LUCKNOW:आरटीओ में अवैध वसूली का एसटीएफ ने किया पर्दाफाश

-रायबरेली और फतेहपुर के एआरटीओ समेत 11 पर केस दर्ज

-ओवरलोड वाहनों से हर महीने हो रही थी दो से ढाई करोड की काली कमाई

  • REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK 
लखनऊ। यूपी एसटीएफ ने आरटीओ में हो रही अवैध वसूली के खेला का पर्दाफाश किया है। रायबरेली में ओवरलोड वाहनों से अवैध वसूली पर स्पेशल टास्क फोर्स (यूपी एसटीएफ) ने बड़ी कार्रवाई की है। रायबरेली और फतेहपुर के एआरटीओ समेत 11 लोगों के खिलाफ लालगंज कोतवाली में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया गया है। मामले में एसटीएफ ने एक दलाल और ट्रक चालक को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि काफी समय से अवैध वाहनों से अवैध वसूली का खेल चल रहा था। वहीं, मामले में नामजद कई अधिकारियों को भी हिरासत में लिए जाने की बात कही जा रही है। पकड़े गए आरोपियों के पास से अवैध वसूली के लिए बनी ओवरलोड वाहनों की सूची, बैंक पासबुक समेत अन्य सामान बरामद किया गया है। यह एफआईआर मंगलवार की रात दर्ज कराई गई, लेकिन इस मामले का खुलासा बुधवार को हुआ तो हड़कंप मच गया।एसटीएफ के उपनिरीक्षक अमित कुमार तिवारी की तरफ से रायबरेली के लालगंज कोतवाली क्षेत्र के अंबारा पश्चिम मोहित सिंह, अयोध्या जिले के बेजू पुरवा टिहुरा निवासी ट्रक चालक सुनील यादव, एआरटीओ प्रवर्तन फतेहपुर पुष्पांजली, उनके चालक सिकंदर, यात्रीकर अधिकारी (पीटीओ) फतेहपुर अखिलेश चतुर्वेदी, उनके चालक अशोक तिवारी, एआरटीओ प्रवर्तन रायबरेली अंबुज, उनका दीवान नौशाद, पीटीओ रायबरेली रेहाना, उनका चालक सुशील और मिथुन के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। यूपी एसटीएफ की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर में बताया गया है कि 141 वाहनों से प्रतिमाह एक वाहन से 10 हजार रुपये की वसूली होती थी। ऐसे में रायबरेली और फतेहपुर जिले के अधिकारियों, कर्मचारियों की ओर से 14 लाख से ज्यादा रुपये सीधे तौर पर वसूले जाते थे। वहीं, दोनों जिलों के बीच ढाई हजार ओवरलोड वाहनों का संचालन होता है। इसे जोड़ा जाए तो ढाई हजार वाहनों में 10 हजार रुपये प्रति वाहन से कुल वसूली 25 करोड़ होती है।एसटीएफ की पूछताछ में आरोपी मोहित सिंह ने स्वीकार भी किया है कि वह दो साल से इस कार्य में लिप्त था। ऐसे में जाहिर है कि दोनों जिलों के अधिकारी व कर्मचारी इतने लंबे समय से ओवरलोड वाहनों से अवैध वसूली करते थे।
बताया जा रहा है कि अवैध वसूली की शिकायत काफी दिनों से उच्चाधिकारियों तक पहुंच रही थी। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर अचानक एसटीएफ ने कार्रवाई की। इससे दोनों जिलों के अधिकारियों व कर्मचारियों को बचने का मौका नहीं मिल पाया। एसटीएफ की कार्रवाई के बाद स्थानीय पुलिस व अफसर भी हलाकान रहे। वह भी कुछ बताने में असमर्थता जताते नजर आए। रायबरेली और फतेहपुर जिलों की सीमा आपस में जुड़ी हैं। बांदा से मौरंग, गिट्टी लदे ओवरलोड वाहन पहले फतेहपुर और फिर रायबरेली तक पहुंचते हैं।
यही नहीं रायबरेली होते हुए मौरंग, गिट्टी लदे वाहन गोरखपुर, प्रयागराज तक जाते हैं। बड़े पैमाने पर वाहनों की आवाजाही की वजह से अवैध वसूली हो रही थी। विभागीय अधिकारियों से लेकर कर्मचारी व इस गिरोह से जुड़े लोग मालामाल हो रहे थे। गिरोह से जुड़े लोग अधिकारियों को व्हाट्सअप के जरिए ओवरलोड वाहनों की सूची भेजते थे। इससे वाहन आसानी से आते-जाते थे। हर महीने की एक से 10 तारीख के बीच गिरोह से जुड़े लोग भुगतान वसूलते थे और फिर रुपये को कर्मचारियों की मदद से अधिकारियों तक पहुंचाते थे
इसमें मोहित सिंह और ट्रक चालक सुनील यादव को एसटीएफ पकडकर अपने साथ ले गई। एफआईआर के मुताबिक, मोहित रायबरेली-फतेहपुर मार्ग से गुजरने वाले ट्रक व डंपरों से अवैध वसूली करता था। इसमें रायबरेली और फतेहपुर के अधिकारियों की मिलीभगत रहती थी। बैंक के जरिए वह वसूल किए गए रुपयों का लेनदेन विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों से करता था। मोहित के पास 141 वाहनों की सूची बरामद हुई है। प्रतिमाह वाहनों को पास कराने के नाम पर वसूली की जाती थी।एसटीएफ के उपनिरीक्षक के मुताबिक मोहित के पास से 4270 रुपये, तीन मोबाइल, सात बैंक कार्ड, एक पैनकार्ड, एक आधार कार्ड, एक बैंक पासबुक बरामद करने के साथ स्कार्पियो को कब्जे में लिया गया है। वहीं ट्रक चालक सुनील यादव के पास से 1500 रुपये और एक मोबाइल बरामद हुए हैं। सुनील ने बताया कि वह चिल्लाघाट बांदा से मौरंग भरकर ट्रक लेकर डलमऊ गंगापुल से होकर रायबरेली आ रहा था। जनपद सुरक्षित पास कराने के लिए मोहित के संपर्क में रहता हूं।इसकी एवज में मोहित प्रति चक्कर उनसे 300 रुपये लेता था। इस मामले में पीटीओ रायबरेली रेहाना, उनके चालक सुशील समेत कई लोगों को एसटीएफ ने हिरासत में लिया है। हालांकि इस बारे में कुछ कोई बता नहीं पा रहा है। एसटीएफ उपनिरीक्षक ने बताया कि दो लोगों को पकड़ा गया है। अन्य आरोपियों पर भी कार्रवाई होगी।

