LUCKNOW:सतीश पाण्डेय का जन्मदिन एकजुट हुए नेता, भण्डारा चखा,क्लिक करें और भी ख़बरें

  • REPORT BY:PREM SHARMA || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK 

लखनऊ। जवाहर भवन इंदिरा भवन कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष सतीश कुमार पाण्डेय का 58 वा जन्मदिन महासंघ कार्यालय में ढोल नगाड़े के बीच दोनों भवनों के कर्मचारियों द्वारा बड़े ही जोश और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य आयोजक जवाहर भवन इंदिरा भवन कर्मचारी महासंघ के महामंत्री राम कुमार धानुक एवं उपाध्यक्ष आक़िल सईद बबलू ने बताया कि जन्मदिन के अवसर पर दोनों भवनों के कर्मचारियों,महासंघ के सभी पदाधिकारियों की उपस्थिति में केक काट कर निर्विवादित और लोकप्रिय तथा सबके हर सुख दुख में आगे रहने वाले अध्यक्ष जी का जन्मदिन मनाया गया। इस अवसर पर कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष वी पी मिश्रा, उन्नाव सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष हरि सहाय मिश्रा मदन,  प्रकाश चंद्र मिश्रा, राज्य कर्मचारी महासंघ के कार्यवाहक अध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव,महामंत्री राम राज दुबे,स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष शशि कुमार मिश्रा,राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश महामंत्री अतुल मिश्रा, उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रांतीय महामंत्री गिरीश मिश्रा,नगर निगम कर्मचारी संघ लखनऊ के अध्यक्ष आनंद वर्मा,  रेखा,  विजय लक्ष्मी,  शत्रोहन,सुखदेव प्रसाद यादव, विद्युत सुरक्षा निदेशालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अमित श्रीवास्तव, पवन गौर, अरूण कुमार वाजपेयी समेत तमाम कर्मचारी नेताओं ने अपनी उपस्थिति से अध्यक्ष को आशीर्वाद एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर सतीश कुमार पाण्डेय ने सभी के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए कहा कि आप लोगों द्वारा दिए गए स्नेह से अभिभूत हूं और आप सभी के हितों की रक्षा के लिए पूर्ण संकल्पित भाव से आगे भी कार्य करता रहूंगा।

हिन्द नगर क्षेत्र से हटाए गए 30 अवैध कब्जे

शहर में लगातार बढ़ते अवैध अतिक्रमण और यातायात अवरोधों को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम लखनऊ ने सोमवार को एक सघन और बहुस्तरीय अभियान चलाया। यह कार्रवाई  महापौर सुषमा खर्कवाल के निर्देश एवं नगर आयुक्त  गौरव कुमार के आदेश पर की गई। अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रमुख सड़कों, सार्वजनिक स्थलों और फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त कर नागरिकों को सुगम एवं सुरक्षित यातायात उपलब्ध कराना है।अभियान के अंतर्गत नगर निगम जोन-8 के हिन्द नगर मोहल्ले में पिपरखंड हनुमान मंदिर के समीप की साइड पटरी पर किए गए अतिक्रमणों को हटाया गया। इस स्थल पर कुछ लोगों द्वारा बांस-बल्लियों, टाट-पट्टी, गिट्टी-मौरंग और डाला आदि डालकर अवैध कब्जा कर लिया गया था। इससे स्थानीय निवासियों को आवागमन में गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह भूमि नगर निगम की स्वामित्व भूमि है, जिस पर अवैध कब्जा किया जा रहा था। निगम ने इस भूमि पर भविष्य में पार्क निर्माण का प्रस्ताव रखा है।

