-एफआईआर में भी पप्पू का नाम
- REPORT BY:K.K.VARMA || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। तमाम वीडियो में पप्पू चौहान भी भाइपाइयों के साथ दिखाई दे रहे हैं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कड़ा एक्शन लेते हुए पप्पू चौहान को पार्टी से निकाल दिया है। अखिलेश यादव के निर्देश पर फतेहपुर के सपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र प्रताप सिंह ने पप्पू चौहान को पार्टी से बाहर करने का आदेश जारी किया। उन्होंने अपने लेटर में मकबरे को लेकर हुए बबाल या उसमें शामिल होने का जिक्र नहीं किया है। पप्पू चौहान को सपा से निकालने का कारण पार्टी विरोधी गतिविधियां बताया गया है। पप्पू चौहान ने एक वीडियो जारी कर सपा से इस्तीफा देने का ऐलान भी किया है। पप्पू चौहान ने कहा कि फतेहपुर में सपा केवल वही काम कर रही है जो मुस्लिमों को पसंद है। मैं 2021 से सपा से जुड़ा हूं। लगातार सपा के आंदोलन में जुटा रहा। विधानसभा चुनाव में पूरी मेहनत के साथ काम किया है। इसके बाद भी केवल खास जाति के लोगों की यहां पर पूछ होती है। यह भी कहा कि मैं सनातनी हूं और सनातन के लिए ही काम करूंगा।सभी जनपदों में चलेगा ’समझदारी की बात, सबके साथ’ अभियान,अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर लखनऊ विश्वविद्यालय से हुई शुरुआत
अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को एचआईवी एड्स के बारे में जागरूक करने के लिए रंगारंग
कार्यक्रम हुए। उत्तर प्रदेश राज्य एड्स कंट्रोल सोसाएटी यूपीसैक्स के अपर परियोजना निदेशक रविंद्र कुमार और विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर मनुका खन्ना ने प्रदेशस्तर पर शुरू होने जा रहे सघन जागरूकता अभियान समझदारी की बात, सबके साथ का अनावरण किया। यह अभियान अगले दो महीने प्रदेश के सभी जिलों में चलेगा।अपर परियोजना निदेशक ने बताया कि इस अभियान के माध्यम से प्रदेश के 10 हजार से ज्यादा गांवों में घर-घर जाकर एचआईवी एड्स के बारे में बताएंगे और उन गांवों के प्रधान, आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पंचायत मित्र, सचिव के सहयोग से खुली बैठकें आयोजित करेंगे। ब्लॉक स्तर और जिले स्तर पर विशेष स्वास्थ्य शिविर, लोक कला कार्यक्रम, स्कूल आउटरीच प्रोग्राम और युवा छात्रों के लिए विशेष महाविद्यालय स्तर के कार्यक्रम भी शामिल किए जाएंगे।सभी डीएम व सीएमओ को इसके बावत निर्देश जारी किए गए हैं।उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि युवा शक्ति के बिना किसी भी समाज, प्रदेश और देश का विकास संभव नहीं है। युवा शक्ति यदि अपने आप को स्वस्थ और निरोग रखेगी, तभी समाज को भी स्वस्थ संदेश जाएगा। इसलिए एचआईवीएड्स जैसे गंभीर विषय की पूरी जानकारी युवाओं को होना आवश्यक है।
कुलपति प्रोफेसर मनुका खन्ना ने कहा कि ऐसे कैंपेन युवाओं के लिए बहुत अच्छे माने जाते हैं। ऐसे अभियान के माध्यम से स्वस्थ समाज को दिशा देने में हम सब एक कदम आगे बढ़ेंगे। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय की ओर से सघन जागरूकता अभियान में पूरे सहयोग का आश्वासन दिया।इस मौके पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए। एचआईवी/एड्स विषय पर आधारित लघु नाटिका के माध्यम से विविध सेवा केंद्र के कलाकारों द्वारा उपस्थित दर्शकों को सघन जागरूकता अभियान के संबंध में जागरूक किया गया। अंत में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कार व प्रशस्ति पत्र वितरित किए गए। संयुक्त निदेशक रमेश चंद्र श्रीवास्तव ने सभी सम्मानित अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
