LUCKNOW:बीएलओ का मानदेय डबल, अब हर महीने पायेंगे एक हजार,क्लिक करें और भी खबरें

-सुपरवाइजर, ईआरओ और एईआरओ  भी फायदे में रहेंगे 

  • REPORT BY:K.K. VARMA || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK 
लखनऊ । मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआरअभियान में जुटे बीएलओ व सुपरवाइजर का मानदेय बढ़ने जा रहा है। चुनाव आयोग से मानदेय बढ़ाने का आदेश आने के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने इसका प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेज दिया है।बीएलओ को अब 500 रुपये प्रतिमाह के बजाय एक हजार रुपये प्रति माह यानि सालाना 12 हजार रुपये मिलेंगे। बीएलओ के ऊपर तैनात सुपरवाइजरों का मानदेय डेढ़ गुणा किया गया है। प्रदेश में 1.62 लाख बीएलओ हैं जबकि सुपरवाइजर की संख्या 16,795 है। सुपरवाइजर को भी एक हजार रुपये के बजाय डेढ़ हजार रुपये महीना यानि 12 हजार रुपये के बजाय 18 हजार रुपये सालाना मिलेंगे। निर्वाचक पंजीयन अधिकारी ईआरओ और सहायक निर्वाचक पंजीयन अधिकारी एईआरओ को भी पहली बार मानदेय देने की तैयारी है। ईआरओ को 30 हजार व एईआरओ को 25 हजार रुपये एकमुश्त मानदेय दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश में 403 ईआरओ व 2042 एईआरओ हैं। सूची पुनरीक्षण कार्य के लिए बीएलओ को दो हजार अतिरिक्त दिए जाएंगे। वित्त विभाग से हरी झंडी मिलने पर बढ़ा मानदेय मिल जाएगा।

एसआईआर: खुद चेक करें गणना फॉर्म जमा हुआ या नहीं !

-मतदाताओं को भ्रमित होने की जरूरत नहीं

विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान के तहत वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने या सुधारने के लिए फॉर्म जमा करने के बाद मतदाता अक्सर भ्रमित रहते हैं कि उनके आवेदन का क्या हुआ। लोग बीएलओ पर निर्भर रहते हैं और ज़रूरी समय निकलने पर उनका नाम लिस्ट में शामिल नहीं हो पाता। अब प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मतदाता स्वयं घर बैठे ऑनलाइन अपने फॉर्म की स्थिति  जाँचें। यदि कोई गलती या त्रुटि हो तो उसकी सूचना तुरंत दें ताकि आपका नाम वोटर लिस्ट में सही समय पर जुड़ सके।निर्वाचन आयोग की ओर से उपलब्ध ऑनलाइन सुविधा ने इस परेशानी खत्म कर दी है। मतदाता voters.eci.gov.in/enumeration-form-new पर जाकर आसानी से पता कर सकते हैं कि बीएलओ ने उनका फॉर्म ऑनलाइन जमा किया है या नहीं। वेबसाइट खोलने के बाद अपना राज्य चुनना होता है और फिर मतदाता पहचान पत्र संख्या दर्ज करनी होती है। जानकारी भरने के बाद यदि फॉर्म बीएलओ द्वारा अपलोड कर दिया गया है, तो स्क्रीन पर ‘सफलतापूर्वक जमा हुआ’ दिखाई देगा।मतदाता अब बीएलओ के पास बार-बार जाने की परेशानी से बच सकते हैं, क्योंकि ऑनलाइन फॉर्म भरने वालों के लिए भी सत्यापन की पारदर्शी प्रक्रिया लागू है।  अपने फॉर्म की स्थिति स्वयं ऑनलाइन जाँचने और किसी भी गड़बड़ी की सूचना तुरंत प्रशासन को देने का आग्रह किया है। मतदाता सूची में नाम जोड़ना, हटाना या सुधार कराना अब केवल ज़िम्मेदारी नहीं बल्कि सबसे बड़ी प्राथमिकता है।निर्वाचन आयोग ने नागरिकों से अपील की है कि वे वोटर रजिस्ट्रेशन फॉर्म जमा करने के बाद शांत न बैठें बल्कि जल्द से जल्द मतदाता सूची में अपनी स्थिति जाँचें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि फॉर्म की स्थिति जाँचने में एक-दो मिनट का समय लगता है। सभी बीएलओ को निर्देश दिए गए हैं कि वे फॉर्म को समय पर ऑनलाइन अपलोड करें और शिकायतों पर तुरंत सहायता प्रदान करें।  मतदाता तुरंत अपनी त्रुटियाँ या देरी को सुधारें, ताकि आगामी चुनाव में कोई भी मतदान से वंचित न रहे।

