-ऐसा विकास करें कि जिससे हमारा पर्यावरण संरक्षित रह सके-प्रो. ध्रुवसेन सिंह
-नेशनल पीजी कालेज में लोक अधिकार मंच के तत्वाधान में “संघर्ष से नीति तक” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन
- REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
लखनऊ। नेशनल पीजी कॉलेज लखनऊ में लोक अधिकार मंच के तत्वाधान में “संघर्ष से नीति तक” कैसे राजनीतिक इच्छाशक्ति वैश्विक पर्यावरण नियमों को प्रभावित कर सकती है।इस विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया । संगोष्ठी की विषय वस्तु रखते हुए भूगर्भ विज्ञान, लखनऊ विश्वविद्यालय के विभाग अध्यक्ष, प्रो. ध्रुवसेन सिंह ने कहा कि हम ऐसा विकास करें जिससे हमारा पर्यावरण संरक्षित रह सके। संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में पधारे सरोजनी नगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि पर्यावरण प्रदूषण आज सिर्फ समस्या नहीं है बल्कि हमारे अस्तित्व का सवाल है। आज के समाचार पत्र जापान में भूकंप और सुनामी का खतरा, अमेरिका, भारत या अन्य देशों के कई हिस्से जलमग्न, तमिलनाडु का करिया चल्ली द्वीप 2036 तक समुद्र में समा सकता है, ऑस्ट्रेलिया के तुवालू द्वीप पर विस्थापन जैसी खबरों से भरे पड़े रहते हैं । वैश्विक तापमान औद्योगिक क्रांति के बाद की 1.5 डिग्री सेंटीग्रेड की सीमा रेखा को पार कर चुका है सोचिए तापमान यदि 0.5 डिग्री सेंटीग्रेड बढ़ गया तो विश्व में क्या होगा ? हम नो और नेवर की स्थिति में है। पृथ्वी की 80 लाख जैव विविधता में से 10 लाख प्रजातियां विलुप्त होने के कगार पर हैं। यदि हमने अपनी वर्तमान जीवन शैली में सुधार नहीं किया और ऐसे ही कचरा फैलाते रहे तो 2050 में मछलियों से अधिक प्लास्टिक समुद्र में होगी सोचिए तब क्या स्थिति होगी ? क्या होगा समुद्री जैव विविधता का ? हमने पर्यावरण संरक्षण से संबंधित चिपको आंदोलन, नर्मदा बचाओ आंदोलन जैसे अनेक प्रयास देखे हैं । जिस दिन हमारी सिविल सोसाइटी या हम यह ठान लेंगे कि हमारे पर्यावरण की सुरक्षा कैसे होगी ? उस दिन सरकारों को भी प्रमुखता से इस और काम करना ही पड़ेगा । वर्तमान समय में हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रिनुअल एनर्जी में हम विश्व में चौथे स्थान पर हैं तथा उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 200 करोड़ से अधिक पेड़ लगवाए हैं । अब हमारी अर्थात सिविल सोसाइटी की जिम्मेदारी है कि यह पेड़ कैसे पुष्पित पल्लवित होंगे ? कैसे बचेंगे ? आज यहां से हम यह संकल्प लेकर जाएंगे कि हम व्यक्तिगत रूप से पर्यावरण संरक्षण में अपनी भूमिका निभाएंगे तथा लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करेंगे, यही इस संगोष्ठी की सफलता होगी। संगोष्ठी को लोक अधिकार मंच के अध्यक्ष अनिल सिंह ने संबोधित किया तथा प्राचार्य नेशनल पीजी कॉलेज प्रो. डी. के. सिंह ने संगोष्ठी में आए लोगों का आभार व्यक्त किया।इस मौके पर उत्तर प्रदेश भूगोल परिषद ने डॉ. राजेश्वर सिंह का किया अभिनंदन किया।
सरोजनीनगर विधानसभा में 3 वर्षों में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मानित हुए राजेश्वर सिंह
संगोष्ठी में भूगोल विभाग नेशनल पीजी कॉलेज के विभाग अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश भूगोल परिषद के अध्यक्ष प्रो. पवन कुमार सिंह ने परिषद द्वारा किए जाने वाले प्रमुख कार्यों से संगोष्ठी के प्रतिभागियों का परिचय कराया तथा भूगोल विभाग लखनऊ विश्वविद्यालय के सहायक आचार्य एवं परिषद महासचिव डॉ. अरुण कुमार द्विवेदी ने डॉ. राजेश्वर सिंह को सरोजनी नगर विधानसभा क्षेत्र में बीते 3 वर्षों में उनके द्वारा किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए अभिनंदन पत्र देखकर सम्मानित किया।
कम्युनिटी स्कूल के बच्चे एवं अभिभावक किये गये पुरस्कृत
इस मौके पर कम्युनिटी स्कूल के बच्चे एवं उनके अभिभावको को नेशनल पी. जी. कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर डी. के. सिंह की प्रेरणा एवं भूगोल विभाग के अध्यक्ष प्रो. पवन कुमार सिंह के प्रयास से गोमती नदी के किनारे झुग्गी झोपड़ी में संचालित कम्युनिटी स्कूल के बच्चों एवं उनके अभिभावकों को शिक्षा एवं पर्यावरण के प्रति जागरूक एवं संवेदनशील बनाने को लेकर मुख्य वक्ता डॉ. राजेश्वर सिंह नें उन्हें उपहार देकर प्रोत्साहित किया।