जोनल अधिकारी अजीत राय के नेतृत्व में पुलिस बल, ईटीएफ और 296 टीम की मौजूदगी में अभियान चलाकर अतिक्रमित भूमि को खाली कराया गया। इस कार्रवाई के तहत लगभग 30 अवैध कब्जों को मौके पर ही हटाया गया तथा 20 गुमटियों एवं गिट्टी-मौरंग को जब्त किया गया। अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान अधिशासी अभियंता जोन-8 शील श्रीवास्तव, क्षेत्रीय अवर अभियंता  दीक्षा चौरसिया एवं  राजेन्द्र कुमार, सफाई एवं खाद्य निरीक्षक  सुमित मिश्रा और मो० नईम, कर निरीक्षक देवी शंकर दुबे सहित नगर निगम की टीम के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।नगर निगम प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है। आगे भी नियमित रूप से ऐसे अभियान चलाए जाएंगे, ताकि शहर को अतिक्रमण मुक्त किया जा सके और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में अवैध कब्जों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सार्वजनिक स्थानों को आम नागरिकों के लिए मुक्त कराया जाएगा।

उड़ीसा और चण्डीगढ़ में निजीकरण फेल, निजीकरण निरस्त करने की मांग

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उ.प्र. ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि चण्डीगढ़ में हाल ही में किया गया बिजली का निजीकरण पूरी तरह विफल हो जाने के बाद उ.प्र. में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का निर्णय निरस्त करने की कृपा करें। संघर्ष समिति ने कहा कि उड़ीसा सहित देश के सभी भागों में और उ.प्र. में आगरा और ग्रेटर नोयडा में निजीकरण का प्रयोग पहले ही विफल हो चुका है। ऐसे में इस विफल प्रयोग को उ.प्र. के 42 जनपदों पर थोपने का कोई औचित्य नहीं है।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उ.प्र. के केंद्रीय पदाधिकारियों ने कहा कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण हेतु ट्रॉजैक्शन कंसल्टेंट के चयन के आर.एफ.पी. डाक्यूमेंट में निजीकरण हेतु चण्डीगढ़ को टेस्ट केस बताया गया है। चण्डीगढ़ के विद्युत विभाग को गोयनका की एमीनेंट पॉवर कंपनी लिमिटेड को 01 फरवरी 2025 को बिजली कर्मियों के प्रबल प्रतिरोध के बावजूद सौंपा गया था। चण्डीगढ़ का निजीकरण करते समय यह तर्क दिया गया था कि निजीकरण के बाद 24 घण्टे निर्बाध गुणवत्ता परक विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी। उ.प्र. में निजीकरण के पीछे भी यही तर्क दिया जा रहा है। संघर्ष समिति ने बताया कि चण्डीगढ़ में निजीकरण के बाद आए दिन 02 घण्टे से 06 घण्टे तक बिजली की कटौती की जा रही है और आम नागरिकों को भीषण गर्मी में बिना बिजली के उबलना पड़ रहा है। निजीकरण के बाद मात्र 06 महीने में ही चण्डीगढ़ में बिजली आपूर्ति पूरी तरह पटरी से उतर गयी है। उन्होंने बताया कि चण्डीगढ़ की मेयर हरप्रीत कौर बाबला ने कहा है कि निजीकरण के बाद आम उपभोक्ताओं की शिकायत सुनने वाला कोई नहीं है और निजी कंपनी की हेल्पलाईन भी पूरी तरह निष्क्रिय पड़ी है। चण्डीगढ़ रेजीडेंट एसोसिएशन वेलफेयर फेडरेशन के अध्यक्ष हितेश पुरी का बयान है कि घरेलू उपभोक्ताओं खास कर गरीब उपभोक्ताओं की बिजली कटौती आए दिन हो रही है, जो 06 महीने पहले सरकारी क्षेत्र में नहीं होती थी। हालात इतने खराब हो गए हैं कि मुख्य सचिव को सीधे अपने हाथ में कमान लेनी पड़ी है। संघर्ष समिति ने कहा कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण हेतु तैयार किये गए आर.एफ.पी. डाक्यूमेंट चण्डीगढ़ के आर.एफ.पी. डाक्यूमेंट के आधार पर तैयार किया गया है। चण्डीगढ़ में लगभग 22 हजार करोड़ रुपए की विद्युत विभाग की परिसम्पत्तियों को बेचने हेतु मात्र 124 करोड़ रुपए की रिजर्व प्राइस रखी गयी थी और इस डाक्यूमेंट के आधार पर चण्डीगढ़ का विद्युत विभाग मात्र 871 करोड़ रुपए में बेच दिया गया। संघर्ष समिति ने कहा कि उ.प्र. पॉवर कार्पाेरेशन के चेयरमैन और पूर्व निदेशक वित्त निधि नारंग द्वारा कार्पाेरेट घरानों की मिलीभगत से पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम की 01 लाख करोड़ रुपए की परिसम्पत्तियों को बेचने हेतु चण्डीगढ़ की तर्ज पर रिजर्व प्राइस मात्र 6500 करोड़ रुपए रखी गयी है। इस प्रकार यह आर.एफ.पी. डाक्यूमेंट लूट का दस्तावेज है, अतः इसे तत्काल निरस्त किया जाना चाहिए। संघर्ष समिति ने कहा कि उ.प्र. के 42 गरीब जनपदों में बिजली के निजीकरण का भयावह प्रयोग करने के पहले उ.प्र. में ही ग्रेटर नोयडा और आगरा के निजीकरण की समीक्षा किया जाना बहुत जरुरी है। उल्लेखनीय है कि ग्रेटर नोयडा में निजी कंपनी के खराब परफार्मेंस को देखते हुए उ.प्र. सरकार माननीय सर्वाेच्च न्यायालय में ग्रेटर नोयडा का निजीकरण का करार रद्द कराने के लिए मुकदमा लड़ रही है। इसी प्रकार आगरा में टोरेंट पॉवर कंपनी ने पॉवर कार्पाेरेशन का 2200 करोड़ रुपए का बिजली राजस्व हड़प लिया है और निजी कंपनी को लागत से कम मूल्य पर बिजली देने के चलते पॉवर कार्पाेरेशन को 10 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है।

