- REPORT BY:A.S.CHAUHAN
- EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
ठेकेदार कर्मचारी हाल ही में विवादों में घिर गए। ये कर्मचारी वर्षों से एक निजी कंपनी के माध्यम से काम कर रहे थे।इस बार जब टेंडर किसी दूसरी कंपनी को मिला तो आरटीओ लखनऊ संजय तिवारी ने इन कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार और दलाली के गंभीर आरोप लगाते हुए परिवहन आयुक्त को लिखित शिकायत की। शिकायत के बाद सभी कर्मचारियों को तुरंत हटा दिया गया।हालांकि हैरानी की बात यह रही कि महज कुछ दिनों के भीतर ही इन्हीं कर्मचारियों की “पॉजिटिव रिपोर्ट” तैयार कराई गई और उन्हें दोबारा तैनाती दे दी गई। इसके बाद एक और आदेश जारी हुआ कि आगे से किसी कर्मचारी के स्थानांतरण या तैनाती के लिए संबंधित एआरटीओ की आख्या अनिवार्य होगी। इसी व्यवस्था के तहत अधिकांश कर्मचारी फिर से अपनी पुरानी जगह पर वापस आ गए।सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिन पर आरटीओ द्वारा लिखित रूप में भ्रष्टाचार और दलाली के आरोप लगाए गए थे, उन्हीं के बारे में एआरटीओ ने “स्वच्छ छवि” की रिपोर्ट कैसे तैयार कर दी? सूत्रों का कहना है कि इस पूरी घटना में “अर्थतंत्र” की भूमिका काफी मुखर रही और विभागीय फैसलों पर इसका असर साफ दिखाई दे रहा है।यह मामला उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली, पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।नए साल से ड्राइविंग लाइसेंस का निजीकरण आरटीओ में हड़कंप, लग रही लंबी-लंबी कतारें
को सौंपे जाने की खबरों ने अफरा-तफरी मचा दी है।पिछले कई दिनों से सुबह जल्दी से ही कार्यालय परिसर में लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं। ऑनलाइन स्लॉट कई दिन पहले ही पूरी तरह भर जाते हैं। आम लोगों में यह डर घर कर गया है कि निजीकरण के बाद लाइसेंस बनवाने, नवीनीकरण, संशोधन, डुप्लीकेट आदि सभी सेवाओं की फीस मौजूदा दरों से दोगुनी या उससे भी ज्यादा हो सकती है।इसी आशंका के चलते लर्नर लाइसेंस, स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस, नवीनीकरण और अन्य कार्य कराने के लिए बड़ी संख्या में लोग आरटीओ पहुंच रहे हैं। टोकन काउंटर, बायोमेट्रिक और ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर भारी भीड़ देखी जा रही है। कई लोगों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है, जबकि स्लॉट न मिलने पर सैकड़ों लोग निराश होकर खाली हाथ लौट रहे हैं।आरटीओ अधिकारियों का कहना है कि अभी तक निजीकरण को लेकर कोई आधिकारिक शासनादेश या लिखित निर्देश उनके पास नहीं पहुंचा है। फिर भी अफवाहों और सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के कारण भीड़ में असामान्य वृद्धि हुई है।
सरोजनीनगर में फुटबॉल चैम्पियनशिप का भव्य समापन,स्टेला मैरिस और टेक्ट्रो एफसी बनीं चैंपियन
राजेश्वर सिंह द्वारा आयोजित सरोजनी नगर स्पोर्ट्स लीग (चरण-8) के तहत इंटर-स्कूल एवं इंटर-क्लब फुटबॉल चैम्पियनशिप का ग्रैंड फिनाले बड़े उत्साह और जोश के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती की पूर्व संध्या पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए समर्पित किया गया।मुख्य अतिथि सांसद डॉ. दिनेश शर्मा और विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने विजेता टीमों को सम्मानित किया। इंटर-स्कूल कैटेगरी में स्टेला मैरिस स्कूल और इंटर-क्लब कैटेगरी में टेक्ट्रो एफसी ने शानदार प्रदर्शन कर खिताब अपने नाम किया। विजेता टीमों को 50 हजार रुपये, उपविजेता को 25 हजार रुपये तथा उत्कृष्ट खिलाड़ियों को विभिन्न श्रेणियों में नकद पुरस्कार प्रदान किए गए।विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने संबोधित करते हुए कहा कि खेल का मैदान युवाओं के चरित्र निर्माण की सबसे बड़ी प्रयोगशाला है, जो उन्हें जीवनभर दिशा और स्वस्थ शरीर प्रदान करता है। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए बताया कि 2004 में लखनऊ में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया की स्थापना उनके दूरदर्शी खेल विजन का प्रमाण थी। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सांसद डॉ. दिनेश शर्मा के नेतृत्व में देशभर में सांसद खेल महोत्सव जैसे कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं, जो युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।मुख्य अतिथि सांसद डॉ. दिनेश शर्मा ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और खेल मंत्री की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने न केवल विविध खेल आयोजनों को सफलतापूर्वक कराया बल्कि सांसद खेल महोत्सव को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। यदि उत्तर प्रदेश की विधानसभाओं में कार्यों के आधार पर रैंकिंग हो तो सरोजनी नगर निश्चित रूप से अव्वल रहेगी। अटल के प्रसिद्ध कथन “जो आता है, उसे अपनाकर अपने अनुरूप गढ़ लेना” का जिक्र करते हुए उन्होंने डॉ. राजेश्वर सिंह की कार्यशैली को प्रेरणादायी बताया।सरोजनीनगर स्पोर्ट्स लीग का गौरवशाली सफर
एयरपोर्ट पर विंटर फेस्ट का जादू, यात्रा अब उत्सव बन गई
एयरपोर्ट परिसर में निर्माण मजदूर ने लगाई फांसी
लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की शिनाख्त संदीप (कुछ सूत्रों में नाम सुभाष बताया जा रहा है) के रूप में हुई है। वह एयरपोर्ट पर चल रहे विकास कार्यों में जुड़ी एनसीसी कंपनी में मजदूर था और परिसर में बनी लेबर कॉलोनी में ही रहता था।सूत्रों के अनुसार दोपहर करीब 1:30 बजे लेबर कॉलोनी में मजदूर के फंदे से लटकने की खबर मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे फौरन नीचे उतारकर लोकबंधु राज नारायण संयुक्त अस्पताल पहुंचाया, जहां ड्यूटी पर तैनात डॉ. अजय शंकर त्रिपाठी ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने बताया कि अस्पताल लाए जाने तक मजदूर की मौत हो चुकी थी।घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्यों की जांच-पड़ताल शुरू कर दी। आत्महत्या के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहन जांच कर रही है।बंथरा में गिट्टी लदा ट्रक पलटा, बड़ा हादसा होते होते बचा,ट्रैफिक पुलिस की त्वरित कार्रवाई से जाम खुलवाया
ट्रक (नंबर UP46/T4974) शिवपुरा जुनाबगंज के पास पिलर नंबर 154 के निकट अनियंत्रित हो गया। ड्राइवर द्वारा गलत साइड से ओवरटेक करने की कोशिश में ट्रक नवनिर्मित नाले में टकराकर पलट गया।हादसे में ड्राइवर योगेंद्र गिरी (उम्र करीब 30 वर्ष, पिता राम केवल गिरी, निवासी ग्राम पूरी सिंह डीह, थाना तुलसीपुर, जिला बलरामपुर) और खलासी को मामूली चोटें आईं। ड्राइवर को मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। ट्रक मालिक चंद्रपाल भी बलरामपुर जिले के निवासी हैं।सुबह करीब 7 बजे ट्रक पलटने से सड़क पर ट्रैफिक जाम होने लगा। सूचना मिलते ही लखनऊ ट्रैफिक एसपी और बंथरा थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस की सक्रियता से तुरंत दो क्रेन मंगवाई गईं, जिससे ट्रक को सीधा किया गया और जाम को जल्द खुलवाया गया। इससे बड़ा हादसा होने से बच गया और यातायात सुचारू हो सका।पुलिस कमिश्नरेट में मिशन शक्ति 5.0 के तहत महिला सुरक्षा जागरूकता अभियान तेज
