-बंथरा के जुनाबगंज चौराहे पर गड्ढे ही गड्ढे, विभाग सो रहा कुंभकर्णी नींद
- REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
लखनऊ। बंथरा क्षेत्र के जुनाबगंज चौराहे पर मोहनलालगंज जाने वाली मुख्य सड़क की हालत दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे पड़ गए हैं, जिससे वाहनों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों का कहना है कि लगभग 20-25 मीटर का हिस्सा पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो चुका है, जो न केवल दुर्घटनाओं को न्योता दे रहा है बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी को भी मुश्किल बना रहा है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की लापरवाही से नाराज लोग अब इस समस्या को लेकर आवाज उठाने लगे हैं।जुनाबगंज चौराहा बंथरा इलाके का एक महत्वपूर्ण जंक्शन है, जहां से बनी मोहनलालगंज, लखनऊ और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाली सड़क गुजरती है। बारिश के मौसम में सड़क की मरम्मत न होने के कारण यहां गड्ढे इतने गहरे हो गए हैं कि दोपहिया वाहन तो दूर, कार और ट्रक जैसे भारी वाहनों को भी निकालना जोखिम भरा हो गया है। स्थानीय निवासियों ने बताया हर रोज यहां से गुजरना पड़ता है, लेकिन गड्ढों की वजह से वाहन फंस जाते हैं। कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन विभाग के कान पर जूं तक नहीं रेंगती। इसी तरह एक ट्रक ड्राइवर संजय यादव ने कहा रात के समय तो यहां से गुजरना मौत को दावत देने जैसा है। लाइट न होने और गड्ढों की वजह से वाहन पलटने का खतरा हमेशा बना रहता है।समस्या की जड़ में विभाग की उदासीनता बताई जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पीडब्ल्यूडी अधिकारी इस सड़क की ओर ध्यान ही नहीं दे रहे, जैसे वे ‘कुंभकर्णी नींद’ सो रहे हों। ज्ञात हो कि जुनाबगंज चौराहे पर जहां गड्ढों से पूरी सड़क छलनी हुई पड़ी है, वहीं बनी मोहनलालगंज पूरी सड़क पर जगह-जगह गड्ढे उत्पन्न होने से बड़े-बड़े वाहनों का संचालन हो पाने में दिक्कतें आ रही हैं और रात के समय दुर्घटना भी हो जाती हैं।
बंथरा में पड़ोसियों द्वारा महिला के साथ मारपीट
थाना बंथरा क्षेत्र के भटगांव पाण्डे गांव में 30 अगस्त 2025 को एक महिला के साथ पड़ोसियों द्वारा मारपीट और गाली-गलौज का मामला सामने आया है। पीड़िता आरती, पत्नी राजा मुन्ना मौर्या, ने थाना प्रभारी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह अपने घर के दरवाजे पर थीं, जब उनके पड़ोसी रितेश मौर्या, सुनीता, रिंकी और मुस्कान ने एकजुट होकर उन्हें गंदी गालियां दीं और लात-घूसों से मारपीट की। इस घटना में आरती को आंतरिक चोटें आई हैं।आरती ने बताया कि उनके पति काम के सिलसिले में कुवैत में हैं, और आरोपियों ने उनके अकेलेपन का फायदा उठाया। इसके अलावा, आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। यह घटना मनरेगा के तहत नाली निर्माण के दौरान हुई। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आवश्यक कार्यवाही कर रही हैं।
चिकन की दुकान पर व्यक्ति के ऊपर बांके से हमला
