LUCKNOW:यूपी में साइबर खतरों और कानूनी उपायों पर अंतरराष्ट्रीय वार्ता

– सीएम ने उत्तर प्रदेश इंस्टीट्यूट आफ फॉरेंसिक साइंसेज के तीन दिवसीय इंटरनेशनल समिट का किया उद्घाटन
– सीएम बोले- पहले पुलिस माफिया के पीछे दौड़ती थी, अब वो भागते फिर रहे हैं

  • REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK 
लखनऊ । सीएम योगी ने सोमवार को उत्तर प्रदेश राज्य फॉरेंसिक विज्ञान संस्थान, ओरांव दारोगा खेड़ा बंथरा में साइबर युद्ध के आयाम, बहुपक्षीय कानूनी ढांचे, फॉरेंसिक और रणनीतिक प्रतिकार विषय पर आयोजित तीन दिवसीय इंटरनेशनल साइबर समिट का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में जब भी मंथन हुआ है, उससे कोई ना कोई अमृत जरूर निकला है। यह वैदिक काल से चली आ रही परंपरा है और इन परंपराओं के परिणाम स्वरूप ही हम देश में चार प्रमुख कुंभ स्थानों पर आयोजन देखते हैं। ये आयोजन भारत की पुरानी ज्ञान को जीवित रखते हैं। यह समाज में एकता और विचारों के आदान-प्रदान का माध्यम बनते हैं।सीएम ने कहा कि पहले अपराधियों को पकड़ने में सालों लगते थे अब अपराधी 24 से 48 घंटे में दबोचे जाते हैं। कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस को आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करना होगा, ताकि आने वाली पीढ़ियां हमें गर्व से याद कर सकें। उन्होंने कहा कि रोमिनार वर्तमान की चुनौतियों से निपटने के लिए समाज करेगा और भविष्य में उत्तर प्रदेश पुलिस को और भी बेहतर बनाएगा। इससे पहले सीएम  ने पद्मश्री डॉ. लालजी सिंह एडवांस्ड डीएनए डायग्नोस्टिक सेंटर, एआई, ड्रोन और रोबोटिक्स लैब, अटल पुस्तकालय का उद्घाटन किया। इसके एडवांस्ड डीएनए डायग्नोस्टिक सेंटर, एआई, ड्रोन और रोबोटिक्स लैब, अटल पुस्तकालय का उद्घाटन किया। साथ ही छात्र-छात्राओं को स्मार्ट टैबलेट वितरित किया। इसके अलावा 75 मोबाइल फॉरेंसिक वैन का फ्लैग ऑफ किया।

हर जिले में साइबर थाना और मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट

प्रदेश में साइबर अपराधों से निपटने के लिए सभी 75 जनपदों में नई लैब्स तैयार की जा चुकी हैं और छह अन्य निर्माणाधी 75 जनपदों में फॉरेंसिक साक्ष्य को एकत्र करने के लिए ‘मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट उपलब्ध करवाई जा रही है। प्रदेश में साइबर अपराधों से निपटने के लिए सभी 75 जनपदों में साइबर थाने की स्थापना की गई है और 1587 थानों में साइबर हेल्प डेस्क भी स्थापित किए गए हैं। यहां मास्टर ट्रेनर के जरिये मामलों का निस्तारण किया जा रहा है।

सूबे को जल्द मिलेगा साइबर मुख्यालय

सीएम ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद से हर अपराध में फॉरेंसिक साक्ष्य को अनिवार्य कर दिया गया है। जुलाई 2024 से सभी सात वर्ष से ऊपर के अपराधों में फॉरेंसिक साक्ष्य प्राप्त करना अनिवार्य है। वहीं साइबर अपराधों के लिए यूपी पुलिस ने एक मजबूत कदम उठाये हैं। उन्होंने कहा साइबर अपराध को रोकने के लिए साइबर मुख्यालय की स्थापना की दिशा में कदम आगे बढ़ाया गया है। महाकुंभ के आयोजन में भी टेक्नोलॉजी का बेहतरीन उपयोग किया गया था, जिसकी सफलता ने इसे ऊपर पहुंचाया। कहा कि अब उत्तर प्रदेश पुलिस अपनी कार्यशैली में सुधार कर चुकी है और किसी भी अपराधी को कानून से बचने का कोई मौका नहीं मिलता है। यह केवल पुलिस बल की कड़ी मेहनत और स्मार्ट तकनीकी उपायों का परिणाम है। कहा कि सरकार का यह प्रयास है कि देश की सबसे बड़ी यूपी पुलिस की ताकत को आधुनिक बनाना है, जो लगातार जारी रहेगा। इस मौके पर पर डीजीपी राजीव कृष्ण, प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव आईटी एंड इलेक्ट्रानिक अनुराग यादव, एडिशनल सेक्रेटरी आईटी भारत सरकार अभिषेक सिंह, एडीजी टेक्निकल नवीन अरोड़ा, उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फारेंसिक साइंसेज के निदेशक जीके गोस्वामी, एडीजी लॉ एण्ड ऑर्डर अमिताभ यश समेत आदि लोग मौजूद रहे।

Aaj National

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