-चुनौतियों का सामना करने के लिए पर्यटन पुलिस को किया जा रहा तैयार-जयवीर
- REPORT BY:K.K.VARMA || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
तैयार किया जा रहा है। कांशीराम इंस्टीट्यूट ऑफ़ टूरिज्म मैनेजमेंट में अलग-अलग बैच में ट्रेनिंग दी जा रही है। आगंतुकों के साथ व्यवहार, स्वास्थ्य देखभाल सहित अन्य जानकारियां दी जा रही हैं। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा, पर्यटकों की सुविधा, सुरक्षा और प्रदेश के पर्यटन स्थलों के प्रचार-प्रसार में सहयोग के लिए पर्यटन पुलिस का गठन किया गया है। इनकी तैनाती प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर की गई है। हाल के वर्षों में उत्तर प्रदेश में तेजी से सकारात्मक बदलाव हुए हैं। पर्यटन क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं है। बीते वर्ष 2023 में 48 करोड़ से अधिक देशी-विदेशी पर्यटक उत्तर प्रदेश आए थे। इस वर्ष गति और तेज है। साल 2024 में जनवरी से जून तक यानि पहली छमाही में प्रदेश में लगभग 32 करोड़ पर्यटक आए। पर्यटकों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि के साथ पर्यटन पुलिस के सामने कई नई चुनौतियां भी आई हैं। इससे निपटने व पर्यटकों को बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए पर्यटन पुलिस पर्यटन विभाग के मान्यवर कांशीराम इंस्टीट्यूट आफ टूरिज्म मैनेजमेंट में प्रशिक्षण का दिया जा रहा है। अलग बैच में तीन-तीन दिन की ट्रेनिंग दी जा रही है। तीसरे बैच को प्रशिक्षण दिया गया है। इसमें आगरा, मथुरा, चित्रकूट, झांसी, लखनऊ, वाराणसी आदि जगहों की पर्यटन पुलिस को ट्रेनिंग दी जा रही है। इसके पहले जुलाई व अगस्त में एक-एक बैच का संचालन हुआ था। प्रशिक्षण के दौरान स्वास्थ्य विज्ञान और स्वास्थ्य, स्वच्छता, प्राथमिक चिकित्सा, योग-ध्यान की जानकारी दी जा रही है। इसी तरह सुरक्षा व आपात स्थितियों में निपटने सहित अन्य प्रशिक्षण दिए गये हैं।यूपी में अनुकंपा पर नौकरी को लेकर जारी हुए नए आदेश
गए हैं। यूपी में अनुकंपा पर नौकरी को लेकर 5 नए आदेश जारी हुए हैं। आदेशों में क्रमशःयूपी में सेवारत कर्मी की मृत्यु होने के पांच साल के भीतर योग्यता अर्ह होने पर तृतीय श्रेणी के पदों पर नियुक्ति की जाएगी।बायोमेट्रिक अटेंडेंस को लेकर रार, कर्मचारी 23 सितम्बर से करेंगे आंदोलन
समाजवादी छात्र सभा की बैठक में बूथ मजबूती पर बनी रणनीति
की मासिक बैठक भी सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष राजकुमार यादव ‘गुड्डन’ ने की। बैठक को सम्बोधित करते हुए छात्रसभा जिलाध्यक्ष ओम कुमार लोधी कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा चल रहे 20 अगस्त से 18 अक्टूबर तक मतदाता सूची में नाम बढ़ाने, नामों में संशोधन एवं गलत नामों को कटवाने के लिए अपने प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों को निर्देश दिये। जिले में सेक्टर एवं बूथों कोऔर अधिक मजबूत करने के साथ प्रत्येक माह विधानसभाओं की बैठकें आयोजित करने को कहा गया। सांस्कृतिक प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष राजकुमार यादव ‘गुड्डन’ ने कहा किसमाजवादी सांस्कृतिक प्रकोष्ठ की टीम पार्टी की नीतियों को नुक्कड़, नाटकों एवं गानों के माध्यक्ष से जन-जन तक पहुंचाने का काम करेगी और 2027 में समाजवादी सरकार बनाने में अपना सहयोग करेगी। बैठक में मुख्य रूप में जिलाध्यक्ष जयसिंह ‘जयन्त’, जिला उपाध्यक्ष, जिला निर्वाचन प्रभारी टीबी सिंह, जिला उपाध्यक्ष अनिल पासी, इब्राहीम मंसूरी,मीडिया प्रभारी रमेश सिंह ‘रवि’, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मु. सिंह यूथ ब्रिगेड नागेन्द्र सिंह, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष छात्र सभा महेन्द्र कुमार यादव एवं लोहिया वाहिनी जिलाध्यक्ष शशिलेन्द्र यादव ने मौजूद रहे।
