LUCKNOW:सिग्नेचर बिल्डिंग में आर्थिक अपराधियों से हाइटेक तरीके से निपटने की बनी रणनीति

– राज्य स्तरीय कार्यशाला में ईओ डब्ल्यू की कई पहल का डीजीपी नें किया अनावरण

  • REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK 

लखनऊ।सिग्नेचर बिल्डिंग में आज आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन उत्तर प्रदेश द्वारा एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।इस कार्यशाला में बढ़ रहे विभिन्न प्रकार के आर्थिक अपराधों की रोकथाम, प्रभावी विवेचना तथा जन-जागरूकता के माध्यम से आमजन की जमा पूंजी की सुरक्षा सुनिश्चित करनें को लेकर विचार विमर्श किया गया।

इस अवसर पर आर्थिक अपराधों के विरुद्ध तकनीकी नवाचारों एवं सशक्त मॉनीटरिंग के माध्यम से त्वरित कार्रवाई को गति देने हेतु चार प्रमुख पहल का अनावरण भी किया गया।इस अवसर पर मुख्य अतिथि का अभिवादन करते हुये डीजी ईओडब्लू नीरा रावत ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य वित्तीय अपराधों की जांच में हमारे ज्ञान और कौशल को बढ़ाना और विभिन्न स्टेक होल्डर्स के बीच सहयोग को बढ़ावा देना है। तथा इस कार्यशाला के माध्यम से बेस्ट प्रैक्टिसस इन इन्वेस्टीगेशन पर चर्चा करते हुये अनुभवों को साझा किया गया। तथा बैंकिंग सेक्टर में धोखाधड़ी से निपटने के लिये इन्नोवाटिव सलूशन्स को एक्सपलोरे किया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा रहे। उन्होंने कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए कहा कि आर्थिक अपराध आज के समय में एक गंभीर चुनौती हैं, जिनसे प्रदेश की अर्थव्यवस्था एवं आम नागरिक की जीवन भर की पूंजी प्रभावित होती है। उन्होंने ईओडब्लू की नवाचार पहल की सराहना करते हुए इसके माध्यम से जनधन की रक्षा हेतु दृढ़ एवं पारदर्शी प्रयासों की आवश्यकता बताई।

इस कार्यशाला में गेस्ट स्पीकर के रूप में अशोक कुमार, संयुक्त निदेशक, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीआरआई) ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज आर्थिक अपराधों के स्वरूप बहुआयामी हो चुके है।बैंकिंग फ्रॉड, फर्जी प्लॉट एवं फ्लैट विक्रय, पोंजी योजनाएं, चिटफंड जैसे मामलों में आमजन सीधे प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में समन्वित विवेचना, तकनीकी उपकरणों का उपयोग और जागरूक समाज ही इन अपराधों पर नियंत्रण का मार्ग है।
कार्यक्रम के दौरान ईओडब्लू, उत्तर प्रदेश द्वारा विकसित चार महत्वपूर्ण नवाचारों का पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा ने लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में ईओडब्लू के नवीन लोगो का अनावरण भी किया।जो संगठन की सतर्कता, पारदर्शिता और जनधन की सुरक्षा के संकल्प का प्रतीक है।पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा ने कहा कि यह लोगो ईओडब्लू की नई पहचान के साथ-साथ आमजन में विश्वास और सुरक्षा की भावना को सुदृढ़ करेगा।केस मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर संगठन द्वारा विकसित किये गये। सीएमएस सॉफ्टवेयर के माध्यम से विवेचनाओं की चौबीसो घंटे ऑनलाइन मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा रही है, जिससे पत्राचार में व्यर्थ होने वाला समय बचेगा एवं त्वरित कार्यवाही संभव होगी। तथा जांच और विवेचना का शीघ्र निस्तारण व मॉनिटरिंग प्रभावी एवं गुणवत्तापरक तरीके से सम्भव हो पायेगी। इस अवसर पर जन-जागरूकता हेतु तैयार की गई बुकलेट व पैम्फलेट का भी लोकार्पण किया गया। इसमें आम नागरिकों को आर्थिक अपराधों की पहचान, बचाव के उपाय एवं आवश्यक संपर्क माध्यमों की जानकारी सरल भाषा में दी गई है। इसका उद्देश्य जनता को सतर्क करना एवं यह सुनिश्चित करना है कि वे किसी धोखाधड़ी का शिकार न हों तथा समय रहते उचित कार्रवाई कर सकें। यह बुकलेट जनहित में उचित माध्यम से वितरित की जाएगी। जन-जागरूकता अभियान के तहत ईओडब्लू द्वारा तैयार की गई एक लघु फिल्म का भी अनावरण किया गया। यह फिल्म आम नागरिकों को आर्थिक अपराधों के प्रकार, उनके दुष्परिणाम और बचाव के उपायों से अवगत कराएगी। फिल्म का उद्देश्य समाज के हर वर्ग, विशेषकर शिक्षित एवं शहरी आबादी को सतर्क करना है, जो प्रायः इन अपराधों का शिकार बनते हैं। इसे मॉल्स, सिनेमाघरों एवं सार्वजनिक स्थलों पर प्रदर्शित कर अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचानें का प्रयास किया जायेगा।
कार्यशाला के माध्यम से ईओडब्लू ने प्रबुद्ध नागरिकों से यह अपील की गई कि वे इस जन-जागरूकता अभियान में सहभागी बनें ताकि अधिकाधिक नागरिक आर्थिक अपराधों के प्रति जागरूक होकर सतर्कता बरत सकें।कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ किया गया कि उत्तर प्रदेश सरकार एवं मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुरूप प्रदेश को आर्थिक अपराधों से मुक्त एवं जनता की पूंजी की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु ईओडब्लू सतत रूप से कार्य करेगा।

Aaj National

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