नई दिल्ली:भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के छोटे भाई नेहल मोदी अमेरिका में गिरफ्तार

– सीबीआई और ईडी के अनुरोध पर हुई कार्रवाई,न्यूयॉर्क में 2.6 मिलियन डॉलर से अधिक की धोखाधड़ी का आरोप

  • REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK 

नई दिल्ली ।पंजाब नेशनल बैंक के तेरह हजार करोड़ रुपये के घोटाले को लेकर बड़ी सफलता मिली है।देश के भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के भाई नेहल मोदी को अमेरिका में शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तारी की यह बड़ी कार्रवाई सीबीआई और ईडी के अनुरोध पर हुई है।नेहल मोदी के विरुद्ध अब अमेरिका में उनके प्रत्यर्पण की कार्रवाई शुरू हो गई है।उसे अब खुद ही प्रत्यर्पण प्रक्रिया का सामना कर रहा है।

सूत्रों की माने तो कि अमेरिकी न्याय विभाग ने भारतीय अधिकारियों को सूचित किया है।नेहल मोदी की गिरफ्तारी आधिकारिक रूप से भारत की प्रत्यर्पण मांग के चलते हो सकी है।भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के भाई नेहल मोदी के प्रत्यर्पण को लेकर ईडी और सीबीआई ने संयुक्त रूप अनुरोध किया था।बतादे कि नेहल मोदी के प्रत्यर्पण की कार्यवाही दो आपराधिक आरोपों को लेकर हुई है।वह देश के इतिहास के सबसे बड़े पीएबी घोटालों में वांछित हैं,ईडी और सीबीआई की जांच में खुल कर सामने आया है कि नेहल ने अपने भाई नीरव मोदी के माध्यम से अवैध धन को शेल कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय ट्रांजेक्शनों के जरिये इधर-उधर किया।उन पर अवैध कमाई को छुपाने और भारत के मनी लॉन्ड्रिंग और फाइनेंशियल अपराध कानूनों के उल्लंघन का आरोप है।इसके आलावा उस पर 2020 में अमेरिका में एक अलग धोखाधड़ी का मामला भी दर्ज हुआ था, जिसमें मैनहट्टन की एक हीरा कंपनी के साथ 2.6 मिलियन डॉलर (लगभग 19 करोड़ रुपये) की हेराफेरी का आरोप है।

प्रत्यर्पण को लेकर अगली सुनवाई 17 जुलाई 2025 को तय हुई है,उस दौरान अमेरिका की अदालत में स्टेटस कॉन्फ्रेंस आयोजित होगी, नेहल मोदी इस दौरान जमानत के लिए आवेदन कर सकते हैं,इसको लेकर अमेरिकी अभियोजन पक्ष ने इसका विरोध करने की बात कही है।

जाने क्या है पूरा प्रकरण ?

भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी पर आरोप लगा है कि उसने फर्जी गारंटी के माध्यम से पीएनबी से हजारों करोड़ रुपये का कर्ज लेकर वह विदेश भाग गया,उसके विरुद्ध भारत और ब्रिटेन में प्रत्यर्पण की प्रक्रिया चल रही है।वही दूसरी ओर उनके भाई नेहल की गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसियों को आगे की कार्रवाई में और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई गई है।उनकी गिरफ्तारी से भारत की जांच एजेंसियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर मजबूत बल मिलेगा।इससे भारत की जांच एजेंसियां पैरवी और वित्तीय अपराधों में और भी सख्ती कर सकती है,हलाकि अब देखना होगा कि 17 जुलाई की सुनवाई में अमेरिका की अदालत प्रत्यर्पण को लेकर क्या कदम उठाती है।

Aaj National

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *