LUCKNOW:मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति पुनर्गठित ने मनाया प्रथम स्थापना दिवस,क्लिक करें और भी कई खबरें

-पत्रकारों की समस्याओं के समाधान में सहयोग करेगा सूचना विभाग- विशाल सिंह

  • REPORT BY:K.K.VARMA || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
लखनऊ । उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति पुनर्गठित का प्रथम स्थापना दिवस आज लोक निर्माण विभाग विश्वेश्वरैया सभागार में मनाया गया। समारोह का शुभारंभ महापौर सुषमा खर्कवाल ने किया। मंजू माही की गणेश वंदना ने वातावरण को मंगलमय बना दिया।  लखनऊ सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों पत्रकारों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।समारोह को स्वतंत्रता संग्राम के महान पुरोधा गणेश शंकर विद्यार्थी और बाबूराव विष्णु पराड़कर की स्मृति को समर्पित किया गया, जिन्होंने अपनी कलम से अंग्रेजी हुकूमत को ललकारा था।  सूचना निदेशक विशाल सिंह ने पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए कहा कि पत्रकार समाज की नब्ज पकड़ने वाले कलम के सिपाही हैं। सूचना विभाग पत्रकारों की समस्याओं के समाधान में हर संभव सहयोग करेगा।लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल ने कहा कि पत्रकारिता समाज का दर्पण है, जो न केवल जनता की आवाज़ बनती है बल्कि शासन-प्रशासन की खामियों को उजागर कर समाज को नई दिशा देती है।
वरिष्ठ पत्रकार भास्कर दुबे ने समिति की भावी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पत्रकारों की स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर संघर्ष तेज किया जाएगा।समिति के संयोजक प्रभात त्रिपाठी ने कहा कि पत्रकारों की पेंशन व्यवस्था को नियमित और पारदर्शी बनाने तथा पीजीआई में पत्रकारों और उनके परिवारों के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई गई है। पत्रकार केवल खबरें नहीं लिखते बल्कि समाज की अवाम की आवाज बनकर जनता की समस्याओं को सामने लाते हैं।  सरकार और संस्थाओं का दायित्व है कि उन्हें निडर और सुरक्षित वातावरण मिले।पूर्व प्रेस काउंसिल सदस्य रजा रिज़वी ने कहा, पत्रकारों की असली ताकत उनकी एकजुटता है और यही एकता उनके अधिकारों की रक्षा कर सकती है।इस अवसर पर दिवंगत पत्रकार धीरेंद्र श्रीवास्तव की पत्नी  को सम्मान और सहयोग राशि 11000  रूपये और अंग वस्त्र प्रदान की गई। समिति ने निर्णय लिया कि भविष्य में दिवंगत पत्रकारों के परिवारों को सहयोग और सम्मानित करने की परंपरा को जारी रखा जाएगा।दूरदर्शन के अधिकारी आत्म प्रकाश मिश्र ने कहा कि भारतीय पत्रकारिता ने विश्व पटल पर अपनी अलग पहचान बनाई है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व सांसद शीशराम सिंह रवि ने पत्रकारों के मानदेय और पारिश्रमिक को अपर्याप्त बताते हुए कहा कि पत्रकारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि वह स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पत्रकारों की समस्याओं को लेकर मुलाकात करेंगे।समापन सत्र में प्रशासनिक सलाहकार शेखर श्रीवास्तव ने धन्यवाद ज्ञापन देते हुए कहा कि पत्रकारों के हितों की मांगें लगातार मुख्यमंत्री तक पहुंचाई जा रही हैं। राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार अजीत कुमार सिंह,  अजय श्रीवास्तव, उमेश चंद्र मिश्रा, सर्वजीत सूर्यवंशी, दया विष्ट, हरजीत सिंह बाबा,धनंजय सिंह,परमजीत सिंह, विजय प्रकाश शुक्ला समेत लखनऊ व प्रदेशभर के सैकड़ों पत्रकार मौजूद रहे।

एसआईआरडी मे विभिन्न विषयो पर विशेषज्ञो द्वारा दिया गया प्रशिक्षण,हमें अपनी पुरातन संस्कृति पर गर्व होना चाहिए-वेंकटेश्वर लू

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशन में दीन दयाल उपाध्याय ग्राम्य विकास संस्थान बख्शी का तालाब में सरकारी, अर्धसरकारी विभाग संस्थाओ के अधिकारियों, कर्मचारियों, विभाग व रचनात्मक कार्यों से जुड़े लोगों को प्रशिक्षण देकर उन्हें और अधिक दक्ष व सक्षम बनाने का कार्य किया जा रहा है। दीन दयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान बख्शी का तालाब द्वारा महानिदेशक संस्थान एल वेंकटेश्वर लू के संरक्षण व अपर निदेशक सुबोध दीक्षित के मार्ग निर्देशन में संस्थान प्रांगण के अन्तर्गत विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन तथा 15से17 सितंबर तक सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों कार्मिकों एवं मत्स्य पालकों हेतु,  तीन दिवसीय आवासीय, बीआईओ एलओ सी-मत्स्य पालन कार्यक्रम ” विषयक प्रशिक्षण कार्यक्रम, 15 से19सितंबर तक कस्तूरबा गांधी विद्यालयों के वार्डेन हेतु, मास्टर ट्रेनर्स विकसित करने के लिए, प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम ” विषयक प्रशिक्षण का आयोजन तथा 15 से 19सितंबर तक, जनपद स्तरीय सम्बन्धित अधिकारियों हेतु, “अग्नि आपदा प्रबंधन ” विषयक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।17 सितंबर को मत्स्य पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर, संस्थान में आयोजित हो रहे कार्यक्रमों के प्रतिभागियों को, बुद्धा सभागार में आमंत्रित करके महानिदेशक संस्थान एल वेंकटेश्वर लू की अध्यक्षता व विशिष्ट एवं अतिविशिष्ट अतिथि वार्ताकारों राम कृष्ण गोस्वामी, संस्थापक अध्यक्ष, भारत चरित्र निर्माण संस्थान, नई दिल्ली, डा किशन वीर सिंह शाक्य, प्रख्यात शिक्षाविद् एवं पूर्व वरिष्ठ सदस्य लोक सेवा आयोग, उमेश चन्द्र जोशी पूर्व संयुक्त निदेशक एवं राष्ट्रीय मास्टर ट्रेनर, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग, भारत सरकार की गरिमामई उपस्थिति में, प्रशिक्षण कार्यक्रमों के विषय-विशेषज्ञों द्वारा संक्षिप्त रूप से विषयगत प्रमुख बिंदुओं पर प्रासंगिक एवं उपयोगी व्याख्यान प्रस्तुत किए गए। संस्थान के महानिदेशक एल वेंकटेश्वर लू ने बताया कि हम सभी को अपनी पुरातन संस्कृति पर गर्व करना चाहिए और हमारे पूर्वजों व ऋषि-मुनियों के विचार थे, उसके अनुपालनार्थ हमे आदर्शपूर्वक विचार करते हुए व्यवहारिक स्वरूप प्रदान करना चाहिए। हम अच्छे कर्म योगी तभी हो सकतें हैं, जब व्यवहारिक रूप से हम जहां पर भी हैं, या जिस पद पर हैं उसके दायित्वों को निष्ठा, ईमानदारी व लगन के साथ निभायें।कार्यक्रम के दौरान राम कृष्ण गोस्वामी द्वारा प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री  के जीवन से सीख लेते हुए सभी को कर्म योगी बनना चाहिए।डा किशन वीर सिंह शाक्य ने बताया कि प्रत्येक प्रशिक्षक को साफ्टस्किल, लीडरशिप की भावना एवं परस्पर अपने साथी अधिकारियों कार्मिकों के मध्य टीम बिल्डिंग की भावना का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए क्योंकि किसी संस्थान , संगठन, विभाग के कार्यों को दक्षता पूर्ण निष्पादित करने के लिए यह सूत्र आवश्यक व प्रासंगिक हैं। अपने कार्यों को निष्ठापूर्वक , लगन  व ईमानदारी  से निष्पादित करने वाले सारे जीवन आनन्दमय जीवन व्यतीत करते हैं।उमेश चन्द्र जोशी द्वारा प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि प्रशिक्षण एक ऐसी विधा है, जिससे प्रशिक्षुओं के अन्दर ज्ञान और कौशल दक्षता का संचार होने के साथ मनोवृत्ति में सकारात्मक व रचनात्मक क्रियाशीलता का उद्भव होता है। संस्थान आयोजित किए जा रहे  प्रशिक्षण कार्यक्रम जनहित में होने के साथ, शासकीय अधिकारियों कार्मिकों हेतु अत्यंत उपयोगी व औचित्यपूर्ण हैं।

