-पुलिस को मौके से घटना में इस्तेमाल अवैध पिस्टल बरामद
- REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
लखनऊ। जमीन का धंधा करने के बाद भी कामयाबी न मिलने के दर्द नें 40 वर्षीय सैयद आबिद रजा नकवी को भीतर ही भीतर तोड़कर रख
दिया। इसी अवसाद में सैयद आबिद रजा नकवी ने गुरुवार को ठाकुरगंज क्षेत्र स्थित पंजतन हाइट के प्रथम तल पर कमरे के बाथरूम में अवैध असलहे से खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली।
पेट में गोली लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। उनका खून से लथपथ शव मकान के बाथरूम में पड़ा मिलने से घरवालों में कोहराम मच गया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस मामले की छानबीन कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस को मौके से घटना में इस्तेमाल अवैध पिस्टल बरामद हुई है। कयास लगाया जा रहा है कि कारोबार में घाटा होने पर आबिद रजा ने यह कदम उठाया है। पुलिस के मुताबिक इस मामले में कई बिंदुओं पर गहनता से पड़ताल की जा रही है।ठाकुरगंज क्षेत्र स्थित पंजतन हाइट के पहली मंजिल पर मकान नंबर 106 में 40 वर्षीय सैयद आबिद रजा नकवी जमीन का कारोबार करते थे, जबकि उनकी पत्नी एरा मेडिकल कॉलेज में बतौर अध्यापिका के पद पर कार्यरत हैं।
रोज की तरह सैयद आबिद रजा नकवी घर पर परिवार के साथ थे कि गुरुवार को अचानक कमरे से गोली चलने की आवाज सुनकर घर में मौजूद अन्य लोग भाग कर मौके पर गए तो देखा कि आबिद खून से लथपथ होकर बाथरूम में तड़प रहे थे। यह माजरा देख घरवाले दंग रह गए और आनन-फानन में इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस आबिद रजा को इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।पुलिस के मुताबिक मामले की छानबीन शुरू की गई तो मौके से एक अवैध पिस्टल मिली। बताया जा रहा है आबिद रजा नकवी ने पेट में गोली मारकर जान दे दी है।पुलिस के मुताबिक घरवालों ने बताया कि सैयद आबिद रजा नकवी प्रापर्टी डीलिंग का काम करते थे। इसी से कयास लगाया जा रहा है कि कारोबार में घाटा होने पर उन्होंने यह कदम उठा लिया। पुलिस का कहना है कि इससे इन्कार नहीं किया जा सकता, लिहाजा कई बिंदुओं पर गहनता से छानबीन की जा रही है।
चोरी करने घर में घुसे चोर को ग्रामीणों ने पकड़ा
सुनकर मकान मालिक अपने साथियों के साथ एक चोर को बेलचा सहित पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया जबकि उसके तीन साथी भाग निकले पुलिस ने पकड़े गये आरोपी चोर सहित चार चोरों के विरुद्ध चोरी के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है ।नगराम के समेसी कस्बा निवासी नवीन मौर्य की समेसी बाजार मे खुद की मार्केट मे लक्ष्मी स्वीट्स के नाम से होटल चलाते है। नवीन मौर्य ने बताया कि बीते दो दिनो से रात मे अज्ञात चोर बाउंड्री तोड़ कर भाग जाते थे जबकि चोरों को पकड़ने के लिए बीती रात को वह अपने घर पर गांव के कई अन्य साथियों के साथ घात लगाकर बैठे थे रात लगभग एक बजे चोरों ने पहले बाउंड्री बेलचे से तोडकर आंगन में आकर कमरे के होल के दरवाजे की कुंडी को तोड़ दिया इस बीच उन लोगों गांव के ही किशन तिवारी को बेलचा सहित दबोच लिया जबकि तीन अज्ञात चोर भाग निकले। थानाध्यक्ष नगराम विवेक चौधरी ने बताया नवीन मौर्या द्वारा दी गई तहरीर पर पकड़े गये चोर किशन तिवारी सहित तीन अन्य के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर किशन तिवारी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
ब्रह्मोस मिसाइल प्रोजेक्ट के सिस्टम इंजीनियर विसरा पिजर्व
-जांच के बाद पता चल पायेगा कारण, बिसरा जांच के लिए भेजा गया
