LUCKNOW:आयोग अध्यक्ष को ज्ञापन,निजीकरण प्रस्ताव निरस्त करने की मांग,क्लिक करें और भी खबरें

  • REPORT BY:PREM SHARMA || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK 

लखनऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश, उपभोक्ता परिषद ,उपभोक्ताओं के अन्य संगठन और किसानों के संगठनों ने आज मेरठ में विद्युत नियामक आयोग की जनसुनवाई के दौरान पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का जोरदार विरोध किया। सभी ने एक स्वर में कहा कि बिजली का निजीकरण किसानों, उपभोक्ताओं, कर्मचारियों किसी के हित में नहीं है। अतः निजीकरण का प्रस्ताव तत्काल रद्द किया जाय।

आज मेरठ में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश की ओर से सी पी सिंह, निखिल नायक, कृष्णा सारस्वत, आलोक त्रिपाठी, प्रगति राजपूत, गुरुदेव, पी पी सिंह, कपिल देव गौतम, जितेंद्र कुमार ने विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार को एक ज्ञापन देकर यह मांग की कि पॉवर कारपोरेशन द्वारा दिए गए पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के प्रस्ताव को विद्युत नियामक आयोग मंजूरी न दे और इस प्रस्ताव को तत्काल निरस्त करने हेतु आवश्यक कार्यवाही करे।
संघर्ष समिति ने अपने ज्ञापन में कहा है कि पावर कार्पोरेशन प्रबंधन घाटे के झूठे आंकड़े देकर निजीकरण करना चाहता है जो स्वीकार्य नहीं है। संघर्ष समिति ने कहा कि पावर कॉरपोरेशन सब्सिडी की धनराशि और सरकारी विभागों के बिजली राजस्व की धनराशि को घाटे में जोड़कर निजीकरण का तर्क दे रहा है जो सरासर बेइमानी है। आंकड़े देते हुए संघर्ष समिति ने कहा कि वर्ष 2024 – 25 में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम ने 13297 करोड रुपए की राजस्व वसूली की, 5321 करोड रुपए की टैरिफ की सब्सिडी है, 376 करोड रुपए की निजी नलकूप की सब्सिडी है और 630 करोड रुपए की बुनकरों की सब्सिडी है। इस प्रकार कुल राजस्व 19624 करोड रुपए का हुआ। पूर्वांचल में राज्य सरकार के सरकारी विभागों पर बकाया 4182 करोड़ रुपए है। इस धनराशि को जोड़ने के बाद कुल राजस्व 23806 करोड रुपए हो जाती। विद्युत नियामक आयोग को पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम ने बताया है कि उसका कुल खर्च 20564 करोड रुपए का हुआ है। इस प्रकार पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम 3242 करोड रुपए के मुनाफे में है। इसी प्रकार दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम में कुल राजस्व 11546 करोड रुपए का मिला है। टैरिफ सब्सिडी 4692 करोड़ की, निजी नलकूप की सब्सिडी 991 करोड रुपए, बुनकरों की सब्सिडी 23 करोड रुपए है।इन सबको मिला दिया जाए तो कुल राजस्व 17252 करोड रुपए का होता है।

सरकारी विभागों का 4543 करोड रुपए का बकाया जोड़ने के बाद कुल राजस्व आय 21795 करोड़ रुपए हो जाती है। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम ने विद्युत नियामक आयोग को बताया है कि वर्ष 2024 – 25 में उसका कुल खर्चा 19639 करोड रुपए का हुआ है। इस प्रकार दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम का मुनाफा 2156 करोड़ रु का है। मेरठ की जनसुनवाई में उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष श्री अवधेश वर्मा ने निजीकरण के विरोध में जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि झूठे आंकड़ों के बल पर निजीकरण कर उपभोक्ताओं पर महंगी बिजली का बोझ नहीं डाला जा सकता। उपभोक्ता परिषद इसे कदापि स्वीकार नहीं करेगी और इसका पुरजोर विरोध करेगी। संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजीव राणा ने जमकर निजीकरण पर प्रहार किया। भारतीय किसान यूनियन भानू के अध्यक्ष सुमित शास्त्री ने कहा की किसी भी कीमत पर बिजली का निजीकरण स्वीकार नहीं करेंगे और इसके विरोध में सड़कों पर उतरेंगे।संघर्ष समिति ने कहा है कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के विरोध में बिजली कर्मचारियों के साथ उपभोक्ता संगठन और किसानों के संगठन लामबंद हो गए हैं। अब बिजली कर्मचारी, उपभोक्ता और किसान मिलकर निजीकरण के विरोध में चल रहे संघर्ष को और तेज धार देंगे।