बिजनौर थाना क्षेत्र के चन्द्रावल चौराहे पर 30 अगस्त 2025 को एक मारपीट और धमकी का मामला सामने आया है। विकास कुमार, पुत्र स्व. रामा आसरे, निवासी ग्राम लक्ष्मनखेड़ा, चन्द्रावल, ने अपनी तहरीर में बताया कि वह चिकन लेने के लिए चन्द्रावल चौराहे पर स्थित चिकन की दुकान पर गया था। वहां अनिकेत उर्फ छोटू, पुत्र छोटे लाल, निवासी ग्राम लक्ष्मनखेड़ा, ने उनसे 5000 रुपये की मांग की। रुपये देने से इनकार करने पर अनिकेत ने गाली-गलौज शुरू कर दी और विरोध करने पर दुकान पर रखे बांके से विकास कुमार पर हमला कर दिया, जिससे उनके दाहिने हाथ में गहरी चोट आई।विकास ने बताया कि दुकान पर मौजूद एक व्यक्ति ने उन्हें बचाया, लेकिन अनिकेत जाते समय जान से मारने की धमकी देता हुआ फरार हो गया। विकास ने बिजनौर थाना प्रभारी से तहरीर देकर उचित कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और छानबीन कर रही हैं।
पीएनसी कंपनी की लोहा चोरी से बने लखपति,लखनऊ-कानपुर हाईवे पर एलिवेटेड एक्सप्रेसवे निर्माण में लाखों का लोहा चोरी
लखनऊ-कानपुर हाईवे पर बंथरा से सरोजनीनगर थाना क्षेत्र तक बनाए जा रहे एलिवेटेड एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य में बड़े स्तर पर लोहे की चोरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीएनसी कंपनी द्वारा संचालित इस परियोजना में चोरों ने लाखों रुपए मूल्य का लोहा चुरा लिया है, जिसमें बच्चों की संलिप्तता ने सभी को चौंका दिया है। सूत्रों के अनुसार, इन नाबालिग बच्चों ने चोरी से इतनी कमाई की है कि वे लखपति बन गए हैं और अब जुआ तथा पार्टियों में हजारों रुपए उड़ा रहे हैं। मामले में कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है, साथ ही पुलिस (खाकी) और राजनेताओं (खादी) द्वारा चोरों को संरक्षण दिए जाने के दावे भी किए जा रहे हैं, क्योंकि जब कभी चोरी में पकड़े गए तो कार्यवाही के अलावा चोर बिना किसी कार्यवाही के छोड़ा भी गये है।
परियोजना की शुरुआत दिसंबर 2022 में हुई थी और तब से अब तक चोरी की घटनाओं ने कंपनी को गंभीर आर्थिक नुकसान पहुंचाया है। सूत्रों का कहना है कि कुल लोहे का लगभग 15 से 20 प्रतिशत हिस्सा चोरी हो चुका है, जिसमें बच्चों के अलावा अन्य चोर भी शामिल हैं। दिन के समय चोर छोटे बच्चों से निर्माण स्थल की रेकी करवाते हैं, जिसमें बच्चे साइट पर घूमकर लोहे की लोकेशन और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी इकट्ठा करते हैं। इसके बाद रात के अंधेरे में या अवसर मिलते ही चोरी की वारदात को अंजाम दिया जाता है।एक सूत्र ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “यह चोरी का एक संगठित गिरोह है, जिसमें बच्चे मुख्य भूमिका निभा रहे हैं क्योंकि उन्हें आसानी से पकड़ा नहीं जाता। कंपनी के कुछ कर्मचारी और अधिकारी भी इसमें शामिल हो सकते हैं, क्योंकि बिना आंतरिक मदद के इतने बड़े स्तर पर चोरी संभव नहीं लगती।” कंपनी को इस चोरी से करोड़ों का नुकसान होने का अनुमान है, जो परियोजना की समयसीमा और लागत दोनों पर असर डाल रहा है।चोरी से अमीर बने इन नाबालिग बच्चों की जीवनशैली भी हैरान करने वाली है। वे जुआ के अड्डों पर हजारों रुपए के दांव लगाते हैं और लगभग रोजाना शराब, रोटी और मांसाहारी व्यंजनों की दावतें आयोजित करते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ये बच्चे अब ‘छोटे डॉन’ की तरह व्यवहार कर रहे हैं, जो समाज के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है। मामले में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। दावे किए जा रहे हैं कि चोरों को खाकी (पुलिस) और खादी (राजनीतिक) संरक्षण प्राप्त है, जिसकी वजह से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। जानकारों का मानना है कि यदि मिलीभगत साबित हुई तो यह एक बड़ा घोटाला बन सकता है, जो उत्तर प्रदेश की इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करेगा।
