-अन्य बैंक कर्मियों की गिरफ्तारी के लिए लगाई गईं ईओडब्ल्यू की टीमें तलाश जारी,फर्जी खाते खोलकर किया गया गया घोटाला
- REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
लखनऊ।आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ई.ओ.डब्ल्यू.) नें फर्जी खाते खोलकर लाखों का घोटाला करने वाले बैंक मैनेजर
छेदालाल अनुरागी को आगरा से गिरफ्तार किया है।
डीजी ई.ओ.डब्ल्यू नीरा रावत नें बताया कि वर्ष 2006 में प्रदेश के बांदा जिले में स्थित इलाहाबाद बैंक शाखा अतर्रा में बैंक कर्मियों और आरोपियों की मिलीभगत से फर्जी अभिलेखों/आई0डी0 के आधार पर दो फर्जी एकाउण्ट संख्या-87517 एवं खाता सं0 87529 खोला गया।इसी तरह बांदा जिले के अन्य बैंकों यूनियन बैंक आफ इण्डिया, पंजाब नेशनल बैंक, सेन्ट्रल बैंक ऑफ इण्डिया एवं बैंक ऑफ बड़ौदा नें भी आरोपियों के फर्जी बैंक खाता खोले। इन फर्जी बैंक खातों के लिए चेकबुक जारी कराकर आरोपियों नें इलाहाबाद बैंक शाखा अतर्रा के खोले गए फर्जी खातेदारों के नाम अकाउंट पैइज चेक काटकर उसमें धनराशि अंकित करके इलाहाबाद बैंक शाखा अतर्रा में भुगतान के लिए प्रस्तुत किया गया।
डीजी ई.ओ.डब्ल्यू नीरा रावत नें बताया कि जिसका इलाहाबाद बैंक शाखा अतर्रा नें कोरियर सेवा के द्वारा उन चैकों का एडवाइस मंगाकर कि ये चैक सही है या नहीं और धनराशि खाते में उपलब्ध है या नहीं, के सम्बन्ध में कोरियर कर्मियों नें चेक सही होने की एडवाइज/आख्या देने के पश्चात चेक में अंकित धनराशि का भुगतान किया गया।डीजी नीरा रावत नें बताया कि कोरियर कर्मचारियों नें जारीकर्ता बैंकों से सत्यापति नहीं कराया कि उनके खाते में आहरण हेतु पर्याप्त धनराशि जमा है या नहीं।डीजी ईओडब्ल्यू नें बताया कि विवेचना से पाया गया कि जारी चेकों के खाताधारकों के खातों में बहुत मामूली पैसे हजार या दो हजार रुपये थे ।इस प्रकार आरोपियों नें इलाहाबाद बैंक के बैंक कर्मी , अन्य बैंकों में जारी चैकों के फर्जी खाता धारक तथा कोरियर कर्मचारियो ने आपस में मिलीभगत व दुरभिसंधि करके कई चेकों को चेकों के जरिये लगभग सत्ताईस लाख रुपये इलाहाबाद बैंक शाखा अतर्रा बांदा से धोखाधड़ी कर निकाल लिया गया।
डीजी ई.ओ.डब्ल्यू नीरा रावत नें बताया कि जिसके चलते इलाहाबाद बैंक शाखा अतर्रा को करीब सत्ताईस लाख रुपये की वित्तीय हानि हुई।डीजी नें बताया कि इस हेराफेरी और धनराशि गबन को लेकर के0पी0 दिनकर मैनेजर इलाहाबाद बैंक नें सात अप्रैल 2006 को थाना अतर्रा जनपद बांदा में रमेशचन्द गुप्ता आदि छह लोगो के विरुद्ध धारा 406/419/420/467/468/471/ 120बी आईपीसी के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई। इसकी प्रारम्भिक विवेचना जिला स्तर पर हुई थी। उसके पश्चात्त इस मुकदमे की विवेचना बीस अगस्त 2015 को उ0प्र0 शासन नें ई0ओ0डब्लू0 लखनऊ को सौपी थी।ई0ओ0डब्लू0 की विवेचना में इस मामले में कुल ग्यारह आरोपी बैंक की कुल धनाराशि सत्ताईस लाख रुपये की धोखाधड़ी कर गबन करने के दोषी पाए गए।
डीजी ई.ओ.डब्ल्यू नीरा रावत नें बताया कि जिसमें से छह लोकसेवक बैंक कर्मी थे तथा शेष 05 आरोपी प्राइवेट थे। पांचों प्राइवेट आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज कर कड़ी कार्रवाई कर आरोप-पत्र न्यायालय भेज दिया गया। पुलिस महानिदेशक, ई0ओ0डब्लू0 नें बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चल रहे विशेष अभियान के तहत ई0ओ0डब्लू0 टीम नें इस मुकदमे में वांछित छेदालाल अनुरागी पुत्र मकुन्दी लाल वर्तमान शाखा प्रबन्धनक, इंडियन बैंक, शाखा होलीपुरा ( आगरा) को आगरा से गिरफ्तार किया गया।आरोपी नें वर्ष 2006 में इलाहाबाद बैंक शाखा अतर्रा जनपद, बांदा में रिटेल बैंकिंग अफसर के पद पर कार्यरत था।अन्य पांच लोकसेवक बैंक कर्मियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगाई गईं है।
