-एटीएस की पूँछ तांछ पर उगले कई राज, दी अहम जानकारी
-बिलाल अलकायदा के एक्स चीफ आसिम उमर संभली से था बहुत प्रभावित
- REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
लखनऊ।भारत के खिलाफ हिंसात्मक जिहाद करने की योजना बनाने वाले आतंकी संगठन एक्स के सदस्य बिलाल खान नें यूपी एटीएस के
सामने अपनी योजना को अंजाम देने के कई राज खोले है। जिस पर एटीएस पड़ताल में जुटी है।बीती चार नवम्बर से नौ नवम्बर तक रिमांड पर लिए गये बिलाल अहमद नें एटीएस को कई अहम जानकारी दी है।
एटीएस के मुताबिक आरोपी बिलाल लगभग चार हजार पाकिस्तानी नंबरों से जुड़ा हुआ था। बिलाल अपने पाकिस्तानी एक्स हँडलरों के लगातार सपर्क में रहकर एक्स की गतिविधियों को अंजाम देने की प्लानिंग के लिए निर्देश प्राप्त कर रहा था। अलकायदा के संस्थापक सदस्यों, ओसामा बिन लादेन व अयमान अल जवाहिरी के द्वारा आसिम उमर संभली मूलतः संभल उत्तर प्रदेश का निवासी है एक्स (अलकायदा भारतीय उपमहाद्वीप) का प्रथम चीफ के रूप में नियुक्त किया गया था।बिलाल एक्स चीफ आसिम उमर संभली से बहुत प्रभावित था। उसके हिंसात्मक जिहादी सिद्धान्तों, उदबोधनों व उद्धरणों को प्रचारित व प्रसारित करता था।
एटीएस के मुताबिक बिलाल सोशल मीडिया के जरिये अपने आतकी मंसूबों को पूरा करने के लिये हजारों पाकिस्तानी व्यक्तियों के साथ जुड़कर कई देश विरोधी सोशल मीडिया ग्रुपों के माध्यम से भारत की संवैधानिक सरकार को गिराने के लिये व भारत की सविधान द्वारा स्थापित संस्थाओं का विरोध करते हुये भारत के विरुद्ध हिंसात्मक जिहाद के माध्यम से युद्ध छेड़ शरिया कानून का राज्य स्थापित करने के लिये एक्स प्रतिबन्धित आतंकी संगठन के सक्रिय सदस्य के रुप में आतंकी गतिविधियां कारित करने की घातक योजना बना रहा था।
एटीएस के मुताबिक सामने आया है कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद बिलाल आपरेशन सिन्दूर में मारे गये आतंकियों को शहीद बताकर उनका महिमामंडन करता था एवं भारतीय सैन्य एवं अन्य सुरक्षा बलों को अपशब्द कहते हुए उनके विरोध के वीडियो भी शेयर करता था। पाकिस्तानी सेना के समर्थन से कश्मीर को भारत से आजाद कराने वाले चैट्स एवं वीडियो भी प्रचारित प्रसारित करता था।बिलाल ने एक्स पर निष्ठा की शपथ अपने पकिस्तानी एक्स हैण्डलर से ले रखी थी।
एटीएस के मुताबिक बिलाल ने अपने सोशल मीडिया ग्रुप में आसिम उमर (प्रथम एक्स चीफ) को श्रद्धांजलि देते हुए ग्रुप के सदस्यों के मध्य आसिम उमर के उद्धरण कि ‘अगर आप जिहाद के रास्ते पर चलेंगे तो मोरक्को से लेकर फिलीपींस तक मुजाहिद्दीन आपके समर्थन में खड़े हो जाएंगे और जहा मुजाहिद्दीन का पसीना गिरेगा यहाँ लोग खून बहा देंगे।पुलिस अभिरक्षा रिमांड अवधि में बिलाल के अन्य साथियों और जिहादी पुलिस गतिविधियों में संलिप्त इसके अन्य सहयोगियों के बारे में विस्तृत पूछताछ की जारी है।बतादे कि बिलाल को नौ दिवस की पुलिस अभिरक्षा रिमाण्ड पर लेकर यूपी एटीएस पूंछ तांछ कर रही है। वह अलकायदा इन इंडियन सब- कॉटीनेंट का सक्रिय सदस्य है। बिलाल खान पुत्र शरीफउल्ला, निवासी ग्राम पापरी, तीतरों नकुड, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश का रहने वाला है।इसके विरुद्ध मुकदमा अपराध संख्या विरुद्ध -11/2025 दर्ज है। इसे 15 अक्टूबर 2025 को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
सर्वश्रेष्ठ रिकवरी के लिए आजमगढ़ पुलिस को मिला सम्मान
-डीजीपी नें दी आजमगढ़ पुलिस को बधाई
