LUCKNOW:पर्यटन विभाग की जमीनी पहल, ग्रामीण महिलाओं ने बनाए 5 लाख दीये,क्लिक करें और भी खबरें

-ग्रामीण महिलाओं के लिए रामकथा पार्क में निःशुल्क स्टॉल

-दीपोत्सव : दीये की लौ से रोशन होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था, हुनर को मिलेगी वैश्विक पहचान-जयवीर 

  • REPORT BY:K.K.VARMA || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
लखनऊ।दीपोत्सव-2025 की तैयारियों के तहत उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए जमीनी स्तर पर पहल की है। इस दीप पर्व पर ग्रामीण महिलाओं के हाथों से बने लगभग पांच लाख दीयों से रामनगरी जगमगाएगी। इन दीयों की चमक न केवल दीपोत्सव की दिव्यता को और बढ़ाएगी, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया, हमारा प्रयास है कि दीपोत्सव सिर्फ रोशनी का उत्सव न रहकर सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण का प्रतीक बने। ग्रामीण महिलाएं इस प्रयास की प्रतिमूर्ति हैं।
ग्रामीण पर्यटन एवं ग्रामीण होम स्टे विकास कार्यक्रम परियोजना अंतर्गत महिलाओं को दीये बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। 15 अक्टूबर से दीये अयोध्या पहुंचने लगे।अयोध्या के गौराछार, रामपुरवा और बाराबंकी जिले के भगहर झील क्षेत्र के गांवों की महिलाओं ने दीपोत्सव-2025 को ध्यान में रखते हुए 5 लाख पारंपरिक मिट्टी के दीये तैयार किए हैं। ये हस्तनिर्मित दीये पवित्र नगरी अयोध्या को दीपोत्सव के अवसर पर और अधिक आकर्षक बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे। पर्यटन विभाग का मानना है कि दीप निर्माण से जुड़े परिवारों के लिए यह साल भर की आमदनी का व्यापक जरिया दे जाता है।
दीपोत्सव के दौरान अयोध्या के राम कथा पार्क में ग्रामीण महिलाओं को अपने दीयों और हस्तशिल्प उत्पादों की बिक्री के लिए निरूशुल्क स्टॉल प्रदान किए जा रहे हैं। इस पहल के माध्यम से हजारों पर्यटक और श्रद्धालु न केवल अयोध्या के दिव्य दीपोत्सव का आनंद लेंगे, बल्कि उत्तर प्रदेश की ग्रामीण परंपराओं और शिल्पकला के भी साक्षी बनेंगे। पर्यटन विभाग का उद्देश्य ग्रामीण पर्यटन को इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन से जोड़कर स्थानीय समुदाय की भागीदारी और आय में वृद्धि करना है, ताकि ग्रामीण पृष्ठभूमि के कारीगरों और महिलाओं की मेहनत को वैश्विक स्तर पर मान्यता और सराहना मिले।
दीपोत्सव केवल भक्ति और सांस्कृतिक आस्था का पर्व नहीं है, बल्कि ग्रामीण सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर भारत की भावना को भी प्रस्तुत करता है। इस वर्ष हमने दीपोत्सव को ग्रामीण पर्यटन से जोड़ने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। ग्रामीण महिलाओं ने अपने हाथों से लाखों दीये तैयार किए हैं, जो रामनगरी की रोशनी का प्रतीक बनेंगे। यह दृश्य न केवल अयोध्या की पवित्रता और सौंदर्य को बढ़ाएगाबल्कि ग्रामीण अंचलों को रोजगार, स्वाभिमान और पहचान से प्रकाशित भी करेगा। हमारा उद्देश्य है कि प्रदेश के प्रत्येक जनपद की पारंपरिक कला और संस्कृति को पर्यटन के माध्यम से विश्व स्तर पर पहचान दिलाना है ताकि स्थानीय हुनर को विशिष्ट पहचान मिले।

प्रदेश की  वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने को लेकर हुई चर्चा 