परिवहन मंत्री के निर्देश पर एआरएम चारबाग सस्पेंड
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के निर्देश पर सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक चारबाग गौतम कुमार को निलंबित कर दिया गया है। सलाहकार संचालन
आलमबाग बस स्टेशन निर्मल कुमार वर्मा संविदा कर्मचारी की संविदा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है। अपने दायित्वों,कर्तव्यों के प्रति घोर उदासीनता बरतने, डिपो के संचालन प्रतिफलों में गत वर्ष की तुलना में अत्यधिक गिरावट लाने, संचालन प्रतिफलों में वृद्धि लाये जाने के लिए कोई सार्थक प्रयास न करने के परिणाम स्वरूप निलंबित कर दिया गया है। प्रबंध निदेशक मासूम अली सरवर ने देते हुए बताया कि परिवहन मंत्री ने 8 अगस्त को आलमबाग बस टर्मिनल के निरीक्षण के दौरान श्री गौतम कुमार अनुपस्थित पाए गए। बस स्टेशन पर निरीक्षण के दौरान अव्यवस्था एवं गंदगी पाए जाने पर परिवहन मंत्री ने नाराजगी जताते हुए ए आर एम को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए।इसके अतिरिक्त मुख्यालय द्वारा निर्गत आदेशों निर्देशों का अनुपालन न करने के भी गंभीर आरोप के आधार पर इनका निलंबन किया गया है। संविदा मानदेय पर अबद्ध किए गए निर्मल कुमार,सलाहकार संचालन की निगम को वर्तमान में आवश्यकता ना होने के आधार पर उनकी आबद्धता तत्काल प्रभाव से समाप्त की गई है।
योगी सरकार ने अंग्रेजी एवं विदेशी भाषा विश्वविद्यालय हैदराबाद के लखनऊ परिसर हेतु हस्तांतरित की भूमि
-उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने किया हस्ताक्षर,यह परिसर विभिन्न भाषाओं के पाठ्यक्रम चलाएगा
अंग्रेजी एवं अन्य विदेशी भाषाओं की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से योगी सरकार द्वारा अंग्रेजी एवं विदेशी भाषा विश्वविद्यालय,
हैदराबाद केन्द्रीय विश्वविद्यालय के लखनऊ परिसर की स्थापना के लिए स्थायी परिसर निर्माण हेतु भूमि हस्तांतरित की गई। यह परिसर बी.ए. ऑनर्स अंग्रेजी, एम.ए. अंग्रेजी, एम.ए. भाषाविज्ञान, एम.ए. अंग्रेजी साहित्य, पीजीडीटीई और पीएच.डी. जैसे नियमित कार्यक्रमों के साथ-साथ फ्रेंच, जर्मन, रूसी और स्पेनिश भाषाओं के अंशकालिक पाठ्यक्रम भी संचालित करेगा। वर्तमान में विश्वविद्यालय अस्थायी रूप से आरटीटीसी कॉम्प्लेक्स, कानपुर रोड, लखनऊ में संचालित है।भूमि हस्तांतरण समारोह उच्च शिक्षा मंत्री के लखनऊ स्थित आवास पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय उपस्थित रहे। उनके साथ उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी, सरोजिनी नगर विधानसभा के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह, उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव एम.