- REPORT BY:A.S.CHAUHAN || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS
लखनऊ। दक्षिणी जोन के पुलिस कमिश्नरेट में एक सनसनीखेज धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसमें विष्णु अग्रवाल नामक व्यक्ति ने
दिशादीप डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड और इसके अधिकारियों पर 60 लाख रुपये की धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है।
प्रथम सूचना रिपोर्ट के आधार पर, प्रार्थी विष्णु अग्रवाल ने कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर राजू श्रीवास्तव, डायरेक्टर राकेश पाण्डेय, जनरल मैनेजर नीरज सिंह, विनोद मिश्रा और अन्य तीन-चार लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज की है।विष्णु अग्रवाल, निवासी 205 सफायर होम्स-2, सरोजनी नायडू मार्ग, लखनऊ, ने बताया कि दिशादीप डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारियों ने उन्हें निवेश के नाम पर आकर्षक लाभ और प्लॉट की रजिस्ट्री का लालच दिया।
कंपनी ने वादा किया था कि निवेश की गई राशि को तीन साल में दोगुना करके लौटाया जाएगा या 3डी ग्रीन सिटी, सेक्टर-9 और सेक्टर-7 में प्लॉट की रजिस्ट्री की जाएगी। प्रलोभन में आकर पीड़ित ने 8 सितंबर 2017 को बैंक ऑफ बड़ौदा के चेक (2 लाख रुपये), पंजाब नेशनल बैंक के चेक (8 लाख रुपये) और 26 दिसंबर 2017 को 10 लाख रुपये नकद, कुल 20 लाख रुपये का निवेश किया।कंपनी ने निवेश के बदले रसीद और प्लॉट का एलॉटमेंट लेटर जारी किया, साथ ही 10 अक्टूबर 2017 और 27 मार्च 2018 को लिखित करार भी किया गया। इसके अतिरिक्त, कंपनी ने 10 लाख रुपये के दो चेक (ICICI बैंक, चेक नंबर 064681 और 064783) और मासिक किस्तों में 20 लाख रुपये लाभ सहित लौटाने का वादा किया। हालांकि, कंपनी ने न तो मासिक किस्तों का भुगतान किया और न ही प्लॉट की रजिस्ट्री की। दोनों चेक अपर्याप्त धनराशि के कारण 2 नवंबर 2020 और 19 मार्च 2021 को अस्वीकृत हो गए।धमकी और मानसिक उत्पीड़न: पीड़ित ने बताया कि जब उन्होंने निवेश की राशि वापस मांगी या प्लॉट की रजिस्ट्री की मांग की, तो कंपनी के अधिकारियों ने टालमटोल किया। 4 अप्रैल 2023 को राकेश पाण्डेय (मोबाइल पर पीड़ित को गंदी गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी, साथ ही कहा कि उनकी “ऊपर तक पहुंच” है और तुम कुछ नहीं कर पाएंगे। इससे पीड़ित और उनका परिवार मानसिक रूप से परेशान और भयभीत है।पीड़ित ने आरोप लगाया कि कंपनी ने साजिश के तहत धोखाधड़ी की और उनके 20 लाख रुपये के निवेश को हड़प लिया, जिसका कुल मूल्य लाभ सहित अब 60 लाख रुपये हो गया है। बंथरा पुलिस ने डीसीपी, दक्षिणी के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
लखनऊ-कानपुर हाईवे पर बंथरा में अवैध ट्रक एंट्री से बाढा खतरा,जाम और दुर्घटनाओं का केंद्र बिंदु
बंथरा थाना क्षेत्र में लखनऊ-कानपुर नेशनल हाईवे पर अवैध रूप से बड़े वाहनों की घुसपैठ ने यातायात व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर
दिया है। नो एंट्री जोन में ट्रक, कंटेनर और डंपर जैसे भारी वाहन निर्धारित समय से पहले ही प्रवेश कर रहे हैं, जिससे बनी से जुनाबगंज चौराहे तक हाईवे पर लंबी लाइनों में वाहन खड़े हो जाते हैं। इससे न केवल भयंकर जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है, बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी मंडरा रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बंथरा थाने की पुलिस और जुनाबगंज चौराहे पर तैनात ट्रैफिक पुलिस इन उल्लंघनों पर आंखें मूंद लेती है, और इसके बदले वाहन चालकों से अवैध वसूली करती है। यह रविवार रात लगभग साढ़े नौ और दस बजे की तस्वीरें हैं, जो हाईवे सड़क पर लगी बडल लाइन कतारों की हकीकत बयां कर रही है।इस समस्या की जड़ें गहरी हैं।