स्वतंत्रता दिवस पर सम्मान और सेवा पुस्तिका में प्रशंसा अंकित करने की मांग

नगर निगम कर्मचारी संघ, लखनऊ के अध्यक्ष आनंद वर्मा ने नगर आयुक्त को पत्र लिखकर स्वच्छता कार्यक्रम, राजस्व वसूली अन्य उपलब्धि में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों और कार्मिको को स्वतंत्रता दिवस पर सम्मानित करने तथा उनको उल्लेख सेवा पुस्तिका और व्यक्तिगत पत्रावली में किए जाने की मांग की है।
उन्होंने पत्र के माध्यम से कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों एवं अधिकारियों को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त, 2025 में सम्मानित कर उनका विवरण सेवा पुस्तिका, व्यक्तिगत पत्रावली में अंकित की जाए। संघ आपका ध्यान उपरोक्त विषय की ओर आकृष्ट कराते हुए अवगत कराना चाहता है, कि नगर निगम, लखनऊ में प्रत्येक वर्ष स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त के अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों,अधिकारियों को सम्मानित किये जाने की परम्परा है। उल्लेखनीय यह भी है, कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में लखनऊ ने देश का तीसरा सबसे स्वच्छ शहर बनने का गौरव भी हासिल किया है। जिसमें स्वास्थ्य विभाग, उद्यान विभाग, अभियन्त्रण विभाग, कर विभाग, मार्ग प्रकाश, आर.आर. विभाग इत्यादि कर्मचारियों, अधिकारियों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
ऐसे में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों एवं अधिकारियों को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त, 2025 में सम्मानित कर उनका विवरण सेवा पुस्तिका,व्यक्तिगत पत्रावली में अंकित किये जाने के सम्बन्ध में सम्बन्धित को निर्देशित करे ।

बिजली कंपनियों पर उपभोक्ताओं 33122 करोड़ अधिक
-ना दरों में बढ़ोतरी होने देंगे और ना निजीकरण: अवधेश वर्मा

उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के तत्वाधान में मेरठ की आज चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के सभागार में आयोग अध्यक्ष अरविंद कुमार व सदस्य संजय कुमार सिंह की उपस्थिति में संपन्न हुआ। जिसमें सर्वप्रथम पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम की प्रबंध निदेशिका ईशा दुहन द्वारा प्रस्तुतीकरण किया गया इसके बाद पावर कारपोरेशन के मुख्य अभियंता रेगुलेटरी अफेयर्स यूनिट द्वारा टैरिफ का प्रस्तुतीकरण किया गया। पावर कारपोरेशन ने अधिकतम 41 प्रतिशत दरों में बढ़ोतरी का प्रस्तुतीकरण किया। उपभोक्ता परिषद ने जनसुनवाई में सबकी पोल खोली सभी चुप साधे रहे।
प्रदेश के उपभोक्ताओं की तरफ से अपना पक्ष रखते हुए उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष और राज्य सरकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा बिजली घरों में बढ़ोतरी का तो सवाल ही नहीं प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं का बिजली कंपनियों पर 33122 करोड़ सर प्लस निकल रहा है। इसलिए 45 प्रतिशत बिजली दरों में कमी होना चाहिए आगे उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा दक्षिणांचल व पूर्वांचल का निजीकरण पूरी तरह आसंवैधानिक है उसकी सभी संपत्तियां राज्य विद्युत परिषद से विरासत में मिली है। इसलिए उसका मालिकाना हक प्रदेश की जनता और बिजली कार्मिकों के पास है। इसलिए सरकार उसको बेच नहीं सकती। उपभोक्ता परिषद ने कहा पश्चिमाॅचल विद्युत वितरण निगम के जवाब में लिखा है कि निजीकरण के बाद सुधार होगा तो क्या पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम का भी निजीकरण किया जा रहा है ? और यदि नहीं तो इस पर स्पष्टीकरण। होना चाहिए।उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कहा वर्तमान में उत्तर प्रदेश सरकार व पावर करपोरेशन लगातार भ्रष्टाचार के मामले में बिजली अभियंता कार्मिकों की आय से ज्यादा संपत्ति की जांच करा रहा है। बिगत 2 दिन पहले मुख्य सचिव ने समीक्षा भी की थी निश्चित ही भ्रष्टाचार की जांच होनी चाहिए। लेकिन अभियंताओं के साथ बिजली कंपनियों के प्रबंध निदेशक और पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष सहित निदेशको को भी जांच आय से अधिक संपत्ति की होनी चाहिए। इस संबंध में जांच करने का एक प्रस्ताव आज उपभोक्ता परिषद जनसुनवाई में रखता है इस पर निर्णय लिया जाना बहुत जरूरी है।

