LUCKNOW:निजीकरण की प्रक्रिया पर संघर्ष समिति के बड़े सवाल,क्लिक करें और भी खबरें

  • REPORT BY:PREM SHARMA || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK 

लखनऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण की सारी प्रक्रिया पर सवाल उठाया है। संघर्ष समिति ने कहा है कि निजीकरण के पहले सरकार यह बताए कि स्टैंडर्ड बिडिंग डॉक्यूमेंट के अनुसार निजीकरण के बाद निजी घरानों को कितने वर्ष तक और कितनी आर्थिक मदद करेगी सरकार। संघर्ष समिति ने कहा कि जिन शर्तों पर निजीकरण किया जा रहा है वही शर्तें सरकारी विद्युत वितरण निगमों पर लागू कर दी जाए तो सरकारी विद्युत वितरण निगमों का कायाकल्प हो जाएगा।संघर्ष समिति ने एक बार पुनः प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की है कि तमाम घोटालों से भरे निजीकरण की सारी प्रक्रिया बहुत ही संदेहास्पद है।

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के केन्द्रीय पदाधिकारियों ने आज यहां बताया कि भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय द्वारा सितंबर 2020 में जारी ड्राफ्ट स्टैंडर्ड बिडिंग डॉक्यूमेंट की धारा 2.2 (बी) में लिखा है कि जिस विद्युत वितरण निगम का निजीकरण किया जा रहा है अगर वहां औसत बिजली विक्रय मूल्य और औसत राजस्व वसूली में अधिक अन्तर है तो निजीकरण के बाद सरकार निजी विद्युत कम्पनी को सब्सिडाइज्ड बल्क पॉवर परचेज कॉस्ट के आधार पर बिजली आपूर्ति तब तक सुनिश्चित करेगी जब तक निजी कम्पनी मुनाफे में नहीं आ जाती। संघर्ष समिति ने कहा कि बिडिंग डॉक्यूमेंट की उक्त धारा के अनुसार सरकार यह स्पष्ट करे कि निजी कम्पनी को सब्सिडाइज्ड बल्क पॉवर परचेज कॉस्ट के आधार पर सरकार कितने वर्ष बिजली आपूर्ति कराएगी और इस पर सरकार को कितने अरब रुपए की धनराशि खर्च करनी पड़ेगी।

संघर्ष समिति ने कहा कि उत्तर प्रदेश के सरकारी विद्युत वितरण निगमों के घाटे का सबसे बड़ा कारण बहुत महंगी दरों पर निजी विद्युत उत्पादन घरों से बिजली खरीद के करार है। यहां तक कि ऐसे करार भी हैं जिनसे बिना बिजली खरीदे प्रति वर्ष 6761 करोड रुपए फिक्स चार्ज देना पड़ रहा है। संघर्ष समिति ने कहा कि निजीकरण के ड्राफ्ट स्टैंडर्ड बिडिंग डॉक्यूमेंट के अनुसार सरकार निजीकरण के बाद निजी घरानों को महंगे पावर परचेज एग्रीमेंट के एवज में सब्सिडाइज्ड बल्क पावर सप्लाई करेगी और इसका खर्चा सरकार उठायेगी। संघर्ष समिति ने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि सब्सिडाइज्ड बल्क सप्लाई का प्रतिवर्ष कितना खर्चा आएगा और यह कितने वर्ष तक जारी रखा जाएगा । इसके अतिरिक्त सरकार निजी घरानों को किसानों, बुनकरों आदि को मिलने वाली सब्सिडी की धनराशि भी देगी और सरकारी विभागों का बिजली राजस्व का बकाया भी देगी जो अभी सरकारी विद्युत वितरण निगमों को नहीं दे रही है। संघर्ष समिति ने कहा कि इसके अलावा स्टैंडर्ड बिडिंग डॉक्यूमेंट की धारा 1.1 (ई) के अनुसार निजी कंपनियों को क्लीन बैलेंस शीट दी जाएगी और घाटे तथा देनदारियों का सारा उत्तरदायित्व भी सरकार लेगी।

