-विपक्ष का सदन को बेवजह न चलने देना बहुत निंदनीय एवं दुर्भाग्यपूर्ण,प्रदेश के विकास एवं जनहित के कार्यों में विपक्ष की रूचि नहीं
-कागजों में नहीं बल्कि धरातल पर दिख रहे प्रदेश सरकार के विकास कार्य,योगी सरकार 2047 तक प्रदेश को विकसित एवं आत्मनिर्भर राज्य बनाने के लिए संकल्पित
-विपक्ष ने शोक प्रस्ताव के समय परंपरा का भी पालन नहीं किया – खन्ना
- REPORT BY:K.K.VARMA || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
लखनऊ ।उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने आज सोमवार को विपक्ष के अराजकतापूर्ण रवैया एवं हंगामें के कारण विधानसभा की कार्यवाही न चलने देने को प्रदेश के लिए बहुत दुर्भाग्यपूर्ण माना है। मुख्यमंत्री एवं नेता सदन तथा सरकार विपक्ष के सवालों का लोकहित में तर्कपूर्ण जवाब देने के लिए सदन मेें उपस्थित थे। परंतु विपक्ष के गैरजिम्मेदाराना, अलोकतांत्रिक व्यवहार से सदन की कार्यवाही स्थगित हो गई। प्रदेश की सम्मानित जनता को विपक्ष की इस अराजकता एवं गैर-जिम्मेदाराना कार्यशैली को गंभीरता से लेनी चाहिए। विपक्ष की इस प्रकार की कार्यसंस्कृति जनहित एवं प्रदेश के विकास के लिए बाधक है। बेवजह एवं अनुपयोगी मुद्दों को सदन में उठाकर सदन को न चलने देना किसी भी प्रकार से न्यायोचित नहीं ठहराया जा सकता है। प्रदेश की योगी सरकार विगत8 वर्षों से लगातार जनहित के कार्यों और राज्य के विकास के लिए तत्पर है। प्रदेशवासियों की खुशहाली एवं उन्नति विपक्ष को रास नहीं आ रही है। विपक्ष द्वारा अपने समय के कार्यकाल के दौरान किए गए जनता का उत्पीड़न और विकास कार्यों की अनदेखी पर मंथन करना चाहिए न कि वर्तमान योगी सरकार की कार्यसंस्कृति व विकास कार्यों पर सवाल उठाने चाहिए। प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्य कागजों में नहीं बल्कि धरातल पर दिख रहे है, जिसका लाभ सीधे जनता को मिल रहा है। संसदीय कार्य मंत्री श्री खन्ना ने मीडिया से वार्ता करते हुए कहा कि प्रदेश के विकास और यहां के निवासियों की खुशहाली के लिए विपक्ष द्वारा बेवजह सदन न चलने देना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण एवं निंदनीय है। सदन के इतिहास में यह पहला मौका था कि विपक्ष द्वारा शोक प्रस्ताव के समय परंपरा का भी पालन न करते हुए बहुत ही अशोभनीय कार्य किया गया और अव्यवस्था फैलाई गई। मुख्यमंत्री द्वारा नेता प्रतिपक्ष द्वारा उठाए गए प्रश्नों का जवाब दिया गया। फिर भी विपक्ष अपनी गंदी मानसिकता से बाज नहीं आया। कार्य रोको प्रस्ताव पर भी सदन को चलाने के लिए विपक्ष से सहयोग की अपेक्षा थी। फिर भी विपक्ष ने सदन को नही चलने दिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2047 तक विकसित भारत का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन एवं कुशल नेतृत्व में प्रदेश की योगी सरकार 2047 तक प्रदेश को विकसित एवं आत्मनिर्भर राज्य बनाने के लिए संकल्पित है जिसके लिए विकास का विजन डाक्यूमेंट भी तैयार किया गया है और हमारा प्रदेश कैसा हो जिस पर सदन में 13 अगस्त से 24 घंटे की चर्चा भी होनी है।
आध्यात्मिकता और पर्यटन का संगम बुसान बुद्धिज़्म एक्सपो का समापन,यूपी पर्यटन पवेलियन ने बढ़ाई बौद्ध सर्किट की पहचान
दक्षिण कोरिया के सांस्कृतिक नगर बुसान के बेक्सको में आयोजित बुसान इंटरनेशनल बुद्धिज़्म एक्सपो 2025 में उत्तर प्रदेश पर्यटन ने अपने समृद्ध बौद्ध विरासत की झलक प्रस्तुत की। 7 से 10 अगस्त तक चले इस भव्य आयोजन में यूपी पर्यटन के पवेलियन ने आगंतुकों को भगवान बुद्ध से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों और बौद्ध सर्किट की विशेषताओं से अवगत कराया, जिससे प्रदेश की आध्यात्मिक पर्यटन की पहचान और गहरी हुई। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने बताया कि बुसान इंटरनेशनल बुद्धिज़्म एक्सपो 2025 के चार दिवसीय आयोजन के दौरान एशिया के विभिन्न देशों के बौद्ध भिक्षु, पर्यटन उद्योग प्रतिनिधि और टूर-ट्रैवल ऑपरेटर एक मंच पर जुटे। भारत-कोरिया के आध्यात्मिक संबंधों को नई ऊर्जा देने वाले इस एक्सपो में उत्तर प्रदेश पर्यटन पवेलियन ने भगवान बुद्ध से जुड़ी समृद्ध विरासत का भव्य प्रदर्शन किया। शांति, संस्कृति और ज्ञान की यात्रा का आमंत्रण देता यह मंडप ‘बुद्धा राइस’ सहित अन्य आकर्षण का केंद्र रहा। इस आयोजन ने बौद्ध शिक्षाओं, कला, संस्कृति और वैश्विक संवाद का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया।बुसान में आयोजित एक्सपो में उत्तर प्रदेश पर्यटन पवेलियन का शुभारंभ भारतीय दूतावास की प्रथम सचिव एवं हेड ऑफ चांसरी सुश्री अनन्या अग्रवाल आईएफएस-2013 और उत्तर प्रदेश पर्यटन प्रतिनिधि ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान कोरियाई बौद्ध धर्म के सबसे सम्मानित भिक्षुओं में से एक सुबुल सुनीम की गरिमामय उपस्थिति रही। उन्होंने सारनाथ, कुशीनगर, कपिलवस्तु (पिपरहवा), संकिसा और श्रावस्ती जैसे प्रतिष्ठित बौद्ध स्थलों के संरक्षण और उन्नयन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के प्रयासों की सराहना की। साथ ही, भारत आकर इन स्थलों की तीर्थ यात्रा का निमंत्रण स्वीकार किया।एक्सपो में उत्तर प्रदेश पर्यटन ने राज्य के भगवान बुद्ध से जुड़े सभी प्रमुख तीर्थस्थलों का भव्य प्रदर्शन किया। यूपी की बौद्ध धरोहरों ने वैश्विक मंच पर आगंतुकों का ध्यान आकर्षित किया। पवेलियन में रोचक कहानियों, सांस्कृतिक प्रदर्शनियों और अनूठी सजावट ने विशेष रूप से लोगों को लुभाया। श्बुद्धा राइसश् जैसे प्रतीकात्मक उपहारों के जरिए भारत और कोरिया की साझा परंपराओं व मूल्यों का अनुभव आगंतुकों को कराया गया।उत्तर प्रदेश के बौद्ध स्थलों और उसके आसपास बुनियादी ढांचे के विकास और पर्यटक सुविधाओं को विकसित किए जाने के प्रयासों को भी प्रस्तुत किया गया। बौद्ध स्थलों तक बेहतर कनेक्टिविटी से लेकर तीर्थस्थलों पर आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने तक की जानकारी दी गई।यूपी पर्यटन विभाग के इन प्रयासों को कोरियाई भिक्षु समुदाय, सांस्कृतिक प्रतिनिधियों ने सराहा। उन्होंने तीर्थयात्रियों के बड़े समूह को उत्तर प्रदेश भेजने की इच्छा भी व्यक्त की।उत्तर प्रदेश पर्यटन प्रतिनिधिमंडल ने जोग्ये ऑर्डर के ले बौद्ध एसोसिएशन के अध्यक्ष जंग वोनजू से एक महत्वपूर्ण मुलाकात की। बैठक में भारत यात्रा को प्रोत्साहित करने में जोग्ये ऑर्डर की संभावित भूमिका पर विस्तार से चर्चा हुई। वार्ता के दौरान अयोध्या का विशेष उल्लेख किया गया, जहां आने में कोरियाई आगंतुकों ने गहरी रुचि दिखाई। माना जाता है कि कोरिया की महारानी हियो ह्वांग-ओक का जन्म अयोध्या में हुआ था, जिससे यह स्थान कोरियाई पर्यटकों के लिए विशेष ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है।एक्सपो में हुई वार्ताओं के परिणामस्वरूप अक्टूबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच उत्तर प्रदेश के बौद्ध सर्किट में 1,000 से अधिक कोरियाई पर्यटकों के आने की संभावना है। इसमें 22 से 27 जनवरी 2026 के बीच लगभग 500 तीर्थयात्रियों का एक बड़ा दल पहुंचेगा, जबकि अन्य समूह विभिन्न तिथियों पर आएंगे। उत्तर प्रदेश न केवल बौद्ध पर्यटन स्थलों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत कर रहा है बल्कि आस्था, संस्कृति और मित्रता के ऐसे पुल भी बना रहा है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेंगे। प्रदेश सरकार का लक्ष्य दुनिया को उस पवित्र भूमि पर आमंत्रित करना है, जहां से भगवान बुद्ध ने शांति, प्रेम और सद्भाव का संदेश दिया। भगवान बुद्ध की धरती पर आगंतुकों को हमारी विरासत व आतिथ्य का संगम विशेष अनुभव प्रदान करेगा।प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति मुकेश कुमार मेश्राम ने बताया कि बुसान इंटरनेशनल बुद्धिज़्म एक्सपो ने उत्तर प्रदेश को वैश्विक बौद्ध आध्यात्मिक केंद्र के रूप में और सशक्त किया है। यहां स्थापित संबंध अधिक से अधिक अंतरराष्ट्रीय आगंतुकों को आकर्षित करेंगे।बुसान इंटरनेशनल बुद्धिज़्म एक्सपो की सफलता के साथ उत्तर प्रदेश पर्यटन ने कोरिया के बौद्ध समुदाय के साथ संबंधों को नया आयाम दिया है। यह भविष्य में सांस्कृतिक व आध्यात्मिक यात्राओं की संभावनाओं के द्वार खोलेंगे।