पश्चिमांचल विद्युत वितरण के अंतर्गत कुल लगभग 46180 मिलियन बिजली खरीद की आवश्यकता होगी। जिसमें लगभग 5 प्रतिशत बिजली चोरी हो जाती है यानी कि प्रत्येक साल लगभग 1385 करोड़ की चोरी होती है और प्रत्येक माह लगभग 115 करोड़ की चोरी होती है उस पर काम करने की जरूरत है। विद्युत दुर्घटनाएं भी लगातार बढ़ गई वर्ष 2020-21 में 163 लोगों की जान गई थी वहीं वर्ष 2021-22 में 211 लोगों की जान गयी और वर्ष 2022 -2023 में 207 लोगों की जान गई। वर्तमान साल में भी 200 के ऊपर लोगों पर जाने गई है इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। वितरण और पावर ट्रांसफार्मर भी बड़ी संख्या में जल रहे हैं उसे पर भी ध्यान देने की जरूरत है। पश्चिमाॅचल विद्युत वितरण निगम की प्रबंध निदेशक प्रदेश की जनता से नहीं मिलती उपभोक्ताओं से मिले ऐसा निर्देश जारी किया जाए उपभोक्ताओं की शिकायतें लगातार बढ़ रही है। बिजली आपूर्ति से संबंध में 2025 में 132384 शिकायत थी जून 2025 में 116837 शिकायत थी समय से शिकायत का निस्तारण न होने पर मुआवजा नहीं मिलता।

राष्ट्रपति भवन में स्वच्छता अभियान के लिए नगर निगम सम्मानित

भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा गुरूवार को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित भव्य समारोह में स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 के पुरस्कार वितरित किए गए। इस समारोह में भारत की महामहिम राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मू  ने लखनऊ नगर निगम को देशभर में तीसरा स्थान प्राप्त करने पर सम्मानित किया। यह गौरवपूर्ण क्षण सिर्फ एक पुरस्कार नहीं, बल्कि लखनऊ की बढ़ती जागरूकता, समर्पित प्रयासों और नागरिकों की सहभागिता का प्रमाण है। इस अवसर पर केंद्रीय ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री मनोहर लाल, प्रदेश के नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा , महापौर  सुषमा खर्कवाल, पूर्व नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह मंच की गरिमा बढ़ा रहे थे।

राष्ट्रपति ने अपने उद्बोधन में कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण ने स्वच्छता के प्रति शहरी क्षेत्रों की प्रतिबद्धता को न केवल मापा है, बल्कि उसे प्रोत्साहित भी किया है। उन्होंने बताया कि यह दुनिया का सबसे बड़ा स्वच्छता सर्वेक्षण है, जिसमें करीब 14 करोड़ नागरिकों ने भाग लिया। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की सांस्कृतिक परंपरा में स्वच्छता का गहरा महत्व रहा है। महात्मा गांधी जी ने स्वच्छता को ईश्वर भक्ति के समकक्ष बताया था। इस कार्यक्रम में लखनऊ के पार्षद गिरीश गुप्ता, सुशील तिवारी पम्मी,सौरभ सिंह मोनू, रजीत सिंह, नगर आयुक्त गौरव कुमार, अपर नगर आयुक्त डॉ. अरविंद कुमार राव, जीएम जलकलकुलदीप सिंह सहित लखनऊ नगर निगम की टीम भी उपस्थित रही। भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 के परिणामों में लखनऊ ने देशभर के 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। साथ ही, उत्तर प्रदेश में लखनऊ ने पहला स्थान हासिल कर राज्य को गौरवान्वित किया है।

