सरोजनीनगर:40 हजार करोड़ के 6 मेगा प्रोजेक्ट से बदल रहा भविष्य,क्लिक करें और भी खबरें

  • REPORT BY:A.S.CHAUHAN || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS

लखनऊ। सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र अब विकास का जीवंत प्रतीक बन चुका है। विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने सोशल मीडिया पर छह प्रमुख अवसंरचनात्मक परियोजनाओं की जानकारी साझा की, जिनकी कुल लागत ₹40,000 करोड़ से अधिक है। उन्होंने कहा, “यह योजनाएं नहीं, युगांतरकारी संकल्प हैं, जो लखनऊ और उत्तर प्रदेश को नई दिशा देंगे।”नादरगंज AI City: भारत का डिजिटल ब्रेन सेंटर

₹100 करोड़ के निवेश से 40 एकड़ में विकसित हो रही भारत की पहली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिटी। हजारों उच्च-तकनीकी रोजगार सृजित कर उत्तर प्रदेश को डिजिटल इनोवेशन हब बनाएगी।अमौसी Aero City: उत्तर भारत का गेटवे ऑफ ग्रोथएयरपोर्ट के निकट 1,500 एकड़ में ग्लोबल बिजनेस, टूरिज्म और कन्वेंशन हब। होटल, MICE सेंटर, बिजनेस पार्क शामिल; हजारों रोजगार और निवेश अवसर पैदा करेगी।

अनंत नगर आवासीय योजना: सपनों का आधुनिक लखनऊ

₹6,500-₹10,000 करोड़ की लागत से 800 एकड़ में 1.5 लाख नागरिकों के लिए आवास। आधुनिक सड़कें, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं; सुरक्षा और सुविधा का संगम।Ashok Leyland EV Plant: हरित तकनीक और रोजगार का हब₹1,500 करोड़ निवेश से इलेक्ट्रिक व्हीकल फैक्ट्री। नवंबर 2025 से 5,000 ई-बसों का वार्षिक उत्पादन; हजारों प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार, MSME को बढ़ावा। सरोजनीनगर बनेगा ऑटोमोबाइल हब।

Defence Industrial Corridor: आत्मनिर्भर भारत की ढाल₹25,000 करोड़ से अधिक निवेश प्रस्ताव। BrahMos मिसाइल इंटीग्रेशन सुविधा सहित रक्षा उत्पादन केंद्र; ‘मेक इन इंडिया’ को गति, राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत।State Capital Region (SCR) Act: एकीकृत राजधानी की परिकल्पनालखनऊ और आसपास जिलों को जोड़ता एकीकृत विकास मॉडल। साझा इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश नीति, परिवहन; सरोजनीनगर बनेगा SCR का ग्रोथ इंजन, दिल्ली-NCR जैसी पहचान।डॉ. राजेश्वर सिंह का विजन: “सरोजनीनगर भारत के भविष्य का मॉडल बन चुका है, जहां हर परियोजना सशक्तिकरण की दिशा में कदम है।” आने वाले पांच वर्षों में लाखों रोजगार, शिक्षा, उद्योग और समृद्धि का नया युग शुरू होगा।

