-अफसरों पर भड़के अखिलेश, सपा सत्ता में तो होगा एक्शन
लखनऊ 05 अगस्त।समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने सोमवार को लखनऊ के जनेश्वर मिश्रा पार्क पहुंचकर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
इस मौके पर उन्होंने भाजपा पर उपचुनाव से पहले षड्यंत्र का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री और भाजपा यह चाहती है कि पुलिस भी भाजपा की कार्यकर्ता बन जाए। ये नए तरह का काम हो रहा है। लखनऊ हुड़दंग-छेड़खानी मामले का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जब पुलिस ने सारे नामों की सूची दी थी तो सीएम ने केवल यादव और मुस्लिम का नाम क्यों पढ़ा? सच्चाई पुलिस जानती है। अखिलेश यादव ने कहा कि सुनने में आ रहा है कि जिस यादव का नाम लिया वह फुटेज में नहीं था। वह चाय पीने गया था और पुलिस को यादव मिल गया इसलिए उसे जेल भेज दिया ।अखिलेश यादव ने चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे लोग जो कानून का उल्लंघन कर रहे हैं और भाजपा के कार्यकर्ता बनकर काम कर रहे हैं जब कभी भी सपा की सरकार आएगी ऐसे अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई जरूर होगी। अयोध्या गैंगरेप केस का उल्लेख करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि सपा यदि डीएनए टेस्ट की मांग कर रही है तो इसमें गलत क्या है। सरकार को कौन राय दे रहा है। ये इन्हीं द्वारा 2023 में संशोधित कानून है जिसमें कहा गया है कि सात साल से अधिक सजा वाले मामलों में डीएनए टेस्ट होना चाहिए। हमने क्या गलत मांग की है। पुलिस वहां भी सच्चाई जानती है लेकिन तमाम अधिकारी हैं जो कह रहे हैं कि हमें तो नौकरी बचानी है। वाराणसी में वरिष्ठ अधिकारी द्वारा बुलडोजर ऐक्शन के दौरान एक होटल मालिक के बेटे को सिर से मारने की घटना का उल्लेख करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि अधिकारी बहुत प्रेशर में हैं। ऐसा भार है कि न्याय नहीं कर सकते। इन्हीं वजहों से जनता का विश्वास भाजपा से खत्म हो गया है। ये बुरी तरह हारे हैं आगे जनता इन्हें और बुरी तरह हराएगी। वक्फ एक्ट में संशोधन के सवाल पर ने कहा कि भाजपा के लोग सिर्फ हिन्दू-मुस्लिम करते हैं। मुसलमानों के अधिकार छीनना चाहते हैं। नजूल विधेयक को लेकर तंज कसते हुए कहा कि नजूल उर्दू शब्द है इसलिए सरकार को लगा कि ये मुसलमानों की जमीन है। सिर्फ नजूल शब्द को लेकर पूरा प्रयागराज खाली कराने लगे। गोरखपुर में उनका अपना स्वार्थ है। इन्होंने पहले एंग्लो इंडियन का अधिकार छीना था। फर्जी जनगणना के आधार पर उनकी एक सीट छीन ली। अपना दल एस की प्रमुख और केंदीय मंत्री अनुप्रिया पटेल का नाम लिए बगैर अखिलेश यादव ने तंज कसा कि मंत्री आरक्षण खत्म होने का सवाल उठा रही हैं। जिन्हें आरक्षण की चिंता है उन्हें तुरंत भाजपा की अगुवाई वाली सरकार छोड़ देनी चाहिए। उन्होंने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य पर भी नाम लिए बगैर तंज कसा। अखिलेश यादव ने पीलीभीत, अयोध्या और कन्नौज में बेटियों के साथ हुए अपराध की घटनाओं का उल्लेख किया और भाजपा नेताओं पर निष्पक्ष कार्रवाई न होने देने का आरोप लगाया।
हरिशंकर तिवारी की प्रतिमा उनके गांव में लगे-माताप्रसाद
