजेंसी इन जगहों को डिजाइन करेगी, बनाएगी, पैसे लगाएगी, चलाएगी बाद में सरकार को सौंप देगी।सीएम के निर्देश पर शुरू हो रही इस पहल से न सिर्फ ऐतिहासिक किलों भवनों का इतिहास बचेगा बल्कि पर्यटन बढ़ेगा हजारों लोगों को प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। पर्यटन विभाग के मुताबिक 11 विरासत स्थलों में ललितपुर का तालबेहट किला, बांदा का रनगढ़ भुरागढ़ किला, गोंडा की वजीरगंज बारादरी, लखनऊ का आलमबाग भवन, गुलिस्तान-ए-एरम दर्शन विलास, कानपुर की टिकैत राय बारादरी, महोबा का मस्तानी महल सेनापति महल, झांसी का तहरौली किला मथुरा का सीताराम महल कोटवान किला शामिल हैं।ये जगहें वास्तुकला इतिहास की कहानियों के लिए मशहूर हैं। पुनरोद्धार कर इन्हें होटल, सांस्कृतिक केंद्र या संग्रहालय में बदला जाएगा ताकि पर्यटक यहां ठहरें, इतिहास को करीब से महसूस करें। पर्यटन विभाग के मुताबिक ये परियोजना न सिर्फ इन पुरानी इमारतों को नया रूप देगी बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए रास्ते खोलेगी। इको-टूरिज्म धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े कदम उठाए गए हैं। सीएम की कोशिश यूपी को देश दुनिया में पर्यटन का चहेता डेस्टिनेशन बना रही हैं। अयोध्या, काशी, मथुरा जैसे प्रमुख धार्मिक केंद्रों के साथ राज्य के अन्य प्राचीन मंदिरों तीर्थ स्थलों को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए सरकार ने अनेक योजनाएं लागू की हैं। 2024 में 65 करोड़ पर्यटकों ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न स्थलों का भ्रमण किया।उच्च सदन में हो सकते 250 राज्यसभा सदस्य
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 80 के तहत राज्यसभा संसद का उच्च सदन में कुल 250 सदस्य हो सकते हैं, जिनमें से 238 सदस्य राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से चुने जाते हैं, 12 सदस्य राष्ट्रपति की ओर से मनोनीत किए जाते हैं. राष्ट्रपति केवल उन्हीं व्यक्तियों को राज्यसभा में नामित कर सकते हैं जिन्होंने साहित्य, विज्ञान, कला और सामाजिक सेवा में विशेष योगदान दिया हो। इन्हें अनुच्छेद 80(1)(ए) और 80(3) के तहत मनोनीत किया जाता है।इसका उद्देश्य ऐसे क्षेत्रों के विशेषज्ञों को संसद में आवाज देना है जो आम चुनाव के जरिए संसद में नहीं पहुंच पाते।आजादी के बाद से कई हस्तियों को राष्ट्रपति राज्यसभा के लिए मनोनीत कर चुके हैं।इनमें प्रमुख नाम लता मंगेशकर, एम.एस. सुब्बुलक्ष्मी, जाकिर हुसैन, रवींद्र जैन, रेखा, सचिन तेंदुलकर हैं।
रक्षामंत्री जी महंगी न करें बिजली-व्यापारी
लखनऊ के व्यापारियों ने आज रविवार सुबह लखनऊ के सांसद और देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से उनके आवास पर
मुलाकात की और गुहार लगाई कि बिजली और न महंगी करें। राजनाथ सिंह ने भी व्यापारियों को आश्वासन दिया कि उनकी मांग को ऊपर तक पहुंचाएंगे।व्यापारी अशोक कुमार मोतियानी, अनिल बजाज मुलाकात के बाद बताया कि मौजूदा समय में बिजली के दाम बढ़ाया जाना अनुचित होगा। पहले बाजारों से बिजली के मक्कड़जाल को हटाए जाने की जरूरत है।व्यापारियों ने ने रक्षा मंत्री से कहा कि लखनऊ के व्यस्त बाजारों के अंदर खराब सड़के बनाई जानी चाहिए जिससे आने जाने वालों को दिक्कत न हो।अमीनाबाद और प्रताप मार्केट की सड़के बहुत खराब , इसेजल्द से जल्द बनाया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि जाम और पार्किंग की समस्याएं विकराल हो चुकी। बाजारों में ट्रैफिक व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी हैं। इससे ग्राहक ऑनलाइन की तरफ आकर्षित हो रहा है और बाजारों से खरीदार गायब होता जा रहा है।