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के ब्रह्मोस मिसाइल प्रोजेक्ट के सिस्टम इंजीनियर
आकाशदीप की संदिग्धावस्था में मौत को लेकर पुलिस नें अपनी जाँच शुरू कर दी है। घरवालों की माने तो दीपावली के मौके पर आकाशदीप घर आये थे। जहां बीती रात अचानक उसकी तबीयत खराब हो गयी। जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया। जहां उसकी मौत हो गयी।माना जा रहा है कि इंजीनियर आकाशदीप की हृदयाघात के चलते मौत हुई है। घटना की जानकारी के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अब पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की सही वजह का पता चल सकेगा। आलमबाग इंस्पेक्टर सुभाष चंद्र ने बताया मामले की छानबीन की जा रही है। सभी पहलुओं पर गहनता से पड़ताल हो रही है।मिली जानकारी के अनुसार लखनऊ के आलमबाग इलाके के ओमनगर में रहने वाले आकाशदीप पत्नी भारती गुप्ता के साथ दिल्ली में रहते थे। आकाशदीप रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) में ब्रह्मोस मिसाइल प्रोजेक्ट में सिस्टम इंजीनियर के पद पर तैनात थे। वहीं पत्नी भारती दिल्ली में केनरा बैंक में कार्यरत हैं। दोनों का विवाह इसी साल अप्रैल माह में हुई थी। दीपावली पर आकाशदीप पत्नी के साथ लखनऊ में स्थित पैतृक घर आए थे।आकाशदीप के पिता कुलदीप गुप्ता दो महीने पहले ही उत्तर प्रदेश पुलिस से सेवानिवृत्त हुए हैं। पिता के मुताबिक उनका बेटा बहुत होनहार था। बीटेक में गोल्ड मेडल भी हासिल किया था। बेटे की मौत के बाद भावुक पिता कुलदीप ने बताया कि बेटा दिल्ली में डीआरडीओ में इंजीनियर था। बहू के साथ वह दीपावली मनाने के लिए घर आया था। सबने मिलकर त्योहार मनाया।देर रात में खाना खाने के बाद सोने के लिए अपने-अपने कमरों में चले गए। कुछ ही देर बाद अचानक आकाशदीप की तबीयत खराब हो गयगी। उसे तुरंत लोकबंधु अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने स्वास्थ्य जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। आकाशदीप के परिवार में माता-पिता और एक बहन हैं। बेटे की मौत के बाद पूरा परिवार सदमे में है। मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। हलाकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नही आया है। विसरा को सुरक्षित करते हुए जाँच के लिए भेजा गया है। बिसरा की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का पता चलेगा। आलमबाग इंस्पेक्टर सुभाष चंद्र ने बताया की पुलिस नें अपनी जाँच शुरू कर दी है। पीएम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नही हुआ है। यह बिसरा रिपोर्ट आने के बाद पता चल पायेगा।
एक करोड़ की ठगी करने वाला जाजसाज गिरफ्तार
राजधानी में साइबर ठगों ने खुद को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और पुलिस अधिकारी बताकर एक बड़े डिजिटल अरेस्ट स्कैम को अंजाम दिया
है। ठगों ने कारोबारी होरक भट्टाचार्य से एक करोड़ 18 लाख रुपये से अधिक की ठगी कर ली। लखनऊ साइबर क्राइम पुलिस ने इस मामले का पर्दाफाश करते हुए गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है।