-धन दोगुना करने का लालच देकर फर्जी बैंक खातों में रूपये जमा कराकर करते है ठगी
- REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
लखनऊ।स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ ) नें सोशल मीडिया के जरिये टास्क देकर लोगो के साथ ठगी करने वाले संगठित गिरोह के मास्टर माइंड सहित तीन शातिर अपराधियों को भोपाल (मध्य प्रदेश) से गिरफ्तार किया है।पकड़े गये आरोपी धन दोगुना करने का लालच देकर फर्जी बैंक खातों में रूपये जमा कराकर ठगी करते है।
भोपाल के थाना बागसेवनियाँ के कुन्जन नगर फेज 02 दानिश नगर होसंगाबाद रोड से पकड़े गये शिवांश मिश्रा निवासी गणेशगंज सुहागपुर जनपद शहडोल मध्य प्रदेश की शिक्षा- बी फार्मा, उम्र 22 वर्ष है यह मास्टरमाइंड है। वही रवि सिंह निवासी पाण्डव नगर सुहागपुर जनपद शहडोल मध्य प्रदेश की शिक्षा- बी फार्मा व उम्र 23 वर्ष है। वही उमाशंकर तिवारी निवासी प्लाट नम्बर 04 शापिंग सेन्टर साउथ तात्याटोपे नगर जनपद भोपाल मध्य प्रदेश की शिक्षा-हाईस्कूल व उम्र 43 वर्ष है।इनके पास से तीन मोबाइल फोन व सोलह डेबिट कार्ड और पंद्रह चेक बुक व 359 बर्क साइबर ठगी से सम्बन्धित व्हाट्सएप चैटिंग के स्कीनशाट और नौ पास बुक व एक पैन कार्ड तथा एक ड्राइविंग लाइसेंस और एक आईडी कार्ड आईजीटी बरामद हुआ है।
एसटीएफ चीफ अमिताभ यश नें बताया कि पकड़ा गया शिवांश मिश्रा व रवि सिंह बचपन के मित्र हैं।यह वर्तमान समय में भाभा यूनिवर्सिटी भोपाल से बीफार्मा कर रहे है। वर्ष 2023 में दोनो ने आई०जी०टी० सैल्युशन भोपाल के काल सेन्टर में नौकरी की थी। वहीं पर दोनों की जान पहचान जुबेर खान से हुई। जुबेर ने इन्हे सैफ खान से मिलवाया था, सैफ ने ही इन लोगों की मुलाकात अनिल नायक से कराई थी, जो बैंक खाते किराये पर लेता है। प्रतिकिट पंद्रह हजार रूपये व उन बैंक खातों में जो भी रूपये आते हैं, उसका भी कमीशन देता हैं। जिस पर शिवांश मिश्रा,रवि सिंह, दिव्यांशू मिश्रा उर्फ रघू शहडोल और उमाशंकर तिवारी मिलकर व्यक्तियों से उनकी आईडी व कुछ एक मामलों में फर्जी कागज तैयार करके विभिन्न बैंकों में एकाउण्ट खुलवाते थे। बैंक खाता खुल जाने पर उस खाते की किट एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक, बैंक खाते से रजिस्टर्ड सिमकार्ड, इंटरनेट बैकिंग का आईडी पासवर्ड व अन्य महत्वपूर्ण जानकारी अनिल नायक व उसके भाई अमित नायक को देते थे। प्रति एकाउण्ट किट के हिसाब से 15 हजार रुपये अनिल नायक व अमित नायक से शिवांश को प्राप्त होते थे। अमित नायक व अनिल नायक साइबर ठगी व टास्क फ्राड का रूपया इन बैंक खातो में जमा कराते थे। इन बैंक खातों में ठगी से जो रुपया आता था, उसे यह लोग एटीएम व चेक के माध्यम से कैश में निकाल कर अनिल नायक व अमित नायक को देते थे, जिसका कमीशन मिलता था।इन लोगों द्वारा लगभग 50 बैंक खाते पिछले एक वर्ष में अनिल नायक को उपलब्ध कराये गये हैं। बैंक खातों की किट लेने व कमीशन देकर हिसाब करने अनिल नायक का भाई अमित नायक यहां आता था। यह सभी पैसे के लालच में आकर यह काम करते थे। शिवांश उमाशंकार तिवारी का सगा भांजा है। शिवांश के कहने पर ही इन लोगों से बैंक खाते खुलवाकर उसकी पूरी किट शिवांश को उपलब्ध कराते थे।जिसको शिवांश व रवि आगे अनिल नायक व अमित नायक को उपलब्ध कराते थे, जिसका मुझे कमीशन मिलता था।
कर चुके दो सौ बैंक खातों में अब तक ठगी
एसटीएफ चीफ अमिताभ यश नें बताया कि इस गिरोह नें बीते एक वर्ष में लगभग 200 बैंक खातो में ठगी किया गया है।आरोपियों से मिली जानकारी के माध्यम से गिरोह के अन्य सदस्यो की गिरफ्तारी के प्रयास किये जा रहे हैं। बरामद इलेक्ट्रानिक उपकरणों का फारेंसिक परीक्षण कराया जायेगा।
भोपाल से अमेठी लाये जा रहे आरोपी
एसटीएफ चीफ अमिताभ यश नें बताया गिरफ्तार सभी आरोपियों को भोपाल मध्य प्रदेश से ट्रांजिट रिमाण्ड लेकर जनपद अमेठी लाया जा रहा है। जिनको थाना साइबर क्राइम जनपद अमेठी में दर्ज मुकदमे में दाखिल कर आगे की कार्रवाई की जायेगी।
