-पावर कारपोरेशन खेल का सुनवाई में पर्दाफाश करेगा उपभोक्ता परिषद
- REPORT BY:PREM SHARMA || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS
लखनऊ। प्रदेश के 42 जनपदो के निजीकरण का मसौदा जहां विद्युत नियामक आयोग में अनेकों वित्तीय व संवैधानिक कर्मियों के चलते लटका हुआ है। मुख्य सचिव तक आयोग पहुंच गए लेकिन बात नहीं बन पाई। आयोग द्वारा जो संवैधानिक कमियां निकाली गई है कानूनन उसे यदि दूर कर दिया जाए तो देश का कोई भी निजी घराना प्रदेश की आठ जनपदों वाली एक कंपनी को खरीदने की हैसियत ही नहीं रखता। पूरी साठगाठ करके सरकारी कंपनियों की कम लागत ऑकी जा रही है जिससे उसे औने पौने दाम में आसानी से बेचा जा सके। उपभोक्ता परिषद ने सख्त लहजे में कहा है कि ऐसा वह होने नही देगा। जिस तरह से एक बार फिर नई बैलेस शीट लेकर असंवैधानिक रूप से ग्रांट थॉर्नटन आयोग पहुंचा है उसका जनसुनवाई में पर्दाफाश किया जाएगा।
आज एक नए घटनाक्रम के तहत गुपचुप तरीके से असंवैधानिक रूप से नियुक्त ग्रांट थॉर्नटन अपनी पूरी टीम के साथ विद्युत नियामक आयोग पहुंच गया। वैसे नियामक आयोग के अध्यक्ष फोरम ऑफ रेगुलेटर की बैठक में दिल्ली में थे फिर भी वह जो बैलेंस शीट को नियामक आयोग ने नकार दिया था। उसके जवाब में एक नई बैलेंस शीट बनाकर उसे आयोग के निचले स्तर के अधिकारियों से देखने की गुहार लगा रहा था की देख ले। जिससे आगे आयोग उस पर निर्णय ले। लेकिन कितने दुर्भाग्य की बात है कि पावर कॉरपोरेशन इस हद तक नीचे उतर गया है कि आयोग बाहर है। फिर भी अब निचले स्तर के अधिकारियों को प्रभाव में लेने की कोशिश में लगे हैं। जबकि यह संभव नहीं है। लेकिन पावर कॉरपोरेशन किस हद तक नीचे उतर आया है यह अपने आप में सोचनीय है। वैसे पता चला है कि नियामक आयत के निचले स्तर के अधिकारियों ने इस बात पर आपत्ति भी जताई कि आप पावर कारपोरेशन के अधिकारियों के साथ आते तो ज्यादा उचित होता आप स्वयं कैसे आ गए। उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कल आगरा में दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम की सुनवाई है वहां आयोग के सामने इस मुद्दे को रखा जाएगा कि आयोग की अनुपस्थिति में ग्रांट थ्रोनटन कमियों वाली अपनी रिपोर्ट निचले स्तर के अधिकारियों को दिखाने कैसे पहुंच गया। इसके पीछे उसका मकसद क्या है।उपभोक्ता परिषद के पास पूरी जानकारी है कि जो नई बैलेंस शीट अब बनाई गई है उससे कहीं ना कहीं निजी घरानो को बिजली दरों में बड़ा इजाफा मिलेगा। जो नई पांच बिजली कंपनियां निजी घरानो के लिए बनाई जाएगी वह कम लागत में बिकेगी। पावर कारपोरेशन को यह भूल जाए कि वे मनमाने तरीके से सरकारी संपत्ति के साथ बंदर बांट कर लेगें।
आगरा आयोग के सामने उठेगा निजीकरण का मुद्दा
-झूठे आकड़ों और धमकी पर नही होगा निजीकरण: संघर्ष समिति
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उप्र ने कहा है कि झूठे आकड़ों, धमकी और दमन के बूते निजीकरण की साजिश कामयाब
नहीं होने दी जायेगी। संघर्ष समिति द्वारा आगरा में टैरिफ की सुनवाई के दौरान निजीकरण का मुद्दा नियामक आयोग के सामने उठाकर निजीकरण की प्रक्रिया निरस्त करने की मांग की जायेगी। आज लगातार 229वें दिन बिजली कर्मियों ने प्रान्तव्यापी विरोध प्रदर्शन जारी रखा।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उप्र के पदाधिकारियों ने आज यहां बताया कि निजी घरानों को मदद देने के लिए विद्युत वितरण निगमों ने निजीकरण के पहले ही टैरिफ में 45 प्रतिशत तक वृद्धि का प्रस्ताव नियामक आयोग को भेज कर निजीकरण के बाद बिजली दरों में होने वाली बेतहाशा वृद्धि का संकेत दे दिया है। उन्होंने बताया कि विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उप्र के पदाधिकारी और बिजली कर्मी 15 जुलाई को आगरा में नियामक आयोग के सामने दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का मुद्दा जोर.