 प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने हेतु लिए गये संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए पर्यटन मुख्यालय में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  जयवीर सिंह की अध्यक्षता में डेलायट संस्था के साथ विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने डेलायट द्वारा अब तक प्राप्त की गयी उपलब्धियों एवं कार्यवाही की विधिवत समीक्षा करके आवश्यक निर्देश दिए।गोमती नगर स्थित पर्यटन भवन में उन्होंने डेलायट के प्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुतीकरण का अवलोकन करने के उपरान्त कहा कि प्रदेश में होमस्टे, ब्रेड एवं ब्रेकफास्ट नीति के तहत आगन्तुकों को ठहरने के लिए अधिक से अधिक कमरों की व्यवस्था करायी जाए। प्रदेश में आने वाले पर्यटकों के ठहराव की अवधि अधिक से अधिक हो ताकि गृह स्वामियों एवं होटल मालिकों की आमदनी बढ़े और हास्पिटलिटी सेक्टर का योगदान प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए।
पर्यटन मंत्री ने डेलायट कम्पनी एवंअधिकारियों को निर्देश दिए कि होम स्टे एण्ड ब्रेड एवं ब्रेकफास्ट नीति के सफल क्रियान्वयन के लिए सर्वेक्षण की गति तेज किया जाए। व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार की जाए ताकि इसका परिणाम धरातल पर दिखाई दे। बी एण्ड बी में अगर कोई दिक्कत आ रही हो तो उसकी व्यवहारिक कठिनाई को दूर करने के लिए नियमों को सरल बनाने का प्रस्ताव भी बनाया जाए। लिबरल करने से इसका दुरूपयोग न हो। होम स्टे के लिए कमरों का निर्धारित किराया 2000 से 3000 यदि ज्यादा हो तो  तर्कसंगत एवं विधिसंगत बनाया जाए। उन्होंने संयुक्त निदेशक प्रीति श्रीवास्तव को निर्देश दिए कि होम स्टे एवं बीएण्डबी योजनाओं की साप्ताहिक समीक्षा करे तथा 15 दिन के बाद महानिदेशक पर्यटन भी समीक्षा करके गतिरोध को दूर करते हुए प्रदेश का राजस्व बढ़ाने के लिए कार्य करें। डेलायट संस्था के प्रतिनिधियों को निर्देशित किया कि एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए योजना में सुधार, कठिनाई अथवा समस्या आती है तो इसको दूर करने के लिए सुझाव दें। सर्वे का डाटा शुद्ध एवं व्यवहारिक रूप से तैयार करने के भी निर्देश दिए। निर्देशों का समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए निर्देशित किया। इस बैठक में प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति तथा धर्मार्थ कार्य अमृत अभिजात, महानिदेशक पर्यटन राजेश कुमार द्वितीय, एमडी पर्यटन विकास निगम आशीष कुमार, पर्यटन सलाहकार जेपी सिंह सहित डेलायट के समन्वयक कार्तिक उपस्थित थे।

दीपोत्सव अयोध्या: रामायण काण्ड आधारित प्रदर्शनी, पुरातन एवं नवीन संस्कृति का अदभुत संगम होगा-जयवीर 