विधान परिषद सदस्यों के चुनाव हेतु मतदाता सूची का पुनरीक्षण 30 सितम्बर से-रिणवा

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा द्वारा प्रदेश की विधान परिषद के पांच स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों तथा छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के सदस्यों का कार्यकाल आगामी वर्ष 6 दिसंबर 2026 को समाप्त होने के कारण इन निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों का पुनरीक्षण कराया जा रहा है। अर्हता तिथि 1 नवम्बर 2025 के आधार पर यह पुनरीक्षण कार्यक्रम संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में 30 सितंबर से प्रारंभ होगा। इस निर्वाचक नामावलियों का अंतिम प्रकाशन 30 दिसंबर को किया जाएगा।मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि अगले वर्ष 6 दिसम्बर को विधान परिषद में स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की जो 5 सीटें रिक्त हो रही है, उसमें लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ एवं इलाहाबाद-झांसी है। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की जो 6 सीटें रिक्त हो रही है, उसमें लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद एवं गोरखपुर-फैजाबाद है। इन सभी निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के लिए 30 सितंबर को सार्वजनिक नोटिस जारी होगा। 15 अक्टूबर को समाचार पत्रों में नोटिस का प्रथम पुनर्प्रकाशन तथा 25 अक्टूबर को इसका द्वितीय पुनर्प्रकाशन होगा। फार्म 18 या 19 में आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तिथि 6 नवंबर तथा 20 नवंबर को पांडुलिपियों की तैयारी व निर्वाचन नामावलियों का मुद्रण होगा। निर्वाचक नामावलियों का आलेख्य प्रकाशन 25 नवंबर को होगा। दावे आपत्तियां दाखिल करने की अवधि 25 नवंबर से 10 दिसंबर तक है। 25 दिसम्बर तक दावें-आपत्तियों का निस्तारण होगा और अनुपूरक सूची तैयार कर मुद्रित की जाएगी। निर्वाचक नामावलियों का अंतिम प्रकाशन 30 दिसंबर को होगा। स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावली में नाम शामिल कराने के लिए आवेदक को अर्हता तिथि से कम से कम 3 वर्ष पूर्व स्नातक हो या इसके समकक्ष अर्हता रखता हो। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की निर्वाचक नामावली में नाम सम्मिलित कराने हेतु आवेदक को एक नवम्बर अर्हता तिथि से पहले राज्य के माध्यमिक स्तर के शैक्षिक संस्थानों में विगत 6 वर्षों में 3 वर्ष से शिक्षण कार्य किया हो। स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार लखनऊ, हरदोई, खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली एवं प्रतापगढ़ जनपद तक। वाराणसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार बलिया, गाजीपुर, जौनपुर, वाराणसी, चंदौली, भदोही, मिर्जापुर एवं सोनभद्र तक। आगरा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, एटा, मैनपुरी, इटावा,कन्नौज, औरैया, फर्रुखाबाद एवं कासगंज जनपद तक। मेरठ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र विस्तार बुलंदशहर, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली एवं हापुड़ जनपद तक। इलाहाबाद झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार प्रयागराज, कौशांबी, फतेहपुर, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, जालौन, झांसी एवं ललितपुर जनपद तक होगा। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार लखनऊ, हरदोई, खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली एवं प्रतापगढ़ जनपद तक। वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार बलिया, गाजीपुर, जौनपुर, वाराणसी, चंदौली, भदोही, मिर्जापुर, एवं सोनभद्र  तक। आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, एटा, मैनपुरी, इटावा,कन्नौज, औरैया, फर्रुखाबाद एवं कासगंज जनपद तक। मेरठ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र विस्तार बुलंदशहर, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली एवं हापुड़ जनपद तक। बरेली-मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, बदायूं, रामपुर, मुरादाबाद, अमरोहा, बिजनौर एवं संभल जनपद तक। गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा, बलरामपुर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, गोरखपुर, महाराजगंज, देवरिया, कुशीनगर, आजमगढ़, मऊ, सुल्तानपुर, अयोध्या, अमेठी एवं अंबेडकर नगर जनपद शामिल है।स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी में लखनऊ के लिए मंडलायुक्त लखनऊ, मेरठ के लिए मंडलायुक्त मेरठ, आगरा के लिए मंडलायुक्त आगरा, वाराणसी के लिए मंडलायुक्त वाराणसी तथा इलाहाबाद-झांसी के लिए मंडलायुक्त झांसी एवं लखनऊ होंगे।  शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी में लखनऊ के लिए मंडलायुक्त लखनऊ, मेरठ के लिए मंडलायुक्त मेरठ, आगरा के लिए मंडलायुक्त आगरा, वाराणसी के लिए मंडलायुक्त वाराणसी, बरेली-मुरादाबाद के लिए मंडलायुक्त बरेली एवं गोरखपुर-फैजाबाद के लिए मंडलायुक्त गोरखपुर है। इन निर्वाचन क्षेत्रों में सम्मिलित समस्त जनपदों के जिलाधिकारी  निर्वाचन क्षेत्र के सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा इन निर्वाचन क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाली  विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी भी अपने निर्वाचन क्षेत्र के सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी होंगे।