यह ठगी 22 सितंबर को शुरू हुई, जब कारोबारी होरक भट्टाचार्य को अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉलर ने खुद को पुलिस अधिकारी विजय खन्ना बताकर कहा कि पीड़ित के नाम से दिल्ली के केनरा बैंक में फर्जी खाता खोला गया है। इसके तुरंत बाद, दूसरे कॉलर ने ईडी अधिकारी राहुल गुप्ता बनकर उनसे बात की। ठगों ने ‘जांच गोपनीय’ बताते हुए पीड़ित को किसी से बात न करने की चेतावनी दी और वीडियो कॉल पर ‘डिजिटल अरेस्ट कर लिया। पीड़ित को डराने के लिए $फर्जी गिरफ्तारी वारंट, कोर्ट के सीजर आदेश और वीडियो कॉल पर फर्जी पुलिस स्टेशन का सेटअप भी दिखाया गया। डर के मारे भट्टाचार्य ने अलग-अलग खातों में 1.18 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर कर दी। ठगों ने और पैसे मांगे तो पीड़ित को शक हुआ और उन्होंने शिकायत दर्ज कराई। साइबर क्राइम पुलिस ने इंस्पेक्टर बृजेश कुमार यादव के नेतृत्व में तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सैफलपुर, मलिहाबाद निवासी आरोपी कमलेश कुमार (उम्र 28 वर्ष) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि कमलेश पहले मिठाई का व्यवसाय करता था। अगस्त 2025 में सीतापुर निवासी अनुराग ने उसे बैंक खाते के लेन- देन पर 2 प्रतिशत कमीशन का लालच दिया। लालच में आकर कमलेश ने अपने नाम से बैंक खाते (इंडसइंड बैंक में) खोले और सिम/ दस्तावेज़ अनुराग को सौंप दिए। यह गिरोह विदेशी फ्रॉडस्टरों से जुड़ा था, जो क्रिप्टोकरेंसी में कमीशन लेते थे। कमलेश के खाते से करोड़ों रुपये की ठगी हुई, और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीसीआरपी) पर इस ठगी से जुड़ी 22 शिकायतें पूरे देश से मिली हैं। पुलिस ने आरोपी के खाते को फ्रीज़ कर आगे की कार्रवाई में जुटी है।
फर्जी अभिलेख तैयार कर बेच दी दूसरे की जमीन
-पुलिस नें किया गिरोह का खुलासा, पांच आरोपी गिरफ्तार
राजधानी की वजीरगंज पुलिस ने फर्जी अभिलेखों के आधार पर जमीन की बिक्री करने वाले पांच शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पकड़े गये अमित कुमार पुत्र राजाराम निवासी ढोलबाजा बीरपुर थाना माल लखनऊ व सूरज राजपूत पुत्र वीरबल वर्मा निवासी छठा मील कमलाबाद बढौनी थाना जानकीपुरम लखनऊ व सुधीर कुमार सिंह पुत्र बबब्न सिंह निवासी ग्राम घूरीपुर बडौनडीह थाना कादीपुर जिला सुल्तानपुर व ओमप्रकाश शुक्ला पुत्र राजकुमार शुक्ला नि. 555क/139 कनौसी थाना मानकनगर लखनऊ व वसीम पुत्र स्व0 कय्यूम नि0 ग्राम मडियाँव थाना जानकीपुरम लखनऊ नें कमलकान्त सिंह पुत्र स्व0 डा0 के0एम0 सिंह निवासी पुराना हैदराबाद निकट कालाकाकर हाउस की जमीन को मिलकर समतल कराकर फर्जी व्यक्ति व फर्जी महिला को खड़ाकर फर्जी हस्ताक्षर व अंगूठा निशानी बनाकर फोटो लगाकर साजिश व कूटरचना करते हुये रजिस्ट्री निष्पादित करा ली थी। जिसको लेकर कमलकान्त सिंह की तहरीर पर वजीरगंज पुलिस नें रिपोर्ट दर्ज की थी। पकड़े गये आरोपी धारा 319(2)/318(4)/338/336(3)/340(
बेरोजगारी से परेशान युवक ने की सुसाइड
राजधानी के तालकटोरा क्षेत्र में बेरोजगारी से परेशान एक युवक ने बुधवार शाम अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद
परिवार में शोक का माहौल है। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।मृतक की पहचान तालकटोरा थाना क्षेत्र के ई-5/1 राजाजीपुरम, डबल पुलिया निवासी आशु शंकर बाजपेई (40) पुत्र स्वर्गीय प्रभाकर दत्त बाजपेई के रूप में हुई है। उन्होंने बुधवार शाम करीब 8:30 बजे अपने घर के सीढ़ी की रेलिंग में रस्सी से फांसी लगा ली। परिजनों ने बताया कि आशु शंकर लंबे समय से बेरोजगार थे, जिसके कारण वे मानसिक तनाव में थे। परिजनों ने तुरंत आशु शंकर को राजाजीपुरम स्थित रानी लक्ष्मीबाई संयुक्त चिकित्सालय पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद तालकटोरा पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया मौत का कारण फांसी लगाना प्रतीत हो रहा है। हालांकि, घटना की सत्यता की पुष्टि के लिए गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने नियमानुसार पंचायतनामा भरकर शव का पोस्टमॉर्टम कराया है।
हाथ की नस काटकर हाईस्कूल की छात्रा ने किया सुसाइड