सकल सृष्टि आलोकित करने वाला दीपोत्सव अयोध्या-2025 इस वर्ष भी भगवान श्रीराम की पावन जन्मभूमि पर श्रद्धा, संस्कृति और सौंदर्य का अद्भुत संगम बनकर उभर रहा है। असंख्य दीपों की ज्योति से प्रकाशित अयोध्या नगरी एक बार फिर ‘सत्यम्, शिवम्, सुन्दरम्’ के भाव को मूर्त रूप देगी। यह दीपोत्सव केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता के अध्यात्म, मर्यादा और वैश्विक समरसता के संदेश का आलोक है, जो सम्पूर्ण विश्व को “रामत्व” की भावना से जोड़ता है। दीपोत्सव के अंतर्गत रामायण के सातों काण्डों पर आधारित भव्य प्रदर्शनी तथा अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों काआयोजन किया जा रहा है। प्रदर्शनी में बालकाण्ड से उत्तर काण्ड तक के सभी प्रसंगों को आकर्षक झांकियों, चित्रों, डिजिटल डिस्प्ले, ऑडियो विजुअल माध्यमों से प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, मर्यादा और भारतीय संस्कृति के शाश्वत मूल्य जन-जन तक पहुँच सकें।दीपोत्सव में अंतरराष्ट्रीय रामलीला विशेष आकर्षण का केंद्र होगी, जिसमें रूस, नेपाल, थाईलैंड, श्रीलंका, इंडोनेशिया आदि देशों के कलाकार अपने-अपने देश की रामकथाओं का भव्य मंचन करेंगे। साथ ही भारत के विभिन्न प्रदेशों के लोक कलाकार जैसे श्रीखोल और शाही जात्रा पश्चिम बंगाल, छऊ नृत्य झारखण्ड ढोलु कुनीथा कर्नाटक तलवार रास गुजरात घूमर-चरी राजस्थान झिझिया बिहार कावड़ी व कड़गम तमिलनाडु तथा बोनालू आंध्र प्रदेश अपनी पारंपरिक प्रस्तुतियों से इस सांस्कृतिक उत्सव को जीवंत करेंगे।यह समग्र आयोजन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल मार्गदर्शन एवं संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह के प्रेरक नेतृत्व में आयोजित किया जा रहा है। दोनों ही जनप्रतिनिधियों की दूरदर्शी सोच और सांस्कृतिक प्रतिबद्धता के परिणाम स्वरूप अयोध्या आज विश्व की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में स्थापित हो रही है। यह दीपोत्सव न केवल श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक बनेगा, बल्कि “विकसित भारत” के सांस्कृतिक आत्मविश्वास और वैश्विक एकता का प्रतीक होगा।

विवेक पांडेय को इंटरनेशनल बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में मिला स्थान

लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल ने आज अपने कैंप कार्यालय में राम भक्त हनुमान के 12,500 चित्रों का अद्वितीय और विशाल संग्रह करने वाले हनुमान भक्त विवेक पांडेय का अभिनंदन किया। इस वैश्विक उपलब्धि के लिए विवेक पाण्डेय का नाम, “इंटरनेशनल बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड” में दर्ज हो गया है। मेयर सुषमा खर्कवाल ने उनके सतत आध्यात्मिक और सामाजिक कार्यों की प्रशंसा की, वहीं विवेक ने अपना यह सम्मान पवनसुत मारुति नंदन को समर्पित करते हुए इसे, सभी हनुमान भक्तों का सम्मान बताया है। 2009 में हनुमान महाराज की प्रेरणा से विवेक पांडे ने सेवा कार्य शुरू किया था। 2012 में हनुमत सेवा समिति का गठन कर उन्होंने विधिवत हनुमत सेवा कार्य को अधिक वृहद स्तर पर संचालित करना शुरू किया।  2012 से ही उनके द्वारा हर साल राम हनुमत महोत्सव का आयोजन भव्य और दिव्य रूप में लखनऊ में करवाया जा रहा है। सदर रामलीला मैदान से शुरू हुआ। महोत्सव बलरामपुर गार्डन में किया जा रहा है।

भवन निर्माण कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता से समझौता स्वीकार्य नहीं-असीम