शोर से उठायेंगे।संघर्ष समिति ने बताया कि दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम में कुल 5706 करोड़ रूपये की सब्सिडी विभिन्न श्रेणी के उपभोक्ताओं को दी जा रही है। अत्यन्त दुर्भाग्य का विषय है कि सरकार की कैश फंडिंग के नाम पर पॉवर कारपोरेशन प्रबन्धन इस सब्सिडी को कैश गैप में जोड़ कर घाटे में दिखा रहा है। इससे ऐसा लगता है कि निजीकरण के बाद किसानों, बुनकरों और गरीब घरेलू उपभोक्ताओं की सब्सिडी समाप्त करने की तैयारी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024-25 में दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम में 4692 करोड़ रूपये टैरिफ की सब्सिडी है, निजी नलकूपों के लिए 99 करोड़ रूपये की सब्सिडी है और बुनकरों के लिए 23 करोड़ रूपये की सब्सिडी है। इस प्रकार कुल 5706 करोड़ रूपये की सब्सिडी विभिन्न श्रेणी के उपभोक्ताओं को दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम में दी जा रही है। संघर्ष समिति ने कहा कि दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम में वर्ष 2024-25 में उपभोक्तओं से 11546 करोड़ रूपये राजस्व वसूल किया गया। सरकारी विभागों पर 4543 करोड़ रूपये का राजस्व बकाया है जो सरकारी विभागों ने नहीं दिया है। सरकारी विभागों का राजस्व बकाया देना सरकार की जिम्मेदारी है। सरकारी विभागों का राजस्व जोड़ लिया जाये तो वर्ष 2024-25 में दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम का कुल राजस्व 16089 करोड़ रूपये हो जाता है। 16089 करोड रुपए में 5706 करोड रुपए सब्सिडी जोड़ देने के बाद कुल आय 21795 करोड़ रुपए हो जाती है। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम ने विद्युत नियामक आयोग को बताया है कि वर्ष 2024-25 का कुल खर्चा लगभग 19639 करोड़ रूपये है। इस प्रकार वर्ष 2024-25 में दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम को 2156 करोड़ रूपये का मुनाफा हो रहा है जब कि झूठे आंकड़े दिखाकर घाटे के नाम पर निजीकरण किया जा रहा है।पावर कारपोरेशन .प्रबन्धन मुनाफे में चल रहे दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम का झूठे आंकड़े देकर बढ़ा-चढ़ा कर घाटा दिखा रहा है और इस आधार पर निजीकरण किया जा रहा है। संघर्ष समिति प्रबन्धन के झूठे आंकड़ों के आधार पर निजीकरण के प्रस्ताव के विरोध में 15 जुलाई को आगरा में नियामक आयोग के सामने तथ्य रख कर दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण की प्रक्रिया निरस्त करने की मांग करेगी।
स्मार्ट मीटर के विरोध में बिजली कार्मिकों का प्रदर्शन
बिजलीकर्मियों के घरों में मीटर लगाने के विरोध में सोमवार को कर्मचारियों ने गोमतीनगर और जानकीपुरम जोन के मुख्य
अभियंता कार्यालय का घेराव किया। नाराज कर्मचारियों ने ऊर्जा प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पावर कॉरपोरेशन के निर्देश पर राजधानी के गोमतीनगर, चिनहट, इंदिरानगर, मुंशीपुलिया, रहीमनगर, महानगर, विश्वविद्यालय, सीतापुर रोड, डालीगंज डिवीजन में बिजलीकर्मियों के घरों में स्मार्ट मीटर लगाएं जा रहे हैं।
सोमवार को इंदिरानगर, गोमतीनगर में स्मार्ट मीटर लगाने का काम शुरू किया गया, लेकिन गुस्साए कर्मचारियों ने स्मार्ट मीटर लगाने नहीं दिया। गुस्साए कर्मचारियों ने गोमतीनगर स्थित दोनों मुख्य अभियंता कार्यालय का घेराव किया और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की गई। मुख्य अभियंता बीपी सिंह ने बताया कि एलएमवी-10 के तहत सभी कर्मचारियों के घरों में एनर्जी काउंटिंग के लिए स्मार्ट मीटर लगाएं जा रहे हैं। यदि किसी कर्मचारी को कोई शिकायत है तो वह लिखित शिकायत करें। सभी परिसरों पर स्मार्ट मीटर लगाए जाएगें। अभी कुछ परिसरों में मीटर लग चुके हैं और बाकी घरों में भी लगाएं जाएंगे।