पी. अग्रवाल, विशेष सचिव निधि श्रीवास्तव सचिव अमित त्रिपाठी, अंग्रेजी एवं विदेशी भाषा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एन. नागराजू, कुलसचिव प्रो. एम. हरिप्रसाद, निदेशक (लखनऊ परिसर) प्रो. रजनीश अरोड़ा तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि योगी सरकार प्रदेश के युवाओं को वैश्विक स्तर की भाषाई शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। यह विश्वविद्यालय भाषाई शिक्षा, साहित्य और भाषाविज्ञान के क्षेत्र में नए अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि स्थायी परिसर के निर्माण से शिक्षा की गुणवत्ता और सुविधाओं में अभूतपूर्व वृद्धि होगी।विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एन. नागराजू ने उत्तर प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह भूमि हस्तांतरण संस्थान के दीर्घकालिक विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने आश्वासन दिया कि लखनऊ परिसर को भाषाई शिक्षा और अनुसंधान का उत्कृष्ट केंद्र बनाया जाएगा।जिलाधिकारी लखनऊ द्वारा ग्राम चकौली, परगना बिजनौर, तहसील सरोजनी नगर, जनपद लखनऊ में कुल 2.3239 हेक्टेयर भूमि को इस परियोजना के लिए चिन्हित किया गया था। प्रारंभिक मूल्यांकन के अनुसार भूमि का मूल्य 9,29,56,000 रूपए तथा मालगुजारी 34,858.50 रूपए वार्षिक आंका गया। विश्वविद्यालय द्वारा भूमि क्रय करने में असमर्थता व्यक्त करने के बाद, योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार ने मंत्री परिषद से अनुमोदन प्राप्त कर इस भूमि को उच्च शिक्षा विभाग के नाम निःशुल्क हस्तांतरित करते हुए विश्वविद्यालय को 1 रूपए प्रतिवर्ष की लीज पर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया। अनुमोदन के क्रम में राजस्व अभिलेखों में भूमि दर्ज कर ली गई तथा 12 अगस्त 2025 को औपचारिक लीज डीड निष्पादित की गई।
लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना के फेज-1बी को स्वीकृति,डिप्टी सीएम ने पीएम का जताया आभार
साफ्टवेयर इंजीनियर से बने मत्स्य पालक,सुजीत देश दुनियां में रोशन कर रहे प्रदेश का नाम
क्षेत्र में अपने प्रदेश का नाम देश-दुनिया में रोशन कर रहे है। सुजीत ने पहली बार रायबरेली में समुंद्री झींगा मछली की खेती करके खारे पानी से ग्रसित किसानो को एक नयी राह दिखाई है। सुजीत आधुनिक एवं पर्यावरण सुरक्षित ढंग से प्रति एकड़ 2-3 गुना अधिक पंगेसियस मछली का उत्पादन प्रति वर्ष 1.5-2 कल्चर फसल कर रहे है। उनको नैशनल बेस्ट फिश फार्मर इनलैंड का अवार्ड वर्ष 2022 में मिला है। रायबरेली के ग्राम बावन बुजुर्ग बल्ला निवासी सुजीत कुमार चौधरी ने बी टेक इंजीनियरिंग 11 साल सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम किया है। इनफोसिस में डेढ़ साल और इंडस वैली पार्टनर्स में 9 साल काम किया। इंडस वैली पार्टनर्स में एसोसिएट डायरेक्टर के रूप में 6 साल अमेरिका में काम किया। 2016 में नौकरी छोड़ अपनी पहली सॉफ्टवेयर कंपनी इरेमेडियम शुरू की जो आज एक मानी जानी कंपनी बन चुकी है और सफलतापूर्वक नोएडा से चल रही है। सुजीत कुमार चौधरी के माता- पिता वर्ष 2020 कोरोना काल में जब बीमार हुए तो इकलौते लड़के होने के नाते उन्होंने अपने माता-पिता की देख रेख करने के लिए नोएडा से लखनऊ बसने का मन बनाया। यहाँ आकर इनकी मुलाकात मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य, रायबरेली से हुई। सुजीत का मत्स्य पालन में हो रहे प्रगति के बारे में पता