भवन निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुधार के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण एवं विकास निगम लिमिटेड यूपी सिडको की ओर से गुरुवार को भागीदारी भवन में कॉन्ट्रैक्टर्स कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाज कल्याण राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण ने की।कार्यक्रम में विभाग में पंजीकृत सभी श्रेणी के कॉन्ट्रैक्टर्स के साथ संवाद स्थापित कर गुणवत्तापूर्ण सामग्री के प्रयोग, तय मानकों के पालन, समयबद्धता और जवाबदेही पर चर्चा की गई।राज्यमंत्री असीम अरुण ने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल भवन बनाना नहीं, बल्कि उच्च गुणवत्ता वाले ढांचे का निर्माण करना है। निर्माणकर्ताओं के सुझावों से कार्यप्रणाली को और प्रभावी और पारदर्शी बनाया जाएगा। हर परियोजना में गुणवत्ता से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं होगा।इस अवसर पर यूपी सिडको के चेयरमैन  वाईपी सिंह ने कहा कि निर्माण क्वॉलिटी में पारदर्शिता और एकरूपता जरूरी है ताकि प्रदेश में उच्च स्तर के निर्माण कार्य सुनिश्चित किए जा सकें। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव एल.वेंकटेश्वर लू, प्रबंध निदेशक कुमार प्रशांत, उप निदेशक समाज कल्याण आनंद कुमार सिंह, उपनिदेशक आरपी सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी, अभियंता, निर्माणकर्ता और संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

कृषक उद्यान अधिकारी से संपर्क कर प्राप्त कर सकेंगे आलू बीज

प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि प्रदेश के आलू किसानों के हित में वर्ष 2025-26 हेतु विभागीय गुणवत्तायुक्त सभी श्रेणियों के आलू बीज की विक्रय दरों पर 800 रुपये प्रति कुंतल की छूट प्रदान की गयी है। किसानों को सभी प्रकार की विभागीय आलू बीज की दरें 1960 रुपये से 2915 रुपये प्रति कुंतल की दर से मिलेगा। आलू बीज में कम लागत आने से  किसान आलू की खेती करने के लिए प्रोत्साहित होंगे तथा गुणवत्तायुक्त बीज की उपलब्धता से प्रदेश में आलू उत्पादन में भी वृद्धि होगी।उद्यान मंत्री ने कहा कि वर्तमान में उद्यान विभाग के पास 41,876 कुंतल आलू बीज भंडारित है। विभाग द्वारा यह बीज नकद मूल्य पर किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि किसान आगामी वर्षों के लिए बीज उत्पादन कर सकें। छूट के उपरांत आलू बीज की श्रेणीवार आधारित प्रथम की 2915 रूपये आधारित द्वितीय की 2610, ओवर साइज आधारित प्रथम की 2040  ओवर साइज आधारित द्वितीय की 1985  आधारित प्रथम ट्रुथफूल की 1960 रूपये प्रति कुन्तल की विक्रय दर से किसानों को उपलब्ध कराया जायेगा।इस संबंध में विभाग द्वारा शासनादेश जारी कर दिया गया है। सफेद एवं लाल आलू बीज की विक्रय दरें एक समान रहेंगी। शोध संस्थाओं एवं सरकारी संस्थाओं को छूट प्रदान नहीं की जायेगी। किसान भाई विभागीय आलू बीज कम दरों पर अपने संबंधित जनपदीय उद्यान अधिकारी से संपर्क कर नकद मूल्य पर प्राप्त कर सकते हैं।

अटल आवासीय विद्यालय समिति की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय

उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड कार्यालय में आज अटल आवासीय विद्यालय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता श्रम एवं सेवायोजन विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. एमके शन्मुगा सुन्दरम् ने की। बैठक में श्रमायुक्त मार्कण्डेय शाही, अटल आवासीय विद्यालय की महानिदेशक पूजा यादव, नवोदय विद्यालय समिति के उप-आयुक्त बीके सिन्हा सहित वित्त, कार्मिक एवं शिक्षा विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं शिक्षाविद् उपस्थित रहे।बैठक में आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 की रणनीति, विद्यालयों के शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं प्रबंधन सुधारों पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रमुख सचिव ने कहा कि अटल आवासीय विद्यालयों को देश के आदर्श रेजिडेंशियल स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे वंचित एवं श्रमिक परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सम्मानजनक वातावरण प्राप्त हो सके।बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अब तक “निराश्रित अनाथ” कहे जाने वाले विद्यार्थियों को आगे से “राज्याश्रित” कहा जाएगा, जिससे उन्हें सम्मानजनक सामाजिक पहचान प्राप्त हो। अटल आवासीय विद्यालयों में निर्माण श्रमिकों के बच्चों के साथ-साथ कोविड-19 में निराश्रित एवं मुख्यमंत्री बाल सेवायोजना सामान्य से आच्छादित बच्चों को शिक्षा प्रदान की जा रही है। आगामी सत्र से अटल आवासीय विद्यालयों में प्रवेश परीक्षा, केंद्रीकृत रूप से ब्ठैम् के माध्यम से आयोजित की जाएगी ताकि सभी विद्यालयों में एकरूपता बनी रहे। प्रत्येक विद्यालय में स्थापित करने का निर्णय लिया गया है, जिससे छात्रों में नवाचार, वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं तकनीकी दक्षता का विकास हो सके।बैठक में सभी छात्र-छात्राओं को स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत लाने के निर्देश दिए गए, ताकि हर विद्यार्थी स्वास्थ्य सुरक्षा के दायरे में आए। होस्टल व्यवस्था, पोषण, सह-पाठयक्रम गतिविधियों और खेलकूद से संबंधित कई अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए।बैठक के समापन पर प्रमुख सचिव डॉ. शन्मुगा सुन्दरम् ने कहा कि संबंधित विभाग समन्वय के साथ कार्य करें ताकि अटल आवासीय विद्यालय देश के मॉडलरेजिडेंशियल स्कूल के रूप में स्थापित हो सकें और वंचित वर्ग के बच्चों को बेहतर भविष्य की राह मिल सके।

पूर्वांचल विकास निधि: अमेठी के लिए 100.64 लाख रूपये मंजूर

प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में पूर्वांचल विकास निधि राज्यांश के अंतर्गत  अमेठी की एक विकास परियोजना के क्रियान्वयन के लिए 1 करोड़ 64 हजार रूपये मंजूर किए हैं। इस संबंध में नियोजन विभाग द्वारा शासनादेश जारी करते हुए इसकी प्रति जिलाधिकारी, अमेठी को प्रेषित कर दी गई है।शासनादेश के अनुसार स्वीकृत धनराशि से  अमेठी के अहोरवा भवना हैदरगढ़ रोड से मलापुर होते हुए भिखरा बार्डर तक सीसी नवनिर्माण का कार्य कराया जाएगा। स्वीकृत धनराशि का उपयोग उसी प्रयोजन के लिए किया जाएगाा जिसके निमित्त स्वीकृत की गई है तथा किसी अन्य प्रयोजन के लिए नहीं किया जाएगा एवं व्यय स्वीकृत धनराशि तक सीमित रखा जाएगा।

आपदा प्रभावित व्यक्तियों,परिवारों को राहत सहायता के लिए 1.75 करोड़ रूपये मंजूर

प्रदेश के राजस्व विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य सरकार द्वारा घोषित विभिन्न आपदाओं से प्रभावित होने वाले व्यक्तियों परिवारों को राहत सहायता प्रदान किये जाने के लिए 1.75 करोड़ रूपये मंजूर किये हैं। यह धनराशि राज्य आपदा मोचक निधि के तहत मंजूर की गयी है। मंजूर की गयी धनराशि जिलाधिकारी के निवर्तन पर रखी गयी है।प्रयागराज के लिए 1 करोड़ रूपये तथा जौनपुर के लिए 75 लाख रूपये मंजूर किये गये हैं। शासन द्वारा निर्देश दिये गये हैं कि स्वीकृत धनराशि का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संबंधित जनपदीय कोषागार से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ई-पेमेन्ट डीबीटी के माध्यम से ही भुगतान सुनिश्चित किया जायेगा।

