-बेस्ट विवेचक के पुरस्कार से नवाजे गये निरीक्षक अनिल कुमार यादव, डीजी नें की समीक्षा
-जॉच औऱ विवेचना के निर्धारित टारगेट को त्वरित गति से पूरा करने का दिया गया निर्देश
- REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
लखनऊ :आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन ( ई.ओ.डब्लू ) की समीक्षा बैठक में उत्कृष्ट कार्य को लेकर “मुख्यालय

सेक्टर” को बेस्ट सेक्टर तथा निरीक्षक अनिल कुमार यादव लखनऊ सेक्टर को बेस्ट विवेचक के पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया।
आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन की डीजी नीरा रावत नें ई0ओ0डब्लू के सभी सात सेक्टरों की माह दिसम्बर 2025 में दिये गये लक्ष्यों की समीक्षा की। इस समीक्षा बैठक में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों औऱ कर्मचारियों को पुरस्कृत किया गया। इसके अलावा अन्य अधिकारियों औऱ कर्मचारियों को भी बेहतर कार्य हेतु प्रोत्साहित किया गया।
डीजी ईओडब्ल्यू नीरा रावत नें माह दिसम्बर 2025 में निस्तारित जॉच औऱ विवेचनाओं एवं की गयी गिरफ्तारियों की सराहना करते हुये मुख्यालय सेक्टर को “सर्वश्रेष्ठ सेक्टर” से पुरस्कृत किया एवं लखनऊ सेक्टर के निरीक्षक अनिल कुमार यादव, को “सर्वश्रेष्ठ विवेचक” के रूप में पुरस्कृत कर सम्मानित किया।
इसके अलावा डीजी नीरा रावत नें माह जून से अब तक दिये गये टारगेट को सफलतापूर्वक पूर्ण करने के लिए मेरठ सेक्टर को “सर्टिफिकेट ऑफ़ अप्प्रेसिएशन ” से पुरस्कृत किया। धारा 420 आईपीसी में 06 वर्ष का कठोर कारावास तथा 25 हजार रुपये का जुर्माना व धारा 13(2) भृष्टाचार निवारण अधिनियम में 06 वर्ष का कठोर कारावास तथा 30 हजार रुपये का जुर्माना जिसमें आरोपी राकेश कुमार श्रीवास्तव तत्कालीन सहायक समीक्षा अधिकारी सचिवालय प्रशासन अनुभाग-3 को प्रभावी पैरवी के आधार पर न्यायालय से सजा दिलाने के लिए ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी रवीन्द्र पचौरी को सील्ड प्रदान कर सम्मानित किया।
डीजी ईओडब्ल्यू नीरा रावत नें विवेचकों को माह दिसम्बर मे जॉच औऱ विवेचना के निर्धारित टारगेट को त्वरित गति से पूरा करने तथा वांछित अभियुक्तों की यथा शीघ्र गिरफ्तारी करने के संबंध में कड़े निर्देश दिये गये तथा सभी सेक्टर प्रभारियों को अभियुक्तों को न्यायालय से सजा दिलाने के लिए ट्रायल की मॉनिटरिंग करने एवं जांच औऱ विवेचनाओं को त्वरित गति से “टारगेट एप्रोच ” के आधार पर निस्तारित कराने की हिदायत दी गई।डीजी ईओडब्ल्यू नीरा रावत नें समीक्षा बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों औऱ कर्मचारियों को तत्परता के साथ कार्य करने तथा आर्थिक अपराधों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिये गये।