-मेजबान और आयोजक भी मीट में नहीं आए
लखनऊ। मुंबई में 04 एवं 05 नवंबर को हुई डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटी मीट 2025 के विरोध में नेशनल कोऑर्डिनेशन कमिटी आफ
इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स द्वारा केंद्रीय विद्युत मंत्री को भेजे गए विरोध पत्र और विरोध प्रदर्शन की नोटिस का प्रभाव यह रहा कि बिजली कर्मियों के गुस्से को देखते हुए डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटी मीट 2025 में केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर, केंद्रीय विद्युत राज्य मंत्री यशोपद नायक और यहां तक कि मेजबान प्रदेश महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी नहीं आए।
निजीकरण के पीपीपी मॉडल पर गम्भीर मतभेद के चलते महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण निगम महावितरण के सी एम डी लोकेश चन्द्र आई ए एस जो आल इंडिया डिस्कॉम एसोशिएशन के अध्यक्ष भी है, ने भी इस मीट से दूरी बनाई और मुम्बई डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटी मीट 2025 में नहीं आए। महाराष्ट्र की प्रमुख सचिव ऊर्जा आभा शुक्ला आईएएस भी मीट में नहीं आई। यह चर्चा रही कि निजीकरण के मुद्दे पर ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोसिएशन के अध्यक्ष लोकेश चंद्र आई ए एस और महामंत्री यूपीपीसीएल के अध्यक्ष डॉक्टर आशीष गोयल आई ए एस के बीच मतभेद उभर कर सामने आ गए हैं जिसका परिणाम यह रहा कि बहु चर्चित मुम्बई डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटी मीट 2025 पूरी तरह फ्लॉप रही। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के केंद्रीय पदाधिकारियों ने आज यहां बताया कि सुधार के नाम पर विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण पर देशभर के विद्युत वितरण निगमों से मुहर लगवाने की मंशा से मुम्बई में आयोजित की गई डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटी मीट 2025 पूरी तरह फ्लॉप रही है। मीट में मुख्य एजेंडा विद्युत वितरण निगमों में पीपीपी मॉडल लागू करना था जिस पर बात ही नहीं हुई। संघर्ष समिति ने बताया की नेशनल कोऑर्डिनेशन कमिटी आफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स की ओर से केंद्रीय विद्युत मंत्री को एक माह पूर्व ही सूचित कर दिया गया था कि यदि निजीकरण के एजेंडा पर डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटी मीट की जा रही है तो बिजली कर्मी इसे स्वीकार नहीं करते। बिजली कर्मियों से पहले चर्चा की जाए और यदि केन्द्रीय विद्युत मंत्री नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी के पदाधिकारियों से मीट के पहले वार्ता नहीं करते और मीटिंग से निजीकरण का एजेंडा नहीं हटाया जाता तो बिजली कर्मी विद्युत मंत्री के समक्ष विरोध प्रदर्शन करेंगे। संघर्ष समिति ने कहा कि बिजली कर्मियों के विरोध का परिणाम यह रहा कि केंद्रीय विद्युत मंत्री, केंद्रीय विद्युत राज्य मंत्री, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव ऊर्जा और महाराष्ट्र विद्युत वितरण निगम के सी एम डी, इनमें से कोई भी डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटी मीट में नहीं आया। संघर्ष समिति ने बताया कि मुंबई डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटी मीट 2025 की सबसे चौंकाने वाली बात कह रही कि महाराष्ट्र के महावितरण के सी एम डी लोकेश चंद्र आईएएस जो इस मीट के मेजबान भी थे और आयोजक भी वे मीट में नहीं आए।
डिस्काम के अध्यक्ष और महामंत्री में मतभेद
संघर्ष समिति ने कहा की महाराष्ट्र के विद्युत वितरण निगम के बड़े अधिकारियों ने बताया कि निजीकरण को लेकर ऑल इंडिया डिस्कॉम