व्यापारियों ने सरकार से बिजली दरें न बढ़ाने की रखी अपील
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार से बिजली की दर्रे न बढ़ाने की अपील की है। संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष
बनवारी लाल कंछल ने कहा कि पावर कार्पाेरेशनने बिजली दरों में भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव विद्युत नियामक आयोग के समक्ष दाखिल किया है।
पावर कॉरपोरेशन ने नियामक आयोग में दाखिल अपने संशोधित प्रस्ताव में ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 40 से 45 फीसदी और शहरी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 35 से 40 फीसदी की बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है। इसके साथ ही नए बिजली कनेक्शन की दरों में भी 25 से 30 फीसदी की वृद्धि का प्रस्ताव है।इससे व्यापारिक, औद्योगिक, कामर्शियल कनेक्शनों के लिए यह वृद्धि 40 से 50 फीसदी तक हो सकती है, जिससे प्रदेश के लाखों करोड़ों उपभोक्ताओं और व्यापारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। राज्य सरकारसे आग्रह है कि बिजली की इन बढ़ती हुई दरों को कम करके पड़ोसी राज्यों की बिजली के दरों के बराबर किया जाये।
अतिक्रमण के खिलाफ कार्यवाही, ,भारी जुर्माना और सामान जब्त
शहर में लगातार मिल रही शिकायतों के मद्देनज़र माननीय महापौर सुषमा खर्कवाल के निर्देश और नगर आयुक्त गौरव कुमार के
आदेशानुसार सोमवार को नगर निगम द्वारा कई जोनों में एक साथ अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया गया। विभिन्न जोनों के जोनल अधिकारियों के नेतृत्व में चलाए गए इन अभियानों में सड़क, फुटपाथ और सार्वजनिक स्थलों पर किए गए अवैध कब्जों को हटाया गया तथा अतिक्रमणकारियों को सख्त चेतावनी दी गई। इस दौरान जुर्माना वसूलने के साथ सामान जब्त किया गया।
अभियान में जोन-3 में जोनल अधिकारी अमरजीत यादव के नेतृत्व में टेढ़ी पुलिया से गुडंबा थाने तक अतिक्रमण हटाया गया। इस दौरान कई अतिक्रमणकारियों पर 14,000 का जुर्माना लगाया गया और दो ट्रक सामान जब्त किया गया। जोन-5 में जोनल अधिकारी श्री नंदकिशोर, कर अधीक्षक आलोक कुमार श्रीवास्तव और राजस्व निरीक्षक राजू कुमार के नेतृत्व में चंदर नगर भूमिगत पार्किंग से आलमबाग मेट्रो स्टेशन तक का क्षेत्र चिन्हित किया गया। यहां से ठेले, गुमटी, काउंटर सहित अस्थायी अतिक्रमण हटाते हुए 05 काउंटर, 04 लोहे की मेज और 08 ठेले हटाए गए। जोन-6 में बुद्धेश्वर मंदिर और चौराहे के आसपास सावन माह को देखते हुए अतिक्रमणकारियों ने अस्थायी दुकानों और ठेलों के माध्यम से स्थान घेर लिया था। जोनल अधिकारी मनोज यादव, कर अधीक्षक श्री विजय शंकर, राजस्व निरीक्षक आशीष कुशवाहा और 296 प्रवर्तन टीम की निगरानी में 20 ठेले और 15 अस्थायी दुकानें हटवाई गईं। जोन-8 में शारदा नगर प्रथम वार्ड, डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, पावर हाउस से लेकर शहीद पथ तक दोनों ओर की पटरियों से अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की गई। आईजीआरएस पोर्टल पर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद आज वृहद अभियान चलाया गया। इस दौरान कुछ दुकानदारों द्वारा विरोध करते हुए शासकीय कार्य में बाधा डालने, गाली-गलौज करने और माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई, जिस पर पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में स्थिति को नियंत्रित कर विधिक कार्यवाही करते हुए थाने में तहरीर दी गई।
