-रिटायरमेंट के कगार पर खड़े अफसर के पास थे 4 चार्ज, अब दागी को दिया अतिरिक्त प्रभार
- REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
लखनऊ।उत्तर प्रदेश राज्य खाद्य एवं आवश्यक वस्तु निगम लि. (17-गोखले मार्ग, लखनऊ) में इन दिनों नियमों को ताक पर रखकर दागी छवि वाले अधिकारियों को कई-कई महत्वपूर्ण प्रभार सौंपे जा रहे हैं, जबकि अच्छी छवि वाले कर्मचारी-अधिकारियों को दरकिनार किया जा रहा है। ताजा मामला निगम के प्रबंध निदेशक द्वारा जारी एक आदेश से सामने आया है।
निगम की प्रबंध निदेशक अनीता वर्मा सिंह के 16 सितम्बर 2026 को जारी कार्यालय आदेश पत्रांक 634/अधि./2026-27 के अनुसार -निगम में अशोक कुमार, ए.जी.-I जो वर्तमान में प्रबन्धक, स्टेफको गैस सर्विस, लखनऊ में तैनात हैं, उनके द्वारा प्रबन्धक स्टेफको के कार्यों के साथ-साथ निगम मुख्यालय पर प्रभारी (वाद जनपद), प्रभारी (रिकवरी) एवं प्रभारी (सचिवीय) के रूप में अतिरिक्त दायित्वों का निर्वहन किया जा रहा था। अशोक कुमार अपनी अधिवर्षता आयु पूर्ण कर 31अक्टूबर 2026 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।सेवानिवृत्ति को दृष्टिगत रखते हुए निगम ने उनके सारे प्रभार दो लोगों में बांट दिए हैं। अशोक कुमार की जगह दुर्गेश कुमार तिवारी, ए.जी.-I, जो वर्तमान में निगम मुख्यालय पर प्रभारी (अधिष्ठान) के रूप में तैनात हैं, को स्टेफको गैस सर्विस, लखनऊ पर प्रबन्धक के रूप में तैनात किया गया है। श्री तिवारी अपने वर्तमान प्रभारी (अधिष्ठान) के कार्यों के साथ-साथ प्रबन्धक, स्टेफको गैस सर्विस के दायित्वों का निर्वहन अग्रिम आदेश तक अतिरिक्त रूप से करेंगे।इसके अतिरिक्त निगम मुख्यालय पर जनपद में तैनात आरती उपाध्याय, ए.जी.-I को प्रभारी (रिकवरी) के साथ-साथ प्रभारी (सचिवीय) के रूप में तैनात किया जाता है।
आदेश में कहा गया है कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।सूत्रों का कहना है कि दुर्गेश कुमार तिवारी के पास पहले से ही अधिष्ठान जैसे महत्वपूर्ण प्रभार हैं, उसके बाद भी उन्हें स्टेफको गैस सर्विस जैसा कमाऊ प्रभार अतिरिक्त रूप से दे दिया गया है।जबकि इनके विरुद्ध निगम में संगीन आरोप भी लगे हैं। वहीं निगम में कई ईमानदार और अच्छी छवि के अधिकारी मौजूद हैं, जिन्हें मुख्यधारा के कार्यों से दूर रखा गया है। इस आदेश के बाद निगम के अंदर चर्चाओं का बाजार गर्म है।वही इस तरह के प्रबंध निदेशक के आदेश से निगम कर्मचारियों में भी अंदर खाने से आक्रोश हैं।
*निगम कर्मचारियों में चर्चा, गाड़ियों के संचालन में भारी खेल*
-निगम कर्मचारियों में चर्चा है कि गड़बड़ी करने के मास्टर माइंड दुर्गेश तिवारी के पास अधिष्ठान के साथ-साथ स्टोर का भी प्रभार है।निगम बन्दी की कगार पर है।हेरा फेरी के जरिये गाड़ियों में फर्जी तेल भरवा कर निगम को भारी चूना लगाया जा रहा है। इन गाड़ियों पर कौन अधिकारी चल रहा है। उसकी लॉग बुक चेक किया जाये तो सारी कलई खुल कर सामने आ जायेगी।गाड़ी चलती कम है तेल अधिक पड़ रहा है।
*बिना बोर्ड की अनुमति के कराये गये मुख्यालय में कई तरह के निर्माण कार्य, कहा से आया पैसा*
-यही नही यह भी चर्चा है कि मुख्यालय प्रांगण में स्टोर प्रभारी नें कई तरह के निर्माण कराये हैं।लेकिन इन निर्माण कार्यों की बोर्ड से अनुमति तक नही ली गई। इसका पैसा कहां से आया है।इसकी जाँच उच्च स्तर से हो तो सारी कलई खुलकर सामने आ जायेगी। मुख्यालय की बिल्डिंग किराए की है, इसमें निर्माण कराए जाने के पहले बोर्ड से अनुमति लेनी थी, परंतु अनुमति नहीं ली गई।
*पहले भी हो चुकी शिकायते,अफसर निरुत्तर*
उत्तर प्रदेश राज्य खाद्य एवं आवश्यक वस्तु निगम में तैनात दुर्गेश तिवारी की तमाम शिकायते यूपी के सीएम से लेकर निगम के प्रबंध निदेशक से हो चुकी है ,लेकिन इसको लेकर अफसर न तो कोई कार्रवाई कर रहे है और न ही कोई माकूल जबाब ही देते है।बात करने पर अपना पल्लू झाड़ लेते है ।