मोहनलालगंज:निगोहां थाने मे लगी चौपाल,एडीसीपी ने दी साइबर अपराधो से बचाव की जानकारी,क्लिक करें और भी खबरें

-एसीपी व थाना प्रभारी रहे मौजूद,किया इंटरनेट के जरिये पैसे के लेनदेन को लेकर सतर्क 

  • REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK 

लखनऊ।ग्रामीणों को इंटरनेट की सही जानकारी हो सके, साइबर अपराध में न फंसें, इसको लेकर दक्षिणी जोन की पुलिस विशेष साइबर जागरूकता अभियान चला रही है।इसी को लेकर शनिवार को एडीसीपी रल्लापल्ली वसंथ कुमार ने एसीपी रजनीश वर्मा व थाना प्रभारी अनुज कुमार तिवारी की मौजूदगी में निगोहां थाने में चौपाल लगाकर ग्रामीणो को साइबर अपराधो से बचाव की जानकारी दी ।

एडीसीपी रल्लापल्ली वसंथ कुमार ने लोगो की आवश्कता को देखते हुए इंटरनेट व मोबाइल के सुरक्षित प्रयोग के बारे में जानकारी दी।उन्होंने  इंटरनेट के जरिये पैसे के लेनदेन के बारे में सजग किया।उन्होंने  बताया कि एटीएम से ट्रांजेक्शन करते समय एटीएम बूथ में कोई अपरिचित व्यक्ति न रहे। एटीएम स्वयं इस्तेमाल करें, किसी अन्य पर विश्वास कर उसे कार्ड न दें। बैंक एकाउंट/एटीएम के संबंध पर मोबाइल पर जानकारी मांगे जाने पर साझा न करें। सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर अपने परिचित व्यक्तियों को ही जोड़ें तथा अपनी निजी जानकारियों को साझा न करें।

ई-मेल के जरिए आए लिक को खोलने से पूर्व यह सुनिश्चित कर लें कि यह सुरक्षित है या नहीं। साइबर अपराधी अक्सर लिक साझा कर आपकी वित्तीय जानकारी प्राप्त कर ऑनलाइन फ्रॉडड का शिकार बना लेते हैं। मोबाइल फोन में एप इंस्टॉल करते वक्त टर्म एंड कंडीशन को अच्छे से पढ़कर ही प्रक्रिया पूर्ण करें।डिजिटल गिरफ्तारी से सुरक्षित रहे।यदि कोई भी खुद को पुलिस,सीबीआई अधिकारी बताकर काल करता है तो तुरंत 1930 या 112 पर फोन कर सूचना दे।किसी भी अवैध सट्टेबाजी ऎप पर का खेले न ही उसमें पैसा लगाएं।युवाओ से लालच में आकर अपना बैंक खाता किराये पर ना दे।एडीसीपी ने चौपाल में मौजूद लोगो से सुरक्षा की दृष्टि से घरो में सीसीटीवी कैमरे लगवाये जाने की अपील की।उन्होने चौपाल में मौजूद लोगो को साइबर जागरूकता से जुड़े पम्पलेट भी बांटे।एसीपी रजनीश वर्मा ने साइबर अपराध के बचाव में बतायी गयी जानकारी को बैठक में मौजूद प्रधानो समेत संभ्रान्त लोगो से अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने के लिए कहा।

एडीसीपी ने निगोहां थाने का किया निरीक्षण

निगोहां थाने का शनिवार को एडीसीपी दक्षिणी रल्लापल्ली वसंथ कुमार ने एसीपी रजनीश वर्मा व थाना प्रभारी अनुज कुमार तिवारी की मौजूदगी में निरीक्षण किया।एडीसीपी ने मालाखाना,महिला हेल्प डेस्क का निरीक्षण कर थाना परिसर व बैरक की साफ सफाई, हिस्ट्रीशीट,अपराध रजिस्टर,समाधान दिवस रजिस्टर व त्यौहार रजिस्टर समेत कार्यालय के अन्य अभिलेखो को देख सही से रख रखाव के निर्देश दिये।एडीसीपी ने थाना प्रभारी समेत उपनिरीक्षको को प्राथमिकता पर जन शिकायतों का निस्तारण करने समेत
अपराध नियंत्रण के लिए क्षेत्र में पुलिस गश्त तेज करने का निर्देश भी दिए।

 साइबर जालसाजो का शिकार हुए किसान की पुलिस ने की मदद, साढे पन्द्रह लाख रूपये वापस मिले