 युवती से रास्ते में छेड़छाड़, विरोध पर परिजनों पर हमला,बंथरा नगर पंचायत की घटना

बंथरा थाना क्षेत्र के नगर पंचायत बंथरा में मंगलवार दोपहर एक युवती के साथ छेड़छाड़ और उसके परिजनों पर हमले की घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी। पीड़िता राज नंदनी ने थाने में तहरीर देकर चार आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन आरोपी लगातार धमकियां दे रहे हैं।जानकारी के अनुसार, राज कुमार की पुत्री राज नंदनी नगर पंचायत बंथरा के कैंप कार्यालय से दोपहर करीब 2 बजे अपने घर लौट रही थी। घर के मोड़ के पास पहुंचते ही गांव के ही युवराज गौतम, दिलीप कुमार, अर्जुन चौधरी (पुत्र कल्लू) और अमन ने उसे रोक लिया। विरोध करने पर आरोपियों ने राज नंदनी को पकड़कर जमीन पर पटक दिया और घर के अंदर खींचने का प्रयास किया। इस दौरान उन्होंने युवती के साथ गलत नियत से छेड़छाड़ की और विरोध पर जान से मारने की धमकी दी।युवती के शोर मचाने पर आसपास के लोग पहुंचे और उसके घर जाकर परिजनों को सूचना दी। चाची हेमलता, छोटे भाई हर्ष, अनुराग और चाचा अंकुश मौके पर पहुंचे, तो आरोपियों ने उन पर भी हमला बोल दिया। हमलावरों ने सभी को बेरहमी से पीटा पीटा और महिला रिश्तेदार के साथ अभद्रता की। घटना में पांचों को गंभीर चोटें आईं, जिनका इलाज चल रहा है।पीड़िता के परिवार का आरोप है कि आरोपी लगातार फोन पर धमकी दे रहे हैं कि पुलिस में शिकायत की तो पूरे परिवार को मार देंगे।

 बनी का प्राचीन चार दिवसीय हटिया मेला संपन्न

बंथरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम सभा बनी में आयोजित चार दिवसीय हटिया मेले का समापन हो गया। यह मेला स्थानीय ग्रामीणों के लिए एक प्रमुख व्यापारिक और सांस्कृतिक आयोजन रहा, जिसमें आसपास के गांवों से हजारों लोग पहुंचे। मेले में विभिन्न प्रकार के दैनिक उपयोग की वस्तुओं, कृषि उपकरणों, परिधानों और हस्तशिल्प सामग्रियों की भरमार रही, जिसका ग्रामीणों ने जमकर लाभ उठाया।हटिया मेला जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रतीक माना जाता है, इस बार सात नवंबर से शुरू होकर दस नवंबर तक चला, लेकिन पांच वें दिन भी मेले में दुकानदार दुकानें लगायें रहे और लोगों ने सामानों की खरीदारी की गई। मेला स्थल पर सैकड़ों स्टॉल लगाए गए थे, जहां स्थानीय कारीगरों और व्यापारियों ने अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया। ग्रामीण क्षेत्र के निवासियों ने कपड़े, बर्तन, खाद्य सामग्री और सस्ते सामानों की खरीदारी में खासी रुचि दिखाई। एक स्थानीय किसान राम प्रसाद ने बताया यह मेला हमारे लिए सालाना बाजार की तरह है। यहां सस्ते दामों पर सब कुछ मिल जाता है, जिससे हमें शहर जाने की जरूरत नहीं पड़ती। इस बार हमने परिवार के लिए नए कपड़े और खेती के औजार खरीदे।मेले का आयोजन ग्राम सभा बनी की पंचायत और स्थानीय व्यापारियों के सहयोग से किया गया था। थाना प्रभारी ने सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए विशेष टीम तैनात की थी, जिससे कोई अप्रिय घटना न घटे। मेले के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन हुआ, जिसमें लोक नृत्य, संगीत और पारंपरिक खेलों ने लोगों का मनोरंजन किया।

सरोजनीनगर में समितियां पर पहुंची डीएपी खाद,सर्वर खराबी से सभी किसानों को नहीं मिली खाद, निराश लौटे