राज्य संग्रहालय में सेवा पखवाड़ा अंतर्गत प्रश्नोत्तरी और स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन

राज्य संग्रहालय लखनऊ संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा 17 सितंबर से 2 अक्टूबर के अंतर्गत आज पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह की प्रेरणा एवं निदेशक राज्य संग्रहालय लखनऊ के मार्गदर्शन में जिला स्तरीय विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया जिसमें प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन दो वर्गों में किया गया।  पौधारोपण एवं स्वच्छता में श्रमदान दिया गया। कार्यक्रम में जिला स्तरीय विद्यालयों में राजकीय विद्यालय निशातगंज, विद्या मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज नरही, राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज लखनऊ, सहाय सिंह बालिका इंटर कॉलेज लखनऊ एमके एसडी इंटर कॉलेज लखनऊ सरस्वती विद्यालय कन्या इंटर कॉलेज लखनऊ, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज लखनऊ आदि अन्य विद्यालयों के लगभग 400 छात्र-छात्राओं द्वारा प्रतिभा किया गया। प्रतियोगिता दो वर्गों में आयोजित की गई जूनियर वर्ग एवं सीनियर वर्ग। मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार पी राजू द्वारा वृक्षारोपण कर स्वच्छता ही सेवा में योगदान देने हेतु संदेश दिया। डॉक्टर सृष्टि धवन निदेशक उत्तर प्रदेश संग्रहालयनिदेशालय डॉ विनय कुमार सिंह निदेशक राज्य संग्रहालय के साथ अन्य अधिकारी एवं संग्रहालय के कार्मिक विद्यालय के टीचर्स एवं बच्चे मौजूद रहे। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता जूनियर वर्ग में यश चतुर्वेदी को प्रथम पुरस्कार, वैभव सिंह को द्वितीय पुरस्कार, प्रशांत मौर्य को तृतीय पुरस्कार, सीनियर वर्ग में प्राजंलि मिश्रा को प्रथम पुरस्कार शिवम तिवारी को देती है अंशिका गुप्ता को तृतीय पुरस्कार, स्लोगन प्रतियोगिता में रोहित कुमार गौतम को प्रथम पुरस्कार, सुरभि को द्वितीय पुरस्कार, पलक कश्यप को तृतीय पुरस्कार, उम्मै अलीशा नसीम सिद्दीकी को प्रथम पुरस्कार, सुप्रिया कनौजिया को द्वितीय पुरस्कार एवं श्रुति को तृतीय स्थान प्राप्त किया।

उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की विशेष पहल,फिट इंडिया अभियान में होगा साइकिल राइड

