मोहनलालगंज:ADM पर अभद्रता का आरोप लगा दर्जनों प्रधा‌न व फरियादी धरने पर बैठे,क्लिक करें और भी खबरें

 -मोहनलालगंज तहसील में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में स्कूलो के विलय के विरोध में जमकर की नारेबाजी 

-एडीएम ने पटल से नीचे उतरकर की मान मनौव्वल व वार्ता,जिसके बाद माने प्रधानो ने किया धरना प्रदर्शन समाप्त

  • REPORT BY:ANUPAM MISHRA || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK 

लखनऊ।मोहनलालगंज तहसील में आयोजित सम्पूर्ण तहसील समाधान दिवस में पहुंचे एडीएम(वित्त एवं राजस्व) राकेश कुमार सिंह जनसुनवाई के दौरान प्रधानों एवं फरियादियों से अमर्यादित भाषा का प्रयोग कर अपना आपा खो बैठे और अभद्रता की।जिससे आहत होकर दर्जनों प्रधानों एवं अन्य फरियादियों ने तहसील दिवस सभागार में एडीएम के कृत्य के विरुद्ध जमकर नारेबाजी कर वही धरने पर बैठ कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।

करीब आधा घंटा तक एसीपी रजनीश वर्मा व एसडीएम अंकित शुक्ला के प्रयासों के बावजूद जब फरियादी नहीं माने तो एडीएम ने प्रदर्शनकारी जनप्रतिनिधियों एवं फरियादियों के बीच पटल से उठकर नीचे गए और खेद प्रकट किया जिसके बाद विरोध प्रदर्शन शांत हुआ।इस बीच सभागार में अफरा तफरी का माहौल रहा और जनसुनवाई भी लगभग तीस मिनट तक प्रभावित रही।प्रधान संघ अध्यक्ष देवेन्द्र सिंह (बब्लू) के साथ प्रधान अभय दीक्षित,सूर्य कुमार द्विवेदी, विकास पटेल,बृजेश वर्मा,सोनी रावत,नीरज सिंह सहित दर्जनों प्रधानगण व अन्य फरियादी विकासखण्ड मोहनलालगंज के लगभग 40 परिषदीय विद्यालयों के अन्य विद्यालयों में विलय कराने की योजना समेत दूरी आदि की समस्याओं तथा अन्य मामलों के शिकायती पत्र लेकर शनिवार को तहसील में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे और तहसील दिवस की अध्यक्षता कर रहे एडीएम वित्त एवं राजस्व राकेश कुमार सिंह को सभी शिकायती पत्रों को देने का प्रयास किया जिसपर आरोप है कि एडीएम ने तेज आवाज में कहा कि शिकायती पत्र जमाकर दीजिए और आय लोग सभागार से बाहर निकल जाइए। इस पर प्रधान संघ के अध्यक्ष ने कहा कि हम लोग जनप्रतिनिधि हैं और जनता की समस्याओं को लेकर आये हैं,इतने पर एडीएम साहब आवेश में आ गये और कहा कि जनप्रतिनिधि क्या होता है जाइये यहां से यह कहते हुए अभद्रता की। एडीएम की कार्य प्रणाली से क्षुब्ध प्रधान एवं अन्य फरियादियों ने उनके विरोध में नारेबाजी करते हुए तहसील सभागार में बैठ कर प्रदर्शन करने लगे।वही एडीएम को जिले से हटाने की मांग करने लगे।घटना की जानकारी होने पर तहसील के दर्जनों अधिवक्ता भी मौके पर आगये अधिवक्ताओं ने भी एडीएम वित्त एवं राजस्व पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए नारेबाजी करने लगे ।

बुजुर्ग महिला फरियादी से भी अभद्रता….

उतरावां गांव की लगभग 80 वर्षीय निर्मला देवी एक शिकायती पत्र लेकर एडीएम राकेश सिंह के पास पहुंची तो उन्होंने उनसे भी तेज आवाज में कहा कि आप थाने क्यों नहीं गयी तो वृद्ध महिला ने भी तेज आवाज में कहा कि थाने वाले हमारी नहीं सुनते हैं, इस लिए हम आपके पास आये हैं,इस पर वह नाराज हो गये और मातहतों से कहा कि इसको यहां से बाहर करो,लेकिन वृद्ध महिला नहीं हटी तो एडीएम साहब ने कहा कि महिला पुलिस बुलवाए इस पर एसीपी रजनीश वर्मा ने हस्तक्षेप कर मामला शान्त कराया।उक्त फरियादी महिला अधिकांश तहसील दिवसों में अकेले ही आजाती है जिसे अधिकारियों द्वारा उसे कुर्सी पर बैठाकर उसकी समस्या सुनकर संतुष्ट किया जाता रहा है।इस सम्बन्ध में एडीएम वित्त एवं राजस्व राकेश कुमार सिंह से तहसील दिवस में घटित घटनाक्रम पर लगाए गये आरोपों के सम्बन्ध में पूछा गया तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इसमें हमें कुछ नहीं कहना है यह कचहरी है होता ही रहता है।

मां ने बेटे को आत्महत्या के लिये उकसाने का बहू पर दर्ज कराया मुकदमा

मोहनलालगंज कोतवाली क्षेत्र के शंकरखेड़ा निवासी बुजुर्ग सुशीला देवी ने पुलिस से शिकायत करते हुये बताया वो अपने बेटे महेश कुमार व बहू मंजू समेत बच्चो के साथ रहती थी।बहू मंजू का प्रेम प्रसंग अच्छेराम निवासी भाटनखेड़ा थाना मोहनलालगंज से चल रहा था ओर वो उससे फोन पर बात करती थी जिसका बेटा महेश विरोध करता था ओर आये दिन बहू व बेटे में लड़ाई झगड़ा व मारपीट होती थी।जिससे क्षुब्ध होकर बेटे महेश ने बीते गुरूवार को फांसी लगाकर अपनी जान दे दी।इंस्पेक्टर दिलेश कुमार सिंह ने बताया पीड़ित मां की तहरीर पर बहू के विरूद्व आत्महत्या के लिये उकसाने की धारा में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गयी है।

Aaj National

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