चला। मत्स्य विभाग से प्रेरणा एवं जानकारी लेते हुए इन्होने 2020 में ही 3 छोटे तालाब और 4 बायफ्लॉक टैंक से गांव बेहटा खुर्द, रायबरेली में रहमत के साथ ही मत्स्य पालन में कदम रखा। तालाब के मापदण्डों को कंट्रोल करने हेतु साइंस और टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक रिमोट सेंसर का उपयोग करके ई-रिक्शा पर जिन्दा मछली विक्रय केंद्र बनाया है, जिसमे ऑक्सीजन, तापमान एवं फ़िल्टर की वयस्था है, इसको ये एकवा व्हील कहते हैं इससे ये जिन्दा मछलियां सीधे उपभोगता तक पहुंचाते हैं। जिससे इनका मुनाफा बढ़ता है और उपभोक्ता को ताज़ा, स्वच्छ मछली मिलती है। अभी तक इन्होने ऐसे तीन ई-रिक्शा लांच किए है। 1 एकड़ से 2 से 3 गुना का उत्पादन प्रति वर्ष हर तालाब से पंगेसियस प्रजाति की 1.5-2 फसल लेते हैं, जिससे प्रति वर्ष 1 एकड़ से औसतन 20 टन उत्पादन होता हैं। यह अपनी सीड रेअरिंग यूनिट नर्सरी में मछली के बच्चों को 150-200 ग्राम तक बड़ा करते हैं और फिर उन्हें ग्रो-आउट तालाब में डालते हैं ये जीरो-पॉइंट कल्चर करते हैं जिसमे इनके तालाब कभी भी खाली नही रहते जितनी हार्वेस्टिंग होती है उतने मछली के बच्चे ये उसमे फिर से डालते हैं। सुजीत के मत्स्य फार्म का कुल जमीनी क्षेत्रफलः 350$ एकड़ है। उनका कार्य क्षेत्रः रायबरेली, उन्नाव और प्रतापगढ़ है। औसतन उत्पादन पंगेसियस 10-12 टन प्रति एकड़ प्रति फसल आई एम सी 4-5 टन प्रति एकड़ प्रति वर्ष तथा झींगा 1.5-2 टन प्रति एकड़ प्रति फसल है।उनकी कंपनी एक्वाक्स प्राइवेट लिमिटेड का चयन प्रतिष्ठित एग्री उड़ान 7.0 एक्सेलेरेटर प्रोग्राम के लिए किया गया है। यह प्रोग्राम नाबार्ड की सहायता से भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंधन अकादमी द्वारा चलाया जा रहा है। इस प्रोग्राम में देशभर से17 कृषि फर्मों का चयन किया गया है। चयनित कंपनियों को मैटरशिप, व्यापार नेटवर्किंग के अवसर और संभावित वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। सुजीत कहते है कि समुद्री झींगा श्रिम्प का गत वर्ष हमारे देश से लगभग 50 हज़ार करोड़ रुपये का निर्यात,एक्सपोर्ट हुआ। बहुत लाभदायक खेती होती है जिसकी कुल अवधि 4 महीने की होती है अभी तक इसमें उत्तर प्रदेश की भागीदारी कम है। इसकी खेती से खारे पानी वाले खेत, जहां कोई फसल नहीं होती या कम होती है उसका सदुपयोग करके किसान अच्छा लाभ कमा सकते है। रायबरेली में समुद्री झींगा की खेती के प्रति आस-पास के मत्स्य पालक भी आकर्षित हो रहे है और इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर रहे है। सुजीत की यह कहानी उत्तर प्रदेश सरकार की योजनाओं की दूरदर्शिता और प्रभावशीलता है जो जमीनी स्तर पर एक युवा की सफलता को दर्शाती है।सावन में धार्मिक स्थलों एवं घाटों पर रही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ,श्रावण मास के महापर्व से व्यापारियों एवं अर्थव्यवस्था को मिली गति-जयवीर
