-फंसे रेलवे कर्मचारी को फायरकर्मियों ने दौड़कर बचाया, बड़ा हादसा टला
- REPORT BY:A.S.CHAUHAN || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS
लखनऊ।सरोजनीनगर थाना क्षेत्र के न्यू गड़ौरा में सोमवार रात करीब 9:45 बजे एक मकान में अचानक भीषण आग लग गई। सूचना मिलते
ही सरोजनीनगर फायर स्टेशन से दो फायर टैंकर तुरंत रवाना किए गए, लेकिन रास्ते में अंडरपास पर बैरिकेडिंग के कारण बड़े टैंकर घटनास्थल तक नहीं पहुंच सके।
प्रभारी अग्निशमन अधिकारी धर्मपाल सिंह ने तुरंत आलमबाग फायर स्टेशन से दो अतिरिक्त टैंकर मंगवाए और खुद अपनी टीम के साथ दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे। मकान के ग्राउंड फ्लोर पर आग की लपटें उठ रही थीं जबकि ऊपरी मंजिलों पर घना धुआं भर गया था।इसी दौरान पता चला कि घर के अंदर एक व्यक्ति फंसा हुआ है। फायरकर्मियों ने जान जोखिम में डालकर अंदर घुसकर 48 वर्षीय राकेश कुमार (टेक्नीशियन, उत्तर रेलवे लखनऊ) को सुरक्षित बाहर निकाला और तुरंत एंबुलेंस से लोक बंधु अस्पताल पहुंचाया। उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। अस्पताल में उनके पड़ोसी भूपेंद्र मौजूद रहे।सरोजनीनगर व आलमबाग की फायर टीमों ने संयुक्त प्रयास से आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। अग्निशमन दल की सूझबूझ, तत्परता और बहादुरी से एक बड़ा हादसा टल गया।
दुष्कर्म करने वाला आरोपी गिरफ्तार,बिजनौर थाना पुलिस ने 19 वर्षीय सूरज को अलीनगर खुर्द अंडरपास के पास से दबोचा
थाना बिजनौर पुलिस ने एक बेहद संवेदनशील मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 13 वर्षीय नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगा ले
जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोप में मुख्य आरोपी सूरज (उम्र करीब 19 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता की गुमशुदगी की रिपोर्ट 14 नवंबर 2025 को दर्ज कराई गई थी। रिपोर्ट में बताया गया था कि 3 नवंबर 2025 को आरोपी सूरज पुत्र स्वर्गीय सरदार पाल (निर्माण गुलरीपुरवा, पोस्ट-पटना, थाना-शारदानगर, जिला-लखीमपुर खीरी) ने नाबालिग को शादी का लालच देकर भगा लिया था।
मामला दर्ज होने के एक दिन बाद ही 15 नवंबर को पुलिस ने पीड़िता को बरामद कर लिया। पीड़िता के बयानों के आधार पर मुकदमे में धारा 65(1)/87 बीएनएस एवं 3/4(2) POCSO एक्ट की बढ़ोत्तरी की गई। शनिवार 18 नवंबर 2025 को थाना बिजनौर की विशेष टीम ने आरोपी सूरज को अलीनगर खुर्द अंडरपास के पास से गिरफ्तार कर लिया। उसे विधिवत गिरफ्तारी दिखाकर न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।
अमवां जंगल में नीलगाय-मोरों का खुले आम हो रहा शिकार,बंथरा थाने की मिलीभगत से अवैध हथियारों से दहशत
बंथरा थाना क्षेत्र के अमवां जंगल में अवैध शिकार का खौफनाक खेल बेरोकटोक जारी है। इसपर रोक लगाने के बजाय साठगांठ कर मामले को रफा-दफा करने में लगी है। पुलिस के इस रवैए से शिकारी आरोपियों में कोई कानून डर नहीं रह गया है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय संभ्रांत लोगों में खाकी की कार्यशैली को लेकर आक्रोश बना हुआ है।
करीब दस दिन पहले यहीं एक नीलगाय को दिनदहाड़े गोलियों से भून दिया गया। शिकारी इतने बेखौफ थे कि घटनास्थल पर ही एक आरोपी का मोबाइल फोन गिर गया। मोबाइल में मिलने के बाद आरोपी का नाम निवासी ग्राम सभा सादुल्लाह नगर पता चला जिसके बाद पूरे इलाके में यह नाम चर्चा का विषय बन गया।ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद बंथरा पुलिस मौके पर पहुंची, मोबाइल तो कब्जे में ले लिया, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की और पूरे मामले से साफ इनकार कर रही है। लोगों का कहना है कि पुलिस की मिलीभगत और संरक्षण के कारण ही ये शिकारी निडर होकर जंगल में घूम-घूम कर राष्ट्रीय पशु-पक्षियों का सफाया कर रहे हैं।
मोरों की आबादी खत्म, नीलगाय भी निशाने पर
अमवां का जंगल कभी सैकड़ों मोरों की चहचहाहट से गूंजता था। लोग बताते हैं कि अब तो यदा-कदा ही एक-दो मोर दिखाई देते हैं। राष्ट्रीय पक्षी मोर का शिकार इन शिकारियों ने लगभग खत्म कर दिया है। नीलगायों का शिकार तो इनके लिए आम बात है। कई गांवों के किसान फसल बचाने के चक्कर में इन्हें बुलाते हैं और ये लोग दिनदहाड़े अवैध देसी कट्टे, बंदूकें और रायफल लेकर पहुंच जाते हैं और नीलगाय को गोलियों से छलनी कर देते हैं।अवैध हथियारों से आम जनता भी खतरे में:सबसे बड़ा सवाल यही है कि अवैध असलाह लेकर ये लोग खुलेआम घूम रहे हैं, जंगली जानवरों की जान ले रहे हैं, लेकिन पुलिस कुछ नहीं कर रही। ग्रामीणों का कहना है कि ये हथियार कभी भी आम लोगों के लिए भी खतरा बन सकते हैं। बंथरा थाना क्षेत्र में शिकार की कई घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन पुलिस हर बार मामले को दबा देती है ।एसीपी कृष्णानगर रजनीश वर्मा मैं इस मामले की जांच करवाता हूं जो भी आरोपी हैं उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही की जाएगी।
