LUCKNOW:आक्सीटोसीन इन्जेक्शन की तस्करी करने वाले गिरोह के चार लोग पारा से गिरफ्तार

-बिहार से तस्करी कर राजधानी व आस पास के जिलों में करते थे बिक्री

-नकदी सहित भारी मात्रा में इंजेशन बरामद, बाजार मूल्य दो करोड़

  • REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK 

लखनऊ। यूपी एसटीएफ नें राजधानी के पारा थाना क्षेत्र के सरकारी विद्यालय के पास मुजफ्फर खेडा से अन्तर्राज्यीय स्तर पर अवैध रूप में आक्सीटोसीन इन्जेक्शन की तस्करी करने वाले गिरोह के चार सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। जिनके कब्जे से 20 गैलन 05 लीटर के व 39 बोरी में आक्सीटोसीन इंजेक्शन के साथ साथ नकदी बरामद हुई है। जिसकी कीमत करीब दो करोड़ रूपये बताई गई है। वही साथ में निर्माण से संबंधित सामग्री भी बरामद हुई है।

पकड़े गये इरफान निवासी सी-312 कैटल कालोनी भढाही टोला ठाकुरगंज, लखनऊ व दिलदार अली निवासी 128 महिमा खेडा, थाना रहीमाबाद, लखनऊ व शहनवाज निवासी ईसानगर निकट बाइपास पेट्रोल पम्प, थाना ईसा नगर, जनपद खीरी व मो० साहेबे निवासी 285 दर्जिन टोला तिलिया कोर, थाना जनपद रायबरेली बिहार राज्य से अवैध रूप में आक्सीटोसीन इन्जेक्शन की तस्करी करके उसकी बिक्री ऊँचे दामों पर करते थे।एसटीएफ चीफ अमिताभ यश नें बताया कि पकड़े गए आरोपियो का एक गिरोह है। जो लखनऊ एवं आस-पास के जनपदों में अवैध रूप से आक्सीटोसीन इन्जेक्शन की सप्लाई करते है। यह लोग बिहार राज्य से हाई डेनिसिटी के आक्सीटोसीन इन्जेक्शन पार्सल के माध्यम से मिनरल वाटर बताकर मंगाते है, जिसे या अपने हिसाब से अलग अलग साइज के एम्पुल में पैक करके उसकी सप्लाई लखनऊ एवं आस-पास के जिलों में करते है इस इन्जेक्शन का इस्तेमाल पशुओं के दूध निकालने, सब्जियों एवं फलों को कम समय में अधिक विकसित होने आदि के लिए किया जाता है। इस अवैध आक्सीटोसीन इन्जेक्शन की बिहार राज्य से सप्लाई करने के विषय में जानकारी की जा रही है।

एसटीएफ चीफ नें बताया कि स्वस्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार के गजट नोटिफिकेशन संख्याः 242 (ई) दिनांक 03-04-2001 द्वारा औषधि एवं प्रषाधन नियमावली-1945 के नियम 105 के अन्तर्गत आक्सीटोसीन इन्जेक्शन के विक्रय को मात्र सिंगल यूनिट ब्लिस्टर पैक में ही प्राविधानिक किया गया है। अवैध रूप में आक्सीटोसीन का व्यापार करना जन मानस के जीवन को संकट उत्पन्न होने की व अनेको प्रकार की बीमारियों की प्रबल सम्भावना होती है। इस इन्जेक्शन में मिलावट के तथ्यों के सम्बन्ध में उसका सैम्पल लेकर परीक्षण हेतु प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।

Aaj National

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