निर्माण श्रमिकों को इजराइल में मिलेगा रोजगार
प्रदेश यूपी के निर्माण श्रमिकों के पास एक बार फिर इजराइल में रोजगार हासिल करने का अवसर है। भारत और इजराइल के बीच हुए समझौते के तहत उत्तर
प्रदेश के फेम वर्क,शटरिंग कारपेंटर और सिरेमिक टाइल श्रमिकों के लिए रोजगार संगम पोर्टल पर पंजीकरण की सुविधा प्रारम्भ हो गई है। चयनित निर्माण श्रमिकों को 1,37,500 रुपए वेतनमान पर दो वर्षों के लिए इजराइल भेजा जाएगा। इजराइल में काम करने वाले श्रमिकों को कम से कम 2 वर्षों की सेवा का अवसर मिलेगा। श्रमिकों को बीमा कवर और अनुभव प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जाएंगे, जिससे उनकी भविष्य की रोजगार संभावनाएं बेहतर होंगी।इन रोजगार अवसरों का लाभ उठाने के लिए आवेदकों को शर्तों का पालन करना होगा। आवेदक की उम्र 25 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए। उसके पास कम से कम 03 वर्ष की वैधता का पासपोर्ट होना चाहिए। साथ ही, संबधित ट्रेड में कम से कम 03 वर्ष का कार्य अनुभव भी अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त इजराइल में पूर्व में कार्य न किया होना भी अर्हता में शामिल है। अन्य शर्ते एवं अर्हताएं सेवायोजन विभाग के पोर्टल पर दी गई हैं।इजराइल की पॉपुलेशन, इमीग्रेशन और बॉर्डर अथॉरिटी पीआईबीए श्रमिकों के चयन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी। पहले चरण में, श्रमिकों के अंग्रेजी भाषा के ज्ञान का मूल्यांकन किया जाएगा। यह मूल्यांकन जनपद के नोडल आईटीआई के प्रधानाचार्य और जिला रोजगार सहायता अधिकारी द्वारा किया जाएगा। यह प्री-स्क्रीनिंग प्रक्रिया श्रमिकों को इजराइल भेजने के लिए पहला कदम होगी। प्री-स्क्रीनिंग में सफल होने वाले श्रमिकों को आरपीएल के तहत प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद, इजराइल की संस्था पीआईबीए द्वारा व्यावसायिक कौशल परीक्षण आयोजित किया जाएगा। इस परीक्षण में सफल श्रमिकों का पुलिस वेरिफिकेशन और मेडिकल परीक्षण होगा।इस पहल के संदर्भ में, व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि यह समझौता हमारे कुशल निर्माण श्रमिकों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी योग्यता साबित करने का सुनहरा अवसर प्रदान करेगा। इजराइल में काम करने से उन्हें बेहतर रोजगार अवसर मिलेंगे, जिससे उनके जीवनस्तर में भी सुधार होगा। योजना दोनों देशों के बीच संबंधों को और प्रगाढ़ करेगी और हमारे निर्माण श्रमिकों को वैश्विक मंच पर अपनी जगह बनाने का अवसर देगी।नवंबर 2023 में जी 2जी सरकार-से-सरकार समझौते पर हस्ताक्षर के बाद, एनएसडीसी ने सभी राज्यों से भर्ती प्रक्रिया के लिए संपर्क किया। भर्ती के पहले चरण में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, और तेलंगाना के श्रमिकों का चयन किया गया था। उत्तर प्रदेश से 9327 कुशल श्रमिकों को इजराइल भेजा गया था। भारत और इजराइल के बीच मई 2023 में भारतीयों के अस्थायी रोजगार के लिए फ्रेमवर्क एग्रीमेंट पर भी हस्ताक्षर किए गए थे। जी 2जी के माध्यम से भेजे जाने वाले सभी श्रमिकों को प्रस्थान से पहले अनिवार्य ओरिएंटेशन प्रशिक्षण दिया जाता है। इस प्रशिक्षण में इजरायली संस्कृति, वहां के जीवन-यापन के तरीके और नए घर के बारे में जानकारी दी जाती है, जिससे श्रमिक वहां के माहौल में जल्दी समायोजित हो सकें।
