- REPORT BY:AADITYA DIXIT || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
लखनऊ। पीजीआई कोतवाली क्षेत्र के उतरटिया में मंगलवार सुबह एक घर से मोबाइल फोन चोरी कर रहे युवक को घरवालों ने रंगे हाथ पकड़ लिया, और पुलिस को सौंप दिया।और अपना मोबाइल लेकर चले गए। इसकी सूचना पाकर तेलीबाग का रहने वाला सुजल रावत भी एल्डिको पुलिस चौकी पहुंचा,और चौकी पर मौजूद पुलिस कर्मियों को बीते 7 अगस्त को घर से फोन चोरी की सीसीटीवी फुटेज दिखाई,और अपना फोन बरामद करने की गुहार लगाई।पीड़ित सुजल रावत का कहना है कि सुबह 11 बजे से शाम साढ़े 8 बजे तक वह चौकी के बाहर बैठा रहा।
पुलिस कर्मी भी उसे आश्वासन देते रहे कि अभी चलकर मोबाइल बरामद कर लेंगे। सुजल रावत का कहना था कि शाम होते होते पुलिस कर्मियों की बोली बदल गई, मोबाइल बरामद कराने को कहने पर अभद्रता करते हुए भगा दिया, और कहा इसको तो बंद करने जा रहा हूं,तुम जाओ और अपना फोन ढूंढ लो।इंस्पेक्टर पीजीआई धीरेन्द्र कुमार सिंह से जब इस मामले में जानकारी चाही तो उनका कहना था कि, पुलिस चौकी एल्डिको में कुछ लोग एक युवक को लेकर आए थे, और कहा कि यह चोरी कर रहा था पकड़ लिया है।लेकिन न उन्होंने फोन सौंपा और न ही तहरीर दी।वहीं 7अगस्त की घटना को भी संज्ञान में न होने की बात कही।जब कि दिनदहाड़े हुई घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई थी, पीड़ित की तहरीर पर पीजीआई कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया था,तब पीड़ित ने ऑन लाइन रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
चौकी प्रभारी का पक्षपातपूर्ण रवैया आया सामने, पीड़ित शिकायतकर्ता पर ही बनाया दबाव……
राजधानी के आशियाना क्षेत्र में एक संपत्ति विवाद ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिता की मृत्यु के बाद भाइयों में चले आ रहे विवाद का मामला जब पुलिस तक पहुंचा, तो पीड़ित का आरोप है कि स्थानीय चौकी प्रभारी ने निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय उसी पर दबाव बनाना शुरू कर दिया।आशियाना सेक्टर निवासी बृजेंद्र यादव का कहना है कि उनके पिता स्व. राजकुमार यादव का निधन बीते 1 अगस्त को हुआ था। मृतक पिता ने वर्ष 2021 में एक रजिस्टर्ड वसीयतनामा बनवाया था, जिसमें अपनी संपत्ति का वारिस उन्हें घोषित किया गया था। उनके दो बड़े भाई अशोक यादव और राकेश यादव पहले से ही पिता के दूसरे मकान में अपने परिवार के साथ रह रहे हैं।आरोप है कि पिता के कर्मकांड के बाद दोनों भाइयों ने मकान बंटवारे को लेकर विवाद खड़ा कर दिया। सोमवार शाम को वे उनके सेक्टर स्थित मकान में जबरन घुस आए और मारपीट की। इस घटना की शिकायत बृजेंद्र ने पुलिस कंट्रोल नंबर पर की।लेकिन बृजेंद्र का आरोप है कि शिकायत करने के बावजूद किला चौकी प्रभारी ने देर रात उन्हें और उनके भाइयों को चौकी पर बुलाया और स्पष्ट वसीयतनामा होने के बावजूद उन्हीं पर दबाव बनाने लगे। इससे नाराज पीड़ित ने पुलिस के इस रवैए पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब निष्पक्ष न्याय की उम्मीद पुलिस से ही खत्म हो जाए तो आमजन कहां जाएं।उन्होंने बताया कि वे इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस के उच्च अधिकारियों से करेंगे ताकि उन्हें न्याय मिल सके और चौकी प्रभारी की कार्यप्रणाली की भी जांच की जा सके।