सघर्ष समिति ने कहा कि बिडिंग डॉक्यूमेंट की धारा 1.1 (एफ) के अनुसार सरकार 05 से 07 वर्ष तक या और अधिक समय तक निजी घरानों को वित्तीय सहायता भी सरकार देगी और यह सहायता तब तक देती रहेगी जब तक निजी कंपनियां आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर न हो जाए और मुनाफा न कमाने लगे। संघर्ष समिति ने कहा कि बिडिंग डॉक्यूमेंट के अनुसार 42 जनपदों की सारी जमीन मात्र 1 प्रतिवर्ष की लीज पर दी जाएगी। वाराणसी, आगरा, गोरखपुर, प्रयागराज, कानपुर और अन्य स्थानों पर जिनका निजीकरण किया जा रहा है जमीन बेशक कीमती है उसे मात्र 1 की लिस्ट पर दिए दिया जाना कौन सा रिफॉर्म है ? संघर्ष समिति ने कहा कि यदि यही सब करना है तो सरकारी क्षेत्र के विद्युत वितरण निगमों को लगातार सुधार के बाद कौड़ियों के मोल बेचने की जरूरत क्या है ?

स्मार्ट मीटर मामले में अधिनियम का उल्लंघन,आयोग से अवमानना कार्रवाई की मांग

पूरे उत्तर प्रदेश में 11 अगस्त तक जहां 33 लाख 51971 स्मार्ट प्रीपेड मीटर सभी बिजली कंपनियों में लगाए गए। बिना उपभोक्ताओं की अनुमति की विद्युत अधिनियम 2003 के विपरीत जाकर मनमाने तरीके से 3 लाख 34561 विद्युत उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर को प्रीपेड में कन्वर्ट कर दिया गया। जिसको लेकर उत्तर प्रदेश राज विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष श्री अरविंद कुमार व सदस्य संजय कुमार सिंह से मुलाकात कर विद्युत अधिनियम 2003 के उल्लंघन का मामला उठाया है। आयोग के सामने विधिक प्रस्ताव पेश किया कि विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 47(5) का बिजली कंपनियां लगातार उल्लंघन कर रही है। ऐसे में लोक महत्व का विषय मानते हुए विद्युत नियामक आयोग अभिलंब बिजली कंपनियों के खिलाफ इस आसंवैधानिक कृत के लिए उनके खिलाफ कठोर कदम उठाए।विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 56 के तहत किसी भी बकायदार विद्युत उपभोक्ता को न्यूनतम 15 दिन की नोटिस देने के बाद ही उसका विद्युत आपूर्ति काटी जा सकती है। ऐसे में स्मार्ट प्रीपेड मीटर के मामले में बकाया होने पर किस प्रकार से नोटिस दी जाएगी। क्योंकि बिना 15 दिन की कम से कम नोटिस दिए बिजली का कनेक्शन बकाया पर भी नहीं काटा जा सकता। यहां तो आने वाले समय में बकाया होने के बाद कनेक्शन स्वत कट जाएगा।

उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा बिजली कंपनियां भारत सरकार के रूल की बात करती है। जबकि विद्युत अधिनियम 2003 लोकसभा द्वारा पारित कानून की परिधि में आता है। उसे कोई रूल नहीं बदल सकता और यदि पावर कारपोरेशन को रूल लागू करने की इतनी जल्दी है तो सबसे पहले कंस्यूमर राइट रूल 2020 के तहत सभी को 24 घंटे विद्युत आपूर्ति ग्रामीण और शहर को दी जाए। भारत सरकार के अनुरोधानुसार स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगने के बाद सभी विद्युत उपभोक्ताओं को 5 प्रतिशत की रिबेट दी जाए। ऐसे में यह नहीं चलने वाला की जो उपभोक्ताओं के हित में हो वह नहीं लागू होगा और जो उपभोक्ताओं को परेशान करने वाला नियम है उसे लागू कर दिया जाता है।उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कहा आज भी पूरे प्रदेश में जो किसी भी कंपनी के मीटर लगा रहे हैं उसमें 90 प्रतिशत चेक कर लिया जाए तो चाइनीस कंपोनेंट सामने आएंगे। लेकिन उसे बिजली कंपनियों में बैठे उच्च अधिकारी कमीशन लेकर इंडियन कंपोनेंट के नाम पर पास करके निजी घरानो के साथ मिले हुए हैं। उसी का नतीजा है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर जंप कर रहे हैं तेज चल रहे हैं उन्हें कोई भी देखने वाल और ना ही उसकी कोई जांच करने वाला है।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ में प्रस्तावित मेट्रो विस्तार के पीएम का आभार जताया

लखनऊ मेट्रो के ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है।।11.2 किमी लम्बे कॉरिडोर को 05 वर्षों में पूरा करने का होगा। लखनऊ मेट्रो के दूसरे चरण (फेज-1बी) के अंतर्गत में चारबाग से वसंतकुंज के बीच मेट्रो कॉरिडोर होगा निर्मित होगी। पुराने लखनऊ के घने बसे इलाकों से कॉरिडोर गुजरेगा। चारबाग होगा इंटरचेंज स्टेशन, इसमें होंगे 07 अण्डरग्राउण्ड और 05 ऐलीवेटेड मेट्रो स्टेशन बनेगें। इससे लखनऊ के पुराने घने बसे इलाकों को तेज परिवहन सुविधा से आर्थिक गतिविधियों में तेजी आयेगी। ‘‘ईज ऑफ टैªवलिंग’’ साकार होगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसदीय क्षेत्र लखनऊ में स्वीकृत मेट्रो विस्तार के लिए प्रधानमंत्री का हृदय से आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय मंत्री मनोहर लाल का भी आभार व्यक्त किया।