सम्मान और स्वावलंबन को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय अभियान चलाया हुआ है। पुलिस आयुक्त अमरेन्द्र कुमार सेंगर के निर्देशन में जनपद के 54 थानों पर मिशन शक्ति केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं, जहां महिलाओं की समस्याओं का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जा रहा है।ब बुधवार को ना सरोजनीनगर की टीम ने सेक्टर-एफ में भ्रमण कर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। म० हे० का० रूबी सिंह के नेतृत्व में महिलाओं को मिशन शक्ति योजनाओं, महिला सुरक्षा केंद्रों, साइबर अपराधों से बचाव, गुड टच-बैड टच और आपात हेल्पलाइन नंबरों (112, 1090 आदि) की जानकारी दी गई। पंपलेट वितरित कर महिलाओं व बच्चियों को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में लगभग 20-30 महिलाएं एवं बच्चे उत्साहपूर्वक शामिल हुए।इसी क्रम में थाना बिजनौर की टीम ने भी थाना क्षेत्र में विशेष जागरूकता अभियान चलाया। महिला आरक्षी आकांक्षा अवस्थी एवं चिंकी के नेतृत्व में महिलाओं व पुरुषों को घरेलू हिंसा, कार्यस्थल उत्पीड़न, दहेज प्रताड़ना, साइबर फ्रॉड से बचाव, यूपी-कोप ऐप तथा हेल्पलाइन नंबरों (1076, 1090, 112, 181, 1930, 102, 108) की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। ओटीपी साझा न करने और संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने जैसे उपायों पर विशेष जोर दिया गया।सरोजनीनगर में बंदर-स्याही का डबल अटैक
-आलू की फसलें चौपट, किसान परेशान
हमला बोल रखा है। खासकर इस समय बोई जा रही आलू की फसल इन जंगली जानवरों का सबसे बड़ा शिकार बन रही है।हरौनी गांव के निवासी गोविंद सिंह ने बताया कि बंदर दिन में खुलेआम खेतों में घुसकर पौधे उखाड़-उखाड़ कर फेंक देते हैं और आलू की कंदों को खा जाते हैं। वहीं रात होते ही स्याही खेतों में दाखिल होकर जमीन खोद-खोदकर पूरी क्यारियां साफ कर देती हैं। कई किसानों का कहना है कि उनकी आलू की फसल इस बार इन जानवरों की भेंट चढ़ चुकी है।बंदर दिनभर खेतों और घरों में आतंक मचा रहे हैं।स्याही रात में लगातार आलू की कंद खोदकर नष्ट कर रही हैं।पहले से ही नीलगाय और आवारा पशुओं से हो रहे नुकसान के बीच यह नया संकट आया है ,बार-बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं,किसान बताते हैं कि पहले नीलगाय और आवारा मवेशी फसलों को काफी नुकसान पहुंचाते थे, लेकिन अब बंदरों और स्याहियों के हमले से स्थिति और गंभीर हो गई है। कई परिवारों का कहना है कि इस बार मेहनत की कमाई लगभग खत्म हो चुकी है।किसान प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि बंदरों को उचित जगह स्थानांतरित किया जाए और स्याहियों की संख्या पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। अन्यथा आने वाले समय में इस क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था पर बहुत गहरा असर पड़ने की आशंका है।सरोजनीनगर में सर्दी की मार झेलते गरीब, विक्षिप्त लोग
प्रशासन ने नहीं की आग जलाने की व्यवस्था,कूड़ा-कर्कट और प्लास्टिक जलाकर किसी तरह जिंदा हैं मजदूर, सड़कों पर ठिठुरते दिखे कई मानसिक रोगी
रूप से विक्षिप्त लोगों की हालत बेहद दयनीय बनी हुई है। प्रशासन द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर अलावा (आग) जलाने की कोई व्यवस्था न किए जाने के कारण लोग मजबूरन कूड़े-कर्कट, पुरानी पॉलिथीन और प्लास्टिक जलाकर किसी तरह खुद को गर्म रखने की कोशिश कर रहे हैं।सबसे ज्यादा पीड़ित हालत उन लोगों की है जो मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं और सड़कों के किनारे, फुटपाथों या खुले मैदानों में दिन-रात ठिठुरते नजर आ रहे हैं। इनमें से ज्यादातर लोगों के पास न तो गर्म कपड़े हैं और न ही आग जलाने की कोई व्यवस्था। कई जगहों पर देखा गया कि ऐसे लोग ठंड से कांपते हुए भी आग के बिना ही पड़े हुए हैं।स्थानीय संभ्रांत वर्ग और सामाजिक कार्यकर्ताओं में इस लापरवाही को लेकर गहरा आक्रोश है। उनका कहना है कि इतनी सर्दी में कम से कम विक्षिप्त और बेसहारा लोगों के लिए न्यूनतम सुविधा के रूप में आग जलाने की व्यवस्था तो प्रशासन को करनी ही चाहिए थी।नागेंद्र सिंह बने सरोजनीनगर जिला उपाध्यक्ष
एक कार्यक्रम के दौरान नागेंद्र सिंह को माला पहनाकर प्रमाण-पत्र प्रदान करते हुए सरोजनीनगर जिला उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी।नागेंद्र सिंह पिछले कई वर्षों से अमौसी नादरगंज व्यापार मंडल के अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा ने इस अवसर पर विश्वास जताया कि नागेंद्र सिंह अपनी अनुभवी और सक्रिय कार्यशैली से संगठन को और मजबूती प्रदान करेंगे।कार्यक्रम में प्रदेश महामंत्री दिलीप द्विवेदी, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष अवधेश सिंह, विधानसभा संगठन मंत्री हरजीत सिंह, विधानसभा महामंत्री राजेश कुमार यादव, महामंत्री महताब सिंह, विधान सभा प्रभारी हेमलता सिंह, संगठन मंत्री प्रेमलता श्रीवास्तव सहित अमौसी नादरगंज व्यापार मंडल के महामंत्री महताब सिंह, कोषाध्यक्ष दीपक यादव, उपाध्यक्ष केशव कुमार, संगठन मंत्री सोमेश यादव, मंत्री पवन साहू, सचिन साहू, अनीता शर्मा, सोनी, पंकज सिंह, नरेश रावत, कार्यालय सहायक राजकुमार सहित दर्जनों व्यापारी मौजूद रहे।तेज रफ्तार बाइक ने ली 19 वर्षीय युवक की जान
-बंथरा-बिजनौर मार्ग पर पेड़ से टकराई बाइक, मौके पर ही मौत
तहसील सरोजनीनगर क्षेत्र में स्कूलों की पढ़ाई लगभग ठप
-दो महीने से शिक्षक एस आई आर और मतदाता सूची के काम में व्यस्त
व्यवस्था पूरी तरह राम भरोसे चल रही है। अधिकांश शिक्षक विभिन्न चरणों में चल रहे एस आई आर (सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण), मतदाता सूची संशोधन और अन्य चुनाव-संबंधी कार्यों में लगे हुए हैं, जिसके चलते नियमित कक्षाएं लगभग बंद-सी हो गई हैं।बिजनौर थाने में स्कूली बच्चों को दी सुरक्षा साइबर जागरूकता की शिक्षा
विद्यालय रसूलपुर इठुरिया में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।इस कार्यक्रम में बच्चों को तमाम जानकारी दी गई।टीम ने गुड टच – बैड टच की पहचान,महिला सुरक्षा हेल्पलाइन नंबर (112, 1090, 181, 1076, 1098, 1930),यूपी-कॉप ऐप का उपयोग,साइबर अपराध से बचाव के उपाय,यातायात नियमों का पालन के बारे में बताया गया ।एयरपोर्ट पर कोहरे का कहर: 14 उड़ानें घंटों लेट, यात्रियों में हड़कंप
एयरपोर्ट पर मौसम की मार के चलते आज सुबह से करीब 14 विमान सेवाएं निर्धारित समय से कई घंटे विलंबित रहीं। यात्रियों को लंबी प्रतीक्षा और भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।शीतकालीन सत्र में सरोजनीनगर के तीन बड़े मुद्दे सदन में उठाए
सरोजनीनगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में अपने क्षेत्र के तीन महत्वपूर्ण
लोक-महत्व के विषय प्रमुखता से उठाए।पिपरसण्ड उच्च प्राथमिक विद्यालय का इंटर कॉलेज में उच्चीकरण,आर्थिक तंगी और नजदीकी इंटर कॉलेज न होने से बाधित हो रही छात्रों की पढ़ाई को लेकर मांग।वरुण विहार योजना से प्रभावित 12 गांवों के किसानों की मांग,भलिया, आदमपुर इन्द्रवारा, बहरू, जलियामऊ समेत 12 गांवों के किसानों को अन्य योजनाओं के समान उचित मुआवजा, आंशिक लैंड-पूलिंग का लाभ और बुनियादी सुविधाएं देने की मांग।अमृत-2.0 योजना में देरी और शिथिलता पर ध्यानाकर्षण,शहरी क्षेत्रों में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, सीवर लाइन और अन्य विकास कार्यों में हो रही सुस्ती पर सवाल।डॉ. राजेश्वर सिंह ने नियम-51 और 301 के तहत ये विषय सदन में रखे, जिन पर संबंधित मंत्रियों के जवाब के बाद शीघ्र कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।
