LUCKNOW:गंभीर वित्तीय अनियमितताए, निजीकरण का मसौदा निरस्त करने की मांग,क्लिक करें और भी खबरें

  • REPORT BY:PREM SHARMA || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK 

लखनऊ। प्रदेश की 42 जनपदों के निजीकरण का मामला लगातार विवादों में फसता जा रहा है। उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने आज विद्युत नियामक आयोग में फिर एक लोकमहत्व प्रस्ताव दाखिल करके निजीकरण के फैसले को तत्काल निरस्त करने की मांग उठाते हुए कहा विद्युत नियामक आयोग ने स्वतः निजीकरण के प्रस्ताव पर बड़े पैमाने पर गंभीर वित्तीय अनियमितता व संवैधानिक अनियमिता उजागर किया है। ऐसे में विद्युत नियामक आयोग विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 128 के तहत इन्वेस्टिगेटिंग अथॉरिटी गठित कर पूरे मसौदे की जांच कराये जिससे सामने आ सके की और भी कितनी गंभीर वित्तीय अनियमितता की गई है। उपभोक्ता परिषद ने नियामक आयोग के सामने यह भी मुद्दा उठाया की पावर कॉरपोरेशन गुपचुप तरीके से टेंडर की प्रक्रिया में आगे बढ़ाने की साजिश कर रहा है जिस पर भी आयोग रोक लगाए।
उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि वर्तमान में ग्रांट थॉर्नटन कंपनी और पावर कारपोरेशन के कुछ उच्च अधिकारी लगातार अडानी, टाटा, एनपीसीएल व टोरेंट पावर के संपर्क में रहते हुए दक्षिणांचल पूर्वांचल में भविष्य में बनने वाली पांच बिजली कंपनियों की नेटवर्थ व इक्विटी शेयर कैपिटल को कम से कम लागत में आंकने के लिए बड़ा षड्यंत्र कर रहे हैं। जिससे देश के बड़े निजी घराने आसानी से नई बिजली कंपनियों को खरीदने के लिए पूरी तरह योग्य हो सके। देश का सबसे बड़ा निजी घराना अडानी वह उत्तर प्रदेश के दो जनपदों के समानांतर लाइसेंस में नेटवर्थ व इक्विटी कैपिटल शेयर के विवाद के चलते आज भी उसका मामला नियामकआयोग में लंबित है। देश का सबसे बड़ा निजी घराना प्रदेश के दो जनपदों में अपनी नेटवर्थ और इक्विटी शेयर कैपिटल पर जस्टिफिकेशन देने में सफल नहीं हो पाया आज वह 42 जनपदों में बनने वाली बिजली कंपनियों में बोली लगाने की जुगत में है। उपभोक्ता परिषद ने अपने लोकमहत्व प्रस्ताव में यह गंभीर सवाल उठाया कि वर्ष 2023 में अदानी इलेक्ट्रिसिटी जेवर लिमिटेड और अदानी ट्रांसमिशन लिमिटेड द्वारा नोएडा व गाजियाबाद के म्युनिसिपल कारपोरेशन क्षेत्र के लिए समानांतर लाइसेंस कि याचिका आयोग में लगाई गई जिसमें विद्युत नियामक आयोग के आदेश पर उपभोक्ता परिषद आपत्तिकर्ता के रूप में याचिका में सम्मिलित किया गया। दोनों जनपदों के समानांतर लाइसेंस पर अदानी ग्रुप की नेटवर्थ और इक्विटी शेयर कैपिटल पर आयोग ने सवाल उठा दिया। आयोग ने कहा कि वर्ष 2021-22 में अदानी ट्रांसमिशन लिमिटेड की जो बैलेंस शीट है उसके तहत उसका टोटल ऐसेट 12666 करोड़ है और उसकी देनदारी लगभग 8689 करोड़ है। इस प्रकार इक्विटी शेयर पूंजी 1099 करोड़ है और भी अनेकों सवाल उठाए जिस पर पूरा मामला आयोग में विचाराधीन है। जब देश का सबसे बड़ा उद्योगपति अदानी ग्रुप नेटवर्थ और इक्विटी शेयर कैपिटल का मामला आज भी आयोग में लंबित है। लेकिन अब विडंबना देखिए कि प्रदेश के 42 जनपदों को खरीदने के लिए अदानी सहित टाटा एनपीसीएल व टोरेंट पावर आने वाले समय में बोली लगाने की जुगत में है जो दो जनपद में समानांतर लाइसेंस के लिए न सफल हो पाया वह 42 जनपदों को खरीदेगा।

पॉवर कारपोरेशन के चेयरमैन ने लागू किया आपातकाल
-फॉरमेट जारी कर जेल जाने वाले कर्मचारियों की मांगी सूची

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से मांग की है कि वे ऊर्जा निगमों में पॉवर कारपोरेशन के चेयरमैन डॉ आशीष गोयल द्वारा लागू की जा रही आपातकाल जैसी परिस्थितियों में तत्काल हस्तक्षेप करने की कृपा करें जिससे ऊर्जा निगमों की औद्योगिक शांति न भंग हो और इस भीषण गर्मी में प्रदेश की बिजली व्यवस्था में कोई व्यवधान न आए।

