-दरोगा अभिनव सिंह 25 हजार व लिपिक पुष्पेंद्र सिंह ले रहे थे 21 हजार
- REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
लखनऊ:हमीरपुर व प्रयागराज घूसखोरी के मामले प्रकाश में आये है।अलग -अलग हुई कार्रवाई में एन्टी करप्शन टीम ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है।प्रयागराज की एन्टी करप्शन टीम ने 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते दरोगा को गिरफ्तार किया है।वही भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन टीम) की बांदा टीम ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय हमीरपुर में लिपिक को चिकित्सा प्रतिपूर्ति के नाम पर 21 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
प्रयागराज की एन्टी करप्शन टीम ने थाना करछना में तैनात उपनिरीक्षक अभिनव सिंह को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।यह केस को हल्का करने के नाम पर पच्चीस हजार रुपए लेने गए थे। देवरी खुर्द गांव में गरीब परिवार अपना मकान तोड़कर नया निर्माण कर रहा था। मकान बनाने में अड़चन डाला जा रहा था।इसी को लेकर विवाद चल रहा था। पड़ोसियों ने गरीब परिवार के घर जाकर उसके पिलर को तोड़ने की कोशिश को लेकर मुकदमा दर्ज हुआ था। उसी को लेकर करछना थाने में तैनात दरोगा अभिनव सिंह ने केस को हल्का करने की एवज में 25 हजार रुपए लेने गये थे उसी समय एन्टी करप्शन टीम ने मौके पर पहुंच कर रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
21 हजार रुपये रिश्वत लेते सीएमओ कार्यालय का लिपिक पुष्पेंद्र सिंह रंगे हाथ गिरफ्तार
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय हमीरपुर में भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन टीम) की बांदा टीम ने छापा मारकर तैनात लिपिक को चिकित्सा प्रतिपूर्ति के नाम पर 21 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया।वही टीम ने कंप्यूटर ऑपरेटर को निर्दोष मानते हुए उसे छोड़ दिया। मुख्यालय के रमेडी मोहल्ला निवासी उदय नारायण साहू ने शिकायत की थी कि सीएमओ कार्यालय में कार्यरत लिपिक पुष्पेंद्र सिंह चिकित्सा प्रतिपूर्ति पास कराने की एवज में उससे 21 हजार रुपये रिश्वत मांग रहा है।इस पर टीम ने योजना बनाकर हमीरपुर स्थित सीएमओ कार्यालय में छापा मारा और रिश्वत लेते समय पुष्पेंद्र सिंह को रंगेहाथ पकड़ लिया।पुष्पेंद्र सिंह के साथ कंप्यूटर ऑपरेटर दीपक यादव भी पकड़ा गया, लेकिन जांच के दौरान उसकी संलिप्तता न पाए जाने पर उसे थाने से रिहा कर दिया गया। पूछताछ में गिरफ्तार लिपिक ने टीम को बताया कि वह प्राप्त रिश्वत की राशि का पचास प्रतिशत हिस्सा नोडल अधिकारी और चालीस प्रतिशत मुख्य चिकित्सा अधिकारी को देता है। टीम ने सुमेरपुर थाने में आरोपी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई है।