केंद्रीय खाद्य मंत्री से मिले राज्यमंत्री सतीश शर्मा

प्रदेश के खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री सतीश शर्मा पहुंचे नई दिल्ली और नई दिल्ली स्थित कृषि भवन केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण व  नवीन ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात की।श्री शर्मा ने उत्तर प्रदेश की ओर से विभागीय विषयों पर केंद्रीय मंत्री के  साथ सार्थक चर्चा की। श्री शर्मा के मुताबिक केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री मन्त्री ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया।केंद्रीय मंत्री ने कहा, आमजन के हितों खातिर हर कदम उठाने को सरकार सदैव तत्पर है। केंद्र एवं प्रदेश सरकार किसानों एवं आमजन के हितों के प्रति संवेदनशील व प्रतिबद्ध है। श्री शर्मा ने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी द्वारा उन्हें समय व मार्गदर्शन प्रदान कर मार्गदर्शन दिया, इसके लिए किए जाने के लिए उनका हार्दिक आभार है।

परिवहन मंत्री ने किया यूपी की कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स क्षमता को अनलॉक करना विषय पर कांफ्रेंस का शुभारंभ 

उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार दयाशंकर सिंह ने आज लखनऊ के अंसल स्थित सेंट्रम होटल में उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स क्षमता को अनलॉक करना विषय पर आयोजित कांफ्रेंस का दीप प्रज्ज्वलन कर शुरूआत की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रूप में देश को एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रूप में प्रदेश को बेहतर नेतृत्व मिला है,ऐसे में 2047 तक विकसित भारत का सपना जरूर साकार होगा। परिवहन विभाग इस कार्य में  महत्वपूर्ण योगदान देने को तैयार है। परिवहन निगम ने अपने बेड़े में आमूल चूल परिवर्तन किया है।  सभी स्टेकहोल्डर विभाग जैसे पी डब्ल्यू डी, रेलवे, सिविल एविएशन, ट्रैफिक जो परिवहन से संबंधित हैं आज एक महत्वपूर्ण परिचर्चा करने को आज एक मंच साझा कर रहे हैं। जिसमें 2047 में उस समय परिवहन कैसा हो सड़के कैसी हो, भारत के विकास में उत्तर प्रदेश का योगदान क्या हो इत्यादि विषयों पर चर्चा हो रही है। परिवहन निगम द्वारा आज एयरपोर्ट की तर्ज पर बस अड्डे का विकास पी मॉडल पर किया जा रहा है, जहां लोगों को विश्व स्तरीय सुविधाएं मुहैया होगी।इन स्टेशनों पर होटल, दुकान,माल बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी। परिवहन सेवाएं और कैसे बेहतर हो लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी दे सके इस विषय पर चर्चा हो रही है। एयरपोर्ट, रेलवे, रोडवेज सब आपस में लिंक हो, ट्रैफिक व्यवस्था भी सुचारू रूप से गतिमान रहे इत्यादि विषय पर चर्चा हो रही है। जहां भी कमियां है उसको दूर करते हुए 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने में परिवहन विभाग अपना महत्वपूर्ण योगदान देगा।

विकसित उत्तर प्रदेश 2047 विजन: पशुपालन डेयरी एवं मत्स्य क्षेत्र परामर्श का आयोजन

उत्तर प्रदेश के पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय सभागार में ’’विकसित उत्तर प्रदेश 2047 विजन’’ स्टेकहोल्डर्स परामर्श के अंतर्गत पशुपालन डेयरी एवं मत्स्य क्षेत्र परामर्श का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों, शिक्षाविदो, उद्योग प्रतिनिधियों एवं नीति निर्माताओं ने प्रतिभाग करते हुए उत्तर प्रदेश के पशुपालन डेयरी एवं मत्स्य क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए नीतिगत सुधारों, निवेश अवसरों तथा नवाचारों पर विचार-विमर्श करते हुए आवश्यक सुझाव दिए। कार्यक्रम में श्याम बिहारी गुप्ता अध्यक्ष उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग ने पशुधन एवं डेयरी क्षेत्र में पशुपालन की महत्ता पर बल दिया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने कहा कि विकसित उत्तर प्रदेश 2047 के विजन के अनुरूप पशुपालन एवं मत्स्य क्षेत्र की भावी दिशा पर तीव्र गति से कार्य किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण आय में वृद्धि, रोजगार सृजन और कृषि-जीएसवीए में तेज़ी लाई जा सके। पशु स्वास्थ्य को मजबूत करना, मानव स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने के लिए अत्यन्त आवश्यक है।  इस अवसर पर डॉ. धनलक्ष्मी के., दुग्ध आयुक्त एवं महानिदेशक मत्स्य ने मत्स्य विकास के क्षेत्र में बेहतर हैचरी, बायो सिक्योर तालाब, आरएएस सिस्टम, पीपीपी आधारित एक्वाकल्चर जोन, खारे क्षेत्र की मैपिंग, प्रॉन कल्चर के विस्तार तथा डेयरी में महिलाओं की प्रमुख भूमिका, 2047 तक दुग्ध उत्पादन एवं प्रोसेसिंग में बड़े सुधार, विशेष काऊ मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट के संबंध में अपने विचार व्यक्त किये।कार्यक्रम में मासूम अली सरवर सचिव नियोजन देवेंद्र पांडे, विशेष सचिव पशुपालन डॉ. अभिजीत मित्रा कुलपति, दीनदयाल उपाध्याय पशुचिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो अनुसंधान संस्थान, मथुरा उपस्थित रहे।