भारत सरकार के दूरसंचार विभाग नें आजमगढ़ पुलिस को सीईआईआर पोर्टल पर सर्वश्रेष्ठ रिकवरी के लिए सम्मानित किया है।इसको
लेकर डीजीपी नें आजमगढ़ पुलिस को बधाई दी है। यह सम्मान मोबाइल फोन रिकवरी के लिए आजमगढ़ पुलिस को मिला है। भारत सरकार के संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग ने यह सम्मान कसौली हिमांचल प्रदेश में आयोजित नॉर्थ जोन सुरक्षा सम्मेलन कार्यक्रम के दौरान डीजी टेलीकॉम सुनीता चंद्रा द्वारा प्रदान किया गया ।इस कार्यक्रम के दौरान आजमगढ़ पुलिस नें किस प्रकार से प्राप्त की है। इसको लेकर डीजी टेलीकॉम सुनीता चंद्रा नें प्रेजेंटेशन दिया।डीजीपी राजीव कृष्णा नें इस उपलब्धि के लिए आजमगढ़ पुलिस को बधाई दी गयी।
सुरक्षित डिजिटल उत्तर प्रदेश तभी बनेगा जब जनता और पुलिस साथ हों-डीजीपी
-कार्यशाला का डीजीपी नें किया शुभारम्भ
यूपी के कानपुर देहात जिले में आयोजित परिक्षेत्र स्तरीय कार्यशाला का पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा नें वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये
शुभारम्भ किया गया।इस अवसर पर एडीजी कानपुर जोन, आईजी कानपुर रेंज, पुलिस अधीक्षक कानपुर देहात, सीडीओ कानपुर देहात, विभिन्न स्कूलों एवं कॉलेजों के शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएँ, विभिन्न व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधि, स्थानीय निकायों के सदस्यगण, ऑनलाइन माध्यम से जुड़े कानपुर देहात एवं कानपुर परिक्षेत्र के साइबर सेल तथा थानों के पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी तथा साइबर विशेषज्ञ अमित दुबे एवं राहुल मिश्रा सहित काफ़ी लोग मौजूद थे।
डीजीपी राजीव कृष्णा नें इस कार्यशाला में प्रतिभाग करते हुए प्रसन्नता व्यक्त की गई। उन्होंने कहा कि यह एक अत्यंत सामयिक एवं उपयोगी कार्यशाला है। आज के डिजिटल युग में साइबर उपयोग जीवन की अनिवार्य आवश्यकता बन गया है। कोविड काल के पश्चात ई-कॉमर्स के क्षेत्र में लगभग 60 से 70 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।डीजीपी नें कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं की सक्रियता में भी उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी हुई है। वर्तमान समय में अधिकांश लोग इंटरनेट से प्रत्यक्ष रूप से जुड़े हैं, किन्तु इसके दुरुपयोग की घटनाएँ भी सामने आ रही हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि आज का युवा वर्ग साइबर गेमिंग की लत जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है।डीजीपी नें कहा कि समाज पर साइबर अपराध का प्रभाव पड़ा है।वर्तमान परिदृश्य में समाज का शायद ही कोई वर्ग साइबर क्राइम से अप्रभावित रहा हो।उन्होंने कहा कि हमारे स्कूली बच्चे साइबर बुलिंग का शिकार होते हैं।
महिलाएं एवं बालिकाएं साइबर स्टॉकिंग तथा अन्य महिला-केंद्रित साइबर अपराधों की शिकार होती हैं।उन्होंने कि डिजिटल अरेस्ट एक उभरता हुआ साइबर अपराध है, जिससे सभ्रांत वर्ग के नागरिक शिकार हुए हैं और जीवन भर की कमाई गंवा चुके हैं।डीजीपी नें कहा कि अधिकांश लोग तीन कारणों से साइबर ठगी का शिकार हो रहे हैं। जिसमें लालच,भय,लापरवाही शामिल है।उन्होंने कहा कि साइबर अपराध से बचाव के लिए नागरिकों को इन तीन उपायों पर ध्यान देना चाहिए।तत्काल 1930 डायल करें।गोल्डन टाइम-फ्रेम के भीतर रिपोर्ट करें।सही तथ्यों को दर्ज करें।बच्चों को ऑनलाइन गेमिंग के दुष्प्रभाव के बारे में सतर्क करना आवश्यक है।आज के युग में सोशल मीडिया नशे की तरह युवाओं को अपनी गिरफ्त में ले रहा है।इसके लिए हमें और अधिक सतर्क एवं जागरूक रहने की आवश्यकता है।