हाईस्कूल की छात्रा ने सुसाइड कर लिया। उसने घरवालों से कहासुनी के बाद हाथ की नस काट ली। समझाने पर किसी तरह मान गई। जैसे ही
उसकी मां उसके पास से हटीं तो वह कमरे में चली गई और खुद को अंदर बंद कर लिया। कुछ देर बाद जब घरवालों ने उसे बुलाया तो कोई आवाज नहीं आई। भाई ने चेक किया तो कमरा अंदर से बंद था। किसी तरह दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुआ तो देखा कि बहन दुपट्टे के सहारे हुक से लटक रही थी।
घटना सोमवार रात की है।मृतका की पहचान बंथरा थाना क्षेत्र के हरौनी गांव के दुर्विजय की बेटी ज्योति के रूप में हुई। मृतका के दो बड़े भाइयों और एक बहन की शादी हो चुकी है। पिता दुर्विजय राजमिस्त्री हैं। घटना वाले दिन ज्योति की घरवालों से कहासुनी हुई थी। पुलिस के अनुसार, ज्योति ने 20 अक्टूबर सोमवार को घर में कहासुनी के बाद हाथ की नस काट ली थी। उस झगड़े के बाद गुस्से में आकर उसने हाथ की नस काट ली थी।
परिवारवालों ने उसे समझाकर शांत किया, लेकिन जब मां नहाने चली गईं, तभी ज्योति ने कमरे का दरवाजा बंद कर फांसी लगा ली।दरवाजा बंद देखकर बड़े भाई सूरज ने हथौड़े से उसे तोड़ा, तो ज्योति पंखे से दुपट्टे के सहारे लटकी मिली। घरवाले फंदे से उतारकर आनन-फानन उसे कटी बगिया स्थित एक प्राइवेट हॉस्पिटल ले गए। वहां से हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने ज्योति को टीएस मिश्रा अस्पताल रेफर कर दिया।टीएस मिश्रा से ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। वहीं पर इलाज के दौरान बुधवार देर रात इलाज के दौरान ज्योति की मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
तालाब में उतराता मिला युवक का शव
बिजनौर थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक युवक का शव तालाब में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। मृतक के चेहरे पर चोट के निशान और मुंह से
खून निकलने के कारण परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है।मृतक की पहचान घसियारी मोहल्ला निवासी 23 वर्षीय सूरज राजपूत लोधी के रूप में हुई है, जो कैटरिंग का काम करता था। परिजनों के अनुसार, सूरज 21 अक्टूबर की शाम करीब साढ़े सात बजे घर से निकला था और रात भर वापस नहीं लौटा। गुरुवार सुबह लगभग साढ़े सात बजे सूरज के बड़े भाई नीरज ने घर से लगभग 500 मीटर दूर स्थित तालाब में उसका शव पानी में उतराता देखा। शव को बाहर निकालने पर सूरज के चेहरे पर गहरे चोट के निशान थे, मुंह से खून निकल रहा था और उसके हाथ की एक उंगली टूटी हुई थी।सूचना मिलने पर बिजनौर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
बाइक चोरी करते युवक को लोगों ने जमकर पीटा
बाइक चोर को लोगों ने चोरी करते रंगेहाथ पकड़ लिया। इसके बाद रस्सी से बांधकर उसकी पिटाई कर दी। बताया जा रहा है कि उसके साथ
दो और चोर थे जो मौके से भीड़ से बचकर भाग गए। चोर की पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।मामला तालकटोरा क्षेत्र का है। गुरुवार दोपहर पथरकटा बाजार में तीन युवक एक बाइक का लॉक जबरदस्ती खोल रहे थे। स्थानीय लोग यह देखते ही हल्ला मचाते हुए चोरों की ओर दौड़े। यह देखते तीन में से 2 चोर मौके से भाग गए, लेकिन एक चोर पकड़ में आ गया।
तालकटोरा थाना प्रभारी कुलदीप सिंह ने बताया- स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस पहुंच गई थी। लोगों ने एक युवक को खंभे के सहारे रस्सी से बांध रखा था। उसे सभी पीट रहे थे। पुलिस ने युवक को भीड़ से छुड़ाया। लोगों ने बताया कि वह बाइक चोरी कर रहा था। पकड़े गए युवक की पहचान सआदतगंज निवासी आशु के रूप में हुई है।