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फिट इंडिया अभियान के क्रम में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ‘संडे ऑन साइकिल’ कार्यक्रम शुरू करने जा रहा है। पहल फिटनेस बढ़ावा देने के साथ सक्रिय जीवनशैली, पर्यावरण संरक्षण और राज्य के पर्यटन स्थलों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर केंद्रित है। लखनऊ स्थित पर्यटन भवन से 21 सितंबर को ‘संडे ऑन साइकिल’ की शुरुआत होगी। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने आमजन और स्वास्थ्य के प्रति सजग लोगों को अभियान में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। 21 सितंबर  के प्रातः 6.30 बजे पर्यटन भवन गोमती नगर लखनऊ से संडे ऑन साइकिल अभियान की शुरुआत होगी। पर्यटन विभाग ने नागरिकों, अधिकारियों और कर्मचारियों से अनुरोध किया है कि वे अपनी साइकिल लेकर समय से कार्यक्रम स्थल पर पहुंचें और इस फिटनेस और पर्यावरण जागरूकता अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं।  पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि सरकार नागरिकों की स्वास्थ्य और सक्रिय जीवन शैली को बढ़ावा देने को प्राथमिकताओं में शामिल कर रही है। संडे ऑन साइकिल अभियान के माध्यम से न केवल फिटनेस को प्रोत्साहन दिया जा रहा है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन जागरूकता का संदेश भी दे रहा है। उन्होंने  नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी साइकिल के साथ इस अभियान का हिस्सा बनें और फिट इंडिया अभियान को सफल बनाने में सहयोग दें।विशेष सचिव पर्यटन ईशा प्रिया ने बताया कि पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित संडे ऑन साइकिल कार्यक्रम लखनऊवासियों के लिए एक अनूठा अवसर है। कार्यक्रम के माध्यम से नागरिक साइकिल चलाकर स्वास्थ्य और पर्यावरण के साथ पर्यटन से भी जुड़ सकते हैं। उन्होंने नागरिकों, अधिकारियों और कर्मचारियों से आग्रह किया है कि वे समय पर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचें और इस जन-जागरूकता पहल का सक्रिय हिस्सा बनें नागरिकों का सहयोग कार्यक्रम को सफल बनाएगा।

उत्तर प्रदेश के 11 पर्यटन साइट बनेंगी ‘ईको टूरिज्म आइकान’,वैश्विक पर्यटकों को करेगा आकर्षित- जयवीर 

उत्तर प्रदेश ईको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड यूपीईटीडीबी विकसित 11 विश्वस्तरीय ईको-टूरिज्म स्थलों को और आकर्षक व पर्यटक-अनुकूल बनाने की तैयारी कर रहा है।पर्यटकों को परिसंपत्तियों में प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक धरोहर और आधुनिक ईको-फ्रेंडली अवसंरचना का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। बोर्ड इन स्थलों को देश के ‘ईको-टूरिज्म आइकान’ के रूप में तैयार कर रहा है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि पर्यटन विभाग का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ इको-टूरिज्म स्थलों के हब के रूप में विकसित करना है। इन स्थलों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देते हुए पर्यटकों को बेहतर अनुभव प्रदान किया जाएगा। उत्तर प्रदेश ईको-टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड यूपीईटीडीबी की नई पहल के तहत अयोध्या, चित्रकूट, बलिया, बाराबंकी, ललितपुर, बांदा, जालौन, कुशीनगर, सीतापुर, महाराजगंज और मिल्कीपुर अयोध्या जिला तक ईको-टूरिज्म परिसंपत्तियों का विस्तार किया गया है। ईको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड राज्य के 11 प्रमुख स्थलों पर पर्यावरण अनुकूल पर्यटन सुविधाएं विकसित करने और रखरखाव पर विशेष ध्यान दे रही है। इन स्थलों में अयोध्या फ्लोटिंग रेस्तरां और उधेला झील, बलिया के मेरितार गांव-सुरहा ताल बर्ड सेंचुरी, बाराबंकी की बगहर झील, सीतापुर की अज्जेपुर झील, कुशीनगर का सोहरौना ताल, चित्रकूट का रामनगर झील एवं मड़फा किला, जालौन का पचनदा पांच नदियों का संगम ललितपुर का ककरावल जलप्रपात, बांदा पर्यटक सुविधा केंद्र, कालिंजर किला तथा महाराजगंज की देवदह इको टूरिज्म साइट शामिल हैं। विभाग का कहना है कि इन स्थलों पर पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए आधुनिक और सस्टेनेबल टूरिज्म टिकाऊ पर्यटन सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। ऐसे प्रयासों से स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा और राज्य की पर्यटन अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी। उत्तर प्रदेश केवल ईको-टूरिज्म स्थलों तक सीमित नहीं है, बल्कि विभिन्न प्रकार के पर्यटन का भी केंद्र है। राज्य सरकार प्रकृति के संरक्षण, सांस्कृतिक धरोहर के प्रदर्शन, रोजगार सृजन और स्थानीय समुदायों को अधिक रूप से सशक्त बनाने के लिए ठोस प्रयास कर रही है। निवेशकों और ऑपरेटर्स को आमंत्रित किया है कि वे सरकार के साथ मिलकर इन स्थलों को देश के सबसे पसंदीदा ईको टूरिज्म स्थल बनाने में योगदान दें।निदेशक पर्यटन इको प्रखर मिश्रा ने बताया कि उत्तर प्रदेश ईको-टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड का उद्देश्य इन परिसंपत्तियों को ‘ईको-टूरिज्म आइकन’ के रूप में विकसित कर स्थानीय समुदायों को रोजगार, प्रशिक्षण, आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है। इन परियोजनाओं के माध्यम से हम न केवल पर्यटकों को प्रकृति और संस्कृति का अनूठा अनुभव देंगे, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के लक्ष्यों को भी मजबूती प्रदान करेंगे।