सांसद लखनऊ एवं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अगस्त 12 को लखनऊ के चारबाग से वसंत कुंज तक प्रस्तावित मेट्रो विस्तार को मंजूरी देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हृदय से आभार व्यक्त किया। दिल्ली में आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की अध्यक्षता में हुई केन्द्रीय कैबिनेट की बैठक में इस परियोजना को मंजूरी मिल गयी। कैबिनेट के फैसले की सराहना करते हुए राजनाथ सिंह ने लखनऊ मेट्रो के फेज 1-बी के पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर विस्तार को प्रतिदिन पुराने शहर क्षेत्र में भीड़भाड़ का सामना करने वाले
यात्रियों के लिए वरदान बताया। सांसद लखनऊ एवं रक्षा मंत्री ने लखनऊ में प्रस्तावित मेट्रो विस्तार के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय) के मंत्री मनोहर लाल का भी आभार व्यक्त किया। इस मार्ग का विस्तार चारबाग से वसंत कुंज तक किया जाएगा जिसकी कुल लंबाई 11.165 किलोमीटर होगी। इसमें एलिवेटेड (4.286 किमी) और अंडरग्राउंड (6.879 किमी) दोनों सेक्शन होंगे। साथ ही इस कॉरिडोर पर कुल 12 स्टेशन होंगे। इस विस्तार का उद्देश्य प्रमुख व्यावसायिक जिलों और आवासीय क्षेत्रों को जोड़ना, कनेक्टिविटी में सुधार और सड़कों पर भीड़भाड़ को कम करना है। इस नए कॉरिडोर से प्रतिदिन 2 लाख अतिरिक्त यात्रियों के आवागमन की उम्मीद है। परियोजना पर 5,801 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। केंद्र सरकार की ओर से मिली इस मंजूरी के बाद अब मेट्रो निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी। इससे पूर्व मार्च 2024 में ईस्ट वेस्ट कोरिडोर की डीपीआर को राज्य सरकार का अनुमोदन प्राप्त हुआ था। जुलाई 2024 में परियोजना को नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप (एनपीजी) से और मई 2025 में परियोजना की डीपीआर को पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड अर्थात पीआईबी की मंजूरी मिली थी। चारबाग से वसंत कुंज तक प्रस्तावित ईस्ट-वेस्ट कॉरिडारे की कुल लंबाई 11.165 किलोमीटर होगी, जिसमें एलिवेटेड सेक्शन 4.286 किमी0 तथा भूमिगत सेक्शन 6.879 किमी0 का होगा। इस कॉरिडोर में कुल स्टेशनों की संख्या 12 है जिसमें 07 भूमिगत और 5 एलीवेटेड स्टेशन हैं। ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर में 12 मेट्रो स्टेशन होंगे। यह कॉरिडोर लखनऊ मेट्रो के मौजूदा नार्थ-साउथ कॉरिडोर के चारबाग मेट्रो स्टेशन से जुड़ेगा। चारबाग मेट्रो स्टेशन इंटरचंेज स्टेशन के तौर पर काम करेगा जहां से यात्री एक से दूसरे कॉरिडोर में जाने के लिए मेट्रो बदल सकेंगे। द्वितीय कॉरिडोर के स्टेशन इस प्रकार है:- चारबाग (भूमिगत), गौतमबुद्ध नगर (भूमिगत), अमीनाबाद (भूमिगत), पाण्डेयगंज (भूमिगत), सिटी रेलवे स्टेशन (भूमिगत), मेडिकल चौराहा (भूमिगत), चौक (भूमिगत), ठाकुरगंज (एलिवेटेड), बालागंज (एलिवेटेड), सरफराजगंज (एलिवेटेड), मूसाबाग (एलिवेटेड), वसंतकुंज (एलिवेटेड)। कॉरिडोर से सिटी रेलवे स्टेशन, केजीएमयू मेडिकल कालेज, अमीनाबाद, चौक, ठाकुरगंज आदि को कनेक्टिविटी मिलेगी। इसके साथ ही लखनऊ शहर में मेट्रो का विस्तार 35 किलोमीटर का हो जायेगा। नए एयरपोर्ट का निर्माण हुआ। गोमती नगर रेल टर्मिनस का निर्माण, चारबाग स्टेशन का उच्चीकरण, आलमनगर सेटेलाइट स्टेशन, उतरठिया, ट्रांसपोर्ट नगर, ऐशबाग, डालीगंज, बादशाहनगर आदि रेल स्टेशनों का उच्चीकरण हुआ। 17 फ्लाईओवरों का निर्माण पूर्ण हुआ और 08 फ्लाईओवरों का निर्माण प्रगति पर है। इसी कड़ी में मेट्रो रेल के दूसरे चरण की स्वीकृति प्राप्त हो गयी है। इस प्रकार नगर के चौतरफा विकास से रोजगार सृजन और आर्थिक उन्नति तथा ‘‘ईज ऑफ लिविंग’’ में तेजी से वृद्धि होती जायेगी।

‘हर घर तिरंगा’ अभियान मे रंगारंग कार्यक्रम और रैलियों से गूंजा शहर

स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में चल रहे हर घर तिरंगा अभियान के तहत नगर निगम लखनऊ द्वारा शहर के विभिन्न वार्डों और जोनों में जन-जागरूकता, सांस्कृतिक कार्यक्रम और रैलियों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान, देशभक्ति की भावना और स्वच्छता व पर्यावरण संरक्षण के प्रति नागरिकों को प्रेरित करना रहा।