निगोहां थाना क्षेत्र के मस्तीपुर गांव के एक किसान के खाते से साइबर जालसालो ने 18लाख रूपये की रकम उड़ा दी।मोबाइल में खाते से लाखो रूपये की रकम निकाले जाने का मैसेज आने के बाद किसान के होश उड़ गये।जिसके बाद किसान ने तुरंत निगोहां थाने पहुंचकर साइबर हेल्प डेस्क टीम से शिकायत की।जिसके बाद टीम ने साइबर जालसाजो का तत्काल खाता फ्रिज कराकर किसान को 15लाख50हजार रूपये की रकम खाते में वापस लौटाई।किसान को पैसे वापस मिले तो उसने थाना प्रभारी समेत साइबर टीम को धन्यवाद दिया।निगोहां के मस्तीपुर निवासी किसान अनिल द्विवेदी ने बताया उसने अपनी कृषि योग्य जमीन कुछ माह पूर्व बिक्री की थी,जिसका 18लाख रूपये के करीब पैसा उसके बैंक खाते में पड़ा हुआ था,साइबर जालसाजो ने जुलाई महीने में एटीएम ब्लाक होने की बात कहकर उससे पासवर्ड पुछकर उसके खाते से कई बार में 18लाख रूपये की बड़ी रकम पार कर खाता खाली कर दिया था।मोबाइल पर पैसे कटने का मैसेज आने के बाद उसके होश उड़ गये।जिसके बाद उसने आनन फानन निगोहां थाने पहुंचकर प्रभारी अनुज कुमार तिवारी से लिखित शिकायत करते हुये कार्यवाही की मांग की।जिसके बाद थाना प्रभारी ने साइबर हेल्प डेस्क टीम के उपनिरीक्षक मनीष कुमार व मुकेश तिवारी व महिला कास्टेबंल आशा व कास्टेबंल अमित यादव को जांच कर कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिये।जिसके बाद हेल्प डेस्क टीम ने त्वरित कार्यवाही करते हुये साइबर हेल्प लाइन नम्बर 1930पर शिकायत दर्ज कराकर जालसाजो के खाते फ्रिज कराकर किसान के खाते में 15लाख50हजार रूपये की रकम वापस लौटाई।खाते से जालसाजो द्वारा पार की गयी रकम वापस मिली तो किसान का चेहरा खिल उठा।उसने थाना प्रभारी अनुज कुमार तिवारी समेत साइबर हेल्प डेस्क टीम को धन्यवाद दिया।एडीसीपी रल्लापल्ली वसंथ कुमार व एसीपी रजनीश वर्मा ने किसान अनिल द्विवेदी को थाने बुलाकर उसकी जागरूकता की सराहना करते हुये साइबर टीम की पीठ थपथपा कर बंधाई दी।

जेल में बंद साइन सिटी के डायरेक्टर की जमीन रजिस्ट्री मामले में गवाह गिरफ्तार
-मोहनलालगंज पुलिस ने जेल में बंद साइन सिटी के डायरेक्टर की फर्जी आईडी से डेढ बीघे जमीन बेचने के फर्जीवाड़े में शामिल गवाह को गिरफ्तार कर भेजा जेल

वाराणसी जेल में बंद करोड़ों की ठगी करने वाले साइन सिटी कंपनी के डायरेक्टर अमिताभ श्रीवास्तव की मोहनलालगंज तहसील के अमेठी में स्थित डेढ बीघे जमीन फर्जी आईडी लगाकर जालसाजो ने फर्जी डायरेक्टर व गवाहो के जरिये तीन साल पहले बेच दी थी।शनिवार को पुलिस ने फर्जी दस्तावेजो के सहारे जमीन की रजिस्ट्री में गवाह विपिन यादव उर्फ अंशु निवासी शाहनटोला कस्बा गोसाईगंज को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया।फर्जी रजिस्ट्री करने की घटना में शामिल जेल में निरूद्व डायरेक्टर की पत्नी समेत अन्य फरार आरोपियो की पुलिस सरगर्मी से तलाश में जुटी है।एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया वाराणसी जेल में निरूद्व साइन सिटी के डायरेक्टर अमिताभ श्रीवास्तव की मोहनलालगंज तहसील के अमेठी गांव में स्थित डेढ़ बीघे जमीन 24 अगस्त 2022 को जालसाजो ने फर्जी आईडी का प्रयोग कर बेच दिया था।इसमें अमिताभ श्रीवास्तव को बेचने वाला दर्शाकर उसकी आईडी इस्तेमाल की गई। चिनहट निवासी पंकज मिश्रा को खरीदार और गोसाईगंज के शाहन टोला निवासी विपिन यादव व गोंडा निवासी ज्ञान प्रकाश अवस्थी को गवाह दर्शाया गया है। मामले में हाईकोर्ट में एक पिटीशन फाइल की गई। आरोप लगाया कि वारंट-बी पर पुलिस आरोपी अमिताभ को लेकर गई और लखनऊ पहुंचने के बाद अमिताभ ने मिलीभगत से उक्त जमीनों की रजिस्ट्री कर दी।इस आरोप की जांच वाराणसी पुलिस ने की तो पता चला कि 24 अगस्त 2022 को उक्त रजिस्ट्री हुई थी, उस वक्त आरोपी अमिताभ वाराणसी जिला कारागार में था। इसके बाद आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन के पुलिस अधीक्षक अपराध ने मोहनलालगंज पुलिस को केस दर्ज करने का आदेश दिया था। जिसके बाद उपनिरीक्षक श्यामराज सिंह की तहरीर पर जमीन बेचने वाले अमिताभ श्रीवास्तव, खरीदार पंकज मिश्रा, गवाह विपिन यादव, ज्ञान प्रकाश अवस्थी और उपनिबंधक कार्यालय के तत्कालीन अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी जालसाजी समेत अन्य धाराओ में मुकदमा दर्ज किया गया था।जिसके बाद विवेचना में पाया गया। जेल में निरूद्व अमिताभ श्रीवास्तव की पत्नी मीरा श्रीवास्तव की मिलीभगत से फर्जी अमिताभ को सबरजिस्टार आफिस में खड़ा कर पंकज मिश्रा के नाम जमीन की रजिस्ट्री करा दी थी।रजिस्ट्री में गवाह विपिन यादव‌ निवासी शाहन टोला थाना गोसाईगंज को प्रभारी निरीक्षक दिलेश कुमार सिंह के नेतृत्व में उपनिरीक्षक वीर बहादुर दूबे व पुलिस टीम ने शनिवार को मोहनलालगंज के पुरनपुर गांव के पास से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया ब्रोकर प्रवीण कुमार को पुलिस 11अगस्त को गिरफ्तार कर भेज चुकी है।

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