एसोशिएशन के अध्यक्ष लोकेश चंद्र और महामंत्री आशीष गोयल जो उप्र पॉवर कॉरपोरेशन के चेयरमैन है के बीच में गहरे मतभेद हो गए हैं। इसी के चलते मुंबई डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटी मीट 2025 पूरी तरफ फ्लॉप हो गई। उसमें केंद्रीय मंत्री से लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री तक आए और न ही अधिकांश प्रांतों के चेयरमैन और एम डी आए। संघर्ष समिति ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष ने एक साल पहले निजीकरण का निर्णय घोषित कर बिजली कर्मियों का गुस्सा बढ़ा दिया है। लगातार आंदोलन चल रहा है और कार्य का वातावरण पूरी तरह बिगड़ चुका है। समय की आवश्यकता यह है की पावर कारपोरेशन के प्रबंधन को निजीकरण का निर्णय निरस्त कर वास्तविक सुधार कार्यक्रम पर बिजली कर्मियों से वार्ता करनी चाहिए। बिजली कर्मी सुधार हेतु लगातार प्रयत्नशील है और उसके अच्छे परिणाम भी आ रहे हैं। संघर्ष समिति के आह्वान पर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में चल रहे हैं आंदोलन के आज 343 वें दिन बिजली कर्मियों ने प्रदेश के समस्त जनपदों में व्यापक विरोध प्रदर्शन जारी रखा।
अधिक बिल आने से उपभोक्ताओं में आक्रोश,उपभोक्ता परिषद ने जताई चिंता
उत्तर प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटरों की स्थापना को लेकर उपभोक्ताओं में लगातार असंतोष बढ़ता जा रहा है। प्रदेश में 15 अक्टूबर तक कुल 44
लाख 37 हजार 726 स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा चुके हैं, जिनमें से 20 लाख 66 हजार 585 मीटरों को प्रीपेड मोड में कन्वर्ट भी कर दिया गया है।लेकिन उपभोक्ताओं की शिकायत है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगने के बाद उनके बिजली बिल पहले से अधिक आ रहे हैं, जिससे आम उपभोक्ता वर्ग में नाराजगी बढ़ रही है।
उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने इस मामले में गंभीर सवाल उठाते हुए कहा है कि,“जिन उपभोक्ताओं के मीटर प्रीपेड में कन्वर्ट किए गए हैं, उन्हें नियमानुसार दो प्रतिशत की रिबेट मिलनी चाहिए। ऐसे में उनका बिजली बिल स्वाभाविक रूप से दो प्रतिशत कम होना चाहिए। अगर ऐसा नहीं हो रहा है, तो यह चिंता का विषय है।”वर्मा ने आगे कहा कि पावर कॉरपोरेशन और प्रदेश की बिजली कंपनियों की नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि वे इस पूरे मामले में पारदर्शिता लाएं और सार्वजनिक रूप से यह आंकड़े जारी करें। उपभोक्ता परिषद की तरफ से पूछा गया कि सितंबर – अक्टूबर 2024 में प्रीपेड और स्मार्ट प्रीपेड उपभोक्ताओं का कुल बिल जब उनके परिसर पर साधारण इलेक्ट्रॉनिक मीटर लगा था उसकी राजस्व वसूली निर्धारण कितनी हुई।सितंबर-अक्टूबर 2025 में उन्हीं उपभोक्ताओं का कुल बिल जब उनका बिजली बिल स्मार्ट प्रीपेड मीटर व प्रीपेड मीटर के आधार पर जारी हुआ और राजस्व वसूली निर्धारण कितनी रही।
उन्होंने कहा कि अगर तुलना में यह स्पष्ट होता है कि 2ः की रिबेट का असर बिल में दिख रहा है, तो यह साबित होगा कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर ठीक काम कर रहे हैं।लेकिन अगर बिल में भारी अंतर पाया जाता है, तो तत्काल इस प्रक्रिया को रोकते हुए स्मार्ट प्रीपेड मीटरों की एक्यूरेसी जांच के लिए उन्हें राष्ट्रीय विद्युत प्रयोगशाला में भेजा जाना चाहिए।वर्मा ने यह भी कहा कि उपभोक्ताओं का भरोसा बनाए रखने के लिए बिजली कंपनियों को पारदर्शिता से आंकड़े जारी करने होंगे, ताकि प्रदेश में उपभोक्ता संतुष्टि के साथ बिजली व्यवस्था को विश्वसनीय बनाया जा सके।
अभियान चलाकर 25 झुग्गियाँ और 10 फल गोदाम हटाए गए
नगर आयुक्त गौरव कुमार के निर्देश पर बुधवार सुबह जोन-3 में बड़े स्तर पर अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया गया। यह अभियान जोनल