गांवों में बने अमृत सरोवरों पर मनाया जाएगा स्वतंत्रता दिवस,मनरेगा योजना से बने अमृत सरोवर,तालाबों पर होगा ध्वारोहण
प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने स्वतंत्रता दिवस को समारोह पूर्वक पूरे उत्साह, उल्लास व उमंग के वातावरण मे भव्य तरीके से मनाने के लिये ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये हैं। उपमुख्यमंत्री के निर्देश के क्रम में, ग्राम्य विकास की ओर से समस्त जनपदों को आवश्यक दिशा निर्देश निर्गत कर दिये गये हैं। स्वतंत्रता दिवस के उत्सव में सभी की भागीदारी हो सके इस हेतु विभाग की ओर से संबंधित अधिकारियों कर्मचारियों को ससमय तैयारी करने और कार्यक्रम आयोजित कराने के निर्देश जारी कर दिये गये हैं। प्रदेश की ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना के अंतर्गत निर्मित और विकसित किये गये सभी अमृत सरोवर स्थलों और तालाबों पर ध्वजारोहण कार्यक्रम कराने के निर्देश दिये गये हैं। इस आयोजन को शानदार व सफल बनाने के लिए, सभी की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है, जिस हेतु स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य पर अमृत सरोवर स्थलों पर किसी स्वतंत्रता सेनानी, स्वतंत्रता के बाद शहीद हुए किसी व्यक्ति के परिवार के सदस्य, किसी स्थानीय पद्म पुरस्कार विजेता, या स्थानीय ग्राम पंचायत के किसी वरिष्ठ नागरिक द्वारा तिरंगा फहराया जाने के निर्देश निर्गत किये गये हैं। इन व्यक्तियों का सम्मान किया जाना और उन्हें गौरवपूर्ण स्थान दिये जाने के भी निर्देश दिये गये हैं। निर्वाचित जन प्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों एसएचजी, युवाओं और स्कूली बच्चों को सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित भी करना होगा। वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, तिरंगा यात्रा, सरोवर में सेल्फी लेना, स्वतंत्रता सेनानियों या पद्म पुरस्कार विजेताओं के साथ कहानी सुनाने के सत्र जैसी गतिविधियाँ भी आयोजित करनी होंगी, जिसके लिए मुख्यलाय स्तर से जनपदों को निर्देशित किया गया है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा दिये गये निर्देश के क्रम में इस वर्ष के समारोह का विषय, “एक सरोवर, एक संकल्प, जल संरक्षण का”, जो कि अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस विषय के अनुरूप, यह सुझाव भी दिया गया है कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से संबंधित प्रत्येक ब्लॉक-स्तरीय और उससे ऊपर के अधिकारी औपचारिक रूप से एक अमृत सरोवर को गोद लें। इस गोद लेने का अर्थ है इसके निरंतर रखरखाव और जल संरक्षण के लिए एक आदर्श स्थल के रूप में इसके परिवर्तन की पूरी ज़िम्मेदारी लेने की प्रतिबद्धता। इससे मिशन अमृत सरोवर की दीर्घकालिक सफलता होगी। ग्राम्य विकास आयुक्त जीएस प्रियदर्शी द्वारा अवगत कराया गया कि केन्द्र एवं राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप स्वतंत्रता दिवस 2025 को उत्सव के रूप में बहुत ही भव्य तरीके से मनाने हेतु विभाग द्वारा मुख्यालय स्तर से आवश्यक दिशा निर्देश जनपदों को निर्गत कर दिये गये हैं। स्वतंत्रता दिवस-2025 को भव्यपूर्ण मनाने एवं आम जनमानस की सहभागिता सुनिश्चित कराने हेतु ध्वजारोहण,तिरंगा यात्रा,प्रतियोगिता आदि कार्यक्रम आयोजित कराने के निर्देश जारी कर दिये गये हैं। इस बार मनरेगा योजना से संबंधित प्रत्येक ब्लॉक-स्तरीय और उससे ऊपर के अधिकारी औपचारिक रूप से एक अमृत सरोवर को गोद लेने का सुझाव भी दिया गया है। इस कार्य से मिशन अमृत सरोवर की दीर्घकालिक सफलता भी सुनिश्चित होगी।
