-पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने तिलक मार्ग, स्थित आवास/कैम्प कार्यालय एवं पुलिस मुख्यालय में फहराया राष्ट्रीय ध्वज
-अमर राष्ट्र-बलिदानियों के त्याग और बलिदान से जन्मा है हमारा गणराज्य
- REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
लखनऊ:गणतन्त्र दिवस-2026 के अवसर पर पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण तिलक मार्ग, स्थित आवास/कैम्प


कार्यालय एवं पुलिस मुख्यालय गोमती नगर विस्तार के प्रांगण में गणतन्त्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया तथा पुलिस के अधिकारीयों और कर्मचारियों को शपथ दिलायी।उन्होंने इस मौके पर सभी अधिकारीयों और कर्मचारियों एवं उत्तर प्रदेश पुलिस परिवार के प्रत्येक प्रहरी को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने अमर राष्ट्र-बलिदानियों को नमन करते हुए कहा कि उनके त्याग और बलि

दान से हमारा गणराज्य जन्मा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस के उन वीर

शहीदों का श्रद्धापूर्वक स्मरण किया, जिन्होंने वर्दी को जीवन से ऊपर रखकर जनता की सुरक्षा हेतु अपना सर्वस्व अर्पित किया।
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस जिस प्रोफेशनलिज़्म, तत्परता और अपराधों के प्रति जीरो टोलरेंस के साथ कार्य कर रही है, वह इस बात का प्रमाण है कि सुशासन अब केवल नीति नहीं, बल्कि दैनिक पुलिसिंग व्यवहार बन चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जीरो टोलरेंस तभी प्रभावी है जब वह रोज़मर्रा के निर्णयों में दिखाई दे और हर पुलिसकर्मी की कार्य-संस्कृति बने।संविधान ने राज्य और नागरिक के संबंध को अधिकार, कर्तव्य और जवाबदेही के ढांचे में स्थापित किया है। पुलिसिंग का लक्ष्य यह होना चाहिए कि ये मूल्य नागरिक के अनुभव में सुरक्षा, सम्मान और भरोसे के रूप में दिखाई दें। उन्होंने संवैधानिक मूल्यों को पुलिस के “प्रोफेशनल स्टैंडर्ड्स” बताते हुए कहा कि कानून का शासन (Rule of Law) का अर्थ है-कार्रवाई व्यक्ति-निरपेक्ष, तथ्य-आधारित, निष्पक्ष और विधिसम्मत हो; निर्णय प्रक्रिया पारदर्शी रहे; तथा हर नागरिक को समान सुरक्षा और समान सुनवाई मिले।
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने कहा कि थानों पर व्यवहार, शिकायत की सुनवाई, प्रक्रिया की स्पष्टता और समयबद्ध निस्तारण-ये नागरिक की गरिमा व विश्वास से सीधे जुड़े हैं। जन-शिकायत निस्तारण में नागरिक का भरोसा समयबद्ध कार्रवाई और स्पष्ट संवाद से ही सम्मानित होता है।पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने महिला संबंधी मामलों में रोकथाम, त्वरित सहायता, संवेदनशील सुनवाई और प्रभावी विवेचना-इन चारों स्तरों पर मानकीकृत व जवाबदेह व्यवस्था सुनिश्चित करने की प्राथमिकता दोहराई। इसी उद्देश्य से मिशन शक्ति तंत्र को निरंतर मजबूत किए जाने तथा मिशन शक्ति केंद्र को ग्राउंड-लेवल सपोर्ट सिस्टम के रूप में विकसित किए जाने की बात कही।पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल सुरक्षा स्वतंत्रता का एक महत्वपूर्ण आयाम है। साइबर अपराध केवल आर्थिक क्षति नहीं, बल्कि निजता, मानसिक शांति और सामाजिक प्रतिष्ठा पर भी प्रभाव डालते हैं। उन्होंने बताया कि रणनीति का फोकस जागरूकता व रोकथाम, त्वरित प्रतिक्रिया तथा तकनीक-आधारित जांच/समन्वय को उन्नत करने पर है। जनपद एवं इकाई स्तर पर ट्रेंड साइबर हेल्प डेस्क को सशक्त किया जा रहा है ताकि पीड़ित को त्वरित मार्गदर्शन मिल सके।
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने न्याय की अवधारणा को पुलिसिंग से जोड़ते हुए कहा कि निष्पक्ष विवेचना, वैज्ञानिक साक्ष्य-संकलन और पीड़ित का भरोसा-यही प्रभावी न्याय की बुनियाद है। विवेचना की गुणवत्ता बढ़ाने से निर्णय अधिक वस्तुनिष्ठ बनते हैं और अभियोजन सुदृढ़ होता है। फॉरेंसिक क्षेत्र में राज्य की प्रगति का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि 18 फॉरेंसिक लैब की स्थापना से वैज्ञानिक जांच नेटवर्क विस्तृत हुआ है तथा उत्तर प्रदेश राज्य फॉरेंसिक विज्ञान संस्थान, लखनऊ के माध्यम से प्रशिक्षण, शोध और विशेषज्ञता को संस्थागत आधार मिला है।पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने कहा कि पुलिस की क्षमता केवल सिस्टम/संसाधनों से नहीं, बल्कि बल के भीतर मनोबल, स्वास्थ्य और बंधुत्व से भी बनती है। इसलिए पुलिस वेलफेयर, स्वास्थ्य और कार्यस्थितियों पर निरंतर ध्यान आवश्यक है, जिसका सीधा प्रभाव सेवा की गुणवत्ता और फील्ड व्यवहार पर पड़ता है। साथ ही प्रशिक्षण के सतत उन्नयन पर बल देते हुए उन्होंने बताया कि 60,000 नव-भर्ती कांस्टेबलों के लिए “हाइब्रिड मोड स्पेशलाइज्ड ट्रेनिंग” को मानकीकृत प्रणाली के रूप में लागू व सुदृढ़ किया जा रहाहै, जिसका फोकस संवैधानिक आचरण, नागरिक-मित्र व्यवहार, बेसिक लॉ, साइबर जागरूकता, ड्यूटी एथिक्स और आपात प्रतिक्रिया पर है।
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने कहा कि ये सभी प्रयास अलग-अलग कार्यक्रम नहीं, बल्कि संविधान के उच्च आदर्शों को पुलिसिंग के दैनिक व्यवहार में उतारने के साधन हैं। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि वर्ष 2026 में उत्तर प्रदेश पुलिस की पहचान तीन स्तंभों पर और मजबूत हो-विधिसम्मत कार्रवाई, नागरिकों के प्रति सम्मान और सेवा में समयबद्धता और प्रदेश सरकार की जनहितकारी प्राथमिकताओं के अनुरूप नागरिकों की सुरक्षा व विश्वास को सर्वोच्च रखकर कार्य किया जाए।
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने बताया कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारत सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश पुलिस के 18 कार्मिकों को वीरता पदक, 04 को राष्ट्रपति का विशिष्ट सेवा पदक तथा 68 को सराहनीय सेवा पदक प्रदान किए गए हैं। इसके अतिरिक्त 47 पुलिस कार्मिकों को उत्कृष्ट सेवा सम्मान चिन्ह, 198 को सराहनीय सेवा सम्मान चिन्ह तथा 470 को पुलिस महानिदेशक का प्रशंसा चिन्ह प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश ने 10 पुलिस कर्मियों को मुख्यमंत्री का वीरता पदक एवं 25 पुलिस कर्मियों को मुख्यमंत्री का प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया गया। पुलिस महानिदेशक ने सभी सम्मानित कार्मिकों को बधाई दी।पुलिस महानिदेशक ने गणतन्त्र दिवस के अवसर पर मुख्यालय में नियुक्त पुलिस कर्मियों को पदक से अलंकृत किया।
इन्हें दिया गया पदक व सम्मान
‘उत्कृष्ट सेवा सम्मान चिन्ह’ पाने वालों में विनय कुमार सिंह, निरीक्षक, एस0टी0एफ0, उ0प्र0 लखनऊ, महेन्द्र कुमार, मुख्य आरक्षी चालक, आर्थिक अपराध अनुसंधान विभाग, उ0प्र0 लखनऊ, दिलीप कुमार यादव, आरक्षी चालक, विशेष जांच, उ0प्र0 लखनऊ शामिल है ।‘सराहनीय सेवा सम्मान चिन्ह ’संजय कुमार शुक्ला, निरीक्षक, जी0आर0पी0 मुख्यालय, उ0प्र0 लखनऊ, नरेन्द्र सिंह, उपनिरीक्षक, जनपद हरदोई को दिया गया ।‘पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 का प्रशंसा चिन्ह (प्लेटिनम)’ अमृता मिश्रा, पुलिस अधीक्षक, स्थापना, मुख्यालय पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0 लखनऊ,उमेश देव पाण्डेय, निरीक्षक, अपराध शाखा, मुख्यालय पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0 लखनऊ को दिया गया ।‘पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 का प्रशंसा चिन्ह (गोल्ड)’ मो0 इमरान, पुलिस उप महानिरीक्षक, भवन/कल्याण, उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय, लखनऊ, आशुतोष कुमार सिंह, प्रतिसार निरीक्षक, पुलिस कमिश्नरेट, आगरा, पुष्पेन्द्र नाथ, निरीक्षक, 15वीं वाहिनी पीएसी, आगरा, अशोक कुमार, निरीक्षक, मुख्यालय पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0 लखनऊ, धीरज सिंह, मुख्य आरक्षी, मुख्यालय पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0 लखनऊ को दिया गया ।पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 का प्रशंसा चिन्ह (सिल्वर)’ शिवम मिश्रा, पुलिस उपाधीक्षक, उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय, लखनऊ, जावेद खॉं, पुलिस उपाधीक्षक, नियंत्रण कक्ष, मुख्यालय पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0 लखनऊ, संतोष कुमार, निरीक्षक, सुरक्षा मुख्यालय, उ0प्र0 लखनऊ, मनीष कुमार, उप निरीक्षक, ए0एन0टी0एफ0, उ0प्र0 लखनऊ को दिया गया ।