सरोजनीनगर तहसील क्षेत्र की विभिन्न साधन सहकारी समितियों पर सोमवार शाम डीएपी खाद की खेप पहुंच गई। मंगलवार सुबह से ही बंथरा, अमावां, रहीम नगर पडियाना, लतीफ नगर, कुरौनी, किशनपुर कौड़ियां सहित कई समितियों पर किसानों की भारी भीड़ खाद लेने के लिए जमा हो गई। हालांकि, सर्वर में आई तकनीकी खराबी के कारण मशीनें सुचारू रूप से काम नहीं कर सकीं, जिससे खाद का वितरण प्रभावित रहा। नतीजतन, बड़ी संख्या में किसान बिना खाद लिए निराश होकर वापस लौट गए। समिति कर्मियों ने उन्हें बुधवार को फिर आने के लिए कहा है।बेमौसम बारिश के बाद नमी का फायदा उठाने की जल्दी ज्ञात हो कि बीते दिनों अचानक हुई बेमौसम बारिश से क्षेत्र के किसानों की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा था। हालांकि, इस बारिश से जमीन में अभी भी पर्याप्त नमी बनी हुई है। किसान इसी नमी का लाभ उठाकर गेहूं, सरसों और अन्य मौसमी फसलों की बुवाई करना चाहते हैं, ताकि अतिरिक्त जुताई, सिंचाई और मेहनत से बचत हो सके। इसी कारण डीएपी खाद की मांग चरम पर पहुंच गई है और समितियों पर मारामारी की स्थिति बनी हुई है।समितियों पर लंबी कतारें, लेकिन वितरण ठप सुबह से ही ग्रामीण क्षेत्रों से आए सैकड़ों किसान समितियों के बाहर लाइन लगाकर खड़े रहे। कई किसानों ने बताया कि वे रात से ही इंतजार कर रहे थे, लेकिन सर्वर डाउन होने से पर्ची नहीं कट सकी और खाद नहीं मिली। एक किसान ने कहा, “नमी है तो बुवाई का सही समय है, लेकिन खाद नहीं मिली तो फसल रेगी।” समिति प्रबंधकों ने आश्वासन दिया कि बुधवार सुबह से वितरण सामान्य हो जाएगा।

 बंथरा बाजार में मंगलम एजेंसी के गोदाम में लगी भीषण आग

बंथरा बाजार में स्थित मंगलम एजेंसी (किराना होलसेलर) के बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर पर बने गोदाम में रविवार देर रात करीब 1:30 बजे शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी विकराल थीं कि दुकान के ऊपर रहने वाले लोगों की जान पर खतरा मंडरा गया, लेकिन समय रहते एक राहगीर ने चिल्लाकर सूचना दी, जिससे सभी सुरक्षित बाहर निकल आए। दुकान मालिक संतोष कुमार गुप्ता (पुत्र स्व प्रकाश गुप्ता) और उनके भाई पुरुषोत्तम गुप्ता ने बताया कि पुश्तैनी दुकान में रखा 10-15 कंपनियों का परचून सामान जलकर राख हो गया, अनुमानित नुकसान करीब एक करोड़ रुपये तक। इंश्योरेंस न होने से पूरा बोझ मालिक पर पड़ा, जबकि पड़ोसी दुकानों को कोई नुकसान नहीं हुआ।आग की सूचना कॉलर प्रवीण कुमार ने रात 1:49 बजे सरोजनीनगर फायर स्टेशन कंट्रोल रूम को दी। मुख्य अग्निशमन अधिकारी के निर्देशन में प्रभारी अग्निशमन अधिकारी धर्मपाल सिंह के नेतृत्व में सरोजनीनगर और आलमबाग से तुरंत 3 फायर टेंडर रवाना हुए। घटनास्थल पर पहुंचकर यूनिट ने देखा कि आग बेसमेंट व ग्राउंड फ्लोर के गोदाम में फैल चुकी थी और ऊपर लोग फंसे हुए थे। धर्मपाल सिंह ने एक यूनिट को रेस्क्यू के लिए भेजा, जबकि बाकी आग बुझाने में लगे। घना धुआं होने से चुनौतियां बढ़ीं, लेकिन फायरफाइटर्स ने अदम्य साहस दिखाते हुए काम जारी रखा। कंट्रोल रूम से अतिरिक्त मदद मांगी गई, जिस पर अन्य स्टेशनों से 2 और फायर टेंडर पहुंचे। कुल नौ गाड़ियों ने गोदाम के पीछे एग्जॉस्ट फैन और 2-3 कूलर लगवाकर धुआं निकाला, सामान कुरेद-कुरेदकर आग बुझाई। करीब 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुबह तक आग पर पूर्ण काबू पा लिया गया। कोई व्यक्ति अंदर फंसा नहीं था और कोई जनहानि नहीं हुई।