चंडीगढ़ महाधिवेशन में नई रणनीति तय करेगी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी 

मोदी शासन में बेरोजगारी, महंगाई और भुखमरी बेइंतहा बढ़ गई है। यह सरकार अब सत्ता में रहने लायक नहीं है, इसे हटाना आवश्यक हो गया है। यह उदगार व्यक्त करते हुए भाकपा के राज्य परिषद सदस्य रणधीर सिंह सुमन ने बाराबंकी में मीडिया से बात करते हुए कहा,बेरोजगारी मंहगाई भुखमरी श्रम कानून आदि पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी चंडीगढ़ महाधिवेशन में नई रणनीति तय करेगी। भाकपा के राज्य परिषद सदस्य रणधीर सिंह सुमन व प्रवीण कुमार ने बताया कि पार्टी का 25वां महाधिवेशन 21 से चंडीगढ़ में होगा। महाधिवेशन में देशभर में हुए राज्य सम्मेलनों द्वारा निर्वाचित एक हजार प्रतिनिधि भाग लेंगे। बाराबंकी के लिए गौरव की बात है कि यहां से कामरेड प्रवीण कुमार को महाधिवेशन मे जाने के लिए चयनित किया है। 21 सितंबर को मोहाली में एक विशाल रैली से महाधिवेशन का शुभारंभ होगा।  यह वर्ष पार्टी की स्थापना का शताब्दी वर्ष है, महाधिवेशन के बाद से 26 दिसंबर तक देशभर में पार्टी के शताब्दी वर्ष कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे। 26 दिसंबर1925 को कानपुर में संपन्न कार्यकर्ताओं के राष्ट्रीय सम्मेलन में सीपीआई की स्थापना हुई थी। देश की आजादी के आंदोलन में देश के कम्युनिस्टों ने अनेक कुर्बानियां दी और आजादी के बाद देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जिला सचिव बृजमोहन वर्मा,शिवदर्शन वर्मा कोषाध्यक्ष,विनय कुमार सिंह सह सचिव, दीपक शर्मा, दीपक वर्मा जिला मंत्री अखिल भारतीय किसान सभा, रामनरेश वर्मा महामंत्री,महेन्द्र यादव, सच्चिदानंद श्रीवास्तव, जितेंद्र श्रीवास्तव जित्तू भैया, प्रेमचंद वर्मा, मुनेश्वर प्रसाद, संदीप तिवारी, करन राजपूत,आशीष शुक्ला,मनीष यादव आदि  उपस्थित रहे।

Aaj National

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *