सरोजनीनगर:बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की निर्मम हत्या,क्लिक करें और भी ख़बरें

-सरोजनीनगर में व्यापारियों का जोरदार प्रदर्शन, पुतला फूंका

  • REPORT BY:A.S.CHAUHAN || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK 

लखनऊ। बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के युवक दीपू चंद्र दास की कथित ईशनिंदा के आरोप में भीड़ द्वारा बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या और शव को जलाने की घटना से आक्रोशित होकर रविवार को सरोजनीनगर क्षेत्र में आदर्श व्यापार मंडल संगठन की गौरी इकाई के व्यापारियों ने आज जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश का पुतला फूंका और इस अमानवीय कृत्य की कड़ी निंदा की।व्यापारियों ने इसे मानवाधिकारों पर सीधा हमला करार देते हुए कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय लगातार हिंसा, उत्पीड़न और लक्षित हमलों का शिकार हो रहा है, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।प्रदर्शन का नेतृत्व आदर्श व्यापार मंडल गौरी बाजार इकाई के अध्यक्ष अम्बुज शर्मा ने किया। उन्होंने कहा कि दीपू चंद्र दास की हत्या केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि पूरे हिंदू समाज की अस्मिता पर हमला है। चेयरमैन विशाल श्रीवास्तव ने भारत सरकार से अपील की कि वह इस मामले को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाए और बांग्लादेश सरकार पर सख्त कूटनीतिक दबाव बनाए। महामंत्री धीरूभाई ने चेतावनी दी कि यदि ऐसी घटनाओं पर कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में हालात और विकट हो सकते हैं।

प्रदर्शन में कोषाध्यक्ष अमित जायसवाल, उपाध्यक्ष कौशलेंद्र, देवेन्द्र ओहरी, मंत्री दुर्गेश गुप्ता, दीपक सोनी, विवेक मिश्रा, अमोल सिंह, अभिषेक सिंह, सचिन यादव, यश, विजय, जोरावर सिंह, सूरज साहू, शोभित साहू, संजय सिंह सहित बड़ी संख्या में व्यापारी शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में भारत सरकार से मांग की कि बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त से सख्त राजनीतिक और कूटनीतिक कदम उठाए जाएं।प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाते हुए बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर बढ़ती हिंसा को रोकने की पुरजोर मांग की। यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और स्थानीय प्रशासन की मौजूदगी में संपन्न हुआ।

कड़ाके की ठंड, घने कोहरे से आम जनता परेशान,सरोजनीनगर में छः दिनों से इंसान से लेकर पशु-पक्षी तक बेहाल

राजधानी लखनऊ के सरोजनीनगर क्षेत्र सहित पूरे उत्तर प्रदेश में पिछले छह दिनों से लगातार पड़ रही कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। रात में पड़ने वाला घना कोहरा और पाला ठंड को और अधिक बढ़ा रहा है, जबकि दिन में भी धूप का नामोनिशान कम होने से दिन-रात एक समान ठंडक बनी हुई है।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कई जिलों में घने कोहरे और शीतलहर के लिए ऑरेंज व येलो अलर्ट जारी किया है, जिससे आम आदमी से लेकर पशु-पक्षी तक परेशान हैं।सरोजनीनगर और आसपास के इलाकों में सुबह से शाम तक छाया घना कोहरा दृश्यता को शून्य के करीब ले आया है। कई जगहों पर विजिबिलिटी मात्र 50 मीटर तक रह गई, जिससे सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। लोग वाहनों की हेडलाइट्स जलाकर चलने को मजबूर हैं। ठंड के कारण लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं, जबकि बाहर निकलने वाले गर्म कपड़ों और अलाव का सहारा ले रहे हैं।इस ठंड और कोहरे का असर पशु-पक्षियों पर भी साफ दिख रहा है। सड़कों पर घूमने वाले आवारा पशु और पक्षी ठंड से ठिठुरते नजर आ रहे हैं। कई जगहों पर पक्षी जमीन पर बैठे हुए पाए गए, जबकि पशु अलाव के पास शरण लेते दिखे। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार कोहरा और कम धूप से इनकी सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है।

मौसम विभाग के अनुसार, लखनऊ में न्यूनतम तापमान 10-11 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जबकि अधिकतम तापमान 18-20 डिग्री तक सीमित रह रहा है। घने कोहरे के कारण कई जिलों में ‘कोल्ड डे’ की स्थिति बनी हुई है। IMD ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक ठंड और कोहरे से राहत मिलने की उम्मीद कम है।ठंड से बचाव के लिए लोग गर्म कपड़े, हीटर और अलाव का सहारा ले रहे हैं, लेकिन गरीब तबका सबसे ज्यादा प्रभावित है। प्रशासन ने स्कूलों की टाइमिंग बदल दी है और यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के आने तक यह स्थिति बनी रह सकती है।

चुनाव नजदीक आते ही बदलने लगे ग्राम प्रधानों के बोल,मतदाताओं की वाहवाही शुरू

सरोजनीनगर विकासखंड में आगामी पंचायत चुनाव की सरगर्मी बढ़ते ही मौजूदा और पूर्व ग्राम प्रधानों तथा संभावित प्रत्याशियों के तेवर बदलने लगे हैं। चुनाव की तारीख भले ही अभी तय न हुई हो, लेकिन 2021 के पंचायत चुनाव के बाद जीत-हार पर मतदाताओं को अशोभनीय शब्दों से कोसने वाले नेता अब मतदाताओं को ही सर्वोपरि बताने लगे हैं।
विकासखंड सरोजनीनगर में 2021 पंचायत चुनाव के नतीजों के बाद कई ग्राम प्रधानों और हारे हुए प्रत्याशियों ने मतदाताओं पर अपनी भड़ास निकाली थी।

जीते हुए प्रधानों ने भी कई जगहों पर मतदाताओं को तरह-तरह के ताने दिए थे। यह सिलसिला चुनाव के बाद लंबे समय तक चलता रहा। लेकिन अब जैसे-जैसे 2026 में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव नजदीक आ रहे हैं, इन नेताओं के बोल कड़वे से मीठे होने लगे हैं। मतदाताओं की खुले आम वाहवाही की जा रही है और उन्हें विकास का केंद्र बता कर लुभाने की कोशिशें शुरू हो गई हैं।

पंचायत चुनाव में ग्राम प्रधान पद के अलावा ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य के पदों के लिए भी मतदान होता है, लेकिन सबसे ज्यादा होड़ ग्राम प्रधान पद को लेकर ही रहती है। इसी वजह से प्रधान पद की चर्चाएं चुनाव के समय सबसे अधिक गर्म रहती हैं।राजनीति के ये ‘गिरगिट’ जो चुनाव बाद मतदाताओं को भला-बुरा कह रहे थे, अब चुनावी चर्चाओं के शुरू होते ही अपना रंग बदलने लगे हैं। मीठी-मीठी बातें करके मतदाताओं को मनाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, मतदाता इनकी इस नजाकत को अच्छी तरह पहचान चुके हैं और चुनाव में वोट की चोट से अपना फैसला सुनाएंगे।

लखनऊ-कानपुर हाईवे पर सरोजनीनगर में लगा लंबा जाम,सड़क लेपन कार्य बना कारण

सरोजनीनगर थाना क्षेत्र के दरोगा खेड़ा में रविवार शाम करीब साढ़े चार बजे लखनऊ-कानपुर हाईवे पर एलिवेटेड एक्सप्रेसवे के नीचे चल रहे सड़क लेपन (रोड सरफेसिंग) कार्य के कारण भारी जाम लग गया। इस वजह से हाईवे पर वाहन रेंगते नजर आए और लखनऊ से कानपुर की ओर जाने वाले यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।जाम की स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में घंटों का समय लग गया, जिससे लोग काफी छक गए। कई यात्री जाम में फंसकर परेशान होते दिखे, जबकि कुछ ने वैकल्पिक रास्तों का सहारा लिया।जाम की सूचना मिलते ही ट्रैफिक पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात को सुगम बनाने के प्रयास शुरू किए। पुलिसकर्मियों ने वाहनों को डायवर्ट करने और व्यवस्था संभालने की कोशिश की, लेकिन निर्माण कार्य जारी रहने के कारण जाम पूरी तरह से नहीं खुल सका। देर शाम तक भी लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ा।बता दें कि लखनऊ-कानपुर हाईवे पर एलिवेटेड एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है, जिसके चलते नीचे की सड़क पर लेपन और मेंटेनेंस का काम चल रहा है। इससे अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही एक्सप्रेसवे पूरा होने से ऐसी समस्याओं से राहत मिलेगी।

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