- REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
लखनऊ।लाटूश रोड स्थित पीली मस्जिद के पास चलती ऑटो में सवार परिवार से दो बाइक सवार बदमाशों ने पर्स छीन लिया और फरार हो
गए।सीतापुर निवासी राम हरख अपने परिवार के साथ चारबाग से कैसरबाग बस स्टैंड जा रहे थे। सुबह करीब 3:40 बजे उनकी बेटी प्रीति भार्गव के हाथ से बाइक सवार दो अज्ञात युवक चलते ऑटो में से पर्स छीनकर फरार हो गए। पर्स में दो मोबाइल फोन, 1500 नकद, दो चांदी के कंगन, दो चांदी की अंगूठियाँ, एक जोड़ी पायल और एक टूटी हुई चांदी की गले की जंजीर रखी हुई थी। पीड़ित परिवार ने तुरंत ऑटो रुकवाकर बदमाशों का पीछा करने की कोशिश की, लेकिन वे उन्हें पकड़ नहीं सके। घटना की सूचना थाना अमीनाबाद में दी गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
साइबर जालसाजों ने टीचर को बनाया ऑनलाइन ठगी का शिकार
साइबर ठगों ने दो अलग-अलग घटनाओं में एक महिला शिक्षिका और एक बैंक ग्राहक को निशाना बनाया। दोनों मामलों में ऑनलाइन फ्रॉड
की। पुलिस ने प्रार्थना पत्र के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पहली घटना थाना गुडम्बा क्षेत्र की है, जहां सुहानी सलीम, जो जीवन धारा कॉन्वेंट इंटर कॉलेज में शिक्षिका हैं, ऑनलाइन जॉब के झांसे में आकर ठगी की शिकार हो गईं।सुहानी ने बताया कि दिनांक 6 जुलाई को उन्हें एक व्यक्ति ने वॉट्सऐप व टेलीग्राम कॉल के माध्यम से वर्क फ्रॉम होम का ऑफर दिया। टास्क पूरा करने पर मुनाफा देने का लालच देकर आरोपियों ने उनसे दो बार में 65,000 रुपए जमा करवा लिए। जब वापस मांगने की बारी तो वो लोग और पैसे मांगने लगे। साइबर पुलिस की कार्रवाई से 40,814 रुपए होल्ड हो गई। दूसरी घटना थाना गोमती नगर की है।
पीड़ित राम कुमार सोनी ने बताया कि उनका यूको बैंक शाखा पत्रकारपुरम में खाता है। उनके पास किसी भी तरह का लिंक या मैसेज उनके मोबाइल पर नहीं आया और बिना किसी सूचना के खाते से 1,98,501/- रुपए कट गए। उन्होंने साइबर क्राइम सेल हजरतगंज में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। थाना प्रभारी गुडम्बा व गोमती नगर ने बताया कि शिकायतें प्राप्त हो चुकी हैं, और बैंक एवं साइबर सेल के समन्वय से ठगों तक पहुंचने के प्रयास जारी हैं।
छात्रा से दोस्ती कर खींची अशलील फोटो
एक छात्रा ने युवक पर नाम बदलकर दोस्ती करने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि युवक ने झूठी पहचान बनाकर पहले दोस्ती
की, फिर उसकी प्राइवेट तस्वीरें खींचकर ब्लैकमेल और छेड़छाड़ शुरू कर दी। जब सच्चाई सामने आई तो युवक छेड़छाड़ की।
फोटो वायरल करने और परिवार को जान से मारने की धमकी दी।छात्रा इसकी शिकायत करने थाना पुलिस के पास गई तो उसकी बात नहीं सुनी गई। परेशान छात्रा ने डीसीपी दक्षिणी से न्याय की गुहार लगाई है। युवती ने बताया कि कुछ महीने पहले सोशल मीडिया के जरिए उसकी मुलाकात एक युवक से हुई, जिसने अपना नाम मिश्रा बताया।
बातचीत बढ़ने के बाद युवक ने भरोसे का फायदा उठाकर उसकी कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें खींच लीं। बाद में युवती को शक हुआ और उसने पता लगाना शुरू किया कि आखिर वह कौन है। पता चला कि वह युवक मिश्रा नहीं, बल्कि सुहेल सिद्दीकी पुत्र मुमताज सिद्दीकी है। वह बालागंज का रहने वाला है और दुबग्गा चौराहे पर सुहेल कार सेल के नाम से दुकान चलाता है।
पीड़ित का कहना है कि असली पहचान सामने आने के बाद उसने सुहेल से बात करना बंद कर दिया। इसके बाद आरोपी ने उसके घर जाकर फोटो वायरल करने की धमकी दी और जबर्दस्ती संबंध बनाने का दबाव डालने लगा। विरोध करने पर उसने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता की तहरीर पर डीसीपी के निर्देश के बाद कृष्णानगर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ।
फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र से 25 लाख हड़पने वाले दम्पत्ति गिरफ्तार
हजरतगंज पुलिस ने फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र लगाकर बीमा का पैसा लेने वाले दंपती को गिरफ्तार किया है। दंपती ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए
बीमा कंपनी से 25 लाख रुपए हड़प लिए थे। दंपती ने पति की मौत दिखाकर बीमा दावा पेश किया लेकिन कंपनी की अंदर की जांच में खुलासा हुआ कि पति जिंदा है।
अवीवा इंडिया बीमा कंपनी के अधिकारी संदीप मधुकर ने 9 अक्टूबर 2025 को हजरतगंज थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया कि रवि शंकर नाम के व्यक्ति की 5 दिसंबर 2012 को 25 लाख रुपए की बीमा पॉलिसी जारी की गई थी। 9 अप्रैल 2023 को रवि शंकर की पत्नी केश कुमारी ने दावा किया कि उनके पति की मृत्यु हो चुकी है और बीमा के 25 लाख का दावा किया।
कंपनी ने मृत्यु प्रमाणपत्र और अन्य कागजात के आधार पर 25 लाख रुपए के जरिए केश कुमारी के खाते में ट्रांसफर कर दिए। कुछ समय बाद कंपनी की आंतरिक जांच में पता चला कि रवि शंकर जीवित हैं और उनकी मौत का प्रमाणपत्र जाली है। इस पर उन्होंने दोनों जगह थाने में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने दोनों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया। पूछताछ में दोनों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों की पहचान प्रगतिपुरम कॉलोनी, रतापुर रायबरेली रवि शंकर और उसकी पत्नी केश कुमारी के रूप में हुई।दोनों सेक्टर एफ-1, सीतापुर रोड जानकीपुरम लखनऊ में किराए के मकान में रहते थे।
रवि शंकर कलेक्शन एजेंट का काम करता है जबकि पत्नी केश हाउसवाइफ है। इंस्पेक्टर हजरतगंज विक्रम सिंह का कहना है कि दोनों ने मिलकर फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाकर बीमा कंपनी को धोखा दिया था। अब दोनों से यह जांच की जा रही है कि इस साजिश में और कौन-कौन शामिल था।