सगे भाइयों ने की मारपीट, पत्नी बेटे को भी पीटा, रिपोर्ट दर्ज

थाना बंथरा क्षेत्र में पारिवारिक विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। एक व्यक्ति ने अपने सगे भाइयों पर मारपीट, गाली-गलौज और डंडे से हमला करने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। घटना में शिकायतकर्ता, उनकी पत्नी और बेटे को चोटें आईं, जिसके बाद 112 पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी गई। नरेश पुत्र स्व कल्लू गुप्ता निवासी ग्राम लतीफनगर, थाना बंथरा ने बताया कि 18 अप्रैल 2025 को रात करीब 8 बजे वह सो रहा था। तभी उसके सगे भाई राकेश और मुकेश पुत्र स्व कल्लू गुप्ता उसके बेटे आकाश के साथ मारपीट और गाली-गलौज कर रहे थे। पत्नी गीता ने उन्हें जगाया तो नरेश और गीता बेटे को बचाने पहुंचे।आरोप है कि विरोध करने पर राकेश और मुकेश ने नरेश, उनकी पत्नी गीता और बेटे आकाश को गंदी गालियां दीं तथा लात-घूसों और डंडे से बुरी तरह पीटा। हमले में तीनों को चोटें आईं। प्राथमिक उपचार के बाद नरेश 19 अप्रैल को थाने पहुंचे और लिखित शिकायत दी।

भूमि हड़पने के लिए फर्जी विक्रय अनुबंध,राजेश राठौर ने डीसीपी साउथ को शिकायत दर्ज कराई

सरोजनीनगर  इलाके के  निवासी राजेश चंद्र राठौर ने पुलिस उपायुक्त (साउथ) को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर विपक्षी पक्ष पर षड्यंत्र रचकर फर्जी विक्रय अनुबंध तैयार करने और मूल्यवान जमीन हड़पने का आरोप लगाया है। राठौर ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करने की मांग की है, ताकि उनकी जमीन की रक्षा हो सके। पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।राठौर ने फरवरी 2023 में श्रीमती शैफाली त्रिपाठी (पुत्री स्व. शैलेंद्र कुमार त्रिपाठी, निवासी 21 यूपी एग्रो कॉलोनी, आवास विकास कॉलोनी, लखनऊ) और श्रीमती गोल्डी दुबे (पत्नी शुभम दुबे, पुत्री स्व. शैलेंद्र कुमार त्रिपाठी, निवासी ब्राह्मण टोला, खरिका, तेलीबाग, लखनऊ) से दो अलग-अलग प्लॉटों पर विक्रय अनुबंध किया था। पहला अनुबंध ग्राम जहानाबाद (परगना बिजनौर, तहसील सरोजनीनगर) के गाटा संख्या 74, 80, 85 और 97 (कुल क्षेत्रफल 6.9670 हेक्टेयर का 1/4, 2/3 और 1/2 हिस्सा, कुल 1.74175 + 1.1611 + 0.5805 हेक्टेयर) से संबंधित था, जो बही संख्या 1, जिल्द संख्या 10273, पृष्ठ 213-226, क्रमांक 4496 पर 10 फरवरी 2023 को उप-निबंधक सरोजनीनगर कार्यालय में पंजीकृत हुआ। दूसरा अनुबंध ग्राम किसुनपुर कौड़ियां (परगना बिजनौर, तहसील सरोजनीनगर) के गाटा संख्या 15, 130क और 389ख (कुल 1.2430 हेक्टेयर का 1/4, 2/3 और 1/2 हिस्सा, कुल 0.31075 + 0.2071 + 0.1036 हेक्टेयर) से जुड़ा था, जो उसी बही के पृष्ठ 243-256, क्रमांक 4498 पर पंजीकृत किया गया।राठौर का दावा है कि ये अनुबंध विरासत मुकदमे के निपटारे के बाद नामांतरण (खतौनी में नाम दर्ज) और शेष राशि भुगतान के एक वर्ष के अंदर बैनामा (विक्रय पत्र) करने की शर्त पर हुए थे। हालांकि, विरासत मुकदमा अभी भी अदालत में लंबित होने के कारण नामांतरण नहीं हो सका, जिससे बैनामा प्रक्रिया रुकी हुई है। फिर भी, अनुबंध वैध बने हुए हैं।