लखनऊ नगर निगम और ट्रैफिक नियमों के अनुसार, बड़े वाहनों को शहर की सीमा में रात्रि 11 बजे के बाद ही प्रवेश की अनुमति है, ताकि दिनभर की व्यस्तता के बीच यातायात सुगम रहे। लेकिन वास्तविकता इससे बिल्कुल उलट है। रात 9:30 बजे ही ये वाहन हाईवे पर घुस आते हैं और बनी क्षेत्र से जुनाबगंज तक लगभग दो किलोमीटर लंबी कतारें बना लेते हैं। परिणामस्वरूप, हाईवे पर डबल लेन का उपयोग अवरुद्ध हो जाता है, और छोटे वाहनों को जोखिम भरी ड्राइविंग करनी पड़ती है। स्थानीय निवासी रामकिशोर (नाम परिवर्तित), जो बनी के पास रहते हैं, ने बताया, “हर रात यही हाल है। ट्रक की लाइन इतनी लंबी हो जाती है कि एम्बुलेंस या अन्य इमरजेंसी वाहन भी फंस जाते हैं। एक बार तो मेरे पड़ोसी का बेटा स्कूल जाते समय ट्रक की चपेट में आ गया था। पुलिस आती तो है, लेकिन चालान काटने के बजाय नोट गिनती नजर आती है।”
यह समस्या नई नहीं है। बंथरा क्षेत्र लखनऊ-कानपुर हाईवे पर दुर्घटनाओं का हॉटस्पॉट बन चुका है। हाल के वर्षों में यहां कई भयावह हादसे दर्ज हो चुके हैं। उदाहरण के लिए, 6 सितंबर 2025 को बंथरा में ब्रेक फेल होने से एक अनियंत्रित ट्रक ने एक कुक को रौंद दिया, जिसमें मृतक का शरीर दो टुकड़ों में बंट गया। इसी तरह, 3 फरवरी 2025 को तेज रफ्तार ट्रक के आगे खड़े ट्रक से टकराने पर चालक की मौके पर मौत हो गई। 4 मार्च 2025 को एक ट्रक ड्राइवर की हत्या के बाद स्थानीय लोगों ने बनी-मोहान रोड पर शव रखकर हाईवे जाम कर दिया, जो दो घंटे तक चला। इन घटनाओं से स्पष्ट है कि अवैध पार्किंग और जाम न केवल यातायात बाधित करते हैं, बल्कि जानलेवा साबित हो रहे हैं।ट्रैफिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह समस्या हाईवे की बढ़ती व्यस्तता और अपर्याप्त प्रवर्तन से उपजी है। नो एंट्री उल्लंघन पर तत्काल जुर्माना और वाहन जब्ती जरूरी है। लेकिन अगर पुलिस ही लापरवाह हो, तो समस्या और गंभीर हो जाती है।
बतादे कि वर्ष 2022 में जुनाबगंज चौराहे पर एक ट्रक चालक को नो एंट्री में घुसने पर ट्रैफिक पुलिस ने पीटा था, जिसका वीडियो वायरल हो गया था। लेकिन अब लगता है कि ऐसी सख्ती कहीं खो गई है।स्थानीय व्यापारियों और किसानों ने भी अपनी चिंताएं जताई हैं। जुनाबगंज के एक दुकानदार ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “ये ट्रक रात में खड़े होने से सुबह तक जाम रहता है। फसल ले जाने वाले ट्रैक्टर भी फंस जाते हैं। हमने थाने में शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। लगता है वसूली का खेल चल रहा है।एक अन्य निवासी ने आरोप लगाया कि प्रति ट्रक 200-500 रुपये की वसूली होती है, जिसके बाद पुलिस चुप रह जाती है।यह मुद्दा न केवल बंथरा तक सीमित है, बल्कि पूरे लखनऊ-कानपुर कॉरिडोर को प्रभावित कर रहा है। अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो दुर्घटनाओं की संख्या में इजाफा होना तय है।एस.एस. आई. बंथरा ने बताया कि बड़ी गाड़ियों का प्रवेश समय से पहले सीमा में कैसे हो रहा है, इस मामले को देखता हूं और इन वाहनों के खिलाफ कारवाई की जाएगी।
तेज रफ्तार वाहन ने बुजुर्ग को मारी टक्कर, रिपोर्ट दर्ज
सरोजनीनगर थाना क्षेत्र में 17 सितंबर 2025 को शाम करीब 5 बजे एक दर्दनाक हादसा हुआ। कुरौनी, थाना बन्थरा निवासी अनुराग मौर्या के
पिता रूप नारायन को दरोगाखेड़ा चौराहे पर सड़क पार करते समय तेज गति से आ रही गाड़ी (नंबर UP25DT1192) ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि रूप नारायन गंभीर रूप से घायल हो गए, और उनके पैर की हड्डी टूट गई। हादसे के बाद चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया।सूचना मिलते ही परिजन घटनास्थल पर पहुंचे और घायल रूप नारायन को तुरंत जुनाबगंज, बन्थरा स्थित शाइन मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज चल रहा है। अनुराग मौर्या ने सरोजनीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उन्होंने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और उचित कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