संघर्ष समिति ने कहा कि विगत 07 माह से आंदोलनरत बिजली कर्मी आंदोलन के साथ-साथ बिजली व्यवस्था सामान्य बनाए हुए हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि इससे बौखलाए चेयरमैन समय समय पर बिजली कर्मचारियों को उकसा कर बिजली व्यवस्था बेपटरी करने पर आमादा हैं।संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चेयरमैन डॉ आशीष गोयल ने यह कहा था कि जो बिजली कर्मचारी जेल जाना चाहते हैं उनको ससम्मान जेल भिजवा दिया जाएगा।

अब पावर कारपोरेशन ने जेल जाने वाले कर्मचारियों का विवरण मांगने के लिए एक फॉर्मेट जारी कर दिया है। फॉर्मेट में जेल जाने वाले कर्मचारियों की सूची 26 जून तक मांगी गई है। यह भी धमकी दी जा रही है कि 1975 में लागू आपातकाल में 19 माह बाद लोग रिहा कर दिए गए थे किन्तु अब गिरफ्तार किए जाने वाले बिजली कर्मियों को रिहा नहीं किया जाएगा। संघर्ष समिति ने कहा कि पावर कारपोरेशन के चेयरमैन का यह कदम सरासर अवांछनीय और बेहद उकसाने वाला कदम है जिससे प्रदेश की बिजली व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। संघर्ष समिति ने कहा कि बिजली के निजीकरण के विरोध में तथा चेयरमैन के अन्यायपूर्ण कृत्यों और दमन के विरोध में पॉवर कारपोरेशन का एक एक कर्मचारी जेल जाने को तैयार है।

चेयरमैन को इस बात का एहसास नहीं है कि वे ऊर्जा निगमों में औद्योगिक अशांति और टकराव का वातावरण बना कर प्रदेश को अंधेरे में डालना चाहते हैं। संघर्ष समिति ने कहा कि चेयरमैन जब चाहें बिजली कर्मी लाइन लगाकर सभी जनपदों में सामूहिक गिरफ्तारियां देने के लिए तैयार हैं।चेयरमैन का रवैया बहुत उकसाने वाला और निन्दनीय है। संघर्ष समिति ने कहा कि 22 जून की बिजली कर्मचारियों ,किसानों और उपभोक्ताओं की बिजली महापंचायत में मा ऊर्जा मंत्री श्री अरविंद कुमार शर्मा जी और पॉवर कारपोरेशन के चेयरमैन डॉ आशीष गोयल को भी ससम्मान आमंत्रित किया गया था। बिजली महापंचायत में न ऊर्जा मंत्री आए और न ही चेयरमैन आए। संघर्ष समिति ने ऐलान किया है कि प्रबंधन द्वारा ऊर्जा निगमों में आपातकाल लगाने के विरोध में 27 जून को बिजली कर्मी ष्चेतावनी दिवसष् मनाएंगे। 27 जून को समस्त जनपदों और परियोजनाओं पर बिजली कर्मी अपराह्न 2.00 बजे से 5.00 बजे के बीच प्रदर्शन कर प्रबन्धन को उत्पीड़न और दमन के विरोध में एकताबद्ध होकर चेतावनी देंगे।

अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कई इलाकों में सख्त कार्रवाई

शहर में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ एक बार फिर नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। माननीय महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल के निर्देश व नगर आयुक्त श्री गौरव कुमार के आदेश पर आज गुरुवार को नगर निगम की विभिन्न जोनों में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। यह कार्रवाई जोनल अधिकारियों के नेतृत्व में प्रवर्तन दल ईटीएफ और स्थानीय पुलिस बल की सहायता से संपन्न की गई।

जोन-1 में जोनल अधिकारी श्री ओम प्रकाश सिंह की अगुवाई में बासमंडी चौराहे से हुसैनगंज चौराहे तक गुरुगोविंद सिंह मार्ग पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। इस दौरान सड़क किनारे लगाए गए अवैध ढांचे, ठेले व गुमटियों को हटाया गया। जोन-5 के सरोजनी नगर द्वितीय वार्ड के गिन्दन खेड़ा मोहल्ले में अमौसी एयरपोर्ट के सामने स्थित हनुमान मंदिर से नादरगंज मोड़ तक अतिक्रमण हटाया गया। जोनल अधिकारी श्री नन्दकिशोर के नेतृत्व में 6 काउंटर, 3 गुमटी, 4 ठेले हटाए गए, वहीं 1 लोहे की प्रेशर टंकी और 2 गैस सिलेंडर जब्त किए गए।जोन-6 के नक्खास चौराहे से भवानीगंज वार्ड तक हुए अभियान में 11 ठेले, 80 बैनर-पोस्टर, 15 अस्थायी दुकानें, 3 छाते, 10 होल्डिंग, 4 टायर, 2 कुर्सियां और 3 स्टूल जब्त किए गए। वृंदावन कॉलोनी की ग्रीन बेल्ट में लंबे समय से कब्जा जमाए कबाड़ व्यापारियों के खिलाफ जोनल अधिकारी श्री अजीत राय के नेतृत्व में बड़ा अभियान चलाया गया। इस दौरान दो जेसीबी और चार डंपर की सहायता से 10 हाइवा कबाड़ हटाया गया। दर्जनों झोपड़ियां हटाई गई।

 

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