फॉगिंग, एंटी लार्वा व नाली सफाई की मुहिम

नगर निगम लखनऊ द्वारा संचारी रोग नियंत्रण अभियान के अंतर्गत शहर के सभी 110 वार्डों में फॉगिंग, एंटी लार्वा छिड़काव तथा नालियों की नियमित सफाई का कार्य युद्ध स्तर पर कराया जा रहा है। मॉनसून सीजन में बीमारियों के प्रसार की आशंका को देखते हुए इस अभियान को पूरी गंभीरता से लागू किया गया है।

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान की नियमित समीक्षा जिलाधिकारी, नगर आयुक्त श्री गौरव कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पीके श्रीवास्तव, जोनल सेनेटरी ऑफिसर तथा एसएफआई स्तर पर की जा रही है। प्रत्येक गतिविधि का पर्यवेक्षण सुनिश्चित किया गया है ताकि शहर में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया आदि वेक्टर जनित बीमारियों के प्रसार पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से भी समन्वय स्थापित कर समय-समय पर वेक्टर बोर्न डिजीज से जुड़ी सूचनाएं प्राप्त कर उन पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। जहां कहीं भी संभावित प्रकोप की सूचना मिलती है, वहां विशेष अभियान चलाकर फॉगिंग व एंटी लार्वा छिड़काव कराया जाता है। बारिश और अत्यधिक नमी के कारण यदि किसी क्षेत्र में फॉगिंग नहीं हो पाती है, तो संबंधित टीमों को निर्देशित किया गया है कि अगले 2 से 4 दिनों के भीतर वहां फॉगिंग अवश्य कराई जाए। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी क्षेत्र में फॉगिंग या सफाई से संबंधित कार्य लंबित न रह जाए। जिन क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न होती है, वहां जलकल, इंजीनियरिंग विभाग और त्.त्. विभाग के बीच समन्वय स्थापित कर तत्काल समाधान कराया जा रहा है। जल निकासी की व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

महापौर के निर्देश पर अवैध कब्जे हटाए गए

शहर में लगातार मिल रही अतिक्रमण संबंधी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए महापौर  सुषमा खर्कवाल के निर्देश एवं नगर आयुक्त  गौरव कुमार के आदेशानुसार लखनऊ नगर निगम द्वारा गुरुवार को एक साथ कई जोनों में सघन अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया गया। इन अभियानों का नेतृत्व संबंधित जोनों के जोनल अधिकारियों ने किया, जिसमें सार्वजनिक स्थानों, सड़कों और फुटपाथों से अस्थायी अवैध कब्जों को हटाया गया और अतिक्रमणकारियों को सख्त चेतावनी दी गई।

जोनल अधिकारी संजय यादव के नेतृत्व में टैक्स सुपरिंटेंडेंट  बनारसी दास के सहयोग से जनेश्वर मिश्र पार्क के गेट नं. 7 से ग्रीनवुड अपार्टमेंट के चारों ओर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। इस दौरान लगभग 2 ट्रक सामान जब्त किया गया, जिसमें ठेले, काउंटर, गुमटी व अन्य सामग्री शामिल रही।
जोनल अधिकारी  नंदकिशोर के नेतृत्व में प्रवर्तन दल की टीम ने काशीराम गार्डन, चंदर नगर भूमिगत पार्किंग से लेकर आलमबाग मेट्रो स्टेशन तक अतिक्रमण हटाया। इस दौरान 5 काउंटर, 2 गुमटी, 8 ठेले हटाए गए और पुनः कब्जा न करने की चेतावनी दी गई। जोनल अधिकारी मनोज यादव के नेतृत्व में वार्ड कन्हैया माधवपुर प्रथम क्षेत्र में सरदार नगर चैराहा से एकता नगर चैराहा तक अतिक्रमण हटाया गया। इस दौरान 30 ठेले, 10 गुमटी, 35 अस्थायी दुकानें, 10 टायर, 2 तख्त, 4 तराजू व 20 कैरेट जब्त की गईं। अतिक्रमणकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी गई और पुनः अतिक्रमण न हो इसके लिए क्षेत्रीय थानाध्यक्ष को पत्र भी भेजा गया।

Aaj National

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