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- REPORT BY:K.K.VARMA || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में इन्वेस्ट यूपी के पुनर्गठन प्रस्ताव को मुख्यमंत्री ने स्वीकृति दी। नए ढांचे के तहत टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल एवं इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, केमिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स और सर्विस सेक्टर जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञ सेल गठित किए जाएंगे। मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और नई दिल्ली में सैटेलाइट इन्वेस्टमेंट प्रमोशन ऑफिस स्थापित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से घरेलू और वैश्विक निवेशकों से सीधा संवाद स्थापित कर उत्तर प्रदेश में निवेश को प्रोत्साहित किया जाएगा।हंगरी में भारतीय समुदाय से मिले विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना
की। इस अवसर पर भारत के राजदूत श्री अंशुमन गौर एवं काउंसिल के चेयरमैन भी उपस्थित रहे।श्री महाना ने उत्तर प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने राज्य में औद्योगिक निवेश, आधारभूत संरचना, कानून व्यवस्था और पर्यटन के क्षेत्र में हुई अभूतपूर्व प्रगति की जानकारी दी। इस अवसर पर ‘उत्तर प्रदेश की प्रगति’ पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई, जिसे उपस्थित भारतीय समुदाय ने अत्यंत रुचि और गर्व के साथ देखा। विधानसभा अध्यक्ष ने अपने संबोधन में कहा कि “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना के अनुरूप हम सबको एक साथ आगे बढ़ने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा करने के बजाय सहयोग की भावना से कार्य करेंगे, तभी एक परिवार जैसा भाव समाज में स्थापित होगा।स्वदेशी का ढोंग कर रही सरकार-लोकदल
व्यक्त करते हुए कहा है कि वर्तमान सरकार सिर्फ “स्वदेश” और “आत्मनिर्भर भारत” का नारा लगाकर जनता को भ्रमित कर रही है। हकीकत यह है कि सरकार की नीतियाँ विदेशी कंपनियों के हित में और गांवों के स्वदेशी उत्पादों के खिलाफ़ काम कर रही हैं।अगर सरकार वास्तव में स्वदेशी वस्तुओं के प्रति गंभीर होती, तो गांवों में बने उत्पादों की खरीद और मार्केटिंग का जिम्मा खुद उठाती। परंतु आज स्थिति यह है कि अमेज़न और फ्लिपकार्ट जैसी विदेशी कंपनियों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जबकि गांवों में मेहनत से तैयार किए गए स्वदेशी सामानों को बाजार तक पहुंचाने वाला कोई नहीं।सुनील सिंह ने गांव और किसान की तस्वीर और समृद्धि के लिए लेकर मांग की है कि सरकार तुरंत एक “राष्ट्रीय स्वदेशी ई-कॉमर्स मंच” स्थापित करे, जहां देशभर के गांवों के उत्पादों का प्रचार, बिक्री और वितरण सरकारी निगरानी में हो। तभी किसानों, बुनकरों, कारीगरों और छोटे उत्पादकों को हक मिलेगा।जब तक गांवों का उत्पाद गांवों से बाहर नहीं निकलेगा, तब तक चौधरी चरण सिंह का सपना कभी पूरा नहीं होगा।सरकार स्वदेश की बात छोड़कर स्वार्थ की राजनीति कर रही है।सीआरपीएफ जवान से बोले सीएम आप ड्यूटी कीजिए, समाधान सरकार पर छोड़िए
अधिक पीड़ित पहुंचे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सभी के पास गए, उनका प्रार्थना पत्र लिया और अफसरों को निराकरण का निर्देश दिया। ‘जनता दर्शन’ में लोग पुलिस, बिजली, आर्थिक सहायता,जमीनी विवाद को लेकर पहुंचे। बुलंदशहर निवासी सीआरपीएफ जवान जमीन विवाद से जुड़ी समस्या लेकर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप निश्चिंत होकर ड्यूटी कीजिये, समाधान सरकार पर छोड़ दीजिए। जांच कराएंगे और प्रकरण में न्यायोचित कार्रवाई करेंगे।उत्तर प्रदेश के कई जनपदों से आये पीड़ितों की समस्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं सुनीं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने फिर अफसरों को निर्देश दिए। योगी ने अफसरों से कहा कि निश्चित समयावधि में समाधान कराएं और पीड़ित से फीडबैक लें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन-जन की सेवा, सुरक्षा और सम्मान ही सरकार का ध्येय है। उत्तर प्रदेश सरकार पहले दिन से ही निरंतर इसी धारणा के साथ कार्य कर रही है। सरकार लगातार लोगों के हितों के लिए काम कर रही है।मुख्यमंत्री ने ‘जनता दर्शन’ में फरियादियों के साथ आए बच्चों से बातचीत की। मुख्यमंत्री ने नन्हे-मुन्नों के सिर पर हाथ फेर दुलार किया। बच्चों को चॉकलेट-टॉफी दी। उन्होंने बच्चों से कहा कि खूब पढ़ो-जमकर खेलो और माता-पिता का नाम रोशन करो।लखनऊ से लेकर बनारस तक फैला है आईटी नेटवर्क,योगी सरकार दे रही युवाओं के सपनों को उड़ान