जोन-01 में अमीरउद्दौला इस्लामिया इंटर कॉलेज में नगर निगम की आईईसी टीम ने एक विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किया। इसमें तिरंगे के महत्व, इसके इतिहास और सम्मान की परंपराओं पर विस्तार से चर्चा हुई। विद्यालय के शिक्षक और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक अभियान में स्वयंसेवक के रूप में पंजीकरण कराया। इस पहल को युवाओं में राष्ट्रगौरव और नागरिक जिम्मेदारी की भावना जगाने की दिशा में अहम कदम माना गया।

इसी जोन के खालसा इंटर कॉलेज, चारबाग में 300 से अधिक छात्रों के साथ एक भव्य तिरंगा रैली निकाली गई। रैली का मुख्य उद्देश्य सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के खिलाफ जागरूकता फैलाना था। छात्रों ने इसके दुष्प्रभाव दर्शाने वाले बैनर हाथों में लिए और जोरदार नारे “भारत माता की जय” लगाए। जोश और देशभक्ति से भरे इस आयोजन ने आसपास के लोगों को भी पर्यावरण हितैषी विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित किया। इसी क्रम में जोन-07 स्थित अटल बिहारी वाजपेयी नगर निगम डिग्री कॉलेज में एक भव्य तिरंगा रैली निकाली गई, जिसमें 150 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। रैली के दौरान ‘लखनऊ बनेगा नं. 1’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से माहौल देशभक्ति से गूंज उठा। छात्रों ने सतत जीवनशैली को अपनाने और प्लास्टिक के उपयोग से बचने का संदेश भी दिया।जोन-05 के वार्ड सरोजिनी नगर द्वितीय में स्थित पब्लिक इंटर कॉलेज में भी हर घर तिरंगा के तहत एक रैली का आयोजन हुआ। विद्यालय के बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और राष्ट्रीय ध्वज को लेकर पूरे जोश के साथ कदम से कदम मिलाकर चले। इस रैली ने आसपास के क्षेत्र में देशभक्ति का अद्भुत माहौल बनाया।स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर चौक काली जी वार्ड के लाजपत नगर उच्च प्राथमिक विद्यालय में नगर आयुक्त के निर्देशानुसार सांस्कृतिक कार्यक्रम, निबंध प्रतियोगिता और तिरंगा प्रतियोगिता आयोजित की गईं। कार्यक्रम में बच्चों ने रंगारंग प्रस्तुतियां दीं, जिसमें देशभक्ति गीत, कविताएं और नृत्य शामिल थे। प्रतियोगिताओं के विजेताओं को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कार वितरण भी किया गया। इससे बच्चों में न केवल देशभक्ति की भावना बढ़ी बल्कि उनके आत्मविश्वास और रचनात्मकता को भी मंच मिला।इन सभी आयोजनों का समापन एक सामूहिक शपथ के साथ हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने प्लास्टिक मुक्त स्वच्छता का संकल्प लिया। नगर निगम की टीम ने बताया कि प्लास्टिक प्रदूषण स्वच्छता के लिए बड़ी चुनौती है और इसे रोकने के लिए प्रत्येक नागरिक का सहयोग आवश्यक है।

शहर को मिलेंगे आधुनिक वेंडिंग जोन, नगर आयुक्त के निर्देश

शहर में ठेला-फेरी व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने और वेंडरों को सुरक्षित व सुविधाजनक स्थान उपलब्ध कराने की दिशा में नगर निगम लखनऊ बड़े पैमाने पर वेंडिंग जोन विकसित कर रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को नगर आयुक्त  गौरव कुमार ने विभिन्न जोनों में प्रस्तावित वेंडिंग जोन स्थलों का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अपर नगर आयुक्त  नम्रता सिंह, वेंडिंग जोन प्रभारी सहायक नगर आयुक्त  विनीत कुमार सिंह, जोन 1 के जोनल अधिकारी ओ.पी. सिंह, जोन 4 के जोनल अधिकारी संजय यादव समेत अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