-जननेता थे हरिशंकर तिवारी,जगह बताए शासन
चाहिए। जगह शासन तय करे। उन्होंने कहा कि वे जन नेता थे, सबको साथ लेकर चलते थे। उनकी प्रतिमा को न लगने देना निंदनीय है। इसका विरोध सदन में विपक्ष ने बेल में आकर किया। यही उनकी लोकप्रियता थी। नेता प्रतिपक्ष सोमवार को नेशनल पीजी कॉलेज में पूर्व मंत्री हरि शंकर तिवारी की जयंती पर आयोजित संगोष्ठी के अवसर पर बोल रहे थे। आज ब्राम्हण समाज की हालत देख रहे हैं। हमें दूसरे वर्ग के लोगों को भी साथ लेकर शांति पूर्ण ढंग से बदलाव के लिए क्रांति लानी होगी। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अपनी ताकत बढ़ाएं, अब सभी लड़ाई यहीं से है, वरना हम विलुप्त हो जाएंगे।हरि शंकर तिवारी सभी को साथ लेकर चलते थे, उनके विचारों पर चलें। यही संकल्प लेकर जाएं। अपने सोए भाव को जगाएं, तभी एक मुकाम बना पाएंगे। लोकसभा चुनाव में भाजपा चार सौ पार का सपना देख रही थी, अब बोलती बंद हो गई है। इसे यूपी में गठबंधन ने रोका, उसमें भी सपा सबसे ज्यादा सीट पाई। अखिलेश यादव ही भाजपा को यूपी में बेदखल कर सकते हैं।छह साल से नहीं हुई प्राइमरी स्कूलों में शिक्षक भर्ती,सवा लाख पद पड़े हैं खाली
-डीएलएड अभ्यर्थियों ने शिक्षा सेवा चयन आयोग दफ्तर पर जोरदार प्रदर्शन,डिग्री के बावजूद बेरोजगार हैं अभ्यर्थी
बनने के लिए ही ट्रेनिंग की है।इन्हें उम्मीद थी कि टीचर्स भर्ती का विज्ञापन निकलने के बाद इन्हें किस्मत आजमाने का मौका मिलेगा लेकिन पिछले छह सालों से इनका इंतजार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है।संगम नगरी प्रयागराज में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के दफ्तर पर प्रदर्शन के लिए प्रदेश भर से आए हुए अभ्यर्थियों का कहना है कि सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले दिनों सरकारी विभागों के खाली पदों को जल्द से जल्द भरे जाने का ऐलान किया था। बावजूद इसके बेसिक शिक्षा परिषद ने 2018 के बाद से अभी तक कोई भी विज्ञापन ही जारी नहीं किया ।अभ्यर्थियों के मुताबिक पड़ोसी राज्य बिहार लगातार भर्तियां कर रहा है। यूपी में भर्ती विज्ञापन नहीं निकलने से तमाम अभ्यर्थी ओवरएज हो रहे हैं और डिग्री लेने के बावजूद बेरोजगार बने हुए हैं।बेसिक शिक्षा परिषद ने आखिरी बार साल 2018 में उन्हत्तर हजार पदों पर भर्ती की थी।उस वक्त कहा गया था कि पद भरे होने के बावजूद हर साल बारह हजार टीचर्स की भर्ती सरप्लस के तौर पर की जाएगी। इन दिनों यूपी में तकरीबन सवा लाख पद खाली है।अभ्यर्थियों का कहना है कि वह अफसर से लेकर सरकार के मंत्रियों से तमाम बार मुलाकात कर भर्ती का विज्ञापन निकालने का अनुरोध कर चुके हैं लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला।प्रयागराज में शिक्षा सेवा चयन आयोग के दफ्तर पर प्रदर्शन के दौरान यूपी के तमाम जिलों के डीएलएड अभ्यर्थी मौजूद रहे। अभ्यर्थियों ने नारेबाजी की और आक्रोश जताया।नाराज अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक भर्ती का विज्ञापन जारी नहीं होगा तब तक वह आंदोलन बरकरार रखेंगे।प्रयागराज में हुए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला अभ्यर्थी भी शामिल रही।
REPORT BY:K.K.VARMA
EDITED BY:AAJNATIONAL NEWS