एसटीएफ के मुताबिक पूछताछ में मोहित ने बताया कि एआरटीओ फतेहपुर पुष्पांजली के चालक सिकंदर को 2500 रुपये प्रतिगाड़ी प्रति महीने की दर से देता था। पीटीओ फतेहपुर अखिलेश चतुर्वेदी के चालक अशोक तिवारी को 2500 रुपये प्रति गाड़ी प्रतिमाह नकद देता था। एआरटीओ रायबरेली अंबुज के दीवान नौशाद को 3500 रुपया प्रतिमाह प्रतिगाड़ी देता था। पीटीओ रायबरेली रेहाना के चालक सुशील को 1500 रुपये प्रतिमाह प्रतिगाड़ी के रूप में देता था। वहीं मोहित अलग से प्रतिगाड़ी 500 रुपये की वसूली करता था।एसटीएफ के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी मोहित ने बताया कि उनका एक संगठित गिरोह है। साथी मिथुन के साथ मिलकर रायबरेली व फतेहपुर के अधिकारियों की मिलीभगत से ओवरलोड वाहनों को पास कराने के नाम पर अवैध वसूली करता था। वह वाहनों की सूची दोनों जिलों के अधिकारियों को भेज देते थे, जिससे उनका चालान नहीं होता था।

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