-डीजीपी प्रशांत कुमार ने किया पिंक बूथों, पुलिस चौकी, वीडियो-वॉल एवं बहुउद्देशीय भवन का लोकार्पण
- REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
लखनऊ:यूपी के डीजीपी प्रशान्त कुमार ने मंगलवार को पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर में लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग करते हुए दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।कार्यक्रम का प्रारम्भ करते हुए पुलिस आयुक्त गौतमबुद्धनगर अपनी उपलब्धियों पर प्रकाश डाला ।इस मौके पर डीजीपी प्रशांत कुमार ने नवनिर्मित पिंक बूथों, पुलिस चौकी, वीडियो-वॉल एवं बहुउद्देशीय भवन का लोकार्पण किया।उन्होंने कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर में नवनिर्मित 11 पिंक बूथों का लोकार्पण किया ।साथ ही कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर में 26 थानों में वीडियो वॉल व्यवस्था नवनिर्मित अत्याधुनिक भवन का लोकार्पण किया ।
कमिश्नरेट प्रणाली ने उत्तर प्रदेश में सक्रिय, उत्तरदायी और पारदर्शी पुलिसिंग के नए मानक स्थापित किए
इस मौके पर डीजीपी प्रशान्त कुमार ने कहा कि यह अवसर महज पुलिस के लोकार्पण का नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश में बदलते सुरक्षा दृष्टिकोण
और कम्यूनिटी पुलिसिंग के नये युग की झलक है। हम सब गौरवान्वित हैं कि प्रधानमंत्री के परिकल्पित स्मार्ट पुलिस के विज़न को मुख्यमंत्री के यशस्वी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पुलिस साकार करने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल और गतिशील राज्य में कमिश्नरेट प्रणाली की स्थापना लंबे समय से लंबित थी, लेकिन यह सुधार स्वतंत्रता के बाद पहली बार मुख्यमंत्री की राजनीतिक इच्छाशक्ति, प्रशासनिक दूरदृष्टि और साहसिक निर्णय क्षमता के कारण ही संभव हो पाया। आज लखनऊ, नोएडा, वाराणसी, आगरा, गाजियाबाद और प्रयागराज, कानपुर जैसे नगरों में लागू कमिश्नरेट प्रणाली ने उत्तर प्रदेश में सक्रिय, उत्तरदायी और पारदर्शी पुलिसिंग के नए मानक स्थापित किए हैं। इससे अपराध नियंत्रण में सफलता के साथ ही जनता का पुलिस पर विश्वास सशक्त हुआ है। इस परिवर्तन में गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट ने अग्रणी भूमिका निभाई है व पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह को विशेष रूप से बधाई देना चाहता हूँ, जिन्होंने नोएडा पुलिस को न केवल उत्कृष्ट नेतृत्व प्रदान किया, बल्कि महिला सशक्तिकरण के नए प्रतिमान भी स्थापित किए। उनकी उत्तर प्रदेश की पहली महिला पुलिस कमिश्नर के रूप में नियुक्ति मिशन शक्ति अभियान की मूल भावना को साकार करती है। उन्होंने मिशन शक्ति अभियान के प्रारंभिक वाहक के रूप में महिला सशक्तिकरण को राज्य की सुरक्षा नीति का अभिन्न हिस्सा बनाया।
और कम्यूनिटी पुलिसिंग के नये युग की झलक है। हम सब गौरवान्वित हैं कि प्रधानमंत्री के परिकल्पित स्मार्ट पुलिस के विज़न को मुख्यमंत्री के यशस्वी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पुलिस साकार करने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल और गतिशील राज्य में कमिश्नरेट प्रणाली की स्थापना लंबे समय से लंबित थी, लेकिन यह सुधार स्वतंत्रता के बाद पहली बार मुख्यमंत्री की राजनीतिक इच्छाशक्ति, प्रशासनिक दूरदृष्टि और साहसिक निर्णय क्षमता के कारण ही संभव हो पाया। आज लखनऊ, नोएडा, वाराणसी, आगरा, गाजियाबाद और प्रयागराज, कानपुर जैसे नगरों में लागू कमिश्नरेट प्रणाली ने उत्तर प्रदेश में सक्रिय, उत्तरदायी और पारदर्शी पुलिसिंग के नए मानक स्थापित किए हैं। इससे अपराध नियंत्रण में सफलता के साथ ही जनता का पुलिस पर विश्वास सशक्त हुआ है। इस परिवर्तन में गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट ने अग्रणी भूमिका निभाई है व पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह को विशेष रूप से बधाई देना चाहता हूँ, जिन्होंने नोएडा पुलिस को न केवल उत्कृष्ट नेतृत्व प्रदान किया, बल्कि महिला सशक्तिकरण के नए प्रतिमान भी स्थापित किए। उनकी उत्तर प्रदेश की पहली महिला पुलिस कमिश्नर के रूप में नियुक्ति मिशन शक्ति अभियान की मूल भावना को साकार करती है। उन्होंने मिशन शक्ति अभियान के प्रारंभिक वाहक के रूप में महिला सशक्तिकरण को राज्य की सुरक्षा नीति का अभिन्न हिस्सा बनाया।गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने अर्जित की कई मोर्चों पर उल्लेखनीय सफलताएँ
डीजीपी ने कहा कि गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने पिछले कुछ वर्षों में कई मोर्चों पर उल्लेखनीय सफलताएँ अर्जित की हैं, चाहे वह गैंगस्टर एवं माफिया नेटवर्क पर कठोर कार्रवाई हो, साइबर अपराध के विरुद्ध विशेष अभियान, ड्रग्स और अवैध शराब के खिलाफ निर्णायक कदम, अवैध कॉल सेंटरों का पर्दाफाश, या फिर वैश्विक आयोजनों की उत्कृष्ट सुरक्षा व्यवस्था। इसके साथ-साथ महिला सुरक्षा हेतु पिंक बूथ्स की स्थापना, थानों में वीडियो वॉल्स की शुरुआत, त्वरित रिस्पांस के लिए मॉडर्न वाहनों का समावेश, और जेवर एयरपोर्ट जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं में भागीदारी ने नोएडा पुलिस को पूरे राज्य में एक मॉडल फोर्स के रूप में स्थापित किया है।
पुलिसिंग को सहयोग देकर राज्य की सुरक्षा एवं सुशासन में भागीदार बनें
पुलिस महानिदेशक ने कॉर्पोरेट समूहों, औद्योगिक संस्थानों और स्टार्टअप्स से भी आह्वान किया कि वे आगे आएँ और पुलिसिंग को सहयोग देकर राज्य की सुरक्षा एवं सुशासन में भागीदार बनें। साथ ही यह भी कहा गया कि पुलिस अब सिर्फ कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज और उद्योग दोनों की साझा जिम्मेदारी बन चुकी है। अंत में गौतमबुद्ध नगर पुलिस के समस्त अधिकारियों, कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए हार्दिक बधाई दी।नए युग में प्रवेश कर चुकी उत्तर प्रदेश पुलिस
डीजीपी ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस आज एक नए युग में प्रवेश कर चुकी है- जहाँ संवेदनशीलता के साथ सख्ती है, तकनीक के साथ मानवीय दृष्टिकोण है, और परंपरा के साथ नवाचार है एवं कहा कि हम सभी को मिलकर एक ऐसा उत्तर प्रदेश बनाना है जो सुरक्षित हो, सशक्त हो और समाज के हर वर्ग को सुरक्षा का भरोसा दे।पुलिस महानिदेशक ने कार्यक्रम के दौरान नन्हें परिंदे संस्था से आए बच्चों से आत्मीय भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों का हालचाल जाना और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। साथ ही, उन्हें उपहार भी प्रदान किए गए ।डीजीपी ने दिया स्मृति चिन्ह,कार्यक्रम में यह थे मौजूद 
कार्यक्रम के पश्चात में पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर ने पुलिस महानिदेशक व सांसद, गौतम बुद्ध नगर, विधायक दादरी और जेवर, सीईओ ग्रेटर नोएडा, सीईओ नोएडा, जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर, यामाहा मोटर ग्रुप के कॉर्पोरेट निदेशक को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।कार्यक्रम के दौरान पुलिस महानिदेशक पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर में सराहनीय कार्य करने वाले पुलिस कर्मियों की सराहना करते हुए उन्हे पुरस्कार देकर सम्मानित किया ।इस अवसर पर सीईओ ग्रेटर नोएडा, सीईओ नोएडा, जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर, यामाहा मोटर ग्रुप के कॉर्पोरेट निदेशक सहित अन्य पुलिस अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहें।