कारोबारियों को व्यवसाय मिला। साथ ही प्रदेश की अर्थव्यवस्था को और सुदृढ़ करने का जरिया बना। लखनऊ से लेकर वाराणसी के पौराणिक मंदिरों में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया। बाराबंकी के शिवालयों, बागपत के श्रावण मेले, हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर घाट तक ‘हर हर महादेव’ के जयकारों से पूरा माहौल गूंजता रहा। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि लखनऊ के प्रसिद्ध मनकामेश्वर मंदिर में सामान्य दिनों में जहां 5 से 6 हजार श्रद्धालु आते थे, सावन मास में यह संख्या बढ़कर 15 से 20 हजार से ऊपर पहुंच गई। वहीं, बुद्धेश्वर मंदिर में हर बुधवार और सोमवार को श्रद्धालुओं की संख्या 20 हजार से भी अधिक रही। बाराबंकी के लोधेश्वर महादेव मंदिर में इस सावन करीब 12 लाख श्रद्धालु पहुंचे, जिनमें से सिर्फ सोमवार को 2.05 से 3 लाख भक्तों ने जलाभिषेक किया। बागपत के श्रावण मेले में लगभग 14 लाख लोग शामिल हुए, जबकि सोमवार को अकेले 5 लाख से अधिक भक्तों ने पूजा-अर्चना की। गढ़मुक्तेश्वर घाट, हापुड़ से एक लाख से अधिक कांवड़िये गंगाजल लेकर लौटे। लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्णनाथ मंदिर में 8 से 10 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। श्री काशी विश्वनाथ धाम इस बार भी श्रावण मास का सबसे बड़ा आध्यात्मिक आकर्षण बना रहा। अनुमान है, कि यहां पिछले साल की तुलना में भीड़ में 10 प्रतिशत से अधिक वृद्धि हुई है। प्रतिदिन 70,000 से 82,000 श्रद्धालु पहुंचे, जिसमें सोमवार को सर्वाधिक भीड़ दर्ज की गई। इस बढ़ोतरी को काशी की आध्यात्मिक महत्ता और सरकार द्वारा प्रदान की गई बेहतर सुविधाओं तथा भीड़ प्रबंधन की सफलता का परिणाम माना जा रहा है।उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के जुलाई के रिकॉर्ड के मुताबिक सावन माह में राजधानी लखनऊ में पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई। सिर्फ रिहायशी होटलों में करीब 3.50 लाख पर्यटक ठहरे, जिनमें लगभग 5,000 विदेशी पर्यटक भी शामिल थे। सावन के दौरान लगे पारंपरिक मेलों में 6.04 लाख से ज्यादा लोगों की भीड़ उमड़ी। इसी महीने लखनऊ में हुए सांस्कृतिक कार्यक्रमों और महोत्सवों में करीब 49,200 लोग शामिल हुए, जबकि पारम्परिक त्योहारों में 16,700 से अधिक लोग जुटे। ये आंकड़े साबित करते हैं कि प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन लगातार बढ़ रहा है और सावन के उत्सव इस बढ़ोतरी के बड़े कारणों में से एक हैं। श्रावण उत्तर प्रदेश के धार्मिक, सांस्कृतिक और आर्थिक जीवन में एक स्वर्णिम अध्याय साबित हुआ है। श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व उपस्थिति ने प्रदेश को देश का अग्रणी धार्मिक पर्यटन केंद्र साबित किया।प्राथमिक एवं जूनियर हाई स्कूलों के विलय के विरोध में भाकपा का प्रदर्शन,राज्यपाल को ज्ञापन
आज भाकपा के जिला सचिव बृजमोहन वर्मा ने कहा कि पूरे देश की जीडीपी का 6प्रतिशत शिक्षा का बजट होना चाहिए परन्तु वित्तीय वर्ष 2025-26 में 4.65 प्रतिशत ही जारी किया गया, जिससे देश का युवा शिक्षा से वंचित होगा। उत्तर प्रदेश में सरकारी प्राथमिक एवं जूनियर हाई स्कूलों के विलय के विरोध में प्रदर्शन कर राज्यपाल को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से दिया गया। पार्टी के राज्य परिषद सदस्य प्रवीण कुमार ने कहा कि सरकार की गलत शिक्षा नीतियाँ गरीबों और ग्रामीणों के बच्चों को शिक्षा से वंचित कर रही हैं ।