मुलाकात की और गुहार लगाई कि बिजली और न महंगी करें। राजनाथ सिंह ने भी व्यापारियों को आश्वासन दिया कि उनकी मांग को ऊपर तक पहुंचाएंगे।व्यापारी अशोक कुमार मोतियानी, अनिल बजाज मुलाकात के बाद बताया कि मौजूदा समय में बिजली के दाम बढ़ाया जाना अनुचित होगा। पहले बाजारों से बिजली के मक्कड़जाल को हटाए जाने की जरूरत है।व्यापारियों ने ने रक्षा मंत्री से कहा कि लखनऊ के व्यस्त बाजारों के अंदर खराब सड़के बनाई जानी चाहिए जिससे आने जाने वालों को दिक्कत न हो।अमीनाबाद और प्रताप मार्केट की सड़के बहुत खराब , इसेजल्द से जल्द बनाया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि जाम और पार्किंग की समस्याएं विकराल हो चुकी। बाजारों में ट्रैफिक व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी हैं। इससे ग्राहक ऑनलाइन की तरफ आकर्षित हो रहा है और बाजारों से खरीदार गायब होता जा रहा है।तहसीलदार के एकतरफा आदेश से आहत किसान ने की सुसाइड की कोशिश,एसडीएम ने दिए जांच के आदेश
-बोली,जांच के बाद होगी कार्रवाई
बाराबंकी में भूमि विवाद के आदेश से आहत किसान ने जहरीला पदार्थ पीकर आत्महत्या करने की कोशिश की। बेटे ने पूर्व
तहसीलदार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एसडीएम ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं। जांच के बाद दोषी पर कार्रवाई करने की बात कही है।मामला सिरौली गौसपुर तहसील क्षेत्र के परसा गांव का है। गांव निवासी किसान लल्लाराम का मामला गोंडा के गुलवरिया गांव की महिला के साथ तहसीलदार न्यायालय में चल रहा था। आरोप है कि पूर्व तहसीलदार महिमा मिश्रा ने स्थानांतरण से ठीक पहले विपक्ष के पक्ष में जल्दबाजी में अपना आदेश पारित कर दिया। इससे सदमे में आकर लल्लाराम ने जहरीला पदार्थ पीकर सुसाइड करने की कोशिश की। घरवालों ने उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां उनकी हालत नाज़ुक बनी है। किसान के बेटे शमसेर कुमार वर्मा कहते हैं, बाहर की महिला ने फर्जी दस्तावेज के सहारे खुद को परिवार की सदस्य बताकर मुकदमा दर्ज कराया है जबकि वह हमारे परिवार से कोई संबंध नहीं रखती है।
तहसीलदार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एसडीएम ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं। जांच के बाद दोषी पर कार्रवाई करने की बात कही है।मामला सिरौली गौसपुर तहसील क्षेत्र के परसा गांव का है। गांव निवासी किसान लल्लाराम का मामला गोंडा के गुलवरिया गांव की महिला के साथ तहसीलदार न्यायालय में चल रहा था। आरोप है कि पूर्व तहसीलदार महिमा मिश्रा ने स्थानांतरण से ठीक पहले विपक्ष के पक्ष में जल्दबाजी में अपना आदेश पारित कर दिया। इससे सदमे में आकर लल्लाराम ने जहरीला पदार्थ पीकर सुसाइड करने की कोशिश की। घरवालों ने उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां उनकी हालत नाज़ुक बनी है। किसान के बेटे शमसेर कुमार वर्मा कहते हैं, बाहर की महिला ने फर्जी दस्तावेज के सहारे खुद को परिवार की सदस्य बताकर मुकदमा दर्ज कराया है जबकि वह हमारे परिवार से कोई संबंध नहीं रखती है।एसडीएम प्रीति सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने पर पत्रावलियां सुरक्षित कर ली गई हैं। जांच कराई जा रही है। किसान का समुचित इलाज कराया जा रहा है। जांच के बाद दोषी पर कार्रवाई होगी।पूर्व तहसीलदार महिमा मिश्रा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि आदेश नियमानुसार पारित किया गया था। ऑनलाइन डेटा में तारीख कंप्यूटर ऑपरेटर की गलती से गलत चढ़ गई थी।