उपभोक्ता परिषद विधिक तर्को के साथ पहुचा आयोग,ट्रिब्यूनल का निर्णय आने तक नहीं दे सकता कोई सलाह

निजीकरण मसले में तमाम विधिक कमियों कोे लेकर उपभोक्ता परिषद आयोग पहुंच गया है। तर्को और तथ्यों के साथ ही उपभोक्ता परिषद की तरफ से कहा गया कि ट्रिब्यूनल के निर्णय आने तक आयोग कोई सलाह नही दे सकता। उपभोक्ता परिषद ने पूरी लामबंदी के साथ विद्युत नियामक आयोग में पहुंचकर 42 जनपदों के निजीकरण के मामले पर एक विधिक आपत्तियों का प्रस्ताव नियामक आयोग के अध्यक्ष  अरविंद कुमार व सदस्य संजय कुमार सिंह से मिलकर उन्हें सौंपते हुए यह मुद्दा उठा दिया कि प्रदेश की सभी बिजली कंपनियों के तरफ से विद्युत नियामक आयोग द्वारा घोषित बिजली दर वर्ष 2018-19 से लेकर वर्ष 2024 -25 तक यानी आयोग के पांच आदेश सभी अपटेल में चुनौती दे रखी है। जिसमें बड़े पैमाने एसेट, इक्विटी, ओएंडएम, उपभोक्ताओं का बिजली कंपनियों पर निकल रहे सर प्लस 33122 करोड़, इसमें दक्षिणांचल पूर्वांचल का 16000 करोड़ या अन्य जो मामले हैं वह सब भविष्य में जब भी आदेश आएगा तो वह प्रभावित होंगे। ऐसे में विद्युत नियामक आयोग को कानून की परिधि में निर्णय लेते हुए 42 जनपदों के निजीकरण के प्रस्ताव को खारिज कर देना चाहिए। सरकार को यह अवगत करा देना चाहिए कि अपटेल ट्रिब्यूनल का निर्णय आने के बाद ही कोई फैसला किया जा सकता है। कोई भी निर्णय आने के बाद पूरी बैलेंसशीट बदल जाएगी।वहीं दूसरी ओर सरकार व पावर कारपोरेशन के लोगों को जैसे पता चला कि उपभोक्ता परिषद ने पूरे मामले पर एक विधिक आपत्ति दाखिल कर दी है वह सब अपने तरीके से विधिक आपत्तियां में क्या मुद्दा उठाया है उसे पर लग रहे और अंततः शाम 5 बजे तक आयोग नहीं पहुंचे क्योंकि वह पूरी तरह या जान लेना चाहते थे कि उपभोक्ता परिषद ने किन मुद्दों पर बात की है।

उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा दोनों बिजली कंपनियों का केवल जो एसेट खारिज किया गया है वही लगभग 2250 करोड़ से लेकर 2500 करोड़ के बीच दक्षिणांचल व पूर्वांचल का होगा। ऐसे में विद्युत नियामक आयोग इन दोनों बिजली कंपनियों के 42 जनपदों के निजीकरण पर कोई भी सलाह सरकार को नहीं दे सकती क्योंकि जब भी अपटेल का निर्णय फाइनल होगा और कोई भी निर्णय आएगा। उससे यदि इन दोनों बिजली कंपनियों को बेच दिया जाता है। तो निजी घरानों का बहुत बड़ा लाभ हो जाएगा और सरकार व पावर कॉरपोरेशन बड़े नुकसान में पहुंच जाएगी जो एक बड़ा भ्रष्टाचार साबित होगा। उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कहा कि नोएडा पावर कंपनी ने पहले से ही वर्ष 2019-20 से लेकर वर्ष 2024 25 तक बिजली दर्द तय करने के लिए जो मल्टी ईयर टैरिफ कानून बनाया गया है। उसे भी उच्च न्यायालय मैं चौलेंज कर रखा है जिस पर सुनवाई चल रही है और विद्युत नियामक आयोग खुद पार्टी है वह निर्णय आने के बाद भी पूरे तारीफ आदेश में बड़े बदलाव होने की संभावना है। ऐसे में विद्युत नियामक आयत स्वता सोच ले कि वह निजीकरण के मसौदे पर कोई भी सलाह सरकार को कानूनंन कैसे दे सकती है?

बिजली शिकातयों को निस्तारण के लिए बढ़ेगी क्षमता

लगातार बढ़ती शिकायतों का समय से निस्तारण न होने का मामला मंत्री तक पहुचने तथा उनके कसने के बाद 1912 की क्षमता बढ़ाई जा रही है। बिजली समस्या की शिकायत दर्ज करवाने के लिए टोल फ्री नंबर-1912 की क्षमता लगभग दोगुनी जाएगी। इससे उपभोक्ताओं को अपनी समस्याएं दर्ज करवाने में आसानी होगी। शक्ति भवन में सोमवार को पावर कॉरपोरेशन अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने टोल फ्री नंबर-1912 की समीक्षा की और क्षमता बढ़ाने के आदेश दिए। टोल फ्री नंबर की अब तक इनकमिंग के लिए 350 लाइनें थीं, जिसे बढ़ाकर 650 किया जाएगा। इस तरह से आउटगोइंग की 300 लाइनों को मिलाकर 1912 की क्षमता 950 की जाएगी। हालांकि, आवश्यकता अनुसार इसे भी घटाया जाएगा।
डॉ. गोयल ने बताया कि अक्तूबर से ये सभी सुधार लागू हो जाएंगे। डॉ. गोयल ने अधिकारियों को आदेश दिए कि उपभोक्ता केयर सेंटर की निगरानी के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम बनाई जाए, जो नियमित मॉनीटरिंग करे। इसके अतिरिक्त कॉल सेंटर से कर्मचारियों के प्रशिक्षण की नियमित व्यवस्था की जाए ताकि वे उपभोक्ताओं से अच्छे व्यवहार के साथ सही जानकारी दे सकें। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता सेवा को बेहतर बनाने के लिए लगातार सजगता बरती जाए। कॉल ड्रॉप की समस्या न आए यह सुनिश्चित किया जाए। सभी एमडी अपने डिस्कॉम में कॉल सेंटर की नियमित समीक्षा करें। डॉ. गोयल को जानकारी दी गई कि शिकायतों के लिये चौटबोट लोकप्रिय हो रहा है। इसी तरह ई-मेल, वेबसाइड आदि के माध्यम भी उपभोक्ताओं में लोकप्रिय हो रहे है। पूर्वांचल के लिए चौटबोट नंबर- 8010968292, मध्यांचल में 8010924203. दक्षिणांचल में 8010957826, पश्चिमांचल में 7859804803, केस्को में 8287835233 है। इसके अतिरिक्त पावर कॉरपोरेशन के कंज्यूमर एप या 1912 एप का प्रयोग कर सकते हैं।

