LUCKNOW:स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को वैकल्पिक घोषित किए जाने की मांग,क्लिक करें और भी खबरें

-उपभोक्ता परिषद नेसुप्रीम कोर्ट के आदेश की सौपी

  • REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK 

लखनऊ। उ.प्र. राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व देश की ऊर्जा क्षेत्र की शीर्ष संवैधानिक सेंट्रल एडवाइजरी कमेटी के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने आज उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार व सदस्य संजय कुमार सिंह से मुलाकात कर एक लोक महत्व विधिक प्रस्ताव आयोग के सामने सौंपते हुए यह मांग की कि उत्तर प्रदेश विद्युत विनियामक आयोग उपभोक्ताओं के हित में स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को अनिवार्य न मानते हुए “विकल्प” के रूप में स्पष्ट रूप से घोषित करे। इससे राज्यभर के उपभोक्ताओं में व्याप्त भ्रम तुरंत समाप्त हो सके। उपभोक्ता परिषद ने अपने विधिक प्रस्ताव के साथ सुप्रीम कोर्ट द्वारा वर्ष 2024 के अंतिम महीने में जारी एक आदेश भी आयोग के सामने प्रस्तुत किया।

उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कहा आयोग के टैरिफ ऑर्डर मैं विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 47(5 )के तहत उपभोक्ताओं के परिसर पर स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने अथवा पोस्टपेड मीटर लगाने के विकल्प के बारे में अपनी राय रखते हुए यह भी स्पष्ट किया कि स्मार्ट,प्रीपेड मीटरों की अनिवार्यता से जुड़े कई जनहित याचिकाएँ विभिन्न उच्च न्यायालयों में लंबित हैं, स्पष्ट कानूनी स्थिति न होने के कारण आयोग ने कोई टिप्पणी नहीं की थी। उपभोक्ता परिषद जो सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रति सौंप रहा है उसमें आयोग देख सकता है कि कानूनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट है उपभोक्ताओं को स्मार्ट प्रीपेड अथवा पोस्टपेड छूने का विकल्प मौजूद है और वह उसका अधिकार है। श्री वर्मा ने बताया कि सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा सिविल अपील. 4226/2020 माधव केआरजी बनाम पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड में दिसम्बर 2024 में यह स्पष्ट कहा गया है कि “यदि कोई मौजूदा उपभोक्ता प्रीपेड मीटर को चुनता है, तो लाइसेंसी सुरक्षा जमा की समायोजन द्वारा वापसी करेगा।”यह टिप्पणी स्पष्ट रूप से बताती है कि प्रीपेड मीटर उपभोक्ता की इच्छा पर आधारित ‘विकल्प’ है, न कि अनिवार्य व्यवस्था।उपभोक्ता परिषद में आयोग कोई अभी अवगत कराया की परिषद पहले ही बता चुकी है कि नए कनेक्शन पर जो उपभोक्ताओं से गलत तरीके से रुपया 6016 की वसूली हो रही है उसे पर तत्काल रोक लगनी चाहिए क्योंकि देश के बड़े निजी घराने उसे मीटर को मात्र 2600 से 2800 के बीच खरीद रहे भुगतान से पावर कॉरपोरेशन इस मी का कई गुना मूल्य वसूल रहा है।उपभोक्ता परिषद की जनहित में प्रमुख मांग कि है कि आयोग स्मार्ट प्रीपेड मीटरों की “वैकल्पिक” प्रकृति पर तत्काल अंतिम आदेश जारी करे, ताकि उपभोक्ताओं में व्याप्त भ्रम दूर हो।यह स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएँ कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर केवल उपभोक्ता की सहमति से ही लगाए जाएँ, उन्हें किसी भी परिस्थिति में जबरन या अनिवार्य रूप से न थोपा जाए।सप्लाई कोड रिव्यू पैनल उप-समिति की त्वरित बैठक बुलाई जाए, जिससे स्मार्ट प्रीपेड मीटर की जो कास्ट नए कनेक्शन पर अवैध तरीके से रुपया 6016 वसूला जा रहा है उसे पर रोक लगे और जो अधिक वसूली की गई है उसकी वापसी हो सके। उपभोक्ताओं को प्रमाणित, सही, परीक्षण योग्य मीटर उपलब्ध कराए जाएँ तथा मीटर बदलने की प्रक्रिया पूर्णतरू पारदर्शी और उपभोक्ता हितैषी हो। श्री वर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के 2024 के निर्णय के बाद अब किसी भी प्रकार की कानूनी अस्पष्टता शेष नहीं है, इसलिए आयोग को उपभोक्ताओं के हित में शीघ्र एवं स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए।

शहर में बढ़ती ठंड से निपटने के लिए नगर निगम सतर्क
-नगर आयुक्त ने शेल्टर होम्स का किया निरीक्षण