सशक्त नीतियों ने धारणा बदल दी है। आज लखनऊ, कानपुर और नोएडा जैसे शहरों में आईटी पार्क्स की जगमगाहट नई कहानी कह रही है। यूपी अब सिर्फ भारत का हृदय नहीं बल्कि डिजिटल भारत का मस्तिष्क बनने की ओर अग्रसर है।रालोद की बैठक में बनी पंचायत चुनाव को लेकर रणनीति,रालोद हमेशा बना किसानों, नौजवानों, ग्रामीण जनता की आवाज़-उज्ज्वल
हुई। बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अनिल दुबे मुख्य रूप से उपस्थित रहे। डॉ. कुलदीप उज्जवल ने कहा कि “त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव केवल स्थानीय निकाय का चुनाव नहीं बल्कि यह लोकतंत्र की जड़ों को मज़बूत करने का माध्यम है। यह चुनाव उस भारत की आत्मा को स्वर देता है जो गांवों में बसती है। पंचायत स्तर पर सत्ता का विकेन्द्रीकरण ही सच्चे लोकतंत्र की नींव है। जब गांव सशक्त होंगे तभी प्रदेश और देश मज़बूत होगा।” यह चुनाव एक प्रकार से विधानसभा चुनाव का मिनी संस्करण होता है, जो जनता की नब्ज़ को समझने का सबसे बड़ा माध्यम है। पंचायत चुनावों में जीत केवल सत्ता का प्रश्न नहीं, बल्कि विचारों की स्वीकृति का प्रतीक है। रालोद का उद्देश्य केवल सीटें जीतना नहीं, बल्कि गांव-गांव में न्याय, समानता और विकास की भावना को पहुंचाना है।” “राष्ट्रीय लोकदल हमेशा किसानों, नौजवानों, ग्रामीण जनता की आवाज़ बना है। आज समय की मांग है कि गांवों में स्वच्छ राजनीति की नींव रखी जाए। हम ऐसे प्रत्याशी उतारेंगे जो जनसेवा को राजनीति का आधार मानते हों, जिनका चरित्र पारदर्शी हो और जो गांव के हर वर्ग के बीच सम्मान प्राप्त करते हों। रालोद इस भूमिका को पूरी ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ निभाएगा ताकि पंचायतें सच में जनता की सरकार बन सकें।”उन्होंने बताया कि “रालोद ने पंचायत चुनाव की रणनीति को लेकर प्रदेशभर में मण्डलवार बैठकों का कार्यक्रम तय किया है। पहली तैयारी बैठक 30 अगस्त को लखनऊ में सम्पन्न हुई थी। इसके बाद हस्तिनापुर क्षेत्र की बैठक मेरठ में तथा रूहेलखण्ड क्षेत्र की बैठक मुरादाबाद में की जा चुकी है। आज अवध क्षेत्र की बैठक लखनऊ में आयोजित की गई, जिसमें संगठन की मजबूती, उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया और बूथ स्तर तक सक्रियता बढ़ाने के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।”इस अवसर पर राष्ट्रीय महासचिव अनिल दुबे ने अपने संबोधन में कहा कि “राष्ट्रीय लोकदल किसानों, मजदूरों और नौजवानों की आवाज़ है। हमारी राजनीति सत्ता नहीं, सेवा पर आधारित है। पंचायत चुनाव संगठन के लिए परीक्षा का अवसर है जहाँ हर कार्यकर्ता को अपनी भूमिका निभानी होगी। रालोद का प्रत्येक कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर गांव-गांव में पार्टी की नीतियों और सिद्धांतों को समझाए, यही सच्ची राजनीति है।”उन्होंने कहा कि “केंद्र और प्रदेश की सरकारों ने गांव और किसान को उपेक्षित किया है। आज जरूरत इस बात की है कि रालोद का हर कार्यकर्ता गांवों में जाकर जनता के मुद्दों को उठाए और एक नई राजनीतिक चेतना जगाए। पंचायत चुनावों में रालोद पूरी तैयारी, एकता और संकल्प के साथ मैदान में उतरेगा।”भगवान तथागत के अवशेष शान्ति, करूणा व आध्यात्मिक विरासत के प्रतीक
प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने काल्मिकिया गणराज्य, रूस स्थित ट्रोइत्स्कोये खुरुल मठ में पूज्य भिक्षुगण को संबोधित किया तथा
भगवान बुद्ध की विरासत की भावना के प्रतीक के रूप में मठ के मुख्य मठाध्यक्ष को मंगोलियाई भाषा में मूल्यवान कंजूर भेंट किया। केशव प्रसाद मौर्य ने एलिस्ता, काल्मिकिया गणराज्य, रूस स्थित राष्ट्रीय काल्मिकिया रिपब्लिकन संग्रहालय में बोधिचित्त प्रदर्शनी का उद्घाटन कर अवलोकन किया। इस अवसर पर भारत और रूस के बौद्ध धर्मावलंबियों के बीच एक ऐतिहासिक समझौता हुआ, जिसमें काल्मिक बौद्धों के केंद्रीय आध्यात्मिक प्रशासन और अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ के बीच एक सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता भारत और रूस के बीच स्थायी सांस्कृतिक, आध्यात्मिक संबंधों को मजबूत करता है और दोनों राष्ट्रों के बीच संवाद एवं सहयोग का पुल बनकर वैश्विक सद्भाव एवं करुणामय विश्व की साझा दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगा।उप मुख्यमंत्री व प्रतिनिधि मण्डल के साथ काल्मिकिया के प्रमुख लोगो के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुयी, जिसमे भगवान तथागत बुद्ध के सन्देशो व उपदेशों कीअन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रासंगिकता व महत्व पर प्रकाश डाला गया।