नगर निगम की जमीन पर प्लॉट बेचकर 5.40 लाख रुपये की धोखाधड़ी

कृष्णानगर थाना क्षेत्र में एक महिला ने सुरेश रावत, आनंद यादव और सत्यजीत सिंह पर गंभीर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) कृष्णानगर को नकल तहरीर सौंपी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।प्रार्थना पत्र के अनुसार निर्मला देवी (पत्नी भालचंद, निवासिनी मकान नंबर-176, गद्घोपुर, शांतिपुरम, फाफामऊ, जनपद प्रयागराज) ने वर्ष 2020 में आरोपी सुरेश रावत (पुत्र शीतला प्रसाद रावत) से लखनऊ के ग्राम अमौसी (परगना बिजनौर, तहसील सरोजनीनगर) में खसरा संख्या 167 पर स्थित 111.524 वर्ग मीटर भूखंड 450 रुपये प्रति वर्ग फीट की दर से खरीदा था। बैनामा बही संख्या 1, जिल्द संख्या 3940, पृष्ठ 1 से 28, क्रमांक 5610 पर दिनांक 24 फरवरी 2020 को पंजीकृत हुआ।महिला का आरोप है कि सुरेश रावत ने कुल 5,40,000 रुपये नकद लिए, लेकिन बैनामे में केवल 3,00,000 रुपये ही दिखाए। प्लॉट पर चारदीवारी बनवाने के बाद लखनऊ नगर निगम की टीम ने उसे ध्वस्त कर दिया। जांच करने पर पता चला कि यह जमीन नगर निगम की है और आरोपी ने धोखे से कब्जा दिलाया।पीड़िता ने बताया कि सुरेश रावत के साथी आनंद यादव (निवासी ग्राम अनौरा) और सत्यजीत सिंह (पुत्र सभाजी सिंह) ने मिलीभगत कर धोखाधड़ी की। अब आरोपी न तो फोन उठा रहे हैं, न प्लॉट दे रहे हैं और न ही पैसे लौटा रहे हैं।

एयरपोर्ट कॉलोनी में सफाई के दौरान झड़प,चार लोगों पर हमले का आरोप; रिपोर्ट दर्ज

सरोजनीनगर थाना क्षेत्र के एयरपोर्ट कॉलोनी में नागरिक उड्डयन निदेशालय में कार्यरत भाषेन्दू सिंह पर कथित तौर पर लोहे की रॉड और जानलेवा हमले का मामला सामने आया है। पीड़ित ने थानाध्यक्ष सरोजनीनगर को दी गई नकल तहरीर में विजेन्द्र सिंह, मृत्युंजय सिंह, कुँवर सिद्धार्थ सिंह और सुनील सिंह पर गाली-गलौज, मारपीट और हत्या के प्रयास का आरोप लगाया है। पुलिस ने प्रार्थना पत्र के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, साथ ही पीड़ित का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है।2 मई 2025 को जब भाषेन्दू सिंह अपने कमरे की सफाई करवा रहे थे। बाहर निकलते ही आरोपियों ने पहले गाली-गलौज शुरू की और विरोध करने पर विजेन्द्र सिंह ने लोहे की रॉड से हमला कर दिया। शेष तीनों ने भी जान से मारने की नीयत से प्रहार किए। पीड़ित ने तत्काल थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।

 65 वर्षीय महिला ने आम के पेड़ पर लगाई फांसी, संदिग्ध मौत

बंथरा थाना क्षेत्र के अंधपुर गांव में सोमवार दोपहर संदिग्ध परिस्थितियों में 65 वर्षीय महिला ज्ञानमती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। महिला अपने बेटे रामबाबू के साथ रहती थीं, जबकि दो अन्य बेटे दीपक और गनेश प्रसाद अलग रहते थे।सूत्रों के अनुसार सोमवार की सुबह करीब 10 बजे ज्ञानमती घर से कहीं चली गईं और काफी देर तक वापस नहीं लौटीं। बेटे रामबाबू ने खोजबीन शुरू की तो गांव से आधा किलोमीटर दूर आम के पेड़ पर अपनी मां को धोती से गले में फंदा लगाकर लटका देखा। शोर मचाने पर आसपास के लोग जुटे और शव को नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।सूचना मिलते ही बंथरा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Aaj National

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