शहर में शीतलहर का प्रकोप धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। बढ़ती ठंड को देखते हुए नगर निगम ने राहत एवं बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने सोमवार को शहर के विभिन्न स्थाई शेल्टर होम्स (रैन बसेरों) का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मरम्मत और रिनोवेशन के कार्यों की प्रगति का आकलन किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अपर नगर आयुक्त डॉ. अरविंद कुमार राव, मुख्य अभियंता श्री महेश वर्मा, तथा संबंधित जोन के अधिकारी मौजूद रहे।
निरीक्षण की शुरुआत जोन 1 के जियामऊ स्थित शेल्टर होम से हुई, जहां नगर आयुक्त ने रंगाई-पुताई और सफाई कार्य की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी शेल्टर होम्स में साफ-सफाई और रंगाई-पुताई का कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए ताकि ठंड के मौसम में जरूरतमंदों को सुरक्षित और स्वच्छ आश्रय मिल सके। इसके बाद उन्होंने लक्ष्मण मेला रैन बसेरा और चकबस्त स्थित रैन बसेरे का भी दौरा किया।निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त गौरव कुमार ने कहा कि प्रत्येक शेल्टर होम में स्पष्ट साइनेज बोर्ड लगाए जाएं ताकि लोगों को वहां पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। साथ ही, सभी रैन बसेरों में रजाई, गद्दे और कंबल की व्यवस्था दुरुस्त करने और पुराने सामान को बदलने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य अभियंता को निर्देशित किया कि सभी आवश्यक कार्य यथाशीघ्र पूरा किया जाए।नगर आयुक्त ने विशेष रूप से यह भी कहा कि प्रत्येक शेल्टर होम के केयर टेकर नियमित रूप से लॉग बुक भरें ताकि हर गतिविधि का रिकॉर्ड रखा जा सके। इसके बाद उन्होंने जोन 2 स्थित लाटूश रोड रैन बसेरा का निरीक्षण किया, जहां कुछ मरम्मत कार्यों में कमी पाई गई। उन्होंने मुख्य अभियंता को तत्काल सुधार के निर्देश दिए और कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।नगर आयुक्त ने आगे ऐशबाग मिल रोड और करेहटा स्थित रैन बसेरों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर तैयारियां अधूरी हैं, वहां के कार्य अगले सात दिनों के भीतर पूर्ण कर लिए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आगामी निरीक्षण के दौरान कोई कमी पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।नगर आयुक्त गौरव कुमार ने कहा कि ठंड के मौसम में शहर के गरीब और बेघर लोगों को राहत पहुंचाना नगर निगम की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी रैन बसेरों में पर्याप्त गर्म बिस्तर, पीने के पानी और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी व्यक्ति को ठंड से बचाव में कठिनाई न हो।

किसान मोर्चा ने बिजली संशोधन प्रतियां जलाई, निजीकरण का किया विरोध
-जनपदों में विरोध प्रदर्शन कर 01 जनवरी से होने वाले आंदोलन की तैयारी शुरू

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के आह्वान पर आज प्रदेश के समस्त जनपदों में बिजली कर्मियों ने विरोध प्रदर्शन कर 01 जनवरी से प्रारंभ होने वाले आंदोलन की बिजली कर्मियों को जानकारी दी। संयुक्त किसान मोर्चा ने आज देश भर में व्यापक विरोध प्रदर्शन कर इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 की प्रतियां जलाई और बिजली के निजीकरण के विरोध में आक्रोश व्यक्त किया।विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उप्र के केन्द्रीय पदाधिकारियों ने बताया कि लखनऊ में कल हुई मीटिंग से वापस जाकर संघर्ष समिति के स्थानीय पदाधिकारियों ने 01 जनवरी से शुरू होने वाले आंदोलन के फैसले से सभी जनपदों में विरोध प्रदर्शन कर रहे बिजली कर्मियों को अवगत कराया। बिजली कर्मियों ने फैसले का जोरदार समर्थन व्यक्त किया और आंदोलन को लेकर उनमें भारी जोश व्याप्त है। आज जनपदों में हुई सभाओं में बिजली कर्मियों ने संकल्प लिया कि निजीकरण और उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियों के विरोध में लगातार चल रहा आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक निजीकरण का निर्णय निरस्त नहीं किया जाता और आंदोलन के फलस्वरूप बिजली कर्मियों पर की गई समस्त उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां समाप्त नहीं की जाती। उल्लेखनीय है कि संघर्ष समिति की केन्द्रीय संचालन समिति ने निर्णय लिया है कि 01 जनवरी को आंदोलन के 400 दिन पूरा होने पर बिजली कर्मी 01 जनवरी से 08 जनवरी तक काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन करेंगे । 08 जनवरी को सभी डिस्कॉम मुख्यालयों और परियोजनाओं पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा तथा 08 जनवरी से 21 जनवरी तक बिजली कर्मी ड्यूटी के उपरान्त बिजली आपूर्ति बनाए रखने के अलावा अन्य कोई कार्य नहीं करेंगे। 21 जनवरी को लखनऊ में प्रांतव्यापी विशाल रैली होगी जिसमें आंदोलन के अगले कार्यक्रम घोषित किए जाएंगे। संघर्ष समिति ने बताया कि बिजली कर्मी किसानों और आम उपभोक्ताओं को साथ लेकर आंदोलन कर रहे हैं अतः निजीकरण के विरोध में 01 जनवरी से शुरू हो रहे आंदोलन में किसानों और उपभोक्ताओं को कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। ब्रेक डाउन और उनकी समस्या सर्वाेच्च प्राथमिकता पर अटेंड की जायेगी।

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