निरीक्षण की शुरुआत डालीबाग जागरण चौराहे के पास चिन्हित स्थल से हुई। इसके बाद बटलर पैलेस कॉलोनी स्थित राज्य संपत्ति विभाग के वीवीआईपी गेस्ट हाउस ‘नैमिषारण्य’ के पास प्रस्तावित वेंडिंग जोन की संभावनाएं देखी गईं।एकाना स्टेडियम के पास वेंडिंग जोन के लिए कई जगहों का निरीक्षण किया गया, जिनमें प्लासियो मॉल के आसपास का क्षेत्र भी शामिल रहा। चक गंजरिया एचसीएल के पास वेंडिंग जोन हेतु उपयुक्त स्थल चिन्हित किया गया। इसके साथ ही दयाल पैराडाइज चौराहा और जनेश्वर मिश्र पार्क के आसपास वेंडिंग जोन स्थापित करने पर भी विचार हुआ।नगर आयुक्त का निरीक्षण यहीं नहीं रुका। उन्होंने सिंगापुर मॉल के पीछे सब्जी मंडी और सिनेपोलिस मॉल के पास वेंडिंग जोन बनाने के लिए भी स्थलों का जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त श्री गौरव कुमार ने अपर नगर आयुक्त श्रीमती नम्रता सिंह को निर्देश दिए कि चिन्हित मॉडल वेंडिंग जोन वाली जगहों के टेंडर जल्द से जल्द जारी कर निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाए, ताकि वेंडरों और नागरिकों दोनों को जल्द लाभ मिल सके।नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि इन वेंडिंग जोनों में पथ-प्रकाश, पेयजल, कूड़ा निस्तारण और यातायात व्यवस्था जैसी सुविधाएं प्राथमिकता से उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि अनियंत्रित ठेला-फेरी से जहां यातायात बाधित होता है, वहीं स्वच्छता पर भी असर पड़ता है, इसलिए वेंडिंग जोनों के विकसित होने से शहर में स्वच्छता, यातायात और सौंदर्यकृतीनों में सुधार होगा।

सघन अभियान से प्रमुख मार्गों से अतिक्रमण हटा

शहर में सुगम यातायात और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नगर निगम लखनऊ ने मंगलवार को अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध एक सघन एवं बहुस्तरीय अभियान चलाया। यह कार्रवाई महापौर  सुषमा खर्कवाल के निर्देश और नगर आयुक्त गौरव कुमार के आदेश पर की गई।अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रमुख सड़कों, सार्वजनिक स्थलों और फुटपाथों से अतिक्रमण हटाकर पैदल यात्रियों और वाहन चालकों को निर्बाध एवं सुरक्षित आवागमन उपलब्ध कराना रहा।

जोन-3 के जोनल अधिकारी  अमरजीत यादव के नेतृत्व में 296 टीम के सहयोग से कपूरथला इंडियन ऑयल से नावेल्टी चौराहा होते हुए 8 नंबर चौराहे तक अभियान चलाया गया। इस दौरान 6 फल के ठेले, 2 सब्जी की दुकानें, 10 पान मसाला की गुमटियां और 10 लोहे के काउंटर हटाए गए। इसके साथ ही 1 लोहे की गुमटी, 2 लोहे के काउंटर, 1 लोहे की बेंच और 1 लकड़ी की टूटी हुई गुमटी को जब्त किया गया।अभियान के दौरान नगर निगम की टीम ने सख्ती के साथ-साथ जन-जागरूकता पर भी जोर दिया। स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों को यह संदेश दिया गया कि सार्वजनिक मार्गों और फुटपाथों पर अतिक्रमण न केवल यातायात में बाधा उत्पन्न करता है बल्कि आपातकालीन सेवाओं की पहुंच में भी मुश्किल पैदा करता है।नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान नियमित रूप से जारी रहेगा और किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि वे स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाकर शहर को स्वच्छ, व्यवस्थित और यातायात के लिए सुगम बनाने में सहयोग करें।

 

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