पशु चिकित्सालयों, सेवा केन्द्रों के सुदृढ़ीकरण हेतु 1082.173 लाख स्वीकृत

उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में एसएनए स्पर्श के अंतर्गत अनुसूचित जातियों के लिए विशेष घटक योजना के तहत पशु चिकित्सालय,पशु सेवा केन्द्र सुदृढ़ीकरण हेतु वर्तमान वित्तीय वर्ष में 10 करोड़ 82 लाख 17 हजार 3 सौ मात्र रूपये की धनराशि स्वीकृत की है। इस संबंध में पशुधन विभाग द्वारा शासनादेश जारी कर दिया गया है स्वीकृत की जा रही धनराशि का व्यय राज्य सरकार तथा भारत सरकार अनुमोदित कार्ययोजना के अनुसार योजना की गाइडलाइन्स का अनुपालन किया जाएगा।

8 मार्गों के चालू कार्यों हेतु 1 करोड़ 11 लाख 46 हजार अवमुक्त

राज्य सरकार द्वारा राज्य सड़क निधि योजना के अन्तर्गत मेरठ मण्डल के विभिन्न जनपदों के 8 मार्गों के स्वीकृत एवं चालू कार्यों हेतु 1 करोड़ 11 लाख 46 हजार रूपए की अवशेष धनराशि अवमुक्त की गयी है।  जारी शासनादेश में सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं कि आवंटित धनराशि का उपयोग प्रत्येक दशा में 31 मार्च 2026 तक कर लिया जाय एवं उपयोगिता प्रमाण पत्र शासन को 30 अप्रैल 2026 तक उपलब्ध कराया जाय।

37 मार्गों हेतु 9 करोड़ 69 लाख 57 हजार अवमुक्त

राज्य सरकार द्वारा राज्य सड़क निधि योजना के अन्तर्गत लखनऊ मण्डल के विभिन्न जनपदों के  37 मार्गों के स्वीकृत एवं चालू कार्यों हेतु 9 करोड़ 69 लाख 57 हजार रूपए की अवशेष धनराशि अवमुक्त की गयी है।जारी शासनादेश में सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं कि आवंटित धनराशि का उपयोग प्रत्येक दशा में 31 मार्च 2026 तक कर लिया जाय एवं उपयोगिता प्रमाण पत्र शासन को 30 अप्रैल 2026 तक उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाय।

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्माणाधीन भवन में निर्माण कार्य 31 दिसम्बर तक पूर्ण करने के निर्देश

उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी हृषिकेश भास्कर याशोद ने गुरूवार को प्राधिकरण के लिए गोमतीनगर विस्तार, लखनऊ के सेक्टर-7 में बन रहे निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण किया।
याशोद ने कार्यदायी संस्था के अभियन्ताओं तथा ठेकेदार को प्रत्येक दशा में भवन का कार्य मानक के अनुरूप, गुणवत्तापूर्ण 31 दिसम्बर तक पूर्ण कराने का निर्देश दिया। इस दौरान भवन में आपातकालीन संचालन केन्द्र, पुस्तकालय, ऑडिटोरियम, मीटिंग हाल, लेक्चर हाल, क्लासरूम, डायनिंग एरिया, किचेन, मेस इत्यादि में हो रहे कार्यों को देखा।अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने प्राधिकरण में कार्यरत विशेष कार्याधिकारी मान्धाता, लोक निर्माण विभाग की अभियन्ता अंशू मालिनी साहू को अपनी निगरानी में भवन का निर्माण तय समयसीमा में कराने के निर्देश दिए। सुरक्षा के दृष्टिगत रैम्प तथा सीढ़ियों पर तत्काल रेलिंग लगाने के निर्देश दिए तथा भवन के सामने निर्मित डिवाइडर को ठीक करवाने हेतु संबंधित को निर्देशित किया। भवन के अंदर वेंटिलेशन तथा सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए। भवन के सुरक्षा के लिए सुरक्षा गार्ड को तत्काल तैनात करने का निर्देश दिया। कमरों के सामने संख्या तथा संबंधित कार्मिकों का नाम लिखा जाए। प्रत्येक तल पर चाबी का स्टेशन स्थापित करने के निर्देश दिये।
अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि भवन निर्माण में उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। निर्माण में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं होनी चाहिए तथा पूरा कार्य नियमित पर्यवेक्षण के साथ होना चाहिए। उन्होंने निर्माण स्थल पर काम कर रहे कार्यदायी संस्था के ठेकेदार तथा अभियंता से बातचीत की और कार्य की स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने भवन की साफ-सफाई तथा रख-रखाव हेतु निर्देशित किया।

Aaj National

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