डीजीपी राजीव कृष्णा नें कहा कि थाना प्रभारियों को यह अवधारणा त्यागनी होगी कि “साइबर अपराध की जांच हम नहीं कर सकते।साइबर अपराध की जांच पूर्णतः एसओपी आधारित एवं व्यवस्थित है।यदि कोई अधिकारी इसे खुले मन से सीखना चाहे तो इसके छह–सात चरणों को समझकर पाएगा कि यह विवेचना सामान्य आपराधिक जांच से भी अधिक सरल और त्वरित है।डीजीपी नें कहा कि साइबर अपराध का दायरा और दुष्प्रभाव दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है, इसलिए पुलिस कर्मियों का आत्मविश्वास और कौशल जितना बढ़ेगा, उतना ही नागरिकों का पुलिस पर विश्वास और भरोसा भी सुदृढ़ होगा।डीजीपी नें कहा कि साइबर क्राइम से बचाव हेतु मजबूत पासवर्ड एवं अपडेटेड सॉफ्टवेयर का प्रयोग करें और सदैव सतर्क रहें।उत्तर प्रदेश पुलिस नागरिक-केंद्रित, त्वरित एवं पारदर्शी साइबर कानून प्रवर्तन के साथ-साथ राज्य को साइबर अपराध-मुक्त तथा देश को साइबर नियंत्रण के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।यह लक्ष्य तभी संभव है जब प्रत्येक नागरिक सतर्क, सजग और सहयोगी बनकर इस मिशन में सहभागी बने।
डीजीपी नें कहा कि सुरक्षित डिजिटल उत्तर प्रदेश तभी बनेगा जब जनता और पुलिस साथ हों।डीजीपी नें कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस न केवल अपराधियों के खिलाफ सशक्त कार्रवाई कर रही है, बल्कि हर नागरिक को सुरक्षित डिजिटल जीवन प्रदान करने के मिशन पर निरंतर अग्रसर है।
पीएसी के बैण्ड से गूंजी ‘‘वन्दे मातरम‘‘ की ध्वनि
-पुलिस मुख्यालय में आयोजित हुआ कार्यक्रम, डीजीपी नें किया पुरस्कृत
बंकिम चन्द्र चटर्जी द्वारा रचित राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम‘ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में पुलिस मुख्यालय, गोमतीनगर विस्तार में एक
कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम के दौरान पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा राष्ट्रगीत वन्देमातरम के सामूहिक गायन के साथ-साथ इस ऐतिहासिक क्षण से संबंधित कार्यक्रम एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा इस अवसर पर दिए गए सम्बोधन का सीधा प्रसारण देखा गया।
इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा व अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था अमिताभ यश, अपर पुलिस महानिदेशक अपराध, अपर पुलिस महानिदेशक लॉजिस्टिक, अपर पुलिस महानिदेशक तकनीकी सेवाएं तथा अपर पुलिस महानिदेशक यातायात सहित पुलिस विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
कार्यक्रम में 35वीं वाहिनी पीएसी, लखनऊ की बैण्ड टीम द्वारा राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम‘ की मनोहारी एवं उत्साहपूर्ण धुन प्रस्तुत की गई, जिसने उपस्थितजनों में राष्ट्रप्रेम की सजीव अनुभूति उत्पन्न की। इस उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए डीजीपी राजीव कृष्णा नें 35वीं वाहिनी पीएसी की बैण्ड टीम को पुरस्कृत किया।इसके अतिरिक्त 35वीं वाहिनी पीएसी एवं 32वीं वाहिनी पीएसी की बैण्ड टीमों द्वारा जनपद लखनऊ के विभिन्न प्रमुख सार्वजनिक स्थलों-डा० राममनोहर लोहिया पार्क गोमतीनगर, हजरतगंज, रेलवे स्टेशन चारबाग, परिवर्तन चौक, 1090 चौराहा, जनेश्वर मिश्र पार्क, हाईकोर्ट के निकट क्षेत्र तथा आलमबाग बस स्टेशन पर ‘वन्दे मातरम’ की आकर्षक एवं प्रभावशाली प्रस्तुति दी गई।