कोषाध्यक्ष शिवदर्शन वर्मा ने कहा कि सर्व शिक्षा अभियान के तहत प्रत्येक बच्चे को शिक्षा देने के लिए ही प्रत्येक गांव में सरकारी स्कूल खोले गये थे, जिन्हे सरकार बंद कर रही है इस अवसर पर सह सचिव विनय कुमार सिंह, प्रमेन्द्र कुमार, मुनेश्वर गोस्वामी, ज्ञानेश्वर वर्मा,एड. श्याम सिंह, एड.अंकुल वर्मा,दीपक वर्मा, दीपक शर्मा, एड संदीप वर्मा, एड. राजेंद्र सिंह, निर्मल वर्मा, सच्चिदानंद श्रीवास्तव, करण राजपूत, आशीष शुक्ला, प्रेमचंद वर्मा,जितेन्द्र श्रीवास्तव, आशीष वर्मा, रामनरेश वर्मा आदि लोग प्रमुख रूप से उपस्थिति रहे।लाल किले पर कार्यक्रम में शामिल होंगे यूपी के 178 श्रमिक-एमकेएस सुंदरम,प्रधानमंत्री द्वारा लाल किले पर किये जाने वाले सम्बोधन के बनेंगे साक्षी
15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के लाल किले, जहाँ से प्रधानमंत्री राष्ट्र को सम्बोधित करेंगे, उस समारोह में प्रदेश के
178 श्रमिक, जिन्हें बंधुआ श्रम की परिस्थितियों से मुक्त कराया गया है, प्रतिभाग करेंगे। इसमें 89 महिला श्रमिक सम्मिलित हैं। प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन डाॅ एमके शन्मुगा सुन्दरम ने बताया कि इस वर्ष उत्तर प्रदेश से 89 ऐसी महिला श्रमिक, जिन्हें बंधुआ श्रमिकों को विभिन्न कार्यस्थालों से अवमुक्त कराकर पुनर्वासित कराया गया है, को 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले पर होने वाले समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है, इनके पति या पिता भी प्रतिभाग करेंगे। यह 178 श्रमिक 13 अगस्त की सुबह अलीगढ़, संभल, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर सहारनपुर एवं बागपत से नई दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे।केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय व रक्षा मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से इन श्रमिकों को लाने व ले जाने की व्यवस्था की गयी है। यह श्रमिक 16 अगस्त तक नई दिल्ली में प्रवास करेंगे तथा विभिन्न कार्यक्रमों में प्रतिभाग करेंगे, जिसमें उनका दिल्ली भ्रमण भी सम्मिलित है। यह सभी श्रमिक 15 अगस्त को प्रधानमंत्री द्वारा लाल किले पर किये जाने वाले सम्बोधन के साक्षी बनेंगे।श्रम आयुक्त मार्कण्डेय शाही ने बताया कि यह श्रमिक अपने जीवन में प्रथम बार इस आयोजन में आमंत्रित किये जाने पर बहुत ही उत्साहित है। विभिन्न स्थानों से अवमुक्त कराये गये इन श्रमिकों के बारे में श्री शाही ने बताया कि इन श्रमिकों को कार्यस्थल से बंधुआ श्रम कराये जाने की शिकायत प्राप्त होने पर अवमुक्त कराया गया था तथा एक निर्धारित प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरान्त इनको केन्द्र सरकार द्वारा वित्त पोषित बंधुआ श्रम पुनर्वासन योजना के अन्तर्गत 2,00,000 रूप प्रति श्रमिक की धनराशि भी उनके खातों में उपलब्ध करायी गयी थी ताकि वे अपने कौशल के अनुरूप अपना कोई कार्य कर सके या अपने जीवन की आवश्यकताओं को पूर्ण कर सके तथा पुनः बंधुआ श्रम की स्थिति में न जाये।बंधुआ श्रम पुनर्वासन योजना के अन्तर्गत 2,00,000 लाख की आर्थिक सहायता के अतिरिक्त इन श्रमिकों को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा भी उनके सशक्त पुनर्वासन के उद्देश्य से सरकार द्वारा संचालित योजनाओं व यूपी भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित योजना तथा योजनाओं से लाभान्वित कराया गया।