होमगार्ड मंत्री ने देखी माटीकला बोर्ड में चल रही प्रदर्शनी

प्रदेश के होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार धर्मवीर प्रजापति ने आज डालीबाग लखनऊ में चल रहे 10 दिवसीय माटी कला प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने प्रदर्शनी में लगी दुकानों पर जाकर मिट्टी से बने सजावटी सामानों के बारे में दुकानदारों से जानकारी ली एवं दीपावली के दृष्टिगत खरीददारी की।इस अवसर पर श्री प्रजापति ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प को साकार करने के लिए प्रदेश की योगी सरकार ने स्वदेशी स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वर्ष 2017 में माटी कला बोर्ड का गठन किया और मुझे इस बोर्ड का अध्यक्ष बनने का अवसर प्राप्त हुआ। मुझे खुशी है कि मेरे समाज के बन्धुओं को आगे बढ़ाने एवं उनके उत्थान के लिए सरकार ने एक बड़ी पहल की शुरूआत की। दीपावली के पहले प्रत्येक जनपद में माटी कला बोर्ड के तत्वाधान में प्रदर्शनी लगायी जाती है। सरकार ने प्रजापति समाज के लोगों की आर्थिक उन्नति के लिए मार्केटिंग की और व्यवस्था की, जिसका उद्देश्य समाज के लोगों को समृद्ध बनाना है। उन्होंने इस अवसर पर लोगों से आग्रह किया कि मिट्टी से बने दीये का अधिक से अधिक इस्तेमाल करें, जिससे कि इस व्यवसाय से जुड़े लोगों की आय में वृद्धि हो सके और उनकी भी दीवाली बेहतर ढंग से मन सके। जब लोग खरीददारी अधिक से अधिक करते हैं तो इस व्यवसाय से जुड़े लोगांे का मनोबल बढ़ता है।श्री प्रजापति ने कहा कि प्रदर्शनी में पारम्परिक एवं आधुनिक मिट्टी शिल्प के उत्कृष्ट नमूनों का प्रदर्शन किया गया है। इसका उद्देश्य माटी कला के समृद्ध विरासत को संरक्षित करने एवं नयी पीढ़ी को इससे जोड़ना है। मिट्टी से जीवन को आकार देने की यह परम्परा हमारी समृद्ध संस्कृति की जड़े हैं। ऐसी प्रदर्शनियां न केवल कला को बढ़ावा देती है बल्कि कलाकारों को मंच भी प्रदान करती हैं।

6 मृतक आश्रितों को दी अनुकम्पा नियुक्ति, परिवारों में लौटाई मुस्कान

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कर्मचारियों और उनके परिवारजनों के प्रति संवेदनशीलता का परिचय देते हुए महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की मंत्री बेबी रानी मौर्य ने  6 मृतक आश्रितों को अनुकम्पा नियुक्ति पत्र प्रदान किए। कार्यक्रम आज अपरान्ह 12ः30 बजे मंत्री के आवास, 3, विक्रमादित्य मार्ग पर आयोजित किया गया। इस अवसर पर विभाग के अंतर्गत विगत दिनों में दिवंगत अधिकारियों कर्मचारियों के आश्रितों को विभागीय नियमों के अनुरूप नियुक्ति प्रदान की गई। इस अवसर पर जिन मृतक आश्रितों को अनुकम्पा नियुक्ति दी गई, उनमें स्व हर्षवर्धन, बाल विकास परियोजना अधिकारी की पुत्री सुश्री रश्मि शर्मा को कनिष्ठ सहायक आवंटित मेरठ, स्व मिनी बाजपेयी, मुख्य सेविका के पुत्र सलिल बाजपेयी को कनिष्ठ सहायक आवंटित पीलीभीत, स्व नीरजा सिंह, मुख्य सेविका के पुत्र सिद्धार्थ सिंह कनिष्ठ सहायक आवंटित जनपद औरैया, स्व तारा देवी, मुख्य सेविका के पुत्र शरद कुमार चतुर्थ श्रेणी आवंटित जनपद चन्दौली, स्व सन्तलाल सविता, चतुर्थ श्रेणी के पुत्री कु शिखा सविता कनिष्ठ सहायक आवंटित जनपद-औरैया तथा स्व नरेश उपाध्याय, चतुर्थ श्रेणी के पुत्र लक्ष्य उपाध्याय चतुर्थ श्रेणी आवंटित कासगंज शामिल हैं।

Aaj National

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