सेनेटरी अधिकारी मनोज कुमार यादव के नेतृत्व में डालीगंज पुल से सटे पुल क्षेत्र में संचालित किया गया, जहाँ लंबे समय से अस्थायी झुग्गियाँ, फल के गोदाम और ठेले-खोमचे लगने के कारण आवागमन प्रभावित हो रहा था। साथ ही क्षेत्र में कूड़ा जमने, गंदगी फैलने और सुचारु यातायात में बाधा की शिकायतें भी लगातार प्राप्त हो रही थीं।
अभियान के दौरान नगर निगम की टीम ने पुल किनारे बनी 25 से अधिक झुग्गियों, 10 फल गोदामों, 35 ठेलों और लगभग 100 काउंटरों को हटवाया। कार्रवाई के समय कुछ अवैध कब्जेदारों द्वारा विरोध प्रयास भी किया गया, जिसे सफाई सुपरवाइजरों की टीम ने शांतिपूर्ण तरीके से नियंत्रित किया और अभियान बिना रुकावट जारी रखा गया।जोनल सेनेटरी अधिकारी ने बताया कि डालीगंज पुल के दोनों ओर वर्षों से अस्थाई रूप से अतिक्रमण किया जा रहा था, जिसके कारण मार्ग संकुचित हो गया था तथा स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। नगर निगम द्वारा कई बार नोटिस एवं समझाइश दिए जाने के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिसके बाद यह कार्रवाई आवश्यक हो गई थी।उक्त स्थल को नगर निगम अब नवाचार के रूप में विकसित करेगा, जिससे क्षेत्र की साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण और यातायात व्यवस्था बेहतर हो सके। यहाँ हरियाली, सार्वजनिक उपयोग के स्थल और पथ-मार्ग को व्यवस्थित करने की योजना पर काम शुरू किया जा रहा है।कार्रवाई के दौरान एसएफआई पुष्कर पटेल, प्रमोद गौतम, प्रशांत मिश्र (एलएसए), विनय सहित नगर निगम के अनेक अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि शहर में स्वच्छता, यातायात सुगमता और सार्वजनिक स्थानों को अतिक्रमण मुक्त बनाए रखने की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
समाजसेवी प्राग दत्त का 88 वा जन्मदिवस मनाया
समय का सदुपयोग करते हुए प्रत्येक कार्य पढ़ाई लिखाई, नौकरी ,व्यापार ,पारिवारिक जिम्मेदारी ,समाजिक आदिकार्यों समय से पूरा किया
जाना चाहिए. न तेरा है न मेरा है ,खाली हाथ आया है और खाली हाथ जाएगा, समय मूल्यवान है इस बात को ध्यान में रखते हुए परस्पर मिलजुल कर सकुशल रहने की आदत डालें ।एक दूसरे भाई बहन, परिजन, मित्र जन के साथ उठना बैठना वार्तालाप संवाद खानपान भाईचारा रखें तथा कमजोर जरूरतमंद की आर्थिक मदद भी करें। इससे संतोष , सुख समृद्धि भी मिलती है।नकारात्मक सोच न आने दे ,हमेशा पॉजिटिव रहे.
यह बात स्थानीय कैलाशपुरी ई, मान्यवर काशी राम इको गार्डन के निकट गयात्री सदन में समाजसेवी , पत्रकार व पूर्व लेखाधिकारी प्रागदत्त ने अपने 88 वा जन्मदिवस के कार्यक्रम के कहीं।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क बास करता है इसलिए स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना चाहिए समय से उठाना समय से सोना समय से खाना उचित खान पान का ध्यान रखा जाए. समाजसेवी प्राग दत्त ने इस मौके पर अपनी परनातिन बेबी रोजी दत्त खन्ना को बेबी ज्ञानवर्धक किताब ,भोंपू, स्कूटी, बेबी मेडिकल इंस्ट्रूमेंट आदि भेंट स्पर्श कराकर प्रेम स्नेह भी दिया।इस मौके पर पूर्व निदेशक स्वास्थ्य डॉ रेखा रानी, पूर्व उपनिदेशक सूचना प्रमोद कुमार, अधिशासी अभियंता सुनील दत्त, प्रोफेसर डा प्राजंलि दत्त खन्ना, उत्कर्ष, इंअभिषेक दत्त आदि ने पुष्प गुच्छ देकर हार्दिक बधाई व दीर्घायु की कामना की है।
सीएमओ डॉ सुरेश कुमार, विशेषज्ञ डॉक्टर इंदिरा राजेश, डॉ उमादत, लघु एवं मध्यम उद्यम भारत सरकार के आईईडीएस असिस्टेंट डायरेक्टर प्रतीक कटारिया भारतीय उद्यम विकास सेवा, डॉ विनोद कुमार डॉक्टर चीकू, इं अनु दत्त, योशिता, इं शक्ति कृष्ण त्रिपाठी, लाइफ इंश्योरेंस के रामअचल, आशीष सक्सेना, केजीएमयू के प्रोफेसर डॉ प्रमोद डेविड आदि ने भी हार्दिक बधाई व दीर्घायु की कामना की है।