अलीगंज हनुमान मंदिर परिसर में डेकोरेटिव लाइट्स और पार्क में ओपन जिम

लखनऊ पूर्वी विधानसभा क्षेत्र में सतत विकास के क्रम को आगे बढ़ाते हुए विधायक ओ.पी. श्रीवास्तव ने रविवार को तीन महत्वपूर्ण विकास कार्यों का लोकार्पण किया और क्षेत्रवासियों को विकास कार्यों की नई खेप समर्पित कीं। उन्होंने इस अवसर पर उपस्थित जनता को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार का संकल्प है कि हर मोहल्ला स्वच्छ, सुरक्षित और आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हो। पार्क सिर्फ हरियाली का प्रतीक नहीं, बल्कि परिवारों की खुशियों और समाज की सेहत का केंद्र होते हैं। इन्हीं भावनाओं के साथ ये विकास कार्य कराए गए हैं, ताकि हमारे बच्चे, युवा और बुज़ुर्ग सभी स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण पा सकें। उन्होंने कहा कि मैं आश्वस्त करता हूँ कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ,, लखनऊ के लोकप्रिय सांसद राजनाथ सिंह के नेतृत्व में लखनऊ पूर्वी विधानसभा का सर्वांगीण विकास निरंतर जारी रहेगा।

विधायक ओपी श्रीवास्तव ने अलीगंज महावीर जी ट्रस्ट हनुमान मंदिर पार्किंग में प्रकाश व्यवस्था एवं ओपन जिम की स्थापना का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मंदिर समिति के पदाधिकारी, भाजपा कार्यकर्ता एवं क्षेत्रवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इसके बाद उन्होंने डी- ब्लॉक भरत पार्क, इंदिरा नगर में बाउंड्री वॉल निर्माण, रंगाई-पुताई एवं वॉकिंग ट्रैक, ओपन जिम के नवनिर्माण कार्य का शुभारंभ किया। फिर वे सेक्टर-9 वैशाली एंक्लेव पार्क-1, इस्माइलगंज प्रथम वार्ड में पहुंचे जहाँ पार्क में डेकोरेटिव लाइट्स, ओपन जिम एवं फ्लोरिंग कार्य का लोकार्पण किया । इस मौके पर मंदिर समिति के कोषाध्यक्ष  के.के सिंह ,  राकेश दीक्षित, भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मंडल उपाध्यक्ष मणिकांत शुक्ला, सेक्टर संयोजक शेखर श्रीवास्तव,  डॉ.अर्चना सक्सेना, सुमन लता कुरील, वार्ड अध्यक्ष विश्वनाथ शुक्ला, संजीव पांडे, रवि काचरू, महेश नारायण तिवारी,मंडल महामंत्री संदीप पाठक वैशाली एंक्लेव आवासीय समिति के निवासी  एसपी सिंह ,आवासीय समिति के सम्मानित पदाधिकारीगण, पार्षद प्रत्याशी  कृष्णवीर सिंह बंटू,  पारुल सिंह, पुष्पेंद्र वर्मा ,  लव पाठक , रमेश यादव समेत पार